- किसे स्थाई खाता संख्या प्राप्त करनी है ?
- प्रत्येक व्यक्ति, यदि उसकी कुल आय या किसी अन्य व्यक्ति की वह कुल आय, जिसके संबंध में वह आकलनयोग्य है, पिछले वर्ष के दौरान उस अधिकतम राशि से अधिक हो जो कर-योग्य नहीं है।
- कोई धर्मार्थ ट्रस्ट, जिसे धारा 139(4A) के अंतर्गत आयकर विवरणी प्रस्तुत करना आवश्यक है।
- प्रत्येक वह व्यक्ति जो कोई व्यवसाय या पेशा करता है, जिसकी कुल बिक्री, टर्नओवर या सकल प्राप्तियाँ किसी भी पिछले वर्ष में पाँच लाख रुपये से अधिक हैं या होने की संभावना है।
- प्रत्येक आयातक/निर्यातक, जिसे आयात-निर्यात कोड (Import Export Code) प्राप्त करना आवश्यक है।
- प्रत्येक वह व्यक्ति जो ऐसे निर्दिष्ट वित्तीय लेन-देन करने का इरादा रखता है, जिनमें PAN का उल्लेख करना अनिवार्य है।
- उपरोक्त में सम्मिलित न होने वाला कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से PAN के लिए आवेदन कर सकता है।
- प्रत्येक गैर-व्यक्तिगत निवासी व्यक्ति तथा उनसे संबद्ध व्यक्ति, यदि उनके द्वारा वित्तीय वर्ष के दौरान किया गया कोई वित्तीय लेन-देन रु. 2,50,000 से अधिक है।
- स्थाई खाता संख्या के लिए आवेदन कैसे करें?
- त्वरित पैन
- त्वरित पैन के आवेदन के लिए यहां क्लिक करें
- संपर्क सहायता
- बहुधा पूछे जाने प्रश्न
PAN किसे प्राप्त करना आवश्यक है?
निम्नलिखित व्यक्तियों द्वारा स्थायी खाता संख्या (PAN) प्राप्त की जानी आवश्यक है:
| के मामले में | मूल छूट सीमा |
|---|---|
| प्रत्येक व्यक्ति, यदि उसकी कुल आय या किसी अन्य व्यक्ति की वह कुल आय, जिसके संबंध में वह आकलनयोग्य है, पिछले वर्ष के दौरान निम्नलिखित सीमा से अधिक हो: | |
| व्यक्ति (Individual) | रु. 2,50,000.00 |
| 60 वर्ष या उससे अधिक लेकिन 80 वर्ष से कम आयु के निवासी व्यक्ति | रु. 3,00,000.00 |
| 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के निवासी व्यक्ति | रु. 5,00,000.00 |
प्रत्येक वह व्यक्ति जो ऐसे निर्दिष्ट वित्तीय लेन-देन करने का इरादा रखता है, जिनमें PAN का उल्लेख करना अनिवार्य है।
निम्नलिखित व्यक्तियों द्वारा PAN प्राप्त किया जाना आवश्यक है:
स्थाई खाता संख्या के लिए आवेदन कैसे करें?
1) ऑनलाइन आवेदन - ऑनलाइन आवेदन यूटीआईआईटीएसएल या प्रोटेन वेबसाइट से किया जा सकता है
ऑनलाइन आवेदन के लिए क्लिक करें
2) स्थाई खाता संख्या आवेदन केंद्र के माध्यम से - पैन के लिए आवेदन निम्न जगह पर जमा किया जा सकता है
स्थाई खाता संख्या आवेदन पत्र डाउनलोड करें
पैन डेटा में परिवर्तन या संशोधन के लिए प्रपत्र
पैन आवेदन के साथ जमा किए जाने वाले दस्तावेज
त्वरित पैन
आयकर विभाग ने ई-दाखिलीकरण पोर्टल पर नई कार्यप्रणाली प्रारंभ की है जो निर्धारितियों को उनके आधार नंबर के आधार पर उनको पैन आवंटित करता है। इस सुविधा को केवल उन निर्धारितियों द्वारा ही प्रयोग किया जा सकता है यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी होती हो :
क) उसे कभी पैन आवंटित न किया गया हो
ख) उसका मोबाइल उसके आधार नंबर से जुड़ा हो
ग) उसकी पूर्ण जन्म तिथि आधार कार्ड पर उपलब्ध हो और
घ) वह पैन आवेदन की तिथि तक नाबालिग नही होना चाहिए
त्वरित पैन के आवेदन के लिए यहां क्लिक करें
स्थिति का पता लगाएं
आवेदक आवेदन पत्र की स्वीकृति पर उत्कृष्ट संख्या सन्निहित पावती संख्या को प्राप्त करेगा। यह पावती संख्या उक्त वेबसाइट पर उपलब्ध स्थिति का पता लगाए सुविधा का प्रयोग करते हुए आवेदन की स्थिति ( राष्ट्रीय प्रतिभूति निक्षेपागार लिमिटेड / यूटीआई अवसंरचना प्रौद्योगिकी एवं सेवा लिमिटेड ) पर नजर रखने के लिए प्रयुक्त की जा सकती हैं।
Contact Assistance
The Income Tax Department or Protean or UTIITSL can be contacted in any of the following means
| Mode | Income Tax Department | Protean | UTIITSL |
|---|---|---|---|
| Website | www.incometaxindia.gov.in | https://www.protean-tinpan.com/ | www.utiitsl.com |
| Call Center | 08069708080 | ||
| Email ID | tininfo@proteantech.in | ||
| Address | Protean INCOME TAX PAN SERVICES UNIT (Managed by Protean eGov Technologies Limited, 4th floor, Sapphire Chambers, Baner Road, Baner, Pune - 411045 |
UTI Infrastructure Technology And Services Limited, Plot No.3, Sector 11, CBD Belapur Navi Mumbai PIN - 400614 |
यदि आपका स्थाई खाता संख्या (पैन) कार्ड खो जाए ?
अगर पैनकार्ड खो जाए तो आप डुप्लीकेट पैनकार्ड के लिए"नए पैनकार्ड के लिए प्रार्थना या/ और पैनकार्ड के डेटा में बदलाव या सुधार"फॉर्म भरकर प्रस्तुत कर सकते हैं, और उसके साथ एफ आई आर की कॉपी लगायी जा सकती है। अगर पैनकार्ड खो गया और आपको पैन याद नहीं है तो आयकर विभाग द्वारा दी गयी"अपना पैन जानो" की सुविधा से पैन का पता लगाया जा सकता है। यह सुविधा आयकर विभाग की वेबसाइट www.incometaxindia.gov.in से मिल सकती है।
पैन की ऑनलाइन जानकारी नाम, पिता का नाम और जन्म तिथि जैसे कोर विवरण देने से मिल सकती है। पैन जानने के बाद आप डुप्लीकेट पैन के लिए "नए पैनकार्ड के लिए प्रार्थना या/ और पैनकार्ड के डेटा में बदलाव या सुधार"फॉर्म भरकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
स्थाई खाता संख्या (पैन) कार्ड को प्राप्त करने के क्या लाभ हैं ?
>पैन आयकर विभाग से हर लेन-देन के लिए अनिवार्य किया गया है। यह अनेक वित्तीय लेन-देन के लिए भी अनिवार्य है, जैसे बैंक में खाता खोलने, संस्थागत वित्तीय ऋण लेना, उच्चतम उपभोक्ता वस्तुओं की खरीद, विदेशी यात्रा, अचल संपत्ति का लेन-देन, प्रतिभूतियों के व्यवसाय इत्यादि। पैन एक महत्पूर्ण फोटो पहचान है जिसे देश की सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं मानती हैं।
क्या प्रपत्र 49क/49कक में निर्धारण अधिकारी को उपबंधित करना अनिवार्य हैं ?
हाँ, फॉर्म 49क/49कक में आकलन अधिकारी (एओ ) कोड देना आवश्यक है आकलन अधिकारी के क्षेत्राधिकर के एओ कोड को (यानि एरिया कोड, एओ टाईप, सीमा(रेंज) कोड और (एओ) संख्या) आवेदक को भरनी चाहिए। इसका विवरण आयकर विभाग के दफ्तर या पैन केंद्र से या पैन सेवा प्रदाता की वेबसाइट www.utiitsl.com या https://www.protean-tinpan.com/ से प्राप्त की जा सकती है।
स्थाई खाता संख्या से संबंधित प्रावधानों के साथ अनुपालन न करने के लिए क्या जुर्माना हैं ?
धारा 272ख में करदाता द्वारा पैन से संबधित प्रावधानों के अनुपालन नहीं करने पर दंड का प्रावधान है, यानि पैन लेने का उत्तरदायी होते हुए भी पैन नहीं प्राप्त करना, या किसी निर्धारित दस्तावेज पर, जिसमे पैन उद्धृत करना अनिवार्य है, उसमे जानबूझ कर गलत पैन देना, या कर की कटौती करने वाले को या कर लेने वाले को गलत पैन देने पर धारा 272ख के अंतर्गत रु.10,000 का जुरमाना लगाया जा सकता है।
क्या एक व्यक्ति एक से अधिक स्थाई खाता संख्या (पैन) रख सकता है ?
एक व्यक्ति एक से अधिक पैन नहीं रख सकता। यदि एक व्यक्ति को पैन आवंटित हो गया है, तो वह दूसरे पैन की प्राप्ति के लिए आवेदन नहीं कर सकता। 1961 के आयकर अधिनियम धारा 272ख के अंतर्गत एक से अधिक पैन रखने पर रु. 10,000 के जुर्माने का प्रावधान है।
अगर एक व्यक्ति को एक से अधिक पैन आवंटित हो गया है तो उसे तुरंत अतिरिक्त पैन कार्ड या कार्डों को तुरंत वापिस कर देना चाहिए।
क्या पैन आवेदन पत्र में आधार संख्या देना अनिवार्य है?
हर उस व्यक्ति को पैन आवेदन पत्र में आधार नंबर देना आवश्यक है जो आधार नंबर प्राप्त करने के योग्य है। यदि व्यक्ति के पास आधार नंबर न हो तो आधार नामांकन आईडी दी जा सकती है।
टिप्पणी : प्रभावी तिथि 01.10.2024 से आधार प्रपत्र की नामांकन संख्या को उद्धृत नहीं किया जा सकेगा। करदाता को पैन आवेदन पत्र में अपने आधार नंबर को उद्धृत करना आवश्यक है।
- शीर्ष वेतनों के अंतर्गत आय
- मजदूरी
- पेंशन
- वार्षिकी
- उपादान
- वेतन अथवा मेहनताना के स्थान पर अथवा के अतिरिक्त शुल्क, कमीशन, अनुलाभ, लाभ
- गृह संपत्ति से आय
- गृह संपत्ति में उसका कोई भवन अथवा भूमि सन्निहित होनी चाहिए;
- करदाता संपत्ति का मालिक होना चाहिए;
- गृह संपत्ति करदाता द्वारा निष्पादित व्यापार अथवा पेशे के प्रयोजन के लिए प्रयुक्त नही किया जाना चाहिए।
- व्यापार तथा पेशे से लाभ तथा प्राप्ति
- पिछले वर्ष के दौरान किसी समय निर्धारिती द्वारा निष्पादित किसी व्यापार अथवा पेशे से लाभ तथा प्राप्ति
- किसी निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा प्राप्त अथवा शेष कोई मुआवजा अथवा अन्य भुगतान
- पूंजीगत प्राप्ति के अंतर्गत आय
- पूंजीगत परिसंपत्ति होनी चाहिए। अन्य शब्दों में, स्थानांतरित परिसंपत्ति स्थानांतरण की तिथि पर पूंजीगत परिसंपत्ति होनी चाहिए;
- यह पिछले वर्ष के दौरान करदाता द्वारा हस्तांतरित होना चाहिए;
- स्थानांतरण के परिणामस्वरूप लाभ अथवा प्राप्ति होनी चाहिए
- अन्य स्त्रोतों से आय
शीर्ष आय
शीर्ष वेतनों के अंतर्गत आय
निम्न शामिल करने के लिए वेतन परिभाषित है :
गृह संपत्ति से आय
कराधान के लिए शर्तें
व्यापार तथा पेशे से लाभ तथा प्राप्ति
निम्नलिखित आय व्यापार तथा पेशे से शीर्ष लाभ तथा प्राप्ति के अंतर्गत कर हेतु वसूलनीय हैं :
पूंजीगत प्राप्ति के अंतर्गत आय
प्रभार्यता के लिए शर्तें:
अन्य स्त्रोतों से आय
अन्य आय जो किसी अन्य शीर्ष आय के अंतर्गत वसूलनीय नही है तथा जो कुल आय से बाहर नही है, विषय "अन्य स्रोतों से आय" के अंतर्गत शेष आय हेतु वसूलनीय होगी।
- प्रपत्र 26थख भरने के चरण
- प्रपत्र 16ख डाउनलोड करने के चरण
- स्थाई खाता संख्या का प्रयोग करते हुए करदाता के तौर पर पंजीकृत हो व ट्रेसेज पोर्टल (www.tdscpc.gov.in) पर लॉगिन करें।
- ''डाउनलोड'' मेनू के तहत ''प्रपत्र 16ख (क्रेता के लिए)'' का चयन करें।
- संपत्ति लेनदेन से संबंधित विवरण दर्ज करें जिसके लिए प्रपत्र 16ख का अनुरोध किया जा रहा है। निर्धारण वर्ष, अभिस्वीकृति संख्या, विक्रेता की स्थाई खाता संख्या दर्ज करें और ''आगे बढ़ें'' पर क्लिक करें।
- एक संपुष्टि स्क्रीन दिखाई देगी। आगे बढ़ने के लिए ''अनुरोध सबमिट करें'' पर क्लिक करें।
- डाउनलोड अनुरोध प्रस्तुत करने पर एक सफलता संदेश दिखाई देगा। डाउनलोड अनुरोध के लिए खोज करने के लिए कृपया अनुरोध संख्या नोट करें।
- अनुरोध फाइलों को डाउनलोड करने के लिए ''अनुरोध डाउनलोड'' पर क्लिक करें।
- अनुरोध संख्या के साथ अनुरोध खोजें। अनुरोध पंक्ति का चयन करें और ''एचटीटीपी डाउनलोड'' बटन पर क्लिक करें।
I. प्रपत्र 26थख भरने के चरण:
1. वेबसाइट-फाइलिंग पोर्टल (https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/) पर लॉग आन करें।
2. ई-फाइल टैब के अंतर्गत, "ई-कर भुगतान" पर क्लिक करें
3. फिर "नए भुगतान" पर क्लिक करें
4. 26थख (संपत्ति की बिक्री पर टीडीएस) फील्ड के अंतर्गत 'आगे बढ़ें' को चुने
पूरा प्रपत्र भरें जैसा लागू हो ।
(प्रपत्र 26थख भरते समय उपयोगकर्ता को निम्न जानकारी के साथ तैयार रहना चाहिए) :
क. विक्रेता की आवासीय स्थिति
ख. विक्रेता और खरीदार की स्थाई खाता संख्या
ग. विक्रेता और खरीदार के पते का विवरण
घ. संपत्ति का विवरण
ड़. भुगतान/जमा की गई राशि और जमा कर का विवरण
6. जमा करने के बाद, अगला पेज आपसे भुगतान की विधि को चुनने को पूछेगा यानी
क. नेट बैंकिंग
ख़ डेबिट कार्ड
ग बैंक काउंटर पर भुगतान
घ आरटीजीएस/एनईएफटी या
ड़ भुगतान गेटवे
7. उपयुक्त भुगतान विधि को चुनें और भुगतान को जारी रखें
सफल भुगतान पर सीआईएन, भुगतान विवरण और बैंक का नाम जिसके माध्यम से ई-भुगतान किया गया है, शामिल करते हुए चालान प्रतिपर्ण प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रतिपर्ण किए गए भुगतान का प्रमाण है।
प्रपत्र 16ख डाउनलोड करने के 5 दिन बाद ट्रेसेज (TRACES) पोर्टल (www.tdscpc.gov.in) के लिए आगे बढ़ें।II. प्रपत्र 16ख डाउनलोड करने के चरण :
ट्रेसेज वेबसाइट पर 'संपत्ति की बिक्री पर स्रोत पर कर कटौती' के पेज पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
- आयकर का भुगतान किसे करना चाहिए ?
- कर की गणना कैसे करें ?
- कर भुगतान कैसे करें ?
- भौतिक विधि - नामित बैंक में चालान की हार्ड प्रति की प्रस्तुति द्वारा भुगतान
- ई-भुगतान विधि अर्थात् इलैक्ट्रानिक विधि का प्रयोग करके भुगतान करना
- बहुधा पूछे जाने प्रश्न
कर भुगतान
आयकर का भुगतान किसे करना चाहिए ?
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, एक व्यक्ति को आयकर देना आवश्यक है यदि उसकी कुल आय रु. 2,50,000 से अधिक होती है। 60 वर्ष या उससे अधिक या 80 वर्ष से कम के घरेलू व्यक्ति की स्थिति में मूल छूट की सीमा रु. 3,00,0000 है और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के निवासी के व्यक्ति के लिए सीमा रु. 5,00,000 है!
कर की गणना कैसे करें ?
कुल आय अर्थात् कर हेतु देय राशि, को सुनिश्चित करने के पश्चात् अगला कदम वर्ष के लिए कर देयता की गणना करना है। कर देयता इस संबंध में निर्धारित दरों को लागू करके आंकी जानी है। कर की दरों के लिए, "कर दर" अनुभाग को संदर्भित करें। निम्नलिखित तालिका करदाता की कुल कर देयता की गणना के तरीके को समझने में मददगार होगी। आगे देखें
कर गणक
कर दरें
कर भुगतान कैसे करें ?
आयकर भुगतान करने के दो तरीके है तथा व्यक्ति कर का भुगतान करने के लिए किसी भी एक विधि को चुन सकते है
अग्रिम कर का भुगतान किसे करना होता है?
प्रत्येक व्यक्ति जिसकी वर्ष के लिए अनुमानित कर देयता 10,000 रुपये या उससे अधिक है, अग्रिम कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है। हालांकि, निवासी वरिष्ठ नागरिक (अर्थात् संबंधित वित्तीय वर्ष के दौरान 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का व्यक्ति), जिसकी व्यवसाय या पेशे से कोई आय नहीं है, उसे अग्रिम कर का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती है।
अग्रिम कर की गणना और भुगतान कैसे किया जाता है?
अग्रिम कर की गणना वर्ष की अनुमानित कर देयता के आधार पर की जाती है। अग्रिम कर का भुगतान नीचे दिए गए अनुसार किस्तों में किया जाता है:
| स्थिति | 15वीं जून तक | 15वीं सितंबर तक | 15वीं दिसंबर तक | 15वीं मार्च तक |
|---|---|---|---|---|
| करदाता (उन करदाताओं को छोड़कर जिन्होंने धारा 44AD की अनुमानित कराधान योजना का विकल्प चुना है) | अग्रिम कर का 15% तक | अग्रिम कर का 45% तक | अग्रिम कर का 75% तक | अग्रिम कर का 100% तक |
| वे करदाता जिन्होंने धारा 44AD की अनुमानित कराधान योजना का विकल्प चुना है | शून्य | शून्य | शून्य | अग्रिम कर का 100% तक |
31मार्च तक किया गया कोई भी कर भुगतान अग्रिम कर माना जाता है।
अग्रिम कर का भुगतान चालान ITNS 280 के माध्यम से संबंधित कॉलम, अर्थात् अग्रिम कर, को चिन्हित करके किया जाता है।
- प्रतिदाय/मांग स्थिति देखें
- प्रतिदाय पुन: निगर्मन के लिए अनुरोध कैसे करें (प्रतिदाय असफलता की स्थिति में)
- यूजर आईडी, पासवर्ड के साथ ई-दाखिलीकरण वेबसाइट पर लॉगिन करें
- सेवाओं पर जाएं और “प्रतिदाय पुनः जारी करें” पर क्लिक करें
- प्रतिदाय पुनःनिर्गम अनुरोध करें
प्रतिदाय
प्रतिदाय पुन: निगर्मन के लिए अनुरोध कैसे करें (प्रतिदाय असफलता की स्थिति में)
प्रतिदाय पुन: निगर्मन के लिए अनुरोध हेतु, कृपया निम्न चरणों का अनुसरण करें:
- किसे आय की विवरणी दाखिल करनी चाहिए ?
- यदि एक व्यक्ति की भारत से बाहर परिसंपत्ति हो :
- एक व्यक्ति, एक निवासी और भारत में साधारण निवासी के तौर पर, अपनी आय की विवरणी को दाखिल करेगा, भले ही उसकी आय अधिकतम छूट की सीमा से अधिक न हो यदि उसके पास
- लाभार्थी मालिक या अन्यथा के तौर पर भारत से बाहर स्थित कोई परिसंपत्ति (किसी उद्यम में किसी वित्तीय हित सहित) हो
- भारत के बाहर स्थित किसी खाते में हस्ताक्षरी प्राधिकारी हो
- भारत के बाहर स्थित किसी परिसंपत्ति (किसी उद्यम में किसी वित्तीय हित सहित) का लाभार्थी हो
- यदि वह बैंक खाते में रू. 1 करोड़ से अधिक जमा करता हो।
- एक व्यक्ति या एचयूएफ अपनी आय की विवरणी दाखिल करेगा भले ही आय अधिकतम छूट की सीमा से अधिक न हो, यदि उसने बैंकिंग कंपनी या एक सहकारी बैंक में एक या एक से अधिक चालू खाते में रू. 1 करोड़ से अधिक की राशि (या कुल राशि) जमा की हो.
- यदि विदेशी यात्रा व्यय रू. 2 लाख से अधिक हो।
- एक व्यक्ति या एचयूएफ अपनी आय की विवरणी दाखिल करेगा भले ही आय अधिकतम छूट की सीमा से अधिक न हो, यदि उसने अपने लिए या किसी अन्य व्यक्ति पर एक विदेशी यात्रा पर रू. 2 लाख से अधिक व्यय किया हो .
- यदि विद्युत की खपत रू. 1 लाख से अधिक हो.
- एक व्यक्ति या एचयूएफ अपनी आय की विवरणी को दाखिल करेगा भले ही आय अधिकतम छूट की सीमा से अधिक न हो, यदि उसने विद्युत की खपत पर रू. 1 लाख से अधिक का व्यय किया हो।.
- यदि व्यापार की कुल बिक्री, कारोबार या कुल प्राप्तियां पिछले वर्ष के दौरान रू. 60 लाख से अधिक होती है
- यदि पेशे की कुल प्राप्ति पिछले वर्ष के दौरान रू. 10 लाख से अधिक होती है.
- यदि पिछले वर्ष के दौरान एक व्यक्ति के मामले में काटा गया या एकत्रित किया गया कुल कर रू. 25,000 या उससे अधिक (रू. निवासी वरिष्ठ नागरिक के मामले में रू. 50,000) होता है..
- यदि व्यक्ति के एक या एक से अधिक बैंक खाते में कुल जमा पिछले वर्ष के दौरान रू. 50 लाख या उससे अधिक होता है।.
- आय की विवरणी के साथ संलग्न किए जाने वाले आपेक्षित दस्तावेज
- आय की विवरणी को कैसे दाखिल करें ?
- आय/हानि की विवरणी को दाखिल करने के लिए नियत तिथि
- बहुधा पूछे जाने प्रश्न
विवरणी दाखिलीकरण
किसे आय की विवरणी दाखिल करनी चाहिए ?
प्रत्येक व्यक्ति को आय की विवरणी दाखिल करनी है यदि उसकी कुल आय (किसी अन्य व्यक्ति की आय सहित जिसके संदर्भ में वह निर्धारणीय है) धारा 10(38), 10क, 10ख या 10खक या 54 या 54ख या 54घ या 54ड़ग या 54च या 54छ या 54छक या 54छख या अध्याय VIक (यानी धारा 80ग से धारा 80प के अंतर्गत कटौती) के प्रावधानों को प्रभावी किए बिना अधिकतम राशि से अधिक हो जो कर हेतु वसूलनीय नही है यानी छूट की सीमा से अधिक है।
आय की विवरणी को निम्नलिखित मामलों में दाखिल करना अनिवार्य है :
आय की विवरणी के साथ संलग्न किए जाने वाले आपेक्षित दस्तावेज
आईटीआर विवरणी प्रपत्र बिना प्रपत्र संलग्नता हैं तथा इसलिए, करदाता को आय की विवरणी (चाहे व्यक्तिगत रूप से हो अथवा इलैक्ट्रानिक रूप से दाखिल की गई हो) के साथ किसी दस्तावेज (जैसे निवेश, स्रोत पर कर कटौती प्रमाणपत्र आदि के प्रमाण) को संलग्न करना आपेक्षित नही हैं। हालांकि यह दस्तावेज करदाता द्वारा रखे जाने चाहिए तथा निर्धारण, पूछताछ आदि जैसी परिस्थितियों में मांगे जाने पर कर प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जाने चाहिए।
हालांकि, करदाता जिसे धारा 10(23ग)(v),10(23ग) (vi), 10(23ग) (viक), 10क,10कक, 12क(1)(ख), 44कख, 44घक, 50ख, 80-झक,80-झख,80-झग,80-झघ, 80ञञकक, 80ठक,92ड़,115ञख अथवा 115फब के अंतर्गत अंकेक्षण की रिपोर्ट को प्रस्तुत करना आपेक्षित हैं वह आय की विवरणी को दाखिल करने की तिथि को अथवा इससे पूर्व इलैक्ट्रानिक रूप से इसे प्रस्तुत करेंगे।
आय की विवरणी को कैसे दाखिल करें ?
आय की विवरणी को या तो आयकर विभाग के स्थानीय कार्यालय में हार्ड प्रति के रूप में अथवा https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ पर इलैक्ट्रानिक रूप से दाखिल किया जा सकता है।
| आयकर | विवरणी संबंधी ब्यौरा | |
| आईटीआर 1 | (सहज) एक निवासी (साधारण निवासी नहीं होने के अलावा) के तौर पर व्यक्ति जिसकी कुल आय 50 लाख तक है जो वह वेतन, एकल गृह सम्पति, अन्य स्रोतों (ब्याज आदि), रू. 1.25 लाख तक धारा 112क के अंतर्गत दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्ति और 5 हजार रुपये तक की कृषि से अर्जित करता है। | पीडीएफ |
| आईटीआर 2 | व्यष्टिको और हि.अ.कु. के लिए, जिनकी कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ से आय नहीं है | पीडीएफ |
| आईटीआर 3 | कारबार या वृत्ति से लाभ या अभिलाभ से आय प्राप्त करने वाले व्यष्टियो और हिन्दू अविभक्त कुटुम्बों के लिए | पीडीएफ |
| आईटीआर 4 उन निवासी व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों ( एचयूएफ), और फर्मों ( एलएलपी के अलावा) के लिए है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी व्यावसायिक आय या पेशे से आय है जो धारा 44कघ, 44कघक या 44कङ के तहत संगणित की जाती है और जिनकी धारा 112क के तहत दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ है, बशर्ते यह लाभ 1.25 लाख रुपये तक हो। | पीडीएफ | |
| पिछले वर्ष का विवरणी प्रपत्र देखें | ||
आय/हानि की विवरणी को दाखिल करने के लिए नियत तिथि
आय की विवरणी को दाखिल करने की नियत तिथि निम्नानुसार है :
| व्यक्ति/अविभाजित हिंदु परिवार या फर्म के सांझेदार जिनके खाते अंकेक्षित होने हैं या ऐसे सांझेदार का जीवनसाथी यदि धारा 5क के प्रावधान लागू होते हैं, | - के लिए निर्धारण वर्ष का 31 अक्टूबर |
| विवरणी का दाखिलीकरण जहां एक करदाता (फर्म के सांझेदार सहित कार्पोरेट/गैर-कार्पोरेट) जिसे धारा 92ड़ के अंतर्गत प्रपत्र सं. 3गड़ख में रिपोर्ट प्रस्तुत करना आवश्यक है | - निर्धारण वर्ष का 30 नवंब |
| अन्य समस्त मामलों में | निर्धारण वर्ष की 31 जुलाई |
क्या नियत तिथि के पश्चात् विवरणी को दाखिल किया जा सकता है ?
हां, यदि कोई निर्धारित नियत तारीख को या उससे पहले आयकर विवरणी दाखिल नहीं कर सका है तो वह विलम्बित विवरणी दाखिल कर सकता हैं। विलम्बित विवरणी निर्धारण वर्ष की समाप्ति से 3 महीने पहले या निर्धारण पूरा होने से पहले, जो भी पहले, दाखिल की जा सकती है। निर्धारित नियत तिथि के बाद दाखिल की गई विवरणी को विलम्बित विवरणी कहा जाता है।
E.g., उदाहरण के लिए, वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान अर्जित आय के मामले में, विलम्बित विवरणी 31 दिसंबर, 2025 तक दाखिल की जा सकती है।
मुझे प्रमाण के तौर पर दाखिल विवरणी की प्रति को रखना अनिवार्य हैं तथा कितने समय के लिए ?
हां, चूंकि आयकर अधिनियम के अंतर्गत कानूनी कार्यवाहियां चालू वित्त वर्ष से पहले के तीन/पाँच वर्षों (जो भी मामला हो) तक प्रारंभ की जा सकती है, आपको कम से कम इस अवधि के लिए ऐसे दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए।
विभिन्न कटौतियां हैं जो नियोक्ता द्वारा जारी प्रपत्र 16 में प्रतिबिंबित नहीं होतीं . क्या मैं मेरी विवरणी में उनका दावा कर सकता हूं ?
हां, इसका दावा किया जा सकता है यदि आप अन्यथा इसका दावा करने योग्य हो।
क्या विलंबित विवरणी को दाखिल करने हेतु एक आयकर विवरणी को अंतिम तिथि की समाप्ति के बाद प्रस्तुत किया जा सकता है?
अद्यतित विवरणी को प्रस्तुत करने के लिए धारा 139(8क) को शामिल किया गया है। धारा बताती है कि एक अद्यतित विवरणी इस तथ्य के बाजवूद किसी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत की जा सकती है कि क्या ऐसे व्यक्ति ने पहले ही मूल, विलंबित या संशोधित विवरणी प्रासंकिगत निर्धारण वर्ष के लिए प्रस्तुत की है या नही (कुछ शर्तों के अनुसार)। एक अद्यतित विवरणी को प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की समाप्ति से 48 महीनों के अंदर किसी भी समय प्रस्तुत किया जा सकता है।
आय की विवरणी को दाखिल करने पर समस्त बहुधा पूछे जाने प्रश्न देखेंअपील
आयकर देयता पहले निर्धारण अधिकारी द्वारा निर्धारित होती है। निर्धारण अधिकारी की विभिन्न कार्यवाहियों द्वारा असंतुष्ट करदाता आयकर आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील कर सकता है। इसके अतिरिक्त अपील को आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष अधिमत किया जा सकता है। पर्याप्त कानूनी प्रश्न पर, आगे की अपील उच्च न्यायालय के समक्ष दाखिल की जा सकती है चाहें तो उच्चतम न्यायालय के समक्ष भी की जा सकती है। अपीलीय प्राधिकरण के विभिन्न स्तरों पर विभिन्न अपील संबंधी प्रक्रियाएं निम्नानुसार परिभाषित है:

