आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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रिलीज़ दिनांक

05/02/2016

Document Content

 

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

नर्इ दिल्ली, 5 फरवरी, 2016

 

विषय : फिशिंग र्इ-मेल से करदाताओं को बचाने के लिए आयकर विभाग द्वारा उठाए गए कदम - संबंधी

 

आयकर विभाग अपनी र्इ-गर्वेनेंस पहल को कार्यान्वित करते हुए तकनीक के प्रयोग द्वारा अग्रणी हुआ है। करदाताओं के लिए हमारी अधिकतर दैनिक संचार व्यवस्था र्इ-मेल तथा एसएमएस के माध्यम से है। इसलिए, विभाग फिशिंग र्इ-मेल भेजने के लिए विभाग की पहचान के धोखे के सहारे धोखेबाजों द्वारा किए गए प्रयास हेतु अति संवेदनशील तथा सतर्क है। सुनिश्चित करने के लिए कि करदाता जागरूक है कि विभाग र्इमेल पर करदाता की किसी गोपनीय अथवा वित्तीय सूचना की मांग नहीं करता है, उक्त निर्दिष्ट सलाह राष्ट्रीय वेबसाइट पर विशिष्टता से प्रदर्शित की गर्इ है :

"आयकर विभाग कभी भी र्इ-मेल के माध्यम से क्रेडिट कार्ड, बैंक अथवा अन्य वित्तीय खातों के लिए आपके पिन नंबर, पासवर्ड अथवा सकमक्ष अभिगम सूचना की मांग नहीं करता'

आयकर विभाग की करदाताओं से अपील है कि ऐसे र्इ-मेल का उत्तर न दें तथा अपने क्रेडिट कार्ड, बैंक अथवा अन्य वित्तीय खातो की जानकारी सांझा न करें"

सुनिश्चित करने के लिए कि क्या करें तथा क्या न करें कि साधारण करदाता धोखेबाजों के हाथों अंजाने में जाल में न फंसें विभाग की वेबसाइट http://www.incometaxindia.gov.in/pages/report-phishing.appx. पर स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट किया गया हैं। समस्त करदाता फिशिंग र्इमेल की सूचना को incident@cert-in.org.in पर अग्रेषित करें जो भारत सरकार की एजेंसी है जो ऐसे खतरों से निपटती है।

आगे, विभाग ने अपने र्इ-मेल डोमेने के लिए एसपीएफ (सेंडर पॉलिसी फ्रेमवर्क), डीकेआर्इएम (डोमेन की आर्इडेंटीफाइड मेल) तथा डीएमएआरसी (डोमेन-बेस्ड मैसेज ओथैनटीकेशन, रिपोर्टिंग एंड कॉनफोरमेंस) जैसी सर्वोत्तम अभ्यासों को कार्यान्वित किया है। इन प्रोटोकाल का प्रयोग यह निर्धारित करने के लिए जीमेल, याहू, हॉटमेल आदि जैसे र्इ-मेल प्राप्तकर्ता डोमेन को सक्षम करता है कि क्या प्राप्त र्इ-मेल परिभाषित प्रेषक जैसे विभाग द्वारा वास्तव में प्राप्त हुआ है अथवा नहीं तथा करदाता तक पहुंचने से फिशिंग र्इमेल को ब्लॉक करता है।

करदाताओं को इन साधारण चेक का अनुसरण करने की सलाह दी जाती है कि यदि वह आयकर विभाग का दावा करने वाला कोर्इ र्इमेल प्राप्त करते हैं :

  •  डोमन के नाम की सावधानीपूर्वक जांच करें। नकली र्इमेल में आयकर विभाग की वेबसाइट का गलत अथवा असत्य लगने वाले प्रकार होंगे

  •  संदेश के शीर्षक की जांच करें - उदाहरण के लिए जीमेल में शो ओरिजनल 'मूल दिखाएं' विकल्प का चयन कर देखा जा सकता है।

  •  स्पैम अथवा जंक फोल्डर में ऐसे र्इमेल को न खोलें तथा ऐसे र्इमेल का जवाब न दें

  •  कोर्इ अटैचमेंट न खोलें। अटैचमेंट में दुर्भावनापूर्ण कोड शामिल हो सकता है

  •  किसी लिंक पर क्लिक न करें। भले ही संदेहात्मक र्इ-मेल अथवा फिशिंग वेबसाइट में अनजाने मे लिंक पर क्लिक कर दिया हो तो बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड विवरण जैसी गोपनीय सूचना प्रविष्ट न करें

  •  आपके ब्राउजर में संदेश से लिंक को कट तथा पेस्ट न करें

  •  जांच के अनुरोध के साथ फिशिंग र्इ-मेल को incident@cert-in.org.in पर र्इमेल करें तथा भेजने वाले को ब्लाक करें

  •  एंटी वायरस सॉफ्टवेयर, एंटी स्पार्इवेयर तथा फायरवाल का प्रयोग करें तथा उसे अपडेटिड रखें

आयकर विभाग सुरक्षित तथा सर्वोत्तम अभ्यास का अनुसरण करके इसके साथ इलैक्ट्रानिक रूप से संलग्न होंगे करदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

(शेफाली शाह)

प्रधान आयकर आयुक्त (ओएसडी)

आधिकारिक प्रवक्ता, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड