आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
शब्द आकार
सैचुरेशन
मदद

धारा 80जजड़

कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर आदि के निर्यात से लाभ की बाबत कटौती

धारा

धारा संख्या

80जजड़

अध्याय शीर्षक

अध्याय VIक - कुल आय की गणना में की जाने वाली कटौतियाँ

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2021

कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर आदि के निर्यात से लाभ की बाबत कटौती

कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर आदि के निर्यात से लाभ की बाबत कटौती

कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर आदि के निर्यात से लाभ की बाबत कटौती

80जजड़. (1) जहां कोर्इ निर्धारिती जो भारतीय कंपनी या (कंपनी से भिन्न) कोर्इ व्यक्ति है, जो भारत में निवासी है–

(i) कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर का भारत के बाहर निर्यात या भारत के बाहर किसी स्थान के लिए भारत से किसी भी माध्यम से उसके पारेषण के;

(ii) कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर सामग्री के विकास या उत्पादन के संबंध में भारत के बाहर तकनीकी सेवाएं प्रदान करने के,

कारबार में लगा है वहां निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में निर्धारिती द्वारा ऐसे कारबार से व्युत्पन्न लाभों की उस सीमा तक, जो उपधारा में निर्दिष्ट हैं, कटौती इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए अनुज्ञात की जाएगी :

परन्तु यह तब जब कि निर्धारिती, जो भारतीय कंपनी है, भारत से बाहर कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के निर्यात के कारबार में लगा है उपधारा (4क) के खंड () में निर्दिष्ट प्रमाणपत्र देता है कि उसमें विनिर्दिष्ट निर्यात की रकम की बाबत इस उपधारा के अधीन कटौती किसी पृष्ठपोषक सॉफ्टवेयर विकासकर्ता को अनुज्ञात की जाए तो निर्धारिती की दशा में कटौती की रकम में से ऐसी रकम घटा दी जाएगी जिसका निर्धारिती के निर्यात से व्युत्पन्न कुल लाभ से वही अनुपात है जो ऐसे प्रमाणपत्र से विनिर्दिष्ट निर्यात की रकम का ऐसे कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर की बाबत निर्धारिती के कुल निर्यात-आवर्त से है।

स्पष्टीकरण.–शंकाओं को दूर करने के लिए यह घोषणा की जाती है कि भारत से बाहर कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के स्थलीय विकास से (जिसके अंतर्गत साफ्टवेयर के विकास के लिए सेवाएं भी हैं) व्युत्पन्न लाभ और अभिलाभ भारत से बाहर कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के निर्यात से व्युत्पन्न लाभ और अभिलाभ समझे जाएंगे।

(1क) जहां निर्धारिती ने, जो एक पृष्ठपोषक सॉफ्टवेयर विकासकर्ता है, पूर्ववर्ष के दौरान कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर विकसित किया है और ऐसी निर्यातक कंपनी को विक्रय किया है जिसकी बाबत उक्त कंपनी ने उपधारा (1) के परन्तुक के अधीन एक प्रमाणपत्र जारी किया है वहां, इस धारा के उपबंधों के अनुसार और इनके अधीन रहते हुए, कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर विकसित करने और ऐसी कंपनी को, जिसकी बाबत उक्त कंपनी द्वारा ऐसी सीमा तक और ऐसे वर्षों के लिए जो उपधारा (1ख) में विनिर्दिष्ट हैं, विक्रय करने से निर्धारिती द्वारा व्युत्पन्न लाभों की कटौती निर्धारिती की कुल आय में संगणित करने के लिए अनुज्ञात की जाएगी।

(1ख) उपधारा (1) और उपधारा (1क) के प्रयोजनों के लिए लाभों की कटौती की सीमा–

(i) 1 अप्रैल, 2001 को आरंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए ऐसे लाभों के अस्सी प्रतिशत;

(ii) 1 अप्रैल, 2002 को आरंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए ऐसे लाभों के सत्तर प्रतिशत;

(iii) 1 अप्रैल, 2003 को आरंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए ऐसे लाभों के पचास प्रतिशत;

(iv) 1 अप्रैल, 2004 को आरंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए ऐसे लाभों के तीस प्रतिशत;

के बराबर रकम की होगी और 1 अप्रैल, 2005 को आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष या किसी पश्चात्वर्ती निर्धारण वर्ष के संबंध में कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।

(2) उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट कटौती तभी अनुज्ञात की जाएगी जब निर्धारिती द्वारा उस उपधारा में निर्दिष्ट कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के संबंध में प्रतिफल, पूर्ववर्ष की समाप्ति से छह मास की अवधि के भीतर या ऐसी अतिरिक्त अवधि के भीतर जो सक्षम प्राधिकारी इस संबंध में अनुज्ञात करे संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में भारत में प्राप्त किया जाता है या लाया जाता है।

स्पष्टीकरण1.–उक्त प्रतिफल भारत में प्राप्त किया गया तब समझा जाएगा जब वह भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमोदन से भारत के बाहर किसी बैंक में निर्धारिती द्वारा उस प्रयोजन के लिए रखे गए पृथक् खाते में जमा किया जाता है।

स्पष्टीकरण 2.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए ''सक्षम प्राधिकारी'' पद से भारतीय रिजर्व बैंक या ऐसा अन्य प्राधिकारी अभिप्रेत है जो विदेशी मुद्रा में संदायों और व्यवहारों को विनियमित करने के लिए तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अन्तर्गत प्राधिकृत है।

(3) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, उस उपधारा में उल्लिखित कारबार से प्राप्त लाभ की रकम से कारबार के लाभ का वही अनुपात होगा जो निर्धारिती द्वारा किए जाने वाले कारबार के कुल आवर्त का निर्यात-आवर्त का अनुपात है।

(3क) उपधारा (1क) के प्रयोजनों के लिए, पृष्ठपोषक सॉफ्टवेयर विकासकर्ता द्वारा प्राप्त लाभ–

(i) उस दशा में जब पृष्ठपोषक सॉफ्टवेयर विकासकर्ता द्वारा चलाए जा रहे कारबार में निर्यातों में एकमात्र रूप से लगी हुर्इ एक या अधिक निर्यातक कंपनियों के लिए, कंप्यूटर सॉफ्टवेयरों का विकास करना और उनको इन्हें विक्रय करना अनन्यत: सम्मिलित है, ऐसे कारबार के लाभ होंगे;

(ii) उस दशा में जहां पृष्ठपोषक सॉफ्टवेयर विकासकर्ता द्वारा चलाए जा रहे कारबार में, एक या अधिक के लिए कंपनियों निर्यातक कम्प्यूटर सॉफ्टवेयरों का विकास करना और उनको इन्हें विक्रय करना अनन्यत: सम्मिलित नहीं है, उस रकम का जिसका कारबार की रकम से वही अनुपात है जो निर्यातक कंपनी की बाबत विक्रय की बाबत आवर्त का निर्धारिती द्वारा चलाए जा रहे कारबार के कुल आवर्त से है।

(4) उपधारा (1) के अंतर्गत कटौती तभी अनुज्ञेय होगी जब निर्धारिती आय की विवरणी के साथ, धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे के स्पष्टीकरण में परिभाषित लेखापाल की रिपोर्ट, जिसमें यह प्रमाणित किया गया हो कि इस धारा के उपबंधों के अनुसार कटौती का सही दावा किया गया है, विहित फार्म में दे देता है।

(4क) उपधारा (1क) के अधीन कटौती तभी अनुज्ञेय होगी जब पृष्ठपोषक सॉफ्टवेयर विकासकर्ता आय की विवरणी के साथ,–

*(i) धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे के स्पष्टीकरण में यथापरिभाषित लेखपाल की रिपोर्ट जिसमें यह प्रमाणित किया गया हो कि निर्यातक कंपनी के कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के विक्रय की बाबत पृष्ठपोषक सॉफ्टवेयर विकासकर्ता के लाभों के आधार पर कटौती का सही दावा किया गया है;

#(ii) निर्यातक कंपनी से एक प्रमाणपत्र जिसमें ऐसी विशिष्टियां अन्तर्विष्ट हों जो विहित रीति से की जाएं और विहित रीति में सत्यापित की जाएं कि प्रमाणपत्र में उल्लिखित निर्यात-आवर्त की बाबत निर्यातक कंपनी ने इस धारा के अधीन कटौती का दावा नहीं किया है :

परन्तु यह तब जबकि खंड () में विनिर्दिष्ट प्रमाणपत्र इस अधिनियम के उपबंधों या किसी अन्य विधि के अधीन निर्यातक निर्धारिती के लेखाओं की संपरीक्षा करने वाले संपरीक्षक द्वारा सम्यक्त: प्रमाणित कर दिया जाए।

(5) जहां किसी निर्धारण वर्ष के लिए उपधारा (1) में निर्दिष्ट कारबार के लाभों के संबंध में इस धारा के अंतर्गत किसी कटौती का दावा किया जाता है और इसे अनुज्ञात किया जाता है वहां उसी या ऐसे किसी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध के अधीन ऐसे लाभों के संबंध में कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।

स्पष्टीकरण.–इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–

() ''संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा'' का वही अर्थ है जो धारा 80जजग के स्पष्टीकरण के खंड () में उसका है;

() ''कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर'' से निम्नलिखित अभिपे्रत है,–

(i) कोर्इ कम्प्यूटर प्रोग्राम जो किसी डिस्क, टेप, अवछिद्रित माध्यम या अन्य सूचना भंडारण युक्ति पर रिकार्डिड है; या

(ii) वैसी ही प्रकृति का कोर्इ कस्टमाइज़ड इलैक्ट्रानिक डाटा या कोर्इ उत्पाद या सेवा जो बोर्ड द्वारा अधिसूचित की जाए,

जो भारत के बाहर किसी स्थान के लिए भारत से किसी अध्ययन से परेषित किया जाता है;

() ''निर्यात-आवर्त'' से किसी निर्धारिती द्वारा, उपधारा (2) के अनुसार संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में भारत में प्राप्त किए गए या लाए गए कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर की बाबत प्रतिफल अभिप्रेत है, किंतु इसके अंतर्गत कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के भारत के बाहर परिदान के कारण हुआ माना जा सकने वाला भाड़ा, दूरसंचार प्रभार या बीमा अथवा भारत के बाहर तकनीकी सेवाएं प्रदान करने में विदेशी मुद्रा में किया गया व्यय, यदि कोर्इ हो, नहीं है;

(गक) ''निर्यातक कंपनी'' से उपधारा (1) में उल्लिखित ऐसी कंपनी अभिप्रेत है जो कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर का वास्तविक निर्यात करती है;

() ''कारबार के लाभ'' से अभिप्रेत है, ''कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ'' शीर्ष के अंतर्गत संगणित कारबार के लाभ, जैसे कि वे निम्नलिखित को घटाकर आएं, अर्थात्:–

(1) दलाली, कमीशन, ब्याज, किराया, प्रभार या वैसी ही प्रकृति की अन्य प्राप्ति के रूप में प्राप्तियों का जो ऐसे लाभों में सम्मिलित है, नब्बे प्रतिशत; और

(2) भारत के बाहर स्थित निर्धारिती की किसी शाखा, कार्यालय, भांडागार या किसी अन्य स्थापन के लाभ;

() ''कुल आवर्त'' के अंतर्गत निम्नलिखित नहीं है,–

(i) धारा 28 के खंड (iiiक), खंड (iiiख)और खंड(iiiग) में उल्लिखित कोर्इ राशि;

(ii) कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के भारत के बाहर परिदान के कारण हुआ माना जा सकने वाला कोर्इ भाड़ा, दूरसंचार प्रभार या बीमा; और

(iii) भारत के बाहर तकनीकी सेवाएं प्रदान करने के विदेशी मुद्रा में किया गया व्यय, यदि कोर्इ हो।

(ड़क) ''पृष्ठपोषक साफ्टवेयर विकासकर्ता'' से निर्यात के प्रयोजनों के लिए किसी कंपनी के लिए सॉफ्टवेयर का विकास करने, इन्हें विक्रय करने वाली भारतीय कंपनी या भारत में निवासी (किसी कंपनी से भिन्न) कोर्इ व्यक्ति अभिप्रेत है।

 

* ''(i)'' को ''()'' के रूप में पढ़ा जाना चाहिए।

#''(ii)'' को ''()'' के रूप में पढ़ा जाना चाहिए।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

फ़ुटनोट