अवसंरचना विकास आदि में लगे हुए औद्योगिक उपक्रमों या उद्यमों से लाभों और अभिलाभों की बाबत कटौती
अवसंरचना विकास आदि में लगे हुए औद्योगिक उपक्रमों या उद्यमों से लाभों और अभिलाभों की बाबत कटौती
80झक. (1) जहां निर्धारिती की सकल कुल आय में कोर्इ ऐसे लाभ या अभिलाभ सम्मिलित हैं जो उपधारा (4) में निर्दिष्ट किसी कारबार से (ऐसे कारबार को इसमें आगे पात्र कारबार कहा गया है) किसी उपक्रम या उद्यम को व्युत्पन्न हुए हैं, वहां निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में, ऐसे कारबार से व्युत्पन्न लाभ और अभिलाभ के शतप्रतिशत के बराबर की रकम की कटौती दस क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों के लिए इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए अनुज्ञात की जाएगी।
(2) उपधारा (1) में उल्लिखित कटौती का, निर्धारिती के विकल्प पर, उस वर्ष से, जिसमें उपक्रम या उद्यम कोर्इ अवसंरचना सुविधा विकसित करता है या उसका प्रचालन आरंभ करता है या दूर-संचार सेवा देना प्रारंभ करता है या औद्योगिक पार्क का विकास करता है या उपधारा (4) के खंड (iii) में निर्दिष्ट किसी विशेष आर्थिक जोन का विकास करता हैया विद्युत पैदा करता है या विद्युत का पारेषण या वितरण प्रारंभ करता है, या विद्यमान पारेषण या वितरण लाइनों का पर्याप्त नवीकरण और आधुनिकीकरण करता है प्रारंभ होने वाले पंद्रह वर्षों में से किसी दस क्रमवर्ती वर्षों के लिए दावा किया जा सकेगा :
परन्तु जहां निर्धारिती उपधारा (4) के खंड (i) के स्पष्टीकरण के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) में निर्दिष्ट किसी अवसंरचना सुविधा का विकास या प्रचालन और अनुरक्षण या विकास, प्रचालन तथा अनुरक्षण करता है, वहां इस उपधारा के उपबंध ऐसे प्रभावी होंगे मानो ''पंद्रह वर्ष'' शब्दों के स्थान ''बीस वर्ष'' शब्द प्रतिस्थापित किए गए हों।
(2क) उपधारा (1) या उपधारा (2) में की किसी बात के होते हुए भी, किसी ऐसे उपक्रम की, जो उपधारा (4) के खंड (ii) में उल्लिखित दूर-संचार सेवाओं को उपलब्ध कराता है, कुल आय की संगणना करने में कटौती, उपधारा (2) में उल्लिखित अवधियों के दौरान किसी समय प्रारंभ होने वाले पहले पांच निर्धारण वर्षों के लिए पात्र कारबार के लाभों और अभिलाभों का शतप्रतिशत और उसके बाद पांच निर्धारण वर्षों के लिए ऐसे लाभों और अभिलाभों का तीस प्रतिशत होगी।
(3) यह धारा उपधारा (4) के खंड (ii) या खंड (iv) में निर्दिष्ट किसी ऐसे उपक्रम को लागू होती हैं जो निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करता है, अर्थात् :–
(i) वह पहले से विद्यमान किसी कारबार को खंडित या पुनर्गठित करके नहीं बना है :
परन्तु यह शर्त किसी ऐसे उपक्रम के संबंध में लागू नहीं होगी जो निर्धारिती द्वारा किसी ऐसे उपक्रम के कारबार के, जो धारा 33ख में निर्दिष्ट है, इस धारा में उल्लिखित परिस्थितियों में और अवधि के भीतर पुन:स्थापन, पुनर्गठन या पुन:चालन के फलस्वरूप बना है;
(ii) वह किसी प्रयोजन के लिए तत्पूर्व प्रयुक्त किसी मशीनरी या संयंत्र का नए कारबार को अंतरण करके नहीं बना है :
परंतु इस उपधारा की कोर्इ बात, विद्युत अधिनियम, 2003 (2003 का 36) की धारा 2 के खंड (7) में उल्लिखित किसी राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा पूर्व में प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र के अंतरण, चाहे वह पूर्णत: हो या भागत:, की दशा में लागू नहीं होगी, चाहे ऐसा अंतरण उस अधिनियम के भाग 13 के अधीन बोर्ड के विभाजन या पुनर्निर्माण या पुनर्गठन के अनुसरण में है या नहीं।
स्पष्टीकरण 1.–खंड (ii)के प्रयोजनों के लिए, ऐसी मशीनरी या संयंत्र को, जो निर्धारिती से भिन्न, किसी व्यक्ति द्वारा भारत के बाहर प्रयुक्त किया गया था, किसी प्रयोजन के लिए, तत्पूर्व प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र नहीं समझा जाएगा यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी हो जाती हैं, अर्थात् :–
(क) ऐसी मशीनरी या संयंत्र का निर्धारिती द्वारा प्रतिष्ठापित किए जाने की तारीख से पहले किसी समय भारत में प्रयोग नहीं किया गया था;
(ख) ऐसी मशीनरी या संयंत्र का भारत के बाहर किसी देश से भारत में आयात किया गया है; और
(ग) निर्धारिती द्वारा मशीनरी या संयंत्र प्रतिष्ठापित किए जाने की तारीख से पहले किसी अवधि के लिए किसी व्यक्ति की कुल आय की संगणना करने में उस मशीनरी या संयंत्र के संबंध में इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन अवक्षयण के कारण कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की गर्इ है या अनुज्ञेय नहीं है।
स्पष्टीकरण 2.–जहां किसी उपक्रम की दशा में, किसी प्रयोजन के लिए तत्पूर्व प्रयुक्त कोर्इ मशीनरी या संयंत्र या उसका कोर्इ भाग किसी नए कारबार को अंतरित किया जाता है और इस प्रकार अंतरित मशीनरी या संयंत्र या उसके भाग का कुल मूल्य उस कारबार में प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र के कुल मूल्य के बीस प्रतिशत से अधिक नहीं है, वहां इस उपधारा के खंड (ii) के प्रयोजनों के लिए यह समझा जाएगा कि उसमें विनिर्दिष्ट शर्त का अनुपालन हो गया है।
(4) यह धारा–
(i) किसी अवसंरचना सुविधा का (i) विकास करने, (ii) अनुरक्षण और प्रचालन करने, या (iii) विकास, अनुरक्षण और प्रचालन करने का कारबार करने वाले ऐसे उद्यम को लागू होती है, जो निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करता है, अर्थात् :–
(क) वह भारत में रजिस्ट्रीकृत किसी कंपनी या ऐसी कंपनियों के किसी संघ या किसी केंद्रीय या राज्य अधिनियम के अधीन स्थापित या गठित किए गए किसी प्राधिकरण या किसी बोर्ड या किसी निगम या किसी अन्य निकाय के स्वामित्वाधीन है;
(ख) उसने केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकारी या किसी अन्य कानूनी निकाय के साथ किसी नर्इ अवसंरचना सुविधा का (i) विकास करने, या (ii) प्रचालन और अनुरक्षण करने, या (iii) विकास, प्रचालन और अनुरक्षण के लिए करार किया है;
(ग) उसने 1 अप्रैल, 1995 को या उसके पश्चात् अवसंरचना सुविधा का प्रचालन और अनुरक्षण करना आरंभ कर दिया है :
परन्तु जहां किसी ऐसे उद्यम द्वारा, (जिसे इस धारा में इसमें आगे अंतरक उद्यम कहा गया है) जिसने ऐसी अवसंरचना सुविधा का विकास किया है किसी अन्य उद्यम को (जिसे इस धारा में इसमें आगे अंतरिती उद्यम कहा गया है), केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकारी या कानूनी निकाय के साथ हुए करार के अनुसार, उसकी ओर से अवसंरचना सुविधा प्रचालित और अनुरक्षित करने के प्रयोजन के लिए 1 अप्रैल, 1999 को या उसके बाद अवसंरचना सुविधा का अंतरण किया जाता है, वहां इस धारा के उपबंध अंतरिती उद्यम को ऐसे लागू होंगे मानो वह ऐसा उद्यम हो जिसको यह खंड लागू होता है और लाभ तथा अभिलाभ से कटौती ऐसी अपर्यवेसित अवधि के लिए ऐसे अंतरक उद्यम को उपलब्ध होगी जिसके दौरान अंतरक उद्यम कटौती के लिए तब हकदार होता जब अंतरण न हुआ होता :
परंतु यह और कि इस धारा में अंतर्विष्ट कोर्इ बात किसी ऐसे उद्यम को लागू नहीं होगी जो अवसंरचना सुविधा का विकास या प्रचालन और अनुरक्षण 1 अप्रैल, 2017 को या उसके पश्चात् आरंभ करता है।
स्पष्टीकरण.–इस खंड के प्रयोजनों के लिए ''अवसंरचना सुविधा'' का अर्थ है,–
(क) कोर्इ सड़क, जिसके अंतर्गत चुंगी सड़क, कोर्इ पुल या कोर्इ रेल प्रणाली सम्मिलित है;
(ख) कोर्इ राजमार्ग परियोजना, जिसके अंतर्गत ऐसे आवासन या अन्य क्रियाकलाप सम्मिलित हैं, जो राजमार्ग परियोजना के अभिन्न भाग हैं;
(ग) कोर्इ जल प्रदाय परियोजना, जल उपचार प्रणाली, सिंचार्इ परियोजना, स्वच्छता और मल वहन प्रणाली या ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली;
(घ) पत्तन, विमान पत्तन, अंतर्देशीय जल मार्ग, अंतर्देशीय पत्तन या समुद्र में नौचालन चैनल;
(ii) किसी ऐसे उपक्रम को लागू होती है, जिसने दूरसंचार सेवाएं, चाहे बेसिक हों या सेलुलर, जिनके अंतर्गत रेडियो पेजिंग, घरेलू उपग्रह सेवा, या ट्रंक नेटवर्क, ब्राडबैंड नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी हैं, 1 अप्रैल, 1995 को या उसके पश्चात् किंतु 31 मार्च, 2005 को या उसके पूर्व प्रदान करना आरंभ कर दिया है या वह आरंभ करता है।
स्पष्टीकरण.–इस खंड के प्रयोजनों के लिए, "घरेलू उपग्रह" से दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने के लिए किसी भारतीय कंपनी के स्वामित्वाधीन या उसके द्वारा प्रचालित कोर्इ उपग्रह है।
(iii) किसी ऐसे उपक्रम को लागू होती है, जो 1 अप्रैल, 1997 को आरंभ होने वाली और 31 मार्च, 2006 को समाप्त होने वाली अवधि के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और अधिसूचित स्कीम के अनुसार, केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित किसी औद्योगिक पार्क या विशेष आर्थिक जोन का विकास करता है, विकास और प्रचालन करता है या अनुरक्षण और प्रचालन करता है :
परन्तु ऐसी किसी दशा में जहां कोर्इ उपक्रम, 1 अप्रैल, 1999 को या उसके पश्चात् औद्योगिक पार्क का या 1 अप्रैल, 2001 को या उसके पश्चात् किसी विशेष आर्थिक जोन का विकास करता है और, यथास्थिति, ऐसे औद्योगिक पार्क या विशेष आर्थिक जोन का प्रचालन और अनुरक्षण किसी अन्य उपक्रम को (जिसे इस धारा में इसके पश्चात् अंतरिती उपक्रम कहा गया है) अंतरित करता है वहां उपधारा (1) के अधीन कटौती ऐसे अंतरिती उपक्रम को दस क्रमवर्ती निर्धारण वर्षों में शेष अवधि के लिए अनुज्ञात की जाएगी मानो प्रचालन और अनुरक्षण ऐसे अंतरिती उपक्रम को इस प्रकार अंतरित न किया गया हो :
परंतु यह और कि ऐसे किसी उपक्रम की दशा में, जो किसी औद्योगिक पार्क का विकास करता है, विकास और प्रचालन करता है या अनुरक्षण और प्रचालन करता है, इस खंड के उपबंध इस प्रकार प्रभावी होंगे, मानो "31 मार्च, 2006", अंकों और शब्द के स्थान पर "31 मार्च, 2011" अंक और शब्द रख दिए गए हों;
(iv) ऐसे किसी उपक्रम को लागू होती है, जो,–
(क) विद्युत के उत्पादन या उत्पादन और वितरण के लिए भारत के किसी भाग में स्थापित किया जाता है, यदि वह 1 अप्रैल, 1993 को आरंभ होने वाली और 31 मार्च, 2017 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय विद्युत का उत्पादन प्रारंभ करता है;
(ख) 1 अप्रैल, 1999 को प्रारंभ होने वाली और 31 मार्च, 2017 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय नर्इ पारेषण या वितरण लाइनों के नेटवर्क बिछाकर पारेषण या वितरण प्रारंभ करता है :
परन्तु उपखंड (ख) के अधीन किसी उपक्रम को इस धारा के अंतर्गत कटौती पारेषण या वितरण के लिए केवल नर्इ लाइनों का ऐसा नेटवर्क बिछाने से व्युत्पन्न लाभों के संबंध में अनुज्ञात की जाएगी;
(ग) 1 अप्रैल, 2004 को प्रारंभ होने वाली और 31 मार्च, 2017 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय पारेषण या वितरण लाइनों के विद्यमान नेटवर्क का पर्याप्त नवीकरण और आधुनिकीकरण प्रारंभ करता है।
स्पष्टीकरण.–इस उपखंड के प्रयोजनों के लिए, "पर्याप्त नवीकरण और आधुनिकीकरण" से पारेषण या वितरण लाइनों के नेटवर्क में, के संयंत्र और मशीनरी में 1 अप्रैल, 2004 को ऐसे संयंत्र और मशीनरी के बही मूल्य के कम से कम पचास प्रतिशत तक की वृद्धि अभिप्रेत है;
(v) किसी भारतीय कंपनी के स्वामित्वाधीन और किसी विद्युत उत्पादन संयंत्र की पुनर्संरचना या पुनसज्जीवन के लिए स्थापित किसी उपक्रम को लागू होती है, यदि–
(क) ऐसी भारतीय कंपनी 30 नवंबर, 2005 के पूर्व बनार्इ गर्इ है और जिसमें पब्लिक सेक्टर कंपनियों की, विद्युत उत्पादन संयंत्र की स्वामी कंपनी को उधार देने वालों के प्रतिभूति हित को प्रवृत्त करने के प्रयोजनों के लिए बहुमत में साधारण शेयर सहभागिता है और ऐसी भारतीय कंपनी इस खंड के प्रयोजनों के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा 31 दिसंबर, 2005 से पूर्व अधिसूचित की जाती है;
(ख) ऐसा उपक्रम 31 मार्च, 2011 से पूर्व विद्युत का उत्पादन या पारेषण या वितरण करना प्रारंभ करता है;
(vi) [***]
(5) इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध में किसी बात के होते हुए भी, प्रारंभिक निर्धारण वर्ष के ठीक उत्तरवर्ती निर्धारण वर्ष या किसी पश्चात्वर्ती निर्धारण वर्ष के लिए उस उपधारा के अधीन कटौती की मात्रा का अवधारण करने के प्रयोजनों के लिए, उस पात्र कारबार के, जिसको उपधारा (1) के उपबंध लागू होते हैं, लाभ और अभिलाभ की संगणना इस प्रकार की जाएगी मानो प्रारंभिक निर्धारण वर्ष से और जिसके लिए अवधारण किया जाना है उस निर्धारण वर्ष तक और उसके सहित प्रत्येक पश्चात्वर्ती निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष के दौरान ऐसा पात्र कारबार निर्धारिती की आय का एकमात्र स्रोत हो।
(6) उपधारा (4) में दी गर्इ किसी बात के होते हुए भी, जहां आवासन या अन्य क्रियाकलाप राजमार्ग परियोजना का अभिन्न भाग है और जिसके लाभों की संगणना ऐसे आधार और रीति से की जाती है, जो विहित की जाए, वहां ऐसा लाभ कर के लिए दायी नहीं होगा जहां लाभ किसी विशेष आरक्षित खाते में अंतरित कर दिया गया है और जिसका वास्तव में राजमार्ग परियोजना के लिए जिसके अंतर्गत आवासन और अन्य क्रियाकलाप नहीं हैं उस वर्ष के बाद, जिसमें ऐसी रकम आरक्षित खाते में अंतरित की गर्इ थी, तीन वर्ष की समाप्ति के पूर्व उपयोग किया जा रहा है और वह रकम, जो अप्रयुक्त रह गर्इ है, उस वर्ष की आय के रूप में, जिसमें आरक्षित लेखा में अंतरण होता है, आय के रूप में कर के लिए प्रभार्य होगी।
(7) किसी उपक्रम से व्युत्पन्न लाभ और अभिलाभों से उपधारा (1) के अंतर्गत कटौती तब तक अनुज्ञेय नहीं होगी जब तक जिस निर्धारण वर्ष के लिए कटौती का दावा किया गया हो उस निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष के लिए उस उपक्रम के लेखे धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे के स्पष्टीकरण में परिभाषित लेखापाल द्वारा संपरीक्षा 94घ[धारा 44कख में निर्दिष्ट विनिर्दिष्ट तारीख से पूर्व] सम्यक्त: हस्ताक्षरित और सत्यापित ऐसी संपरीक्षा की रिपोर्ट विहित फार्म में नहीं दे देता है।
(8) जहां किसी पात्र कारबार के प्रयोजनों के लिए धारित कोर्इ माल या सेवाएं निर्धारिती द्वारा चलाए जाने वाले किसी अन्य कारबार को अंतरित की जाती हैं या जहां निर्धारिती द्वारा चलाए जाने वाले किसी अन्य कारबार के प्रयोजनों के लिए धारित कोर्इ माल या सेवाएं पात्र कारबार को अंतरित की जाती हैं और दोनों दशाओं में, उस पात्र कारबार के लेखाओं में ऐसे अंतरण के लिए अभिलिखित प्रतिफल, यदि कोर्इ हो, अंतरण की तारीख को उस माल या सेवाओं के बाजार मूल्य के बराबर नहीं है, वहां इस धारा के अंतर्गत कटौती के प्रयोजनों के लिए, उस पात्र कारबार के लाभ और अभिलाभ की संगणना इस प्रकार की जाएगी मानो अंतरण, दोनों दशाओं में, उस तारीख को उस माल या सेवाओं के बाजार मूल्य पर किया गया हो :
परन्तु जहां निर्धारण अधिकारी की राय में, इसमें इसके पूर्व विनिर्दिष्ट रीति से पात्र कारबार के लाभ और अभिलाभ की संगणना करने में असाधारण कठिनार्इ होती है वहां निर्धारण अधिकारी लाभ या अभिलाभ की संगणना ऐसे उचित आधार पर करेगा जो वह ठीक समझे।
स्पष्टीकरण–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, किसी माल या किन्हीं सेवाओं के संबंध में, "बाजार मूल्य" से अभिप्रेत है,–
(i) ऐसी कीमत, जो ऐसे माल या सेवाओं के लिए खुले बाजार में साधारणतया प्राप्त होगी; या
(ii) धारा 92च के खंड (ii) में यथापरिभाषित असन्निकट कीमत, जहां ऐसे माल या सेवाओं का अंतरण धारा 92खक में निर्दिष्ट कोर्इ विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार है।
(9) जहां किसी निर्धारिती की दशा में, किसी उपक्रम या उद्यम के लाभ और अभिलाभ की किसी रकम का किसी निर्धारण वर्ष के लिए इस धारा के अंतर्गत दावा किया जाता है और वह अनुज्ञात किया जाता है, वहां ऐसे लाभ और अभिलाभ के परिमाण तक कटौती ''ग - कतिपय आय के संबंध में कटौतियां'' शीर्ष के अंतर्गत इस अध्याय के किसी अन्य उपबंध के अधीन अनुज्ञात नहीं की जाएगी और किसी भी दशा में, यथास्थिति, उपक्रम या उद्यम के ऐसे पात्र कारबार के लाभ और अभिलाभ से अधिक नहीं होगी;
(10) जहां किसी निर्धारण अधिकारी को यह प्रतीत होता है कि उस पात्र कारबार को, जिसको यह धारा लागू होती है, चलाने वाले निर्धारिती और किसी अन्य व्यक्ति के बीच निकट संबंध होने के कारण या किसी अन्य कारण से, उनके बीच कारबार को ऐसे सामान्य लाभ से, जिसकी पात्र कारबार में उत्पन्न होने की आशा की जाती है, अधिक लाभ होता है, वहां निर्धारण अधिकारी इस धारा के अंतर्गत कटौती के प्रयोजनों के लिए उस पात्र कारबार के लाभ और अभिलाभ की संगणना करने में लाभ की उतनी रकम लेगा जो उससे उचित रूप से व्युत्पन्न हुर्इ समझी जा सकती है :
परंतु यदि पूर्वोक्त ठहराव में धारा 92खक में निर्दिष्ट कोर्इ विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार अंतर्वलित है, तो ऐसे संव्यवहार से लाभों की रकम का अवधारण धारा 92च के खंड (ii) में यथापरिभाषित असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
(11) केन्द्रीय सरकार ऐसी जांच करने के बाद, जो वह ठीक समझे, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, यह निदेश दे सकेगी कि इस धारा द्वारा दी गर्इ छूट औद्योगिक उपक्रमों के किसी वर्ग को उस तारीख से लागू नहीं होगी जो वह अधिसूचना में विनिर्दिष्ट करे।
(12) जहां भारतीय कंपनी का कोर्इ उपक्रम, जो इस धारा के अंतर्गत कटौती के लिए हकदार है, इस धारा में उल्लिखित अवधि की समाप्ति से पूर्व समामेलन या अविलयित की किसी स्कीम में किसी अन्य भारतीय कंपनी को अंतरित किया जाता है, वहां–
(क) उस पूर्ववर्ष के लिए, जिसमें समामेलन या अविलियन हो, समामेलक या अविलयित कंपनी को इस धारा के अंतर्गत कोर्इ कटौती अनुज्ञेय नहीं होगी; तथा
(ख) इस धारा के उपबंध, जहां तक हो सके, समामेलित या परिणामी कंपनी को वैसे ही लागू होंगे जैसे वे समामेलक या अविलयित कंपनी को तब लागू होते जब समामेलन या अविलयन न हुआ होता।
(12क) उपधारा (12) में अंतर्विष्ट कोर्इ बात ऐसे किसी उद्यम या उपक्रम को लागू नहीं होगी जो 1 अप्रैल, 2007 को या उसके पश्चात् समामेलन या अविलयन की किसी स्कीम में अंतरित किया जाता है।
(13) इस धारा में की कोर्इ बात, उपधारा (4) के खंड (ग) के उपखंड (iii) में निर्दिष्ट स्कीम के अनुसार, 1 अप्रैल, 2005 को या उसके पश्चात् अधिसूचित किसी विशेष आर्थिक जोन को लागू नहीं होगी।
स्पष्टीकरण–शंकाओं को दूर करने के लिए, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि इस धारा की कोर्इ बात उपधारा (4) में निर्दिष्ट ऐसे कारबार के संबंध में लागू नहीं होगी जो किसी व्यक्ति द्वारा (जिसमंह केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार भी है) दी गर्इ संकर्म संविदा की प्रकृति का है, और जो उपधारा (1) में निर्दिष्ट उपक्रम या उद्यम द्वारा निष्पादित किया जाता है।
94घ. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.4.2020 से "किए गए हैं और निर्धारिती अपनी आय की विवरणी के साथ" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

