आम तौर पर नोटिस की सेवा
साधारणतया सूचना की तामील
282. (1) इस अधिनियम के अधीन सूचना या अध्यपेक्षा की तामील उसमें नामित व्यक्ति पर या तो डाक द्वारा की जा सकेगी या इस प्रकार की जा सकेगी, मानो वह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के अधीन न्यायालय द्वारा जारी किया गया समन हो।
(2) ऐसी कोर्इ सूचना या अध्यपेक्षा निम्नलिखित को संबोधित की जा सकेगी--
(क) किसी फर्म या हिन्दू अविभक्त कुटुम्ब की दशा में फर्म के किसी सदस्य को या कुटुम्ब के कर्ता या किसी वयस्क सदस्य को;
(ख) किसी स्थानीय प्राधिकारी या कंपनी की दशा में, उसके प्रधान अधिकारी को;
(ग) व्यष्टियों के किसी अन्य संगम या निकाय की दशा में, उसके प्रधान अधिकारी या किसी सदस्य को;
(घ) किसी अन्य व्यक्ति की दशा में (जो व्यष्टि नहीं है) उस व्यक्ति को जो उसके कामकाज का प्रबंध करता है या उस पर नियंत्रण रखता है।
[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

