समझौता आयोग की शक्तियां और प्रक्रिया
समझौता आयोग की शक्तियां और प्रक्रिया
245च. (1) इस अध्याय के अधीन समझौता आयोग को प्रदत्त शक्तियों के अतिरिक्त उसे वे सभी शक्तियां होंगी जो इस अधिनियम के अधीन आय-कर प्राधिकारी में निहित है।
(2) जहां धारा 245ग के अधीन किए गए किसी आवेदन पर कार्यवाही का किया जाना धारा 245घ के अधीन अनुज्ञात किया गया है, वहां समझौता आयोग को, धारा 245घ की उपधारा (4) के अधीन कोई आदेश पारित किए जाने तक, उस धारा की उपधारा (3) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, मामले के संबंध में इस अधिनियम के अधीन आय-कर प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग और कृत्यों का निर्वहन करने की अनन्य अधिकारिता होगी :
परन्तु जहां धारा 245ग के अधीन कोई आवेदन 1 जून, 2007 को या उसके पश्चात् किया जाता है, वहां समझौता आयोग को उस तारीख से, जिसको आवेदन किया गया था, ऐसी अनन्य अधिकारिता होगी :
परन्तु यह और कि जहां–
(i) 1 जून, 2007 को या उसके पश्चात् किया गया कोई आवेदन, धारा 245घ की उपधारा (1) के अधीन नामंजूर कर दिया जाता है; या
(ii) किसी आवेदन को, यथास्थिति, धारा 245घ की उपधारा (2क) के अधीन कार्यवाही किए जाने के लिए मंजूर नहीं किया जाता है या उस धारा की उपधारा (2ग) के अधीन अविधिमान्य घोषित कर दिया जाता है; या
(iii) किसी आवेदन को धारा 245घ की उपधारा (2घ) के अधीन आगे और कार्यवाही किए जाने के लिए अनुज्ञात नहीं किया जाता है,
वहां समझौता आयोग को ऐसे आवेदन के संबंध में, उस तारीख तक जिसको, यथास्थिति, आवेदन नामंजूर किया जाता है या कार्यवाही किए जाने के लिए मंजूर नहीं किया जाता है अथवा अविधिमान्य घोषित किया जाता है या आगे और कार्यवाही किए जाने के लिए मंजूर नहीं किया जाता है, ऐसी अनन्य अधिकारिता होगी।
(3) उपधारा (2) में किसी बात के होते हुए भी और समझौता आयोग द्वारा इसके प्रतिकूल किसी अभिव्यक्त निदेश के अभाव में इस भाग की कोई बात अधिनियम के किसी अन्य उपबंध के प्रवर्तन को प्रभावी नहीं करेगी जिसमें आवेदक से यह अपेक्षित है कि वह समझौता आयोग के समक्ष मामलों के संबंध में स्वत: निर्धारण के आधार पर कर का संदाय करे।
(4) शंकाओं को दूर करने के लिए यह घोषित किया जाता है कि समझौता आयोग द्वारा इसके प्रतिकूल किसी अभिव्यक्त निदेश के अभाव में इस अध्याय की कोई बात इस अधिनियम के उपबंधों के प्रवर्तन को वहां तक प्रभावी नहीं करेगी जहां तक वे समझौता आयोग के समक्ष मामलों से भिन्न किसी मामले से संबंधित हैं।
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(6) [* * *]
(7) समझौता आयोग को इस अध्याय के उपबंधों के अधीन रहते हुए अपनी प्रक्रिया और अपने न्यायपीठों की प्रक्रिया उन सभी मामलों में विनियमित करने की शक्ति होगी जो उसकी शक्तियों के प्रयोग या कृत्यों के निर्वहन से उदभूत होते हैं और इसके अंतर्गत वे स्थान भी हैं, जहां न्यायपीठें अपनी बैठक करेंगी।
1[(8) 1 फरवरी, 2021 से या उसके पश्चात् इस धारा के अधीन समझौता आयोग की शक्तियों और कृत्यों का यथास्थिति, प्रयोग या निर्वहन अंतरिम बोर्ड द्वारा किया जाएगा और इस धारा के उपबंध यथाआवश्यक परिवर्तनों सहित अंतरिम बोर्ड को इस प्रकार लागू होंगे जैसे वे समझौता आयोग को लागू होते हैं।]
1. वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा भुतलक्षी प्रभाव से 1.2.2021 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

