आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 18

धारा 47 का संशोधन

धारा

धारा संख्या

18

अध्याय शीर्षक

अध्याय III - प्रत्यक्ष कर

अधिनियम

वित्त अधिनियम

वर्ष

2014

धारा 47 का संशोधन

धारा 47 का संशोधन

धारा 47 का संशोधन

18. आय-कर अधिनियम की धारा 47 में, 1 अप्रैल, 2015 से,–

() खंड (viiक) के पश्चात्, निम्नलिखित अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात् :–

‘(viiख) किसी पूंजी आस्ति का, जो ऐसी सरकारी प्रतिभूति है, जिस पर ब्याज का कालिक संदाय किया जाता है, किसी अनिवासी द्वारा किसी दूसरे अनिवासी को प्रतिभूतियों का निपटारा करने वाले किसी मध्यवर्ती के माध्यम से भारत के बाहर कोर्इ अंतरण।

स्पष्टीकरण--इस खंड के प्रयोजनों के लिए "सरकारी प्रतिभूति" का वही अर्थ होगा जो प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 (1956 का 42) की धारा 2 के खंड () में उसका है;';

() खंड (xvi) के पश्चात्, निम्नलिखित अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात् :–

‘(xvii) किसी पूंजी आस्ति का जो विशेष प्रयोजन एकक का शेयर है किसी अंतरणकर्ता को किसी कारबार न्यास द्वारा आबंटित यूनिटों के विनिमय में उस न्यास को कोर्इ अंतरण।

स्पष्टीकरण--इस खंड के प्रयोजनों के लिए, "विशेष प्रयोजन एकक" पद का वही अर्थ होगा, जो धारा 10 के खंड (23चग) के स्पष्टीकरण में उसका है।’।

 

 

[वित्त (संख्यांक 2) अधिनियम, 2014]

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