आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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अधिसूचना सं.

अधिसूचना सं. 3/2018

अधिसूचना तिथि

05/04/2018

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

05/04/2018

अधिसूचना सं. 3/2018

डीजीआर्इटी(एस)/एडीजी(एस)-2/प्रतिवेदी पोर्टल/2017/180

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

आयकर निदेशालय (पद्धति)

 

2018 की अधिसूचना सं. 3

 

नर्इ दिल्ली, 5 अप्रैल, 2018

 

आयकर नियम, 1962 के नियम 114ड़ के साथ पठित आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 285खक के अनुसार वित्तीय लेनदेन (एसएफटी) के विवरण को जमा करने और पंजीकरण की प्रक्रिया

 

आयकर नियम, 1961 (इसके अंतर्गत "अधिनियमों" के तौर पर संदर्भित) की धारा 285खक, वित्तीय लेनदेन के विवरण को प्रस्तुत करने के लिए निर्दिष्ट प्रतिवेदी व्यक्तियों की अपेक्षा करता है। आयकर नियम, 1962 (इसके अंतर्गत "नियमों" के तौर पर संदर्भित) का नियम 114ड़ निर्दिष्ट करता है कि अधिनियम की धारा 285खक के उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रस्तुत किए जाने वाला आपेक्षित वित्तीय लेनदेन का विवरण प्रपत्र सं. 61क में प्रस्तुत किया जाएगा। नियम 114ड़ के अंतर्गत प्रतिवेदी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले लेनदेन की राशि और प्रकार परिशिष्ट क में संलग्न है।

2. नियम 114ड़ के उप-नियम (6)(क) के अनुसार, प्रत्येक प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम प्रधान आयकर निदेशक (पद्धति) और प्रधान अधिकारी को नामित महा निदेशक का नाम, पद, पता और दूरभाष संख्या बताएगा और पंजीकरण संख्या प्राप्त करेगा। वित्तीय लेनदेन के विवरण (एसएफटी) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया अधिसूचना सं. 13 दिनांक 30 दिसंबर 2016 में निर्दिष्ट थी। वित्तीय लेनदेन के विवरण को जमा करने के लिए कार्यप्रणाली को 2017 की अधिसूचना सं. 1 दिनांक 17 जनवरी 2017 के द्वारा र्इ-दाखिलीकरण पर योग्य बनाया गया था और पूर्व निर्देश को नए प्रारंभ किए गए "प्रतिवेदी पोर्टल" (http://report.inside.gov.in) को ध्यान में रखते हुए अपडेट किया जा रहा है।

3. नियम 114ड़ के उप-नियम (4)क के अनुसार, वित्तीय लेनदेनों का विवरण उप-नियम (7) में निर्दिष्ट व्यक्ति के डिजिटल हस्ताक्षर के अंतर्गत इस उद्देश्य के लिए नामित सर्वर के लिए इलैक्ट्रानिक डाटा के ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से और प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट डाटा संरचना के अनुसार प्रस्तुत किया जाएगा। महाडाकपाल या पंजीयक या उप-पंजीयक या एक महाअधीक्षक के पास कागज पर प्रपत्र-V में सत्यापन के साथ, कॉम्पैक्ट डिस्क या डिजिटल विडियो डिस्क (डीवीडी) के तौर पर, कम्प्यूटर पर चलने वाली मीडिया में विवरण को प्रस्तुत करने का विकल्प है। वित्तीय लेनदेन का विवरण वित्त वर्ष जिसमें लेनदेन पंजीकृत या रिकॉर्ड है, के तुरंत बाद के 31 मर्इ को या उससे पहले प्रस्तुत की जाएगी।

4. नियम 114ड़ के उप-नियम 4(ख) के अनुसार प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) प्रक्रियाओं, डाटा संरचना और सुरक्षित अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए मानक और डाटा के हस्तांतरण, उपयुक्त सुरक्षा को विकसित करने और कार्यान्वित करने, अर्चिवल और क्षतिपूर्ति नीतियों को निर्दिष्ट करेगा।

5. विवरण प्रकार व व्यक्ति के प्रकार के अंतर्गत राशियां और प्रपत्र सं. 61क के भाग ख को प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) द्वारा नियम 114ड़ के उप-नियम (4)(ख) के अंतर्गत नामित अधिकारों को संशोधित/संवृद्ध किया गया है। प्रपत्र सं. 61क की योजना/डाटा संरचना में संशोधन/परिवर्तन की ब्यौरेवार सूची परिशिष्ट घ के तौर पर संलग्न है।

6. आयकर नियम, 1962 के नियम 114ङ के उप-नियम (4)(क) और (4)(ख) के अंतर्गत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ('बोर्ड') द्वारा नामित अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) निम्नलिखित प्रक्रियाओं को निर्दिट करते हैं

 क) र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल पर पहले से पंजीकृत प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम : पहले से पंजीकृत प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यमों के पंजीकरण विवरण को र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल से प्रतिवेदी पोर्टल पर स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसे प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यमों के पंजीकृत प्रयोगकर्ता प्रतिवेदी पोर्टल पर प्रयोग किए जाने के लिए पंजीकृत र्इ-मेल के माध्यम से नए लॉगिन क्रेडेंशियल को संप्रेषित किए जाऐंगे। ऐसे व्यक्तियों/उद्यमों के लिए पुन: पंजीकरण करने की आवश्यकता नहीं है।

 ख) नए पंजीकरण, आयकर विभाग प्रतिवेदी उद्यम पहचान संख्या (आर्इटीडीआरर्इआर्इएन) की उत्पत्ति और प्रमुख अधिकारी : प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम की आयकर विवरणी को दाखिल करने के लिए प्रयोग की गर्इ यूजर आर्इडी में लॉगिन करके र्इ-दाखिलीकण वेबसाइट (https://incometaxindiaefiling.gov.in) में लॉगिन करके आयकर विभाग के साथ पंजीकरण करने की आवश्यकता है। प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को पहली बार पंजीकरण के लिए 'प्रतिवेदी पोर्टल' का प्रयोग करने के लिए र्इ-दाखिलीकरण 'मेरा खाता' टैब के अंतर्गत 'प्रतिवेदी पोर्टल' लिंक पर क्लिक करने की जरूरत है। प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को प्रधान अधिकारी के विवरण के साथ प्रपत्र के प्रकार, श्रेणी और प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम के पते के विवरण को डालना आवश्यक होगा। सफलापूर्वक जमा करने पर आर्इटीडीआरर्इआर्इएन उत्पन्न होता है और प्रधान अधिकारी अपने पंजीकृत र्इ-मेल पते पर पुष्टि र्इ-मेल और अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस प्राप्त करेगा। आर्इटीडीआरर्इआर्इएन को निष्क्रिय करने का कोर्इ विकल्प नहीं है यदि एक बार उत्पन्न हो जाए।

 ग) नामित निदेशक की समाविष्टि : प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को या तो नए पंजीकरण के सयम या बाद में, लेकिन किसी विवरण के प्रतिवेदी पोर्टल पर जमा करने से पहले नामित निदेशक के विवरण को जमा करना आवश्यक है। नामित निदेशक अपने पंजीकृत र्इ-मेल पते पर प्रतिवेदी पोर्टल (https://report.insight.gov.in) में लॉगिन करने के लिए लॉगिन क्रेडेंशियल के साथ पुष्टि र्इ-मेल को प्राप्त करेगा। केवल प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम का नामित निदेशक ही सामान्य जमा करने की यूटिलिटी के माध्यम से या प्रतिवेदी पोर्टल पर अपने खुद के लॉगिन क्रेडेंशियल के माध्यम से प्रतिवेदी खाते के विवरण और इसी संशोधन विवरण, यदि हो, को डिजिटल रूप से हस्ताक्षर और अपलोड कर सकता है।

 घ) प्रपत्र सं. 61क को जमा करना : प्रतिवेदी व्यक्ति/संस्थान को प्रपत्र सं. 61क में वित्तीय लेनदेन के विवरण (एसएफटी) को जमा करना आवश्यक है। निर्धारित योजना, रिपोर्ट उत्पत्ति और प्रपत्र सं. 61क के लिए मान्यकरण यूटिलिटी और सामान्य प्रस्तुतीकरण यूटिलिटी "संसाधन" टैब के अंतर्गत प्रतिवेदी पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है। निर्दिष्ट प्रारूप में एसएफटी को तैयार करने के लिए निर्दिष्ट सामान्य और लेनदेन दिशानिर्देश क्रमश: परिशिष्ट ख और परिशिष्ट ग के तौर पर संलग्न है। दाखिल किए जाने के लिए तैयार किए गए एसएफटी को डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने और नामित निदेशक के लॉगिन क्रेडेंशियल (पैन और पासवर्ड) के माध्यम से सामान्य जमा यूटिलिटी के माध्यम से प्रतिवेदी पोर्टल पर अपलोड करने की जरूरत है ।

  ड़) संशोधन विवरण को जमा करना : यदि प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को विवरण में मुहैया करार्इ गर्इ सूचना में किसी गलती का पता चलता है या गलती मिलती है या विवरण को जमा करने के बाद आंकड़ा गुणवत्ता रिपोर्ट (डीक्यूआर) के माध्यम से प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को गलती बतार्इ गर्इ हो तो आर्इटीआर्इएस को संशोधन विवरण को जमा करके गलती को हटाना आवश्यक है। "संशोधन की जाने वालेी रिपोर्ट" "संशोधन के लिए लंबित विवरण" टैब के अंतर्गत प्रतिवेदी पोर्टल पर मूल विवरण के समक्ष दिखार्इ देगा। प्रयोगकर्ता प्रतिवेदी पोर्टल के 'संशोधन के लिए लंबित विवरण' के अंतर्गत डीक्यूआर कॉलम से डीक्यूआर फाइल को डाउनलोड कर सकता है, जिसे फिर गलतियों को ढूंढ़ने और समाधान के लिए रिपोर्ट उत्पन्न यूटिलिटी पर खोला जा सकता है। प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को निर्दिष्ट अवधि के अंदर "संशोधन की जाने वाली रिपोर्ट" के शून्य बनने तक सभी गलतियों को संशोधित करने की जरूरत है।

 च) विवरण में जमा रिपोर्ट को हटाना : यदि, प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम एक विवरण के अंदर अंजाने में दाखिल की गर्इ रिपोर्ट को हटाना चाहता है तो यह "विवरण हटाएं" के तौर पर विवरण प्रकार को चुन सकता है और प्रत्येक फील्ड के समक्ष पिछली दाखिल राशि के साथ हटाए जाने वाले एकल विवरण के अंदर ऐसी सभी रिपोर्ट को दाखिल कर सकता है।

 छ) सुरक्षा, अर्चिवल और पुन: प्राप्ति नीतियां : प्रतिवेदी व्यक्ति को उपयुक्त सूचना सुरक्षा नीतियों का और जमा की गर्इ सूचना और संबंधित सूचना/दस्तावेजों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित भूमिका तथा उत्तरदायित्व के साथ प्रक्रिया का आलेख और क्रियान्वयन आपेक्षित है। प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को उपयुक्त अर्चीवल और पुन: प्राप्ति नीतियों और यह सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित भूमिका तथा उत्तरदायित्वों के साथ प्रक्रिया का आलेख तथा कार्यान्वयन आपेक्षित है कि जमा की गर्इ सूचना तथा संबंधित सूचना/दस्तावेज सक्षम प्राधिकारियों को तुरंत उपलब्ध हो।

7. उक्त परिवर्तनों को देखते हुए 2017 की अधिसूचना सं. 1 दिनांक 17 जनवरी 2017 में निर्दिष्ट प्रक्रिया तद्नुसार संशोधित रहेगी और यह अधिसूचना 9 अप्रैल 2018 से प्रभावी होगा।

 

(हरीश कुमार)

प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति), सीबीडीटी

 

संलग्नक :

परिशिष्ट क : नियम 114ड़ के अंतर्गत सूचित किए जाने वाले लेनदेन का प्रकार और राशि

परिशिष्ट ख : वित्तीय लेनदेन के विवरण (एसएफटी) को तैयार करने के दिशानिर्देश

परिशिष्ट ग : वित्तीय लेनदेनों (एसएफटी) के विवरण को तैयार करने के लिए निर्दिष्ट दिशानिर्देशों का लेनदेन

परिशिष्ट घ : प्रपत्र सं. 61क की योजना/डाटा संरचना में संशोधन/परिवर्तन

 

निम्न को प्रति :

  1. अध्यक्ष तथा सदस्य, सीबीडीटी, नार्थ ब्लॉक, नर्इ दिल्ली के लिए पीपीएस

  2. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक और समस्त मुख्य आयकर आयुक्त/आयकर महानिदेशक - अपने क्षेत्रों/प्रभारों में  समस्त अधिकारियों के बीच वितरित करने के अनुरोध के साथ

  3. संयुक्त सचिव (टीपीएल)-1 व 2/मीडिया समन्वयक और आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी

  4. आयकर निदेशक (आर्इटी)/आयकर निदेशक (लेखा)/आयकर निदेशक (सर्तकता)/अपर महानिदेशक (पद्धति) 1,2,3,4,5/आयकर आयुक्त (सीपीसी) बैंगलौर, आयकर आयुक्त (सीवीसी - टीडीएस) गाजियाबाद

  5. अतिरिक्त महानिदेशक (पीआर, पीपीएंडओएल) अधिसूचना के लिए विज्ञापन अभियान के लिए अनुरोध के साथ

  6. सीबीडीटी का टीपीएल और आर्इटीए प्रभाग

  7. भारतीय सनदी लेखागार संस्थान, आर्इपी एस्टेट, नर्इ दिल्ली

  8. वेब मैनेजर, वेबसाइट पर प्रकाशित करने के लिए "incometaxindia.gov.in"

  9. www.irsofficersonline.gov.in और डीजीआर्इटी (एस) कॉर्नर पर अपलोडिंग के लिए डाटाबेस

10. आर्इटीबीए पोर्टल पर अपलोडिंग के लिए आर्इटीबीए प्रकाशक

(संजीव सिंह)

एडीजी (पद्धति)-2 सीबीडीटी

परिशिष्ट क

धारा 114ड़ के अंतर्गत रिपोर्ट किए जाने वाले लेनदेनों का प्रकार और राशि

क्र.सं. लेनदेन का प्रकार और राशियां व्यक्ति की श्रेणी (प्रतिवेदी व्यक्ति)
(1) (2) (3)

1.

(क) एक वित्त वर्ष में दस लाख या उससे अधिक की कुल राशि के बैंक ड्राफ्ट या पे ऑर्डर या बैंकर चेक की खरीद के लिए नकद में किया गया भुगतान।

(ख) भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (2007 की 51) की धारा 18 के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी प्री-प्रेड साधनों की खरीद के लिए वित्त वर्ष के दौरान दस लाख या उससे अधिक की कुल राशि का नकद में किया गया भुगतान

(ग) एक व्यक्ति के एक या उससे अधिक चालू खाते में या उसके द्वारा एक वित्त वर्ष में दस लाख या उससे अधिक की कुल राशि को नकद में निकालना या नकद जमा करना (धारक चेक के माध्यम सहित),

एक बैंकिंग कंपनी या एक सहकारी बैंक जिसके लिए बैंकिंग नियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंक या बैंकिंग संस्थान सहित)

2.

एक वित्त वर्ष में दस लाख या उससे अधिक की कुल नकद जमा एक व्यक्ति के एक या उससे अधिक खाते में (चालू खाते और सावधि जमा को छोड़कर)

 (i) एक बैंकिंग कंपनी या एक सहकारी बैंक जिसके लिए बैंकिंग नियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंक या बैंकिंग संस्थान सहित)

 (ii) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 के वाक्यांश (´) में संदर्भितानुसार महाडाकपाल

3

एक व्यक्ति के एक वित्त वर्ष में दस लाख या उससे अधिक की कुल राशि को एक व्यक्ति एक या एक से अधिक सावधि जमा (अन्य सावधि जमा के नवीकरण के माध्यम से किए गए सावधि जमा को छोड़कर )

 (i) एक बैंकिंग कंपनी या एक सहकारी बैंक जिसके लिए बैंकिंग नियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंक या बैंकिंग संस्थान सहित)

 (ii) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) में संदर्भितानुसार महा डाकपाल

(iii) कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 की 18) की धारा 406 में संदर्भित निधि

(iv) गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी जो जनता से जमा स्वीकार करने या अधिकार रखने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक, 1934 (1934 की 6) की धारा 45-झक के अंतर्गत पंजीकरण का प्रमाणपत्र रखती है

4

किसी व्यक्ति द्वारा किया गया एक कुल राशि का भुगतान जो -

  (i) नकद में एक लाख रूपए या उससे अधिक राशि; या

 (ii) एक वित्त वर्ष में उस व्यक्ति को जारी किया गया एक या उससे अधिक क्रेडिट कार्ड के संबंध में आए बिल के समक्ष किसी अन्य विधि द्वारा दस लाख या उससे अधिक की राशि

एक बैंकिंग कंपनी या एक सहकारी बैंक जिसके लिए बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंक या बैंकिंग संस्थान सहित) या क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कोर्इ अन्य कंपनी या संस्थान

5. कंपनी या संस्थान द्वारा जारी बांड या डिबेंचर को प्राप्त करने के लिए एक वित्त वर्ष में दस लाख या उससे अधिक के लिए कुल राशि के किसी व्यक्ति से प्राप्ति (उस कंपनी द्वारा जारी बांड या डिबेंचर के नवीकरण के कारण प्राप्त राशि को छोड़कर) बांड या डिबेंचर को जारी करने वाली एक कंपनी या संस्थान
6. कंपनी द्वारा जारी शेयरों (आवेदन सांझा करने की राशि सहित) को प्राप्त करने के लिए एक वित्त वर्ष में कुल दस लाख या उससे अधिक की राशि के किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति शेयर जारी करने वाली एक कंपनी
7 एक वित्त वर्ष में दस लाख या उससे अधिक कुल राशि या कीमत के लिए किसी व्यक्ति (खुले बाजार में खरीदे गए शेयरों को छोड़कर) से शेयरों की पुर्नखरीद कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 की 18) की धारा 68 के अंतर्गत अपने खुद की प्रतिभूतियों की खरीद के लिए प्राधिकृत विनिमय पर सूचित एक कंपनी
8. म्युचुयल फंड की एक या एक से अधिक योजना की र्इकार्इयों को प्राप्त करने के लिए एक वित्त वर्ष में दस लाख या उससे अधिक की कुल राशि के किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति (उस म्यूचुयल फंड की एक योजना से स्थानांतरण पर प्राप्त राशि को छोड़कर) म्युचुयल फंड के मामलो को प्रबंधित करने वाले ऐसे अन्य व्यक्ति या म्युचुयल फंड के एक न्यासी जिसे इस संबंध में न्यासी द्वारा विधिवत रूप से प्राधिकृत किया जा सके
9. एक वित्त वर्ष के दौरान दस लाख रूपए या उससे अधिक की कुल राशि के डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से या अन्य किसी साधन के माध्यम से डेबिड कॉर्ड या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऐसी मुद्रा में विदेशी विनिमय कार्ड या व्यय के लिए ऐसी मुद्रा के किसी ऋण सहित विदेशी मुद्रा की बिक्री के लिए किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम, 1999 (1999 की 42) की धारा 2 के वाक्यांश (ग) में संदर्भितानुसार प्राधिकृत व्यक्ति
10 तीस लाख रूपए या उससे अधिक पर अधिनियम की धारा 50ग में संदर्भित स्टांप मूल्यांकन प्राधिकारी द्वारा मूल्यांकित या तीस लाख रूपए या अधिक की राशि के लिए अचल संपत्ति के किसी व्यक्ति द्वारा बिक्री या खरीद पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 3 के अंतर्गत नियुक्त महाअधीक्षक या पंजीयक या उस अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत नियुक्त उप-पंजीयक
11 किसी प्रकार की सेवा या उत्पाद के किसी व्यक्ति द्वारा बिक्री के लिए दो लाख रूपए से अधिक के नकद भुगतान की प्राप्ति (उनको छोड़कर जो इस नियम, यदि हो, की क्रम सं. 1 से 10 पर निर्दिष्ट है ) कोर्इ व्यक्ति जो अधिनियम की धारा 44कख के अंतर्गत अंकेक्षण के लिए उत्तरदायी है

12

9 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 की अवधि के दौरान नकद जमा जो (i) बारह लाख पचास हजार रूपए या उससे अधिक है, एक व्यक्ति के एक या उससे अधिक चालू खाते में या (ii) दो लाख पचास हजार रूपए या उससे अधिक है, एक व्यक्ति के एक या उससे अधिक खाते में (चालू खाते को छोड़कर)

  (i) एक बैंकिंग कंपनी या एक सहकारी बैंक जिसके लिए बैंकिंग नियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंक या बैंकिंग संस्थान सहित)

 (ii) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) में संदर्भितानुसार महा डाकपाल

13

खाते जो क्र.सं. 12 के अंतर्गत प्रतिदेय है, के संदर्भ में 1 अप्रैल 2016 से 9 नवंबर 2016 के दौरान नकद जमा

 (i) एक बैंकिंग कंपनी या एक सहकारी बैंक जिसके लिए बैंकिंग नियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंक या बैंकिंग संस्थान सहित) (ii) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) में संदर्भितानुसार महा डाकपाल

 

परिशिष्ट ख

 

वित्तीय लेनदेन के विवरण को तैयार करने के लिए सामान्य दिशानिर्देश (एसएफटी)

आयकर की धारा 285खक वित्तीय लेनदेन के विवरण को प्रस्तुत करने वाले निर्दिष्ट प्रतिवेदी व्यक्तियों की अपेक्षा करता है। आयकर नियम, 1962 का नियम 114ड़ निर्दिष्ट करता है कि अधिनियम की धारा 285खक की उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रस्तुत किए जाने वाला आपेक्षित वित्तीय लेनदेन का विवरण प्रपत्र सं. 61क में  प्रस्तुत किया जाएगा।

निर्धारित योजना, रिपोर्ट उत्पत्ति और प्रपत्र 61क के लिए मान्यकरण यूटिलिटी 'संसाधन' टैब के अंतर्गत प्रतिवेदी पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है

लेनदेन के प्रकार

प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को प्रत्येक लेनदेन प्रकार के लिए पृथक प्रपत्र 61क को प्रस्तुत करना आवश्यक है। एसएफटी के अंतर्गत लेनदेन प्रकार को निम्नानुसार वर्गीकृत किया गया है :

  •  एसएफटी-001 : नकद में बैंक ड्राफ्ट अथवा पे ऑर्डर की खरीद

  •  एसएफटी-002 : नकद में प्री-पेड साधनों की खरीद

  •  एसएफटी-003 : चालू खाते में नकद जमा

  •  एसएफटी-004 : चालू खाते को छोड़कर खाते में नकद जमा

  •  एसएफटी-005 : सावधि जमा

  •  एसएफटी-006 : क्रेडिट कार्ड के लिए भुगतान

  •  एसएफटी-007 : डिबेंचर की खरीद

  •  एसएफटी-008 : शेयरों की खरीद

  •  एसएफटी-009 : शेयरों की पुन: खरीद

  •  एसएफटी-010 : म्यूचुअल फंड यूनिट की खरीद

  •  एसएफटी-011 : विदेशी मुद्रा की खरीद

  •  एसएफटी-012 : अचल संपत्ति की खरीद या बिक्री

  •  एसएफटी-013 : उत्पाद तथा सेवाओं के लिए नकद भुगतान

  •  एसएफटी-014 : निर्दिष्ट अवधि के दौरान नकद जमा (9 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016)

सूचना दिए जाने के लिए लेनदेनों की पहचान

वित्तीय लेनदेन के विवरण (एसएफटी) को तैयार करने का पहला चरण लेनदेनों/व्यक्तियों/खातों की पहचान करना है जो नियम 114ड़ के अंतर्गत प्रतिवेदित है। दूसरे चरण में, प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को लेनदेनों/व्यक्तियों/खातों का विवरण जमा करना आवश्यक है जो प्रतिवेदन के तौर पर निर्धारित है।

एकत्रीकरण नियम

एकत्रीकरण नियम को लेनदेनों/व्यक्तियों/खातों के निर्दिष्ट लेनदेन प्रकार के लिए लागू किए जाने की आवश्यकता है जो प्रतिवेदनीय है। नियम 114ड़ निर्दिष्ट करता है कि प्रतिवेदी व्यक्ति किसी व्यक्ति के संबंध में  सूचना के लिए प्रारंभिक राशि को निर्धारित करने के लिए राशि की गणना के दौरान

(क) वित्त वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में निर्दिष्ट इसी प्रकार के समस्त खातों पर विचार करना

(ख) वित्त वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड किए गए उसी प्रकार के समस्त लेनदेनों का कुल

(ग) समस्त व्यक्तियों के लिए समस्त लेनदेनों की कुल राशि अथवा लेनदेन की पूर्ण राशि की विशेषता यदि जहां खाता अनुरक्षित होता हो अथवा लेनदेन एक व्यक्ति से अधिक के नाम पर रिकॉर्ड होता हो

एकत्रीकरण नियम एसएफटी-012 (अचल संपत्ति की खरीद अथवा बिक्री) और एसएफटी-013 (उत्पाद तथा सेवाओं के लिए नकद भुगतान) को छोड़कर समस्त लेनदेन प्रकारों के लिए प्रयोज्य है।

सूचना देने का प्रारूप

प्रपत्र 61क के चार भाग है। भाग क में  विवरण स्तर की सूचना शामिल है जो सभी प्रकार के लेनदेनों के लिए सामान्य है। अन्य तीन भाग प्रतिवेदी स्तर की सूचना से संबंधित है जिसे निम्नलिखित किसी भी भाग में  प्रतिवेदित किया जाना होता है (लेनदेन के प्रकार पर निर्भर करते हुए)

  •  भाग ख (व्यक्ति आधारित सूचना)

  •  भाग ग (खाता आधारित सूचना)

  •  भाग घ (अचल संपत्ति लेनदेन सूचना)

सूचना देने के प्रारूप की प्रयोज्यता निम्नलिखित पैराग्राफ में बतार्इ जाती है

व्यक्ति आधारित सूचना (भाग ख)

भाग ख व्यक्ति आधारित सूचना के लिए प्रयोग की जाएगी जो निम्नलिखित लेनदेनों के लिए प्रासंगिक है :

  •  एसएफटी-001 : नकद में  बैंक ड्राफ्ट अथवा पे ऑर्डर की खरीद

  •  एसएफटी-002 : नकद में  प्री-पेड साधनों की खरीद

  •  एसएफटी-005 : सावधि जमा

  •  एसएफटी-006 : क्रेडिट कार्ड के लिए भुगतान

  •  एसएफटी-007 : डिबेंचर की खरीद

  •  एसएफटी-008 : शेयरों की खरीद

  •  एसएफटी-009 : शेयरों की पुन: खरीद

  •  एसएफटी-010 : म्यूचुअल फंड यूनिट की खरीद

  •  एसएफटी-011 : विदेशी मुद्रा की खरीद

  •  एसएफटी-013 : उत्पाद तथा सेवाओं के लिए नकद भुगतान

प्रतिवेदी व्यक्तियों तथा लेनदेनों को निर्धारित करने के लिए, प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम वित्त वर्ष (एकत्रीकरण नियम की प्रयोज्यता के संदर्भ में) के दौरान व्यक्ति के संबंध में  रिकॉर्ड किए गए इसी प्रकार के सभी लेनदेनों को एकत्र करना आवश्यक है। यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर रिकॉर्ड होता है तो प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को सभी व्यक्तियों को सभी लेनदेनों की कुल राशि अथवा लेनदेन की पूरी राशि का कारण बताना चाहिए।

प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को व्यक्तियों तथा लेनदेनों जो सूचना देने योग्य के तौर पर निर्धारित है, का ब्यौरा देना आवश्यक है। प्रतिवेदी प्रारूप उत्पाद के प्रकार के भीतर प्रत्येक व्यक्तिगत उत्पाद से संबंधित सूचना को प्रस्तुत करने के लिए प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को भी सक्षम करता है जैसे कि यदि एक व्यक्ति के पास बहुत सारे क्रेडिट कार्ड हों और सभी क्रेडिट कार्ड में  लेनदेन की कुल राशि प्रारंभिक राशि से अधिक हो तो कुल लेनदेन की राशि प्रपत्र 61क की धारा ख3 में सूचित की जाएगी और व्यक्तिगत क्रेडिट कार्ड से संबंधित लेनदेन प्रपत्र 61क की धारा ख4 में  सूचित किया जा सकता है।

खाता आधारित सूचना (भाग ग)

भाग ग प्रतिवेदी आधारित खाता के लिए प्रयुक्त की जाएगी जो निम्नलिखित लेनदेनों से संबंधित है

  •  एसएफटी-003 : चालू खाते में  नकद जमा

  •  एसएफटी-004 : चालू खाते को छोड़कर खाते में नकद जमा

  •  एसएफटी-014 : निर्दिष्ट अवधि (9 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016) के दौरान नकद जमा

प्रतिवेदी व्यक्तियों तथा खातों को निर्धारित करने के लिए, प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को वित्त वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में  सुरक्षित उसी प्रकार के सभी खातों पर विचार करना आवश्यक है और वित्त वर्ष (एकत्रीकरण नियम की प्रयोज्यता के संदर्भ में) के दौरान व्यक्ति के संबंध में  रिकॉर्ड किए गए इसी प्रकार के सभी लेनदेनों को एकत्र करना आवश्यक है। यदि जहां खाता एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर रखा जाता है तो प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को सभी व्यक्तियों को सभी लेनदेनों की कुल राशि अथवा लेनदेन की पूरी राशि का कारण बताना चाहिए। एसएफटी-003 (चालू खाते में नकद जमा अथवा निकासी) की स्थिति में, प्रारंभिक सीमा लेनदेनों के संबंध में  जमा तथा निकासी को पृथक रूप से लागू करना होगा। प्रतिवेदी व्यक्तियों तथा खातों की पहचान के बाद, प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को खाते, जो प्रतिवेदी के तौर पर निर्धारित है, का विवरण जमा करना आवश्यक है। प्रपत्र 61क का भाग ग3 के पास खातों का विवरण है जिसे कुल लेनदेन राशि के साथ सूचित किए जाने की जरूरत है। लेनदेन के एकत्रीकरण की वह परिभाषा है जैसा व्यक्ति आधारित लेखांकन में  स्पष्ट है।

अचल संपत्ति लेनदेन सूचना (भाग घ)

भाग घ को अचल संपत्ति (एसएफटी-012) की खरीद अथवा बिक्री की सूचना के लिए प्रयोग किया जाएगा। प्रतिवेदी अचल संपत्ति लेनदेनों को प्रारंभिक सीमा को लागू करते हुए निर्धारित करना होगा। सूचना देने वाला व्यक्ति/उद्यम को अचल संपत्ति लेनदेनों जिसे प्रतिवेदन के तौर पर निर्धारित किया जाता है, के विशिष्ट विवरण को जमा करना आवश्यक है।

विवरण प्रकार

एक विवरण में  केवल एक प्रकार का विवरण ही शामिल हो सकता है। विवरण के प्रकार के लिए स्वीकार्य राशि निम्न है :

  •  एनबी - नर्इ सूचना वाला नया विवरण

  •  सीबी - पहले जमा की गर्इ सूचना के लिए संशोधन सहित संशोधन विवरण

  •  एनडी - सूचना देने के लिए कोर्इ डाटा नहीं

विवरण संख्या तथा विवरण आर्इडी

विवरण संख्या एक निशुल्क टेक्सट फिल्ड है जिसमें भेजनेवाले की विशिष्ट पहचान संख्या (भेजने वाले द्वारा बनार्इ गर्इ) शामिल होती है जो भेजे जा रहे विशिष्ट विवरण की पहचान करता है। पहचानने वाला दोनो भेजने वाले तथा प्राप्तकर्ता को बाद में विशिष्ट विवरण की पहचान करने की अनुमति देता है यदि कोर्इ प्रश्न अथवा संशोधन उठता है। आयकर विभाग को विवरण को सफलतापूर्वक जमा करने के बाद एक नर्इ विशिष्ट विवरण आर्इडी भविष्य में संदर्भ के लिए स्वीकृत की जाएगी। सूचना देने वाले व्यक्ति/उद्यम को विवरण सं. तथा विवरण आर्इडी के बीच संबंध को बनाए रखना चाहिए। यदि संशोधन दाखिल होता है तो मूल विवरण जिसे संशोधित किया जा रहा है, की विवरण आर्इडी को मूलवस्तु 'मूल विवरण आर्इडी' में निर्दिष्ट किया जाना चाहिए। यदि विवरण नया हो और किसी पिछले विवरण से संबंधित न हो तो मूलवस्तु 'मूल विवरण आर्इडी' में '0' निर्दिष्ट होगा।

सूचना क्रमांक संख्या

सूचना क्रमांक संख्या विवरण में  रिपोर्ट का विशिष्ट रूप से प्रतिनिधित्व करता है। सूचना क्रमांक संख्या विवरण के भीतर विशिष्ट होनी चाहिए। विवरण आर्इडी के साथ यह संख्या आयकर विभाग द्वारा प्राप्त किसी सूचना की विशिष्ट रूप से पहचान करता है। संशोधन की स्थिति में, पूरी सूचना को दुबारा जमा करना होता है। मूल सूचना की सूचना क्रमांक संख्या जिसे प्रतिस्थापित अथवा हटाया जाना है, मूलवस्तु 'मूल सूचना क्रमांक संख्या' में निर्दिष्ट किया जाना चाहिए। मूल विवरण आर्इडी के साथ यह संख्या रिपोर्ट को विशिष्ट रूप से पहचानेगी जिसे संशोधित किया जा रहा है। यदि किसी रिपोर्ट का कोर्इ संशोधन न हो तो मूलवस्तु 'मूल सूचना क्रमांक संख्या' में '0' निर्दिष्ट होगा।

प्रपत्र 61 पावती सं.

यदि प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम ने नियम 114ड़ में  सूचीबद्ध लेनदेनों के संबंध में  प्रपत्र 60 में  लेनदेन को स्वीकृत किया हो तो प्रपत्र 61 को आयकर विभाग को प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है। जैसा कि अध्याय I में निर्दिष्ट है, प्रपत्र 61 (प्रपत्र 60 के विवरण को शामिल करते हुए) के सफलतापूर्वक लोडिंग पर, एक पावती सं. उत्पन्न होगी जिसे प्रपत्र 61क को दाखिल करने के समय निर्दिष्ट किया जाना है। इसलिए, जबतक प्रपत्र सं. 61 जमा न की जाए, प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को प्रपत्र 61क भरने में सामना का समाना करना पड़ सकता है। तद्नुसार, यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि प्रपत्र 61 को प्रपत्र 61क को भरने से पहले विभाग को प्रस्तुत करना है।

अतिरिक्त संसाधन

प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम पद्धति निदेशालय द्वारा जारी निम्नलिखित संसाधनों को संदर्भित कर सकते है :

रिपोर्ट उत्पत्ति और मान्यकरण यूटिलिटी प्रयोगकर्ता गार्इड - प्रपत्र 61क एसएफटी (प्रपत्र 61क) को तैयार करने और अपलोड करने के लिए चरणों को स्पष्ट करने का प्रयोगकर्ता मैनुयल
प्रतिवेदी पोर्टल प्रयोगकर्ता गार्इड प्रतिवेदी पोर्टल के फीचरों को विवरण को स्पष्ट करने के लिए प्रयोगकर्ता गार्इड
रिपोर्ट उत्पत्ति और मान्यकरण यूटिलिटी त्वरित संदर्भ गार्इड - प्रपत्र 61 प्रपत्र 61 के लिए रिपोर्ट उत्पत्ति यूटिलिटी के प्रयोग के लिए एक संक्षिप्त गार्इड
रिपोर्ट उत्पत्ति और मान्यकरण यूटिलिटी त्वरित संदर्भ गार्इड - प्रपत्र 61क प्रपत्र 61क के लिए जावा के प्रयोग के लिए एक संक्षिप्त गार्इड
रिपोर्ट उत्पत्ति और मान्यकरण यूटिलिटी त्वरित संदर्भ गार्इड - प्रपत्र 61ख प्रपत्र 61ख के लिए जावा के प्रयोग के लिए एक संक्षिप्त गार्इड
रिपोर्ट उत्पत्ति और मान्यकरण यूटिलिटी प्रयोगकर्ता गार्इड - प्रपत्र 61 प्रपत्र 61 को दाखिल करने के लिए जावा यूटिलिटी के फीचरों के विवरण को स्पष्ट करने के लिए प्रयोगकर्ता गार्इड
रिपोर्ट उत्पत्ति और मान्यकरण यूटिलिटी प्रयोगकर्ता गार्इड - प्रपत्र 61ख निर्धारित प्रारूप में एसएफटी (प्रपत्र 61क) को तैयार करने में दाखिलकर्ता की सहायता के लिए जावा यूटिलिटी

डेवलेपर जो XML को बनाने के लिए प्रोग्राम बनाना चाहते है निम्नलिखित को संदर्भ कर सकते है :

प्रपत्र 61क योजना XSD फाइल जिसमें योजना जिसमें एसएफटी ( प्रपत्र 61क) को तैयार तथा अपलोड/जमा करने की आवश्यकता है, शामिल है
उद्यमों की सूचना देने के लिए टूलकिट विभिन्न प्रारूपों के लिए विवरणों को तैयार करने के लिए गार्इड और प्रतिवेदी पोर्टल को समझने में दाखिलकर्ता को सहायता करने के लिए टूलकिट

परिशिष्ट ग

वित्तीय लेनदेनों के विवरण (एसएफटी) को तैयार करने के लिए लेनदेन संबंधी विशिष्ट दिशानिर्देश

वित्तीय लेनदेन के विवरण (एसएफटी) को तैयार करने के लिए लेनदेन संबंधी विशिष्ट दिशानिर्देशों को निम्नलिखित पैराग्राफ में दिया गया है

एसएफटी-001 : नकद में बैंक ड्राफ्ट अथवा पे आर्डर की खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-001
लेनदेन विवरण नकद में बैंक ड्राफ्ट अथवा पे आर्डर अथवा बैंकर चेक की खरीद
लेनदेन का प्रकार तथा राशि एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक की कुल राशि के बैंक ड्राफ्ट अथवा पे ऑर्डर अथवा बैंकर चेक की खरीद के लिए नकद में  किया गया भुगतान
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

टिप्पणी

  1. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) से बैंक ड्राफ्ट अथवा पे आर्डर अथवा बैंकर चेक की खरीद के लिए किसी एक दिन में पचास हजार रूपए से अधिक की राशि के लिए नकद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार डीडी-बैंक ड्राफ्ट अथवा पे ऑर्डर अथवा बैंकर चेक के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

एसएफटी-002 : नकद में  प्री-पेड साधनों की खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-002
लेनदेन विवरण नकद में  प्री-पेड साधनों की खरीद
लेनदेन का प्रकार तथा राशि भुगतान और निपटान पद्धति अधिनियम, 2007 (2007 की 51) की धारा 18 के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी प्री-पेड साधनों की खरीद के लिए वित्त वर्ष के दौरान दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक की कुल राशि का नकद में किया गया भुगतान
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

टिप्पणी

  1. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) से प्री-पेड साधनों की खरीद के लिए किसी एक दिन में पचास हजार रूपए से अधिक की राशि के लिए नकद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार पीआर्इ-प्रीपेड साधन के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

एसएफटी-003 : चालू खाते में नकद जमा अथवा निकासी

लेनदेन कोड एसएफटी-003
लेनदेन विवरण चालू खाते में नकद जमा अथवा निकासी (बियरर चेक के माध्यम सहित)
लेनदेन का प्रकार तथा राशि एक व्यक्ति के एक अथवा अधिक चालू खाते में  अथवा के द्वारा एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक के कुल नकद जमा अथवा नकद निकालना (बियरर चेक के माध्यम सहित)
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

टिप्पणी

  1. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) में जमा के लिए किसी एक दिन में पचास हजार रूपए से अधिक की राशि के लिए नकद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में अनुरक्षित उसी प्रकार के समस्त खातों पर विचार किया जाएगा और लेनदेन की सभी राशियां अथवा समस्त लेनदेन की कुल राशि समस्त व्यक्तियों हेतु निश्चित होनी चाहिए, यदि जहां खाते को एक अथवा एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर अनुरक्षित रखा जाता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. प्रारंभिक सीमा पृथक रूप से जमा तथा निकासी के लिए लागू होनी चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. एक बार प्रतिवेदित खाते की एकत्रीकरण नियम द्वारा पहचान होने पर, एक रिपोर्ट में खाते तथा संबंधित व्यक्तियों के विवरण सहित एक खाते के ब्यौरे शामिल होंगे

  5. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ग (सूचना विवरण) है

  6. सूचना के प्रकार बीए - बैंक/डाक घर खाता के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  7. खाते का प्रकार बीसी - चालू खाता के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (सी.2.1)

एसएफटी-004 : चालू खाते के अलावा खाते में नकद जमा

लेनदेन कोड एसएफटी-004
लेनदेन विवरण एक व्यक्ति के एक अथवा एक से अधिक खाते में नकद जमा (चालू खाता तथा सावधि जमा को छोड़कर)
लेनदेन का प्रकार तथा राशि एक व्यक्ति के एक अथवा एक से अधिक खाते (चालू खाते तथा सावधि जमा को छोड़कर) में  दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक के कुल नकद जमा

प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी

एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 की 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) हेतु संदर्भितानुसार महा डाकपाल

टिप्पणी

  1. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) में जमा के लिए किसी एक दिन में पचास हजार रूपए से अधिक की राशि के लिए नकद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में अनुरक्षित उसी प्रकार के समस्त खातों पर विचार किया जाएगा और लेनदेन की सभी राशियां अथवा समस्त लेनदेन की कुल राशि समस्त व्यक्तियों हेतु निश्चित होनी चाहिए, यदि जहां खाते को एक अथवा एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर अनुरक्षित रखा जाता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. एक बार प्रतिवेदित खाते की एकत्रीकरण नियम द्वारा पहचान होने पर, एक रिपोर्ट में  खाते तथा संबंधित व्यक्तियों के विवरण सहित एक खाते के ब्यौरे शामिल होंगे

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ग (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार बीए - बैंक/डाक घर खाता के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. खाते का प्रकार बीएस - चालू खाता अथवा जेडजेड - अन्य खाते के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (सी.2.1)

एसएफटी-005 : सावधि जमा

लेनदेन कोड एसएफटी-005
लेनदेन विवरण सावधि जमा (अन्य सावधि जमा के नवीकरण के माध्यम से किए गए सावधि जमा को छोड़कर)
लेनदेन का प्रकार तथा राशि एक व्यक्ति के एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक के कुल राशि का एक अथवा एक से अधिक सावधि जमा (अन्य सावधि जमा के नवीकरण के माध्यम से किए गए सावधि जमा को छोड़कर)

प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी

  (i) एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

  (ii) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 की 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) हेतु संदर्भितानुसार महा डाकपाल

  (iii) कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 की 18) की धारा 406 में संदर्भित निधि

  (iv) गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी जो लोगों से जमा स्वीकृत करने अथवा संघटित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 की 6) के अंतर्गत पंजीकरण के प्रमाणपत्र को संघटित रखती है

टिप्पणी

  1. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) में क्रेडिट कार्ड के भुगतान के लिए किसी राशि के लिए नकद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार टीडी-सावधि जमा के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

एसएफटी-006 : क्रेडिट कार्ड के लिए भुगतान

लेनदेन कोड एसएफटी-006
लेनदेन विवरण वित्त वर्ष में उस व्यक्ति को जारी एक अथवा उससे अधिक क्रेडिट कार्ड के संबंध में  किसी व्यक्ति द्वारा किया गया भुगतान

लेनदेन का प्रकार तथा राशि

निम्न कुल राशि के किसी व्यक्ति द्वारा किया गया भुगतान

  (i) नकद में एक लाख रूपए अथवा इससे अधिक

 (ii) एक वित्त वर्ष में उस व्यक्ति को एक अथवा एक से अधिक जारी क्रेडिट कार्ड के संबंध में  निर्मित बिल के समक्ष किसी अन्य विधि द्वारा दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक

प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) अथवा क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली अन्य कंपनी अथवा संस्थान

टिप्पणी

  1. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) में क्रेडिट कार्ड के भुगतान के लिए किसी राशि के लिए नकद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार सीसी-क्रेडिट कार्ड के तौर पर निर्दिष्ट होनी चाहिए (बी.3.1)

एसएफटी-007 : डिबेंचर की खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-007
लेनदेन विवरण कंपनी अथवा संस्थान द्वारा जारी बांड अथवा डिबेंचरों को प्राप्त करने के लिए डिबेंचर वर्ष का क्रय
लेनदेन का प्रकार तथा राशि कंपनी अथवा संस्थान द्वारा जारी प्राप्ति बांड अथवा डिबेंचर के लिए एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा उससे अधिक की कुल राशि के किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति (उस कंपनी द्वारा जारी बाँड अथवा डिवेंचर का नवीकरण खाता पर प्राप्त अन्य राशि को छोड़कर)
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी बांड अथवा डिबेंचर को जारी करने वाली एक कंपनी अथवा संस्थान

टिप्पणी

  1. किसी संस्थान द्वारा जारी बांड को प्राप्त करने के लिए भुगतान हेतु रू. 50,000/- से अधिक की राशि के बांड की खरीद के लिए पैन को उद्धृत करना अनिवार्य है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार बीडी-बांड अथवा डिबेंचर के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

एसएफटी-008 : शेयरों की खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-008
लेनदेन विवरण कंपनी द्वारा जारी शेयरों (शेयर आवेदन राशि सहित) की खरीद
लेनदेन का प्रकार तथा राशि कंपनी द्वारा जारी शेयरों (शेयर आवेदन राशि सहित) की प्राप्ति के लिए एक वित्त वर्ष में दस लाख अथवा इससे अधिक की कुल राशि के किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी शेयरों को जारी करने वाली एक कंपनी

टिप्पणी

  1. किसी संस्थान में शेयरों को प्राप्त करने के लिए भुगतान हेतु रू. 1,00,000/- से अधिक की राशि के शेयर की खरीद के लिए पैन को उद्धृत करना अनिवार्य है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार एसआर्इ-जारी हुए शेयरों के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

एसएफटी-009 : शेयरों की पुन: खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-009
लेनदेन विवरण शेयरों की पुन: खरीद
लेनदेन का प्रकार तथा राशि एक वित्त वर्ष में कुल दस लाख अथवा इससे अधिक की राशि अथवा मूल्य के लिए किसी व्यक्ति द्वारा शेयरों की पुन: खरीद (खुले बाजार में लाए गए शेयरों को छोड़कर)
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 68 के अंतर्गत स्वयं अपनी प्रतिभूति को प्राधिकृत शेयर बाजार पर सूचीबद्ध एक कंपनी (2013 की 18)

टिप्पणी

  1. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  2. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  4. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  5. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  6. उत्पाद का प्रकार एसबी-शेयरों की पुन: खरीद के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

एसएफटी-010 : म्यूचुअल फंड यूनिट की खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-010
लेनदेन विवरण एक म्यूचुअल फंड की एक अथवा एक से अधिक योजनाओं को प्राप्त इकाइयों के लिए एक वित्त वर्ष में म्यूचुअल फंड इकाइयों की खरीद
लेनदेन का प्रकार तथा राशि म्यूचुअल फंड की एक अथवा एक से अधिक योजनाओं की र्इकार्इयों को खरीदनें के लिए एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा उससे अधिक की कुल राशि के किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति (उस म्यूचुअल फंड की एक योजना से दूसरी योजना तक स्थानांतरण के कारण प्राप्त राशि को छोड़कर)
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी एक म्यूचुअल फंड का न्यासी अथवा म्यूचुअल फंड के मामलों को प्रबंधित करने वाला अन्य कोर्इ व्यक्ति जैसा इस संबंध में न्यासी द्वारा विधिवत रूप से प्राधिकृत किया जा सकता है

टिप्पणी

  1. किसी वित्तीय संस्थान के म्यूचुअल फंड को प्राप्त करने के लिए भुगतान हेतु रू. 1,00,000/- से अधिक की राशि के म्यूचुअल फंड की खरीद के लिए पैन को उद्धृत करना अनिवार्य है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार एमएफ-म्यूचुअल फंड के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

एसएफटी-011 : विदेशी मुद्रा की खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-011
लेनदेन विवरण विदेशी मुद्रा की खरीद
लेनदेन का प्रकार तथा राशि एक वित्त वर्ष के दौरान दस लाख अथवा इससे अधिक की कुल राशि के टै्वलर चेक अथवा ड्राफ्ट अथवा अन्य किसी साधन के माध्यम से ऐसी मुद्रा में  व्यय अथवा विदेशी मुद्रा विनिमय कार्ड हेतु ऐसी मुद्रा के किसी क्रेडिट सहित विदेशी मुद्रा की बिक्री के लिए किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम, 1999 (1999 की 42) की धारा 2 के वाक्यांश (ग) हेतु संदर्भितानुसार प्राधिकृत व्यक्ति

टिप्पणी

  1. किसी संस्थान से विदेशी विनिमय को प्राप्त करने के लिए भुगतान हेतु रू. 50,000/- से अधिक की राशि के नकद में विदेशी मुद्रा की खरीद के लिए पैन को उद्धृत करना अनिवार्य है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार एफसी-विदेशी मुद्रा के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

एसएफटी - 012 : अचल संपत्ति की खरीद या बिक्री

लेनदेन कोड एसएफटी-012
लेनदेन विवरण अचल संपत्ति के किसी व्यक्ति की खरीद या बिक्री
लेनदेन के प्रकार और राशि तीस लाख या उससे अधिक पर अधिनियम की धारा 50ग में संदर्भित स्टांप मूल्यांकन प्राधिकारी द्वारा कीमत या तीस लाख या उससे अधिक की राशि के लिए अचल संपत्ति के किसी व्यक्ति द्वारा खरीद या बिक्री
प्रस्तुत की जाने वाली अपेक्षित व्यक्तियों की श्रेणी पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 3 के अंतर्गत नियुक्त महाअधीक्षक या उस अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत नियुक्त पंजीयक या उप-पंजीयक

टिप्पणी

  1. किसी अचल संपत्ति को प्राप्त करने के लिए कोर्इ भुगतान रू. 10,00,000/- से अधिक की राशि की खरीद के लिए पैन को उद्धृत करना अनिवार्य है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) और भाग घ (रिपोर्ट ब्यौरा) का अभिन्न अंग है

  3. रिपोर्ट प्रकार आर्इएम - अचल संपत्ति लेनदेन में निर्दिष्ट होना चाहिए (ए.2.7)

  4. एक रिपोर्ट में विक्रेता और खरीददार के ब्यौरे के साथ एक संपत्ति का विवरण शामिल होगा

एसएफटी-013 : उत्पाद तथा सेवाओं के लिए नकद भुगतान

लेनदेन कोड एसएफटी-013
लेनदेन विवरण उत्पाद तथा सेवाओं के लिए नकद भुगतान
लेनदेन का प्रकार तथा राशि किसी प्रकार के उत्पाद अथवा सेवा (इस नियम की क्रम सं. 1 से 10 में  निर्दिष्ट को छोड़कर) की बिक्री, किसी व्यक्ति द्वारा, के लिए दो लाख रूपए से अधिक के नकद भुगतान की प्राप्ति
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी कोर्इ व्यक्ति जो अधिनियम की धारा 44कख के अंतर्गत अंकेक्षण के लिए उत्तरदायी है

टिप्पणी

  1. किसी भी प्रकार के उत्पाद अथवा सेवाओं की बिक्री अथवा खरीद, किसी भी व्यक्ति द्वारा, के लिए लेनदेन के अनुसार दो लाख से अधिक की राशि के लिए पैन को उद्धृत करना अनिवार्य है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. एकत्रीकरण नियम प्रतिवेदी लेनदेनों की पहचान के लिए लागू नहीं है

  3. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना ब्यौरा) है

  4. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  5. प्रतिवेदी प्रारूप एक रिपोर्ट में एक व्यक्ति के लेनदेन का एकत्रीकरण करता है

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार जेडजेड-अन्य के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

एसएफटी-014 : निर्दिष्ट अवधि के दौरान नकद जमा

लेनदेन कोड एसएफटी-014
लेनदेन विवरण  9 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 की अवधि के दौरान नकद जमा

लेनदेन का प्रकार तथा राशि

9 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 की अवधि के दौरान नकद जमा जो (i) एक व्यक्ति के एक अथवा एक से अधिक चालू खाते में बारह लाख पचास हजार अथवा उससे अधिक अथवा (ii) एक व्यक्ति के एक अथवा एक से अधिक खाते में दो लाख पचार हजार रूपए अथवा उससे अधिक (चालू खाते को छोड़कर)

खाते जो प्रतिवेदनीय है, के संबंध में 1 अप्रैल, 2016 से 9 नवंबर, 2016 की अवधि के दौरान नकद जमा

प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी

 (i) एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

 (ii) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) में संदर्भित महा डाकपाल

टिप्पणी

  1. 9 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 (एसएफटी-014) के दौरान नकद जमा के ब्यौरे के साथ विवरण की प्रस्तुति के लिए नियत तिथि 31 जनवरी 2017 है

  2. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) में जमा के लिए किसी एक दिन में पचास हजार रूपए से अधिक की राशि के लिए अथवा 9 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 की अवधि के दौरान दो लाख पचास हजार से अधिक के नकद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  3. वित्त वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में अनुरक्षित उसी प्रकार के समस्त खातों पर विचार किया जाएगा और लेनदेन की सभी राशियां अथवा समस्त लेनदेन की कुल राशि समस्त व्यक्तियों हेतु रोप्य होनी चाहिए, यदि जहां खाते को एक अथवा एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर अनुरक्षित रखा जाता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. एक बार प्रतिवेदित खाते की एकत्रीकरण नियम द्वारा पहचान होने पर, एक रिपोर्ट में खाते तथा संबंधित व्यक्तियों के विवरण सहित एक खाते के ब्यौरे शामिल होंगे

  5. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ग (सूचना विवरण) है

  6. सूचना के प्रकार बीए - बैंक/डाक घर खाता के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  7. खाते का प्रकार बीएस - (बचत खाता), बीसी (चालू खाता), अथवा जेडजेड - अन्य खाते के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए

परिशिष्ट घ

प्रपत्र सं. 61क की योजना/डाटा संरचना में संशोधन/परिवर्तन

# फील्ड मौजूदा वैल्यू प्रस्तावित वैल्यू

1.

व्यक्ति का प्रकार

(बी.2.2)/(सी.4.3)/(डी.3.4)

आर्इएन - व्यक्ति

एसपी- एकमात्र अधिकार

पीएफ - सांझेदार फर्म

एचएफ-एचयूएफ

सीआर-प्रार्इवेट लिमिटेड कंपनी

सीबी - पब्लिक लिमिटेड कंपनी

एसओ - सोसार्इटी

एओ - व्यक्तियों का संघ/व्यक्तियों की निकाय

टीआर-न्यास

एलआर्इ-परिसमापक

एलएल-एलएलपी

जेडजेड-अन्य

एक्सएक्स - वर्गीकृत नहीं

आर्इर्इ - पैन के बिना व्यक्ति जिसने प्रपत्र 60 को जमा किया गया हो या जो नियम 114ख के अंतर्गत छूट प्राप्त हुआ है

आर्इएन - व्यक्ति जो उक्त श्रेणी के अंतर्गत नहीं आता (आर्इर्इ)

जीओ - केंद्र सरकार, राज्य सरकार

एलर्इ : कोंसुलर कार्यालय या अन्य उद्यम जो नियम 114ख के अंतर्गत छूट प्राप्त है

एसपी - एकमात्र अधिकार

पीएफ - सांझेदार फर्म

एचर्इ - बिना पैन वाला एचयूएफ जिसने प्रपत्र 60 को जमा किया है

एचएफ - उक्त श्रेणी में न आने वाला एचयूएफ

सीआर - प्रार्इवेट लिमिटेड कंपनी

सीबी - पब्लिक लिमिटेड कंपनी

एसओ - सोसार्इटी

एओ - व्यक्तियों का संघ/व्यक्तियों की निकाय

टीआर-न्यास

एलआर्इ-परिसमापक

एलएल-एलएलपी

जेडजेड-अन्य

एक्सएक्स - वर्गीकृत नहीं

2.

विवरण प्रकार (ए.2.1)

एनबी - नर्इ सूचना सहित नया विवरण

सीबी - पहले सूचना को जमा करने के लिए संशोधन वाले विवरण का संशोधन

एनडी - रिपोर्ट करने के लिए कोर्इ डाटा नहीं

एनबी - नर्इ सूचना सहित नया विवरण

सीबी - पहले सूचना को जमा करने के लिए संशोधन वाले विवरण का संशोधन

डीबी - पहले जमा की गर्इ सूचना को हटाने के लिए विलोपन बयान

एनडी - रिपोर्ट करने के लिए कोर्इ डाटा नहीं

3. वित्तीय लेनदेन विवरण (बी.4) व्यक्ति से प्राप्त कुल सकल राशि (4.2) व्यक्ति से प्राप्त कुल सकल राशि (4.3)