आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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अधिसूचना सं.

3/2012

अधिसूचना तिथि

04/01/2012

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

04/01/2012

अधिसूचना: 3 जारी करने की तिथि: 4/01/2012

रिटर्न स्कीम का सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग, 2011 में प्रदान के रूप में रिटर्न की प्रोसेसिंग के संबंध में आयकर अधिनियम के प्रावधानों या ऐसे अपवादों, संशोधनों और रूपांतरों के साथ लागू नहीं करेगा उस दिशा

अधिसूचना संख्या 3/2012 [एफ सं 142/27/2011-SO (टीपीएल)] तो 17 (ई), 2012/04/01 दिनांकित

रिटर्न स्कीम का सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग, 2011 उपधारा के अधीन किए गए (आइए) को प्रभावी करने के प्रयोजन के लिए आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 143 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग, में उक्त अधिनियम की धारा 143 के केन्द्रीय सरकार एतद्द्वारा रिटर्न की प्रोसेसिंग के संबंध में अधिनियम के निम्नलिखित प्रावधान लागू नहीं होगा या अर्थात् निर्दिष्ट इसके अंतर्गत, ऐसे अपवादों, संशोधनों और रूपांतरों के साथ लागू नहीं होगी, कि निर्देशन: -

1 इस अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे.

प्र.20. अधिनियम की धारा 139 के प्रावधानों अर्थात् रिटर्न स्कीम, निम्नलिखित 2011 विषय की केंद्रीकृत प्रसंस्करण के तहत प्राप्त रिटर्न के लिए लागू नहीं होगी: -

ए विधिवत सत्यापित (i) सभी आईटीआर वी (पावती) रूपों इस में महानिदेशक द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है के रूप में इलेक्ट्रॉनिक दायर रिटर्न अपलोड करने की ऐसी अवधि के भीतर, या तो साधारण या स्पीड पोस्ट के माध्यम से, सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर को भेजी जाएगी ओर.

(द्वितीय) को इलेक्ट्रॉनिक डाटा संचारित करने की तारीख फार्म आईटीआर वी निर्धारित तरीके से और निर्धारित अवधि के भीतर प्रस्तुत है अगर रिटर्न प्रस्तुत करने की तिथि होगी.

(Iii) के मामले में निर्धारित समय के बाद सुसज्जित फार्म आईटीआर वी यह अहस्ताक्षरित अस्पष्ट, कटे - फटे, विनिर्देश के अनुसार खराब गुणवत्ता या नहीं होने के कारण खारिज कर दिया है, यह समझा जाएगा कि जिनके संबंध में रिटर्न फार्म आईटीआर वी सुसज्जित कभी नहीं किया गया था दायर की गई है और यह इलेक्ट्रॉनिक फिर से आय के रिटर्न फाइल और नए फार्म आईटीआर वी जमा करके यह पालन करने के लिए व्यक्ति पर निर्भर हो जाएगा.

(Iv) फार्म आईटीआर वी मोड में और अवधि या इस निमित्त विनिर्दिष्ट विस्तारित अवधि के भीतर, पते में प्रस्तुत किया जाएगा.

(V) आयुक्त केन्द्र, मामलों का मामला या वर्ग में कठिनाई से बचने के लिए, फार्म आईटीआर वी की प्राप्ति में देरी माफ कर सकते हैं.

(Vi) केन्द्र फार्म आईटीआर वी तकनीकी कारणों के लिए विचार नहीं किया जा सकता है कि पहले से प्रस्तुत जहां विशेष परिस्थितियों में नए रूप आईटीआर-V के लिए कह सकते हैं.

आय का मूल वापस इलेक्ट्रॉनिक दायर वापसी है, तो बी (मैं), संशोधित रिटर्न केवल इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से दायर की जाएगी.

(Ii) केंद्र केवल संशोधित रिटर्न और यह पहले से ही संसाधित नहीं किया गया, तो आगे कोई कार्रवाई मूल रिटर्न पर लिया जाएगा पर कार्रवाई करेगा.

(Iii) आयुक्त घोषित-सकते हैं

(क) किसी भी सॉफ्टवेयर मान्य है और महानिदेशक द्वारा अनुमोदित नहीं प्रयोग करने के लिए प्रक्रिया का पालन न करने के लिए अमान्य एक वापसी;

(ख) (9) बदले में या कार्यक्रम में या किसी अन्य कारण से अधूरा या असंगत जानकारी के कारण अधिनियम की धारा 139 की उपधारा के तहत दोषपूर्ण एक वापसी.

सी. (मैं) एक दोषपूर्ण वापसी के मामले में आयुक्त ई - मेल के माध्यम से या ई फाइलिंग वेबसाइट पर एक उपयुक्त संचार रखकर व्यक्ति को यह अंतरंग जाएगा.

(Ii) कोई व्यक्ति नोटिस में उल्लेख किया है समय की अवधि के भीतर सुधारा वापसी अपलोड करके दोषपूर्ण वापसी के संबंध में नोटिस का पालन करेगा.

(Iii) आयुक्त, व्यक्ति को कठिनाई से बचने के लिए, सुधारा वापसी की अपलोडिंग में देरी माफ कर सकते हैं.

सब पर अपलोड या उपलब्ध जानकारी के आधार पर वापसी प्रक्रिया नहीं होने के रूप में (चतुर्थ) के मामले में कोई प्रतिक्रिया दोषपूर्ण वापसी के नोटिस के जवाब में व्यक्ति से प्राप्त होता है, आयुक्त की वापसी की घोषणा कर सकती.

डी. (i) कोई व्यक्ति किसी भी कार्यवाही के संबंध में केंद्र में अधिकारियों से पहले या तो व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से प्रदर्शित करने के लिए जरूरी नहीं होगा.

(Ii) लिखित या इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में ऐसे व्यक्ति या अधिकृत प्रतिनिधि से इलेक्ट्रॉनिक संचार केन्द्र से प्राप्त क्वेरी या स्पष्टीकरण के पर्याप्त अनुपालन किया जाएगा.

(3) अधिनियम की धारा 143 के प्रावधानों अर्थात् रिटर्न स्कीम, निम्नलिखित 2011 विषय की केंद्रीकृत प्रसंस्करण के तहत प्राप्त सभी रिटर्न के लिए लागू नहीं होगी: -

 (मैं) को देय राशि, या कारण के लिए धन की वापसी की राशि, व्यक्ति स्वतः साथ मान्य किया जा सकता है, जो स्रोत (टीसीएस), स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) और कर भुगतान दावों पर एकत्र ऐसे टैक्स का क्रेडिट के बाद निर्धारित किया जाएगा इस संबंध में केंद्र से बाहर रखी व्यापार के नियमों के अनुसार अधिकृत बैंकों के माध्यम से सूचना दी टीडीएस और टीसीएस कटौती से बयान या कलेक्टरों, जैसा भी मामला हो, और कर भुगतान चालान के माध्यम से अपलोड आंकड़ों के संदर्भ;

(Ii) एक सूचना इलेक्ट्रॉनिक रूप से उत्पन्न होता है और कारण व्यक्ति, करने से देय होना निर्धारित राशि, या वापसी की राशि का उल्लेख ई - मेल द्वारा व्यक्ति को भेजी जाएगी;

(Iii) देय होना निर्धारित किसी भी राशि का भुगतान करने के लिए व्यक्ति को किसी सूचना के हिसाब से लागू होगा अधिनियम की धारा 156 के प्रावधानों और अधिनियम के अन्य सभी प्रावधानों के अनुसार मांग का नोटिस होना समझा जाएगा.

(Iv) आयुक्त मई, -

(क) रिटर्न की प्रोसेसिंग के लिए उचित प्रक्रिया अपनाने; और

(ख) प्रशासनिक आवश्यकताओं के आधार पर आय के रिटर्न की प्रोसेसिंग के लिए प्राथमिकता का क्रम तय.

एक वापसी के लिए किसी भी कारण के लिए केंद्र में संसाधित नहीं किया जा सकता है जहाँ भी (वी), आयुक्त प्रसंस्करण के लिए क्षेत्राधिकार रखने निर्धारण अधिकारी को ऐसी वापसी प्रेषित करने की व्यवस्था करेगा.

(Vi) केन्द्र रिटर्न की प्रोसेसिंग और सभी तरह के स्पष्टीकरण, सबूत या दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य के लिए आवश्यक हो सकता है के रूप में इस तरह के स्पष्टीकरण, सबूत या दस्तावेज के लिए कह सकते हैं.

(4) अधिनियम की धारा 154 के प्रावधानों अर्थात् रिटर्न स्कीम, निम्नलिखित 2011 विषय की केंद्रीकृत प्रसंस्करण के तहत प्राप्त सभी रिटर्न के लिए लागू नहीं होगी: -

 (मैं) सुधार के लिए एक आवेदन एक आयकर रिटर्न के रूप में निर्धारित प्रारूप में केंद्र सरकार को इलेक्ट्रॉनिक रूप से दायर की जाएगी और एक ही तरीके से कार्रवाई की जाएगी.

(द्वितीय) की वजह से डेटा प्रविष्टि या एक सॉफ्टवेयर त्रुटि में एक त्रुटि के लिए या प्रसंस्करण में त्रुटि के मामले में अन्यथा, अतिरिक्त अभिकलन किया जा रहा वापसी या टैक्स की मांग में कमी हो जाती है, उसी से गुजर रहा केंद्र की ओर से अपने आप ही सही हो जाएगा एक सुधार के आदेश और अतिरिक्त राशि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार बरामद किया जाएगा.

(Iii) एक सुधार एक आकलन बढ़ाने या वापसी को कम करने या अन्यथा व्यक्ति का दायित्व में वृद्धि का असर है कहाँ, इस आशय का एक सूचना केंद्र की ओर से इलेक्ट्रॉनिक रूप से व्यक्ति को भेजी जाएगी और व्यक्ति के उत्तर के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा इलेक्ट्रॉनिक मोड केवल.

(चतुर्थ) कर की मांग में सुधार के आदेश के परिणाम केंद्र सरकार द्वारा पारित अधिनियम की धारा 154 के तहत आदेश आयकर अधिनियम की धारा 156 के तहत मांग का नोटिस होना समझा जाएगा कहां.

प्र.5. अधिनियम की धारा 245 के प्रावधानों अर्थात् रिटर्न स्कीम, निम्नलिखित 2011 विषय की केंद्रीकृत प्रसंस्करण के तहत कवर रिटर्न के लिए लागू नहीं होगी: -

वापसी के सेट बंद, यदि कोई हो, शेष टैक्स के खिलाफ, एक वापसी के प्रसंस्करण से उत्पन्न होने वाली देय निर्धारण अधिकारी द्वारा केंद्र की प्रणाली पर अपलोड के रूप में व्यक्ति के संबंध में बकाया कर मांग के विवरण का उपयोग करके किया जाएगा .

6. एक वापसी केंद्र पर कार्रवाई की है, जहां (मैं), वापसी की प्रोसेसिंग के संबंध में अपील की कार्यवाही मूल्यांकन अधिकारी पर अधिकार क्षेत्र और आय के आयुक्त को किसी भी संदर्भ होने आयकर (अपील) के आयुक्त के साथ सकेगी केंद्र से किसी भी संचार में टैक्स (अपील) ने कहा कि आयुक्त के इस तरह के अधिकार क्षेत्र का अर्थ होगा.

(Ii) रिमांड अपीलीय आदेश और व्यक्ति के रूप में संबंध निर्धारण अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में होने से प्रस्तुत किया जाएगा आयकर (अपील) के आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए किसी भी अन्य रिपोर्टों के प्रभाव दे रही है, रिपोर्ट.

प्र.7.        अधिनियम की धारा 282 के प्रावधानों अर्थात् रिटर्न स्कीम, निम्नलिखित 2011 विषय की केंद्रीकृत प्रसंस्करण के तहत प्राप्त सभी रिटर्न के लिए लागू नहीं होगी: -

(मैं) एक नोटिस या आदेश या केंद्र की ओर से किसी भी अन्य संचार की सेवा के द्वारा किया जा सकता है:

(एक) के बाद से इसे भेजने;

(ख) केंद्र सरकार की ई - मेल के द्वारा व्यक्ति के ई - मेल पते पर पहुंचाने या उसके अपने प्रतिलिपि संचारण;

(ग) रिटर्न की ई फाइलिंग के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर व्यक्ति का मेरा खाता मेनू में इसकी प्रतिलिपि रखकर; या

(घ) (1) आयकर अधिनियम की धारा 282 में वर्णित मोड के किसी भी.

(द्वितीय) की वेबसाइट पर किसी भी तरह के संचार की पोस्टिंग की तारीख, ई - मेल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सेवा करने की तारीख होना समझा जाएगा.

(Iii) सूचना, आदेश और नोटिस उत्पन्न कंप्यूटर होगा और यह हस्ताक्षर करने से व्यक्ति की शारीरिक हस्ताक्षर ले जाने की आवश्यकता नहीं है.

8 महानिदेशक निम्नलिखित के संबंध में प्रक्रिया और प्रक्रियाओं को निर्दिष्ट करने सहित, एक स्वचालित और यंत्रीकृत वातावरण में केन्द्र के प्रभावी संचालन के लिए समय समय पर प्रक्रियाओं और प्रक्रियाओं को निर्दिष्ट कर सकता: -

(एक) प्राप्ति और केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक सुधार आवेदनों की प्रोसेसिंग;

(ख) पता या जगह, मोड और अवधि या फॉर्म आईटीआर वी में रसीद स्वीकार किए जाएंगे, जो भीतर विस्तारित अवधि;

(ग) रिटर्न ई फाइलिंग के लिए इस्तेमाल किसी भी सॉफ्टवेयर मान्य किया;

प्रश्नों का जवाब और उनकी आय के रिटर्न की प्रोसेसिंग में सहायता करने के लिए स्पष्टीकरण के लिए अनुरोध करने वाले व्यक्तियों को बाहर जाने वाली कॉल शामिल हो सकते हैं जो करदाता सेवाओं को प्रदान करने के लिए (डी) कॉल सेंटर; और

(ड.) ऐसे रसीद, स्कैनिंग, डेटा प्रविष्टि, प्रसंस्करण, रिफंड, भंडारण और अधिकृत बिचौलियों के माध्यम से एक केंद्रीकृत तरीके से या पेपर दस्तावेजों की प्राप्ति में आयकर रिटर्न और दस्तावेजों की पुनर्प्राप्ति के मुद्दे के रूप में कर प्रशासन कार्यों के प्रबंधन.

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