208 : परिपत्र सं. 208, 15-11-1976 दिनांकित
परिपत्र सं.
208
परिपत्र की तिथि
15/11/1976
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
15/11/1976
475. हुंडी पर उधार ली गई राशि के 1 अप्रैल 1977 को या उसके बाद भुगतान हुंडी पूर्व उक्त तारीख को या पर या उस तारीख के बाद मार डाला गया था कि क्या परवाह किए बिना की धारा के साथ अनुपालन करने के लिए है कि क्या
1 कराधान कानून (संशोधन) अधिनियम, 1975 को प्रदान करता है, जो 1 अप्रैल 1977 से प्रभाव के साथ एक नई धारा 69D जोड़ा गया है कि किसी भी राशि नहीं तो, एक हुंडी या उस पर होने के कारण किसी भी व्यक्ति को चुका दिया है किसी भी राशि पर किसी भी व्यक्ति से उधार लिया जाता है तो एक बैंक पर तैयार एक खाता पेयी चेक के माध्यम से, तो उधार या चुकाया राशि राशि उधार या चुकाया है जो पिछले साल के लिए करदाता उधार या कहा राशि चुकाने की आय, के रूप में मूल्यांकन किया जाएगा. यह भी hundis पर उधार ली गई राशि पर ब्याज भुगतान की राशि के लिए लागू होगी. यह प्रावधान केवल hundis के संबंध में लागू है और इस तरह के आदि नियोक्ताओं को कर्मचारियों द्वारा ऋण की चुकौती, बैंकों को ऋण की चुकौती, सहकारी समितियां, के रूप में ऋण के अन्य प्रकार, कवर नहीं करता है
प्र.20. शब्द "हुंडी" अधिनियम 1961 में परिभाषित नहीं किया गया है. आम व्यावसायिक भाषा में, यह उसके मुद्रा के माध्यम का उपयोग कर के बिना पैसे की वजह से उस पर इकट्ठा करने के लिए धारक द्वारा इस्तेमाल किया जा सकता है, जो स्थानीय भाषा में एक स्वदेशी साधन अर्थ. यह भी देय राशि इकट्ठा करने के उद्देश्य के लिए भारत में व्यापारिक समुदाय में उपयोग किया गया है जो स्थानीय भाषा में व्यक्त विनिमय बिल का एक स्वदेशी फार्म के रूप में माना जा सकता है. उदाहरण के लिए hundis की कई किस्मों,, दर्शनी हुंडी, मुद्दती हुंडी, shahjog हुंडी, jokhmi हुंडी, namjog हुंडी, dhanijog हुंडी, jwabi हुंडी और zickri चिट नहीं हैं. hundis की विशेषताओं उसी की किस्मों के अनुसार भिन्न होते हैं. निम्नलिखित विशेषताएं hundis के अधिकांश में पाया जाता है:
1एक हुंडी एक निर्दिष्ट व्यक्ति या आदेश या आदाता द्वारा बेचान के बिना समझौता करने के लिए देय है.
प्र.20. एक धारक अपने पक्ष में एक बेचान के बिना एक हुंडी पर मुकदमा करने का हकदार है.
(3) अदाकर्ता द्वारा स्वीकार किए जाते हैं हुंडी बेचान के बिना बातचीत के जरिए किया जा सकता है.
(4) एक हुंडी खो दिया है, मालिक दराज से एक नकली या एक तीन प्रतियों का दावा है और भुगतान के लिए अदाकर्ता को यह भेंट कर सकते हैं. उपयोग की स्थापना की है, जहां ब्याज का आरोप लगाया जा सकता है.
(3) यह प्रावधान 1 अप्रैल 1977 से प्रभावी हो जाएगा. तदनुसार, एक हुंडी पर उधार ली गई राशि के संबंध में 1 अप्रैल 1977 को या उसके बाद किसी भी भुगतान की परवाह किए बिना हुंडी पूर्व उक्त तारीख को या पर या उस तारीख के बाद मार डाला गया था कि क्या इस प्रावधान की आवश्यकताओं का अनुपालन करना होगा.

