आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

2/2004

परिपत्र की तिथि

10/02/2004

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

10/02/2004

परिपत्र: सं 2/2004, 10-02-2004 दिनांकित

वाणिज्यिक अनुबंध में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों द्वारा आयकर क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (ITCC) प्राप्त करने की आवश्यकता का उन्मूलन

परिपत्र सं. 2/2004, 2004/10/02 दिनांक

1 एक निर्णय विभिन्न व्यक्तियों द्वारा आयकर अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की आवश्यकता के संबंध में जनवरी, 2003 में बोर्ड द्वारा लिया गया था. यह 1 जनवरी 2003 से लागू होगा, कोई आयकर क्लीयरेंस सर्टिफिकेट वाणिज्यिक ठेके प्राप्त करने के प्रयोजन के लिए एक निविदा दाखिल करते समय किसी भी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किए जाने के लिए आवश्यक होगा कि निर्णय लिया गया. इस आशय के लिए एक प्रेस विज्ञप्ति भी 20 जनवरी 2003 को जारी किया गया था.

प्र.20. बोर्ड, हालांकि, ठेके के लिए बोली लगाने के समय और अन्य स्थितियों में आयकर क्लीयरेंस सर्टिफिकेट की प्रस्तुत के संबंध में स्पष्टीकरण की मांग विभिन्न हलकों से कई संदर्भ प्राप्त करना जारी रखा.

(3)यह एतद्द्वारा ठेकेदारों अब आयकर विभाग से प्राप्त आय कर क्लीयरेंस सर्टिफिकेट की जरूरत थी और निविदाएं प्रस्तुत करने या वाणिज्यिक अनुबंध प्राप्त है, जबकि इस तरह के प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है नहीं कर रहे हैं कि स्पष्ट किया जाता है.

(4)इसके अलावा, यह भी आयकर क्लीयरेंस सर्टिफिकेट भी ऐसे पंजीकरण या ठेकेदारों के पंजीकरण के नवीकरण, आयात / निर्यात लाइसेंस के नवीकरण, डाक लाइसेंस के नवीकरण और शिपिंग लाइसेंस के नवीकरण के रूप में किसी भी अन्य प्रयोजनों के लिए जरूरी नहीं होगा कि स्पष्ट किया जाता है.

प्र.5. हालांकि, ऐसे सभी व्यक्तियों को उनके निविदा या अन्य संबंधित दस्तावेजों में उनके स्थायी खाता नंबर का उल्लेख होगा.

प्र.6. यह आयकर विभाग का उल्लेख ऊपर या इसी तरह के प्रयोजनों में से किसी के लिए किसी भी आयकर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं करेगा दोहराया कि है.

प्र.7.        पहले इस संबंध में जारी किए गए सभी परिपत्र वापस लिया जा सकेगा.

एनएन