तब क्या किया जाए जब वास्तविक टीडीएस तथा फार्म 26 क में क्रेडिट टीडीएस में अंतर हो?
विषय
आयकर विवरणी दाखिल करने पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तर
हर एक व्यक्ति उसकी आय के स्रोत पर कर की कटौती का ब्यौरा आयकर विभाग को देता है। इस विवरण में कर दाता का नाम, करदाता का स्थाई खाता संख्या, काटे गए कर की राशि, करदाता को किया गया भुगतान, टीडीएस के सरकार द्वारा क्रेडिट करने की भुगतान तिथि आदि शामिल होते हैं। कर दाता के द्वारा प्रस्तुत किये गए टीडीएस विवरण के आधार पर आयकर विभाग करदाता के फार्म 26 कध को अपडेट करता रहता है।
कई बार टीडीएस की वास्तविक राशि तथा फार्म 26 कध में दर्शाई गई टीडीएस क्रेडिट की राशि में अंतर होता है तथा यह भी हो सकता है कि फार्म 26 कध में दर्शाया जा रहा टीडीएस क्रेडिट वास्तविक टीडीएस से कम हो, यह कर दाता द्वारा आयकर विभाग को टीडीएस का विवरण नहीं देने ,या गलत स्थाई खाता संख्या से कर की कटौती आदि के कारण भी हो सकता है। ऐसे मामलों में करदाता को कर काटने वाले से मिलना चाहिए तथा उनसे इस विसंगति को दूरकरने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह करना चाहिए।
आयकर विभाग कटौती किए जाने वाले व्यक्ति के द्वारा उपलब्ध करवाई गई जानकारी के अनुसार टीडीएस विवरण को अपडेट करता है। (अर्थात् करदाता) इसलिए,यदि करदाता की ओर से कोई त्रुटि हो जाती है जैसे टीडीएस विवरण (उदा, टीडीएस रिटर्न) आयकर विभाग को उपलब्ध नहीं करवाना, किस गलत खाते से टैक्स की कटौती आदि तो फिर फार्म 26 कध सही टीडीएस नहीं दर्शाएगा। ऐसे मामलों में करदाता सही के्रडिट कर का दावा नहीं कर पाएगा। इसलिए करदाता को यह सलाह दी जाती है कि फार्म 26 एएस में दर्शाइ गई कर क्रेडिट की पुष्टि कर लें। और यदि कोई अंतर होता है तो उसको ठीक कर लें।

