आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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यदि एक कटौतीकर्ता टीडीएस की कटौती करने में विफल रहता है या कटौती करने के बाद अगर वो उसे सरकारी खाते में जमा करने से चूक जाता है तो उसे किन परिणामों का सामना करना होगा?

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स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

etds-answer

​​​​​​​​कटौतीकर्ता निम्नलिखित परिणामों का सामना करेगा यदि वह कटौती करने में विफल हो जाता है या कटौती करने के बाद केन्द्रीय सरकार के जमा खाते में जमा करने से चूक जाता है:-

क) व्यय की पाबंदी

आयकर अधिनियम के धारा 40(क)(i) के अनुसार, भारत के बाहर या एक अनिवासी को देय कोर्इ भी राशि (वेतन के अलावा), जो कि भारत में प्राप्तकर्ता के हाथों में कर के दायरे में है, को कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी यदि उसका भुगतान स्रोत पर कर की कटौती के बिना किया है या अगर कर की कटौती की जाती है, लेकिन रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख तक केंद्र सरकार के पास जमा नहीं किया गया है।

हालांकि, यदि कर बाद के वर्ष में काट लिया या जमा किया गया है, यथास्थिति, तो उस वर्ष की कटौती के रूप में व्यय की अनुमति दी जाएगी।

इसी प्रकार, धारा 40 (क)(झक) के अनुसार किसी निवासी को देय कोर्इ भी राशि, जो कि, स्रोत पर कर की कटौती के अधीन है, 30% पाबंदी को आकर्षित करेगी यदि उसका भुगतान स्रोत पर कर की कटौती के बिना किया गया है या कर-कटौती की जाती है लेकिन रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख तक केंद्र सरकार के पास जमा नहीं किया गया है।

हालांकि, जहां किसी भी तरह की रकम के संबंध में, कर-कटौती की जाती है या बाद के वर्ष में जमा किया जाता है, यथास्थिति, जिस व्यय को अस्वीकृत किया गया था, उसे उसी वर्ष में कटौती के रूप में अनुमति दी जाएगी।

ख) ब्याज उद्ग्रहण

आयकर अधिनियम के धारा 201 के अ​नुसार, यदि कटौतीकर्ता स्रोत पर कर-कटौती करने में विफल रहता है या अगर कटौती करने के बाद इसे सरकार के खाते में जमा करने में विफल रहता है तो उसे दोषपूर्ण निर्धारिती समझा जाएगा और वह निम्नानुसार साधारण ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा:-

(i)  हर माह या माह के भाग के लिए एक प्रतिशत की दर से ऐसे कर की राशि उस तारीख जिस दिन इस तरह के कर की राशि कटौती-योग्य थी से लेकर उस तारीख तक जिस दिन ऐसे कर की कटौती की गर्इ; और

(ii) हर माह या माह के भाग के लिए डेढ़ प्रतिशत की दर से ऐसे कर की राशि उस तारीख जिस दिन इस तरह के कर की राशि कटौती-योग्य थी से लेकर उस तारीख तक जिस दिन दरअसल ऐसे कर की कटौती की गर्इ।

ग) जुर्माना लगाना

कटौती या भुगतान न किए गए कर के बराबर की राशि का जुर्माना धारा 271ग​ के तहत लगाया जा सकता है।