कर दाताओं के मन में चल रहे एक बहुत ही सामान्य और बारम्बार सवाल उपहारों की कर देयता है। इस भाग में, आप एक व्यक्ति या एक हिन्दू अविभाजित परिवार एच यू एफ) द्वारा प्राप्त उपहार अर्थात् एक व्यक्ति या एक एच यू एफ द्वारा बिना प्रतिफल के प्राप्त धनराशि या परिसंम्पत्ति या अपर्याप्त प्रतिफल के लिये अधिग्रहित की गयी सम्पत्ति के एक मामले में कर देयता से सम्बन्धित विभिन्न प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अस्वीकरण:

इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।

 

जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें।

 

 

“इस दस्तावेज़ में वित्त अधिनियम, 2026 द्वारा संशोधित आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधान शामिल हैं।”

 

 

 

व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त उपहारों का कर उपचार

 

करदाताओं के दिमाग में उपहारों के कराधान को लेकर एक अति सामान्य तथा अक्सर पूछे जाने वाला प्रश्न दौड़ता रहता है। इस भाग में आप व्यक्ति अथवा हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) द्वारा प्राप्त उपहार से संबंधित विभाग प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे अर्थात् बिना विचार-विमर्श किए व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त राशि अथवा संपत्ति की कुल राशि अथवा एक स्थिति जिसमें संपत्ति का अधिग्रहण अपर्याप्त विचार-विमर्श के किया जाए

कराधान की दृष्टि से उपहार निम्नानुसार वर्गीकृत किए जा सकते है

1. बिना विचार-विमर्श किए प्राप्त पैसे की कोई राशि, इसे "मौद्रिक उपहार" के तौर पर समझा जा सकता है

2. बिना विचार-विमर्श किए प्राप्त निर्दिष्ट चल संपत्ति, इसे "चल संपत्ति के उपहार" के तौर पर समझा जा सकता है

3. कम पैसे (अर्थात् अपर्याप्त विचार-विमर्श हेतु) पर प्राप्त निर्दिष्ट चल संपत्ति, इसे "उचित बाजार मूल्य से कम पर प्राप्त चल संपत्ति" के तौर पर समझा जा सकता है

4. बिना विचार-विमर्श किए प्राप्त अचल संपत्ति, इसे "अचल संपत्ति के उपहार" के तौर पर समझा जा सकता है

5. कम पैसे (अर्थात् अपर्याप्त विचार-विमर्श हेतु) पर धारित अचल संपत्ति, इसे इसकी "स्टांप ड्यूटी राशि से कम पर प्राप्त अचल संपत्ति" के तौर पर समझा जा सकता है

व्यक्ति अथवा हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) द्वारा प्राप्त मौद्रिक उपहार का कर उपचार

यदि निम्न शर्तें संतुष्ट की जाती है तो व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा विचार-विमर्श (अर्थात् मौद्रिक उपहार नगद, चेक, ड्राफ्ट आदि के रूप में प्राप्त किया हो) के बिना प्राप्त पैसे की कोई राशि कर हेतु देययोग्य होगी

• बिना विचार-विमर्श के प्राप्त राशि

• वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसी राशि की कुल राशि रू. 50,000 से अधिक हो

हालांकि उपहार से संबंधित प्रावधान प्रत्येक व्यक्ति के मामले में लागू होते हैं लेकिन यह सूचित किया गया है कि एक अनिवासी को एक निवासी व्यक्ति द्वारा उपहार भारत में गैर-करयोग्य होने के तौर पर दावा किया जाता है चूंकि आय भारत में प्राप्त या अर्जित नहीं हुई। यह सुनिश्चित करने के लिए कि एक अनिवासी व्यक्ति को निवासी व्यक्ति द्वारा ऐसे उपहार भारत में कर का विषय है, वित्त (सं.2) अधिनियम, 2019 को यह बताने के लिए आयकर अधिनियम की धारा 9 के अंतर्गत वाक्यांश (viii) के अंतर्गत नए वाक्यांश को शामिल किया जा चुका है कि एक अनिवासी को या एक विदेशी को भारत में निवासित एक व्यक्ति द्वारा 05/07/2019 को या उसके बाद बिना प्रतिफल के दी गई राशि के तौर पर भारत के बाहर प्राप्त किसी आय को भारत में प्राप्त या अर्जित समझा जाएगा।

बिना विचार-विमर्श किए प्राप्त राशि अर्थात् व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त मौद्रिक उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं है

निम्नलिखित मामलों में व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त मौद्रिक उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा

1) संबंधितों से प्राप्त राशि

इस उद्देश्य हेतु संबंधित का अर्थ है

i व्यक्ति की स्थिति में

क. व्यक्ति का जीवनसाथी

ख. व्यक्ति का भाई अथवा बहन

ग. व्यक्ति के जीवनसाथी का भाई अथवा बहन

घ. व्यक्ति के माता-पिता के भाई अथवा बहन

ड. व्यक्ति का कोई नजदीकी आरोहत अथवा वंशज

च. व्यक्ति के जीवन साथी का कोई नजदीकी आरोहत अथवा वंशज

छ. (ख) से (च) में संदर्भित व्यक्ति का जीवनसाथी

ii एचयूएफ की स्थिति में, उसका कोई सदस्य

2) व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त राशि

3) पैतृक धन के रूप में/वसीयत के अंतर्गत प्राप्त राशि

4) अदाकर्त्ता अथवा दानकर्त्ता की मृत्यु के अवलोकन में प्राप्त राशि

5) स्थानीय प्राधिकरण से प्राप्त राशि (आयकर अधिनियम की धारा 10(20) के विस्तृतीकरण में परिभाषितानुसार)

6) धारा 10(23ग) में संदर्भितानुसार किसी न्यास अथवा संस्थान, अन्य किसी चिकित्सा संस्थान अथवा अस्पताल, कोई कोष, संस्था, विश्वविद्यालय, अन्य शैक्षिक संस्थान द्वारा प्राप्त राशि

7) धारा 12कक/धारा 12कख के अंतर्गत पंजीकृत न्यास अथवा संस्थान द्वारा प्राप्त राशि

8) धारा 47 के वाक्यांश (viघ) अथवा वाक्यांश (vii) के अंतर्गत कंपनी के डिमर्जर अथवा समामेलन के परिणामस्वरूप प्राप्त शेयर

9) किसी फंड/न्यास/विश्वविद्यालय/अन्य शैक्षणिक संस्थान/संस्थान/अस्पताल/अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा प्राप्त राशि जिसे धारा 10(23ग)(iv)/(v)/(vi)/(viक) में संदर्भित किया गया है (लागू यदि संपत्ति 1 अप्रैल 2017 को या उसके बाद प्राप्त होती है)

10) व्यक्ति के रिश्तेदार के लाभ के लिए ही बनाए गए या स्थापित किए गए न्यास द्वारा यक्ति की ओर से प्राप्त राशि

व्यक्ति की शादी केवल वह अवसर है जब उसके द्वारा प्राप्त मौद्रिक उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा

व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होता। शादी के अलावा कोई अन्य अवसर नहीं है जब व्यक्ति द्वारा प्राप्त मौद्रिक उपहार कर हेतु वसूलनीय न हो। इसलिए जन्मदिवस, वर्षगांठ आदि जैसे अवसरों पर प्राप्त मौद्रिक उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होंगे।

मित्रों से प्राप्त मौद्रिक उपहार पर करदेयता

संबंधितों से प्राप्त उपहार कर ('संबंधितों' का अर्थ की चर्चा पहले की गई है) हेतु वसूलनीय नहीं होते है। मित्र उक्त सूची में परिभाषितानुसार 'संबंधित' नहीं है तथा इसलिए मित्रों से प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय होंगे (यदि कराधान उपहार के अन्य मापदंड संतुष्ट होते हैं)

विदेश से प्राप्त मौद्रिक उपहार

व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वार वर्ष के दौरान प्राप्त मौद्रिक उपहार की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक होती है तथा उपहार पूर्व भाग में चर्चित छूट के अंतर्गत नहीं आते तो भारत अथवा विदेश से प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय होंगे

एक बार वर्ष के दौरान प्राप्त उपहारों की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक हो तो सभी उपहार कर हेतु वसूलनीय होंगे

व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा विचार-विमर्श के बिना प्राप्त राशि कर हेतु वसूलनीय होगी यदि वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसी राशि की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक हो

इस संबंध में महत्वपूर्ण बिंदु "वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसी राशि की कुल कीमत" का ध्यान रखना चाहिए। उपहार की करदेयता वर्ष के दौरान प्राप्त उपहार की कुल कीमत के आधार पर निर्धारित होती है नाकि व्यक्ति के उपहार के आधार पर। इसलिए वर्ष के दौरान प्राप्त उपहार की कुल कीमत रू. 50,000 कर हेतु वसूलनीय होगी (अर्थात् उपहार की कुल राशि रू. 50,000 होगी ना कि अतिरिक्त राशि)

उदाहरण

श्री कुमार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निम्नलिखित उपहार प्राप्त किए

• कनाडा में रहने वाले उसके मित्र से प्राप्त रू. 1,84,000

• दिल्ली में रहने वाले उनके बड़े भाई से प्राप्त रू. 25,200

• दिल्ली में रहने वाले उनके मित्र से प्राप्त रू. 84,000 (श्री कुमार के जन्मदिवस के अवसर पर प्राप्त)

श्री कुमार के हाथों में उक्त मदों का कर उपचार क्या होगा

**

व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा बिना विचार-विमर्श (अर्थात् उपहार) के रिश्तेदारों (रिश्तेदारों का अर्थ पर पहले ही चर्चा की जा चुकी है) को छोड़कर किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त तथा निर्धारित अवसर (पूर्व चर्चितानुसार) को छोड़कर प्राप्त राशि की कीमत कर हेतु वसूलनीय है यदि वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसे उपहार की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक हो। इन प्रावधानों पर विचार-विमर्श करते हुए श्री कुमार के हाथों में उपहारों का उपचार निम्नानुसार होगा

• उनके मित्र द्वारा प्राप्त रू. 1,84,000 पूर्ण रूप से करयोग्य होगा क्योंकि मित्र 'संबंधित की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आते है'

• बड़े भाई से प्राप्त रू. 25,200 कर हेतु वसूलनीय नहीं होगें क्योंकि बड़ा भाई 'संबंधित' की परिभाषा के अंतर्गत आता है

• जन्मदिवस निर्धारित अवसर की सूची में नहीं आता जिसपर उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा, इसलिए जन्मदिवस के अवसर पर प्राप्त रू. 84,000 पूर्ण रूप से करयोग्य होगा

उदाहरण

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, श्री राजा ने अपने मित्रों से निम्नलिखित उपहार प्राप्त किए

• 1-5-2025 पर रू. 25,000

• 20-12-2025 को रू. 18,000

उक्त उपहारों का कर उपचार क्या होगा

**

व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा बिना विचार-विमर्श (अर्थात् उपहार) के रिश्तेदारों (रिश्तेदारों का अर्थ पर पहले ही चर्चा की जा चुकी है) को छोड़कर किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त तथा निर्धारित अवसर (पूर्व चर्चितानुसार) को छोड़कर प्राप्त राशि की कीमत कर हेतु वसूलनीय है यदि वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसे उपहार की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक हो।

मित्र रिश्तेदारों की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आते। आगे, जन्मदिवस निर्धारित अवसर की सूची में नहीं आता जिसपर उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा, इसलिए मित्रों द्वारा प्राप्त उपहार करयोग्य होगा। हालांकि कर हेतु कुछ भी वसूलनीय नहीं होगा यदि वर्ष के दौरान प्राप्त उपहार की कुल कीमत रू. 50, 000 से अधिक नहीं होती है

वर्ष के दौरान श्री राजा द्वारा प्राप्त उपहार की कुल कीमत रू. 43,000 (रू. 25,000 + रू. 18,000) है जोकि रू. 50,000 से कम है इसलिए श्री राजा के हाथों में कर हेतु कुछ भी वसूलनीय नहीं होगा

मान लीजिए यदि दिए गए मामले में दूसरे उपहार की राशि रू. 18,000 के स्थान पर रू. 28,000 होती है तो उपहार की कुल कीमत रू. 53,000 (रू. 25,000 + रू. 28,000) होगी। इस मामले में रू. 53,000 की पूरी राशि श्री राजा के हाथ में कर हेतु वसूलनीय होगी

व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा उपहार के तौर पर प्राप्त अचल संपत्ति का कर उपचार

यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा विचार-विमर्श के बिना प्राप्त अचल संपत्ति कर हेतु वसूलनीय होगी

1) व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति, भूमि अथवा भवन अथवा दोनों के रूप में

2) अचल संपत्ति ऐसे व्यक्ति अथवा एचयूएफ के लिए धारा 2(14) के अर्थ के अंतर्गत निहित एक पूंजीगत परिसंपत्ति है।

3) बिना विचार-विमर्श के प्राप्त ऐसी अचल संपत्ति की स्टांप ड्यूटी की कीमत रू. 50,000 से अधिक है

जब विचार-विमर्श (अर्थात् उपहार के रूप में) के बिना व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति कर हेतु वसूलनीय नहीं होती

निम्नलिखित मामले में अचल संपत्ति का उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा

1) रिश्तेदारों से प्राप्त संपत्ति

इस उद्देश्य के लिए रिश्तेदार का अर्थ :

i व्यक्ति की स्थिति में

क व्यक्ति का जीवनसाथी

ख. व्यक्ति का भाई अथवा बहन

ग. व्यक्ति के जीवनसाथी का भाई अथवा बहन

घ. व्यक्ति के माता-पिता के भाई अथवा बहन

ड. व्यक्ति का कोई नजदीकी आरोहत अथवा वंशज

च. व्यक्ति के जीवन साथी का कोई नजदीकी आरोहत अथवा वंशज

छ. (ख) से (च) में संदर्भित व्यक्ति का जीवनसाथी

ii एचयूएफ की स्थिति में, उसका कोई सदस्य

2) व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त संपत्ति

3) पैतृक धन के रूप में/वसीयत के अंतर्गत प्राप्त संपत्ति

4) अदाकर्त्ता अथवा दानकर्त्ता की मृत्यु के अवलोकन में प्राप्त संपत्ति

5) स्थानीय प्राधिकरण से प्राप्त संपत्ति (आयकर अधिनियम की धारा 10(20) के विस्तृतीकरण में परिभाषितानुसार)

6) धारा 10(23ग) में संदर्भितानुसार किसी न्यास अथवा संस्थान, अन्य किसी चिकित्सा संस्थान अथवा अस्पताल, कोई कोष, संस्था, विश्वविद्यालय, अन्य शैक्षिक संस्थान द्वारा प्राप्त संपत्ति. [प्रभावी निर्धारण वर्ष 2023-24 से, यह छूट उपलब्ध नही होगी यदि कुल राशि धारा 13(3) में संदर्भित एक निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा प्राप्त होती है]

7) धारा 12कक/धारा 12कख के अंतर्गत पंजीकृत न्यास अथवा संस्थान द्वारा प्राप्त संपत्ति. [प्रभावी निर्धारण वर्ष 2023-24 से, यह छूट उपलब्ध नही होगी यदि कुल राशि धारा 13(3) में संदर्भित एक निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा प्राप्त होती है]

8) किसी फंड/न्यास/विश्वविद्यालय/अन्य शैक्षणिक संस्थान/संस्थान/अस्पताल/अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा प्राप्त राशि जिसे धारा 10(23ग)(iv)/(v)/(vi)/(viक) में संदर्भित किया गया है (लागू यदि संपत्ति 1 अप्रैल 2017 को या उसके बाद प्राप्त होती है)

9) लेनदेन के रूप में प्राप्त संपत्ति जो धारा 47 के वाक्यांश (viiकग)/(viiकघ)/(viiकङ)/(vii कच) के अंतर्गत स्थानांतरण से संबंधित न हो

10) व्यक्ति के रिश्तेदार के लाभ के लिए ही बनाए गए या स्थापित किए गए न्यास द्वारा यक्ति की ओर से प्राप्त संपत्ति

व्यक्ति की शादी केवल वह अवसर है जब उसके द्वारा प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा

केवल व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त उपहार (अर्थात् विचार-विमर्श के बिना प्राप्त अचल संपत्ति) कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा। शादी के अलावा अन्य कोई अवसर नहीं है जब व्यक्ति द्वारा प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय न हो। इसलिए जन्मदिवस, वर्षगांठ आदि जैसे अवसरों पर प्राप्त अचल संपत्ति किसी विचार-विमर्श के बिना कर हेतु वसूलनीय होगी।

बिना विचार-विमर्श प्राप्त अचल संपत्ति की करदेयता अर्थात् मित्रों से प्राप्त मौद्रिक उपहार का कराधान

संबंधितों द्वारा प्राप्त उपहार (अर्थात् बिना विचार-विमर्श प्राप्त अचल संपत्ति) कर ('संबंधितों' के अर्थ की चर्चा पहले की गई हैं) हेतु वसूलनीय नही होते हैं। मित्र उक्त सूची में परिभाषितानुसार 'संबंधित' नहीं हैं तथा इसलिए मित्रों द्वारा प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय होंगे (यदि कराधान उपहार के अन्य मापदंड संतुष्ट होते है)

विदेश में स्थित अचल संपत्ति के उपहार का कर उपचार

यदि पहले भाग (अचल संपत्ति के उपहार के करदेयता से संबंधित) में चर्चित शर्तें पूरी की जाती है तो अचल संपत्ति का उपहार कर हेतु वसूलनीय होगा चाहे संपत्ति भारत अथवा विदेश में स्थित हो

उदाहरण

एक व्यक्ति अपने मित्र से एक फ्लैट उपहार में प्राप्त करता है। फ्लैट की स्टांप ड्यूटी कीमत रू. 84,000 है। इस स्थिति में क्या उपहार में दी गई संपत्ति की कुल राशि कर हेतु वसूलनीय होगी अथवा केवल रू. 50,000 से अधिक की राशि कर हेतु वसूलनीय होगी

**

यदि पहले भाग (अचल संपत्ति के उपहार के करदेयता से संबंधित) में चर्चित शर्तें संतुष्ट की जाती है तो विचार-विमर्श अर्थात् उपहार के तौर पर प्राप्त, के बिना प्राप्त अचल संपत्ति की पूरी स्टांप ड्यूटी की कीमत कर हेतु वसूलनीय होगी। एक बार करदेयता लागू हो अर्थात् उपहार के तौर पर प्राप्त संपत्ति की स्टांप ड्यूटी की कीमत रू. 50,000 से अधिक हो तो संपत्ति की संपूर्ण स्टांप ड्यूटी की कीमत कर हेतु वसूलनीय होगी। इसलिए इस मामले में संपत्ति की संपूर्ण स्टांप ड्यूटी कीमत अर्थात् रू. 84,000 कर हेतु वसूलनीय होगी

उदाहरण

1-5-2025 को श्री कुमार अपने मित्र श्री राजा को घर उपहार में देते है। भवन की बाजार में कीमत रू. 8,40,000 थी तथा स्टांप ड्यूटी को वसूलने के लिए प्राधिकृत स्टांप वैल्यूऐशन द्वारा अपनाई गई राशि रू. 9,00,000 थी। श्री राजा को इस मामले में कर उपचार से संबंधित सलाह दें

**

यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति कर हेतु वसूलनीय होगी

1) व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति, भूमि अथवा भवन अथवा दोनों के रूप में

2) अचल संपत्ति ऐसे व्यक्ति अथवा एचयूएफ के लिए धारा 2(14) के अर्थ के अंतर्गत निहित एक 'पूंजीगत परिसंपत्ति' है।

3) बिना विचार-विमर्श के प्राप्त ऐसी अचल संपत्ति की स्टांप ड्यूटी की कीमत रू. 50,000 से अधिक है

उक्त प्रावधान रिश्तेदारों से प्राप्त अचल संपत्ति तथा कुछ निर्दिष्ट अवसरों पर प्राप्त अचल संपत्ति के मामले में लागू नहीं है

इन मामलों में संपत्ति श्री राजा के लिए पूंजीगत परिसंपत्ति हैं संपत्ति उसके मित्र (मित्र रिश्तेदार की परिभाषा के अंतर्गत नही आता) द्वारा प्राप्त की गई हैं, संपत्ति किसी निर्दिष्ट अवसर पर प्राप्त नही की गई हैं तथा संपत्ति की स्टांप ड्यूटी कीमत रू. 50,000 से अधिक हैं। अन्य शब्दों में सभी शर्ते उपहार के कर हेतु आपेक्षित सभी शर्ते पूरी है कर तथा इसलिए संपत्ति की स्टांप ड्यूटी कीमत अर्थात् रू. 9,00,000 श्री राजा के हाथों कर हेतु वसूलनीय होगी। यह "अन्य स्त्रोतों से आय" शीर्षक के तहत कर हेतु वसूली जाएगी

कराधान जहां अचल संपत्ति के मामले में इसकी स्टांप ड्यूटी की कीमत से कम प्राप्त होती है

विचार-विमर्श के बिना प्राप्त अचल संपत्ति के कराधान को छोड़कर अर्थात् उपहार के तौर पर प्राप्त, आयकर अधिनियम इसकी स्टांप ड्यूटी से कम प्राप्त अचल संपत्ति कराधान के लिए प्रावधान भी बनाए गए है। यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो इसकी स्टांप ड्यूटी कीमत से कम के लिए व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति कर हेतु वसूलनीय होगी

1) कोई अचल संपत्ति व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा धारित की जाती है

2) अचल संपत्ति ऐसे व्यक्ति अथवा एचयूएफ के लिए अधिनियम की धारा 2(14) के अर्थ के अंतर्गत निहित एक 'पूंजीगत परिसंपत्ति' है।

3) ऐसी संपत्ति विचार-विमर्श के लिए अधिग्रहित की जाती हैं लेकिन विचार-विमर्श स्टांप ड्यूटी से कम होता हैं तथा अंतर रू. 50,000 से अधिक हो

टिप्पणी : वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा प्रभावी निर्धारण वर्ष 2021-22 से सुरक्षित बंदरगारह सीमा को 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है।

पहचान विहिन अभियोजन

अभियोजन की मंजूरी देने या उल्लंघनों को तय करने के लिए वृहद कुशलता, पारदर्शिता और जवाबदेही देने के लिए, केंद्र सरकार निम्न को करते हुए योजना बना सकती है :

क) तकनीकी रूप से व्यवहार्य सीमा तक अपीलार्थी कार्यवाही के दौरान अपील हेतु अपीलार्थी न्यायधिकरण और पार्टियों के बीच इंटरफेस को समाप्त करने के लिए

ख) बड़े पैमाने पर किफायत के माध्यम से संसाधनों का अनुकूल प्रयोग और कार्यात्मक विशेषज्ञता

ग) क्रियाशील क्षेत्राधिकार के साथ उल्लंघन के विरूद्ध या उसे तय करने के लिए एक टीम आधारित रोक की प्रस्तावना

केंद्र सरकार योजना को प्रभावी बनाने के लिए निर्देश देने के लिए आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना जारी कर सकती है कि इस

अधिनियम का कोई भी प्रावधान लागू नही होगा या ऐसी छूट, संशोधन और रूपांतरों के साथ लागू होगा जिसे अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है।

ऐसे निर्देशों को 31 मार्च, 2023 को या उससे पहले जारी किया जाएगा। आगे, जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना, जिसे अधिसूचना के बाद जारी किया जा सकता है, उसे संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष पटल पर रखा जाएगा।

उक्त मामले में संपत्ति का क्रय मूल्य पर स्टांप ड्यूटी का अतिरिक्त को खरीददार की आय के तौर पर समझा जाएगा

जब व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति इसकी स्टांप ड्यूटी से कम होती है तो कर हेतु वसूलनीय नहीं होगी

1) निम्नलिखित मामले में इसकी स्टांप ड्यूटी कीमत से कम प्राप्त अचल संपत्ति के मामले में कुछ भी कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा : रिश्तेदारों द्वारा प्राप्त संपत्ति

इस उद्देश्य के लिए रिश्तेदार का अर्थ :

i व्यक्ति की स्थिति में

क. व्यक्ति का जीवनसाथी

ख. व्यक्ति का भाई अथवा बहन

ग. व्यक्ति के जीवनसाथी का भाई अथवा बहन

घ. व्यक्ति के माता-पिता के भाई अथवा बहन

ड. व्यक्ति का कोई नजदीकी आरोहत अथवा वंशज

च. व्यक्ति के जीवन साथी का कोई नजदीकी आरोहत अथवा वंशज

छ. (ख) से (च) में संदर्भित व्यक्ति का जीवनसाथी

ii एचयूएफ की स्थिति में, उसका कोई सदस्य

2) व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त संपत्ति

3) पैतृक धन के रूप में/वसीयत के अंतर्गत प्राप्त संपत्ति

4) अदाकर्त्ता अथवा दानकर्त्ता की मृत्यु के अवलोकन में प्राप्त संपत्ति

5) स्थानीय प्राधिकरण से प्राप्त संपत्ति (आयकर अधिनियम की धारा 10(20) के विस्तृतीकरण में परिभाषितानुसार)

6) धारा 10(23ग) में संदर्भितानुसार किसी न्यास अथवा संस्थान, अन्य किसी चिकित्सा संस्थान अथवा अस्पताल, कोई कोष, बुनियाद, विश्वविद्यालय, अन्य शैक्षिक संस्थान से प्राप्त संपत्ति [प्रभावी निर्धारण वर्ष 2023-24 से, यह छूट उपलब्ध नही होगी यदि संपत्ति धारा 13(3) में संदर्भित एक निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा प्राप्त होती है]

7) धारा 12कक/धारा 12कख के अंतर्गत पंजीकृत न्यास अथवा संस्थान से प्राप्त संपत्ति [प्रभावी निर्धारण वर्ष 2023-24 से, यह छूट उपलब्ध नही होगी यदि संपत्ति धारा 13(3) में संदर्भित एक निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा प्राप्त होती है]

उदाहरण

01-04-2025 को श्री राजा (एक वेतनभोगी कर्मचारी) ने रू. 25,20,000 के लिए श्री कुमार से भवन खरीदा। स्टांप ड्यूटी प्राधिकरण द्वारा धारित भवन की राशि को वसूलने के लिए स्टांप ड्यूटी वैल्यूऐशन द्वारा अपनाई गई राशि रू. 28,00,000 थी। श्री राजा को इस मामले में कर उपचार से संबंधित सलाद दें

**

यदि एक व्यक्ति एक पूंजी परिसंपत्ति खरीदता है, एक अचल संपत्ति के तौर पर, और ऐसी संपत्ति की स्टांप ड्यूटी राशि वास्तविक प्रतिफल से रू. 50,000 अधिक और वास्तविक प्रतिफल का 10 प्रतिशत होती है तो खरीद मूल् पर अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी को खरीददार के हाथों कर हेतु वसूला जाएगा।

तत्काल मामले में, श्री कुमार के लिए बिल्डिंग एक पूंजी परिसंपत्ति है। बिल्डिंग की स्टांप ड्यूटी राशि वास्तविक प्रतिफल से रू. 2,80,000 अधिक है जो रू. 50,000 से अधिक और रू. 25,20,000 के वास्तविक प्रतिफल के 10 प्रतिशत से अधिक है यानी रू. 2,52,000। इसलिए, उक्त चर्चित प्रावधान लागू होंगे और रू. 2,80,000 (रू. 28,00,000 घटा रू. 25,20,000) की अंतरात्मक राशि को श्री कुमार की आय के तौर पर समझा जाएगा

उदाहरण

01-04-2025 को श्री कुमार (एक वेतनभोगी कर्मचारी) ने रू. 25,40,000 के लिए श्री विपुल से भवन खरीदा। स्टांप ड्यूटी वसूलने के लिए स्टांप मूल्यांकन प्राधिकरण द्वारा धारित भवन की राशि रू. 25,50,000 थी। श्री कुमार को इस मामले में कर उपचार से संबंधित सलाद दें

**

यदि एक व्यक्ति एक पूंजी परिसंपत्ति खरीदता है, एक अचल संपत्ति के तौर पर, और ऐसी संपत्ति की स्टांप ड्यूटी राशि वास्तविक प्रतिफल से रू. 50,000 अधिक और वास्तविक प्रतिफल का 10 प्रतिशत होती है तो खरीद मूल् पर अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी को खरीददार के हाथों कर हेतु वसूला जाएगा।

तत्काल मामले में, श्री कुमार के लिए बिल्डिंग एक पूंजी परिसंपत्ति है। हालांकि बिल्डिंग की स्टांप ड्यूटी राशि वास्तविक प्रतिफल से रू. 10, 000 अधिक है लेकिन 50,000 से कम है जो रू. 25,40,000 के वास्तविक प्रतिफल के 10 प्रतिशत से कम है यानी रू. 2,54,000। इसलिए, उक्त चर्चित प्रावधान लागू नहीं होंगे और रू. 10,000 (रू. 25,50,000 घटा रू. 25,40,000) की अंतरात्मक राशि को श्री कुमार की आय के तौर पर नहीं समझा जाएगा।

व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा उपहार के तौर पर प्राप्त चल संपत्ति का कर उपचार

यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति (बाद के भाग में अर्थ की चर्चा की गई) की राशि कर हेतु वसूलनीय होगी

1) निर्धारित चल संपत्ति बिना विचार-विमर्श (अर्थात् उपहार के तौर पर प्राप्त) के प्राप्त होती है

2) वर्ष के दौरान करदाता द्वारा प्राप्त ऐसी संपत्ति की कुल उचित बाजार कीमत रू. 50,000 ये अधिक हो

उक्त मामले में निर्धारित चल संपत्ति की उचित बाजार कीमत प्राप्तकर्ता की आय के तौर पर समझी जाएगी

निर्धारित चल सपंत्ति अर्थात् शेयर/प्रतिभूति, आभूषण, पुरातात्विक संग्रहण, रेखांकन, चित्रकला, मूर्तिकला अथवा कला तथा बुलियन संबंधी कोई कार्य, करदाता की पूंजीगत परिसंपत्ति के तौर पर और जिसमें वर्चुयल डिजिटल परिसंपत्ति (वीडीए) शामिल है।

उक्त परिभाषाओं पर विचार करते हुए कुछ भी उक्त परिभाषा के अंर्तगत आने वाली मद को छोड़कर चल संपत्ति के तौर पर किसी मद के उपहार के संबंध में कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा अर्थात उपहार के तौर पर प्राप्त टेलीविजन सेट, के संबंध में कर हेतु कुछ भी वसूलनीय नहीं होगा क्योंकि टेलीविजन सेट निर्धारित चल संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता

जब निर्धारित चल संपत्ति बिना विचार-विमर्श के प्राप्त की जाती है अर्थात् व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा उपहार के तौर पर प्राप्त की जाती है तो कर हेतु वसूलनीय नहीं होते

निम्नलिखित मामले में बिना विचार-विमर्श के प्राप्त चल संपत्ति के मामले में कुछ भी कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा :

1) रिश्तेदारों द्वारा प्राप्त चल संपत्ति

इस उद्देश्य के लिए रिश्तेदार का अर्थ :

i व्यक्ति की स्थिति में

क. व्यक्ति का जीवनसाथी

ख. व्यक्ति का भाई अथवा बहन

ग. व्यक्ति के जीवनसाथी का भाई अथवा बहन

घ. व्यक्ति के माता-पिता के भाई अथवा बहन

ड. व्यक्ति का कोई नजदीकी आरोहत अथवा वंशज

च. व्यक्ति के जीवन साथी का कोई नजदीकी आरोहत अथवा वंशज

छ. (ख) से (च) में संदर्भित व्यक्ति का जीवनसाथी

ii एचयूएफ की स्थिति में, उसका कोई सदस्य

2) व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त चल संपत्ति

3) पैतृक धन के रूप में/वसीयत के अंतर्गत चल संपत्ति

4) अदाकर्त्ता अथवा दानकर्त्ता की मृत्यु के अवलोकन में चल संपत्ति

5) स्थानीय प्राधिकरण से प्राप्त चल संपत्ति (आयकर अधिनियम की धारा 10(20) के विस्तृतीकरण में परिभाषितानुसार)

6) धारा 10(23ग) में संदर्भितानुसार किसी न्यास अथवा संस्थान, अन्य किसी चिकित्सा संस्थान अथवा अस्पताल, कोई कोष, बुनियाद, विश्वविद्यालय, अन्य शैक्षिक संस्थान द्वारा प्राप्त चल संपत्ति [प्रभावी निर्धारण वर्ष 2023-24 से, यह छूट उपलब्ध नही होगी यदि संपत्ति धारा 13(3) में संदर्भित एक निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा प्राप्त होती है]

7) धारा 12कक/धारा 12कख के अंतर्गत पंजीकृत न्यास अथवा संस्थान द्वारा प्राप्त चल संपत्ति [प्रभावी निर्धारण वर्ष 2023-24 से, यह छूट उपलब्ध नही होगी यदि संपत्ति धारा 13(3) में संदर्भित एक निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा प्राप्त होती है]

8) किसी फंड/न्यास/विश्वविद्यालय/अन्य शैक्षणिक संस्थान/संस्थान/अस्पताल/अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा प्राप्त राशि जिसे धारा 10(23ग)(iv)/(v)/(vi)/(viक) में संदर्भित किया गया है (लागू यदि संपत्ति 1 अप्रैल 2017 को या उसके बाद प्राप्त होती है)

9) लेनदेन के रूप में प्राप्त संपत्ति जो धारा 47 के वाक्यांश (viiकग)/(viiकघ)/(viiकङ)/(vii कच) के अंतर्गत स्थानांतरण से संबंधित न हो

10) व्यक्ति के रिश्तेदार के लाभ के लिए ही बनाए गए या स्थापित किए गए न्यास द्वारा यक्ति की ओर से प्राप्त संपत्ति

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान श्री राजा अपने मित्रों/रिश्तेदारों से निम्नलिखित उपहार प्राप्त करते हैं

• अपने पिता से प्राप्त शेयर उपहार की तिथि पर शेयर की उचित बाजार कीमत (अर्थात् स्टॉक एक्सचेंज के अनुसार कीमत) रू. 2,84,000 थी

• अपने मित्र से प्राप्त आभूषण, आभूषण की उचित बाजार कीमत रू. 84,000 है

• अपनी शादी के अवसर पर रिश्तेदारों तथा अपने मित्रों से प्राप्त आभूषण, आभूषण की उचित बाजार कीमत रू. 2,52,000 है

• श्री राजा को उक्त उपहार के कर उपचार से संबंधित सलाह

**

यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति (पहले के भाग में अर्थ की चर्चा की गई) की राशि कर हेतु वसूलनीय होगी

1) निर्धारित चल संपत्ति बिना विचार-विमर्श (अर्थात् उपहार के तौर पर प्राप्त) के प्राप्त होती है

2) वर्ष के दौरान करदाता द्वारा प्राप्त ऐसी संपत्ति की कुल उचित बाजार कीमत रू. 50,000 ये अधिक हो

उक्त मामले में निर्धारित चल संपत्ति की उचित बाजार कीमत प्राप्तकर्ता की आय के तौर पर समझी जाएगी

उक्त प्रावधान कुछ निर्दिष्ट अवसरों पर प्राप्त अथवा रिश्तेदारों से प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति की स्थिति में लागू नहीं होंगे

उक्त प्रावधानों पर विचार-विमर्श करते हुए श्री राजा द्वारा प्राप्त विभिन्न मद का उपचार निम्नानुसार होगा :

1) अपने पिता से प्राप्त शेयरों के संबंध में कर हेतु कुछ भी वसूलनीय नहीं होगा क्योंकि पिता 'रिश्तेदारों' की परिभाषा के अंतर्गत आता है

2) मित्र रिश्तेदार की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आते तथा इसलिए अपने मित्र द्वारा प्राप्त आभूषण के संबंध में उचित बाजार मूल्य कीमत अर्थात् रू. 84,000 श्री राजा के हाथों कर हेतु वसूलनीय होगी

3) शादी निर्दिष्ट अवसरों की सूची में शामिल होगी तथा इसलिए अपने विवाह के अवसर पर अपने मित्रों तथा रिश्तेदारों से प्राप्त आभूषण के संबंध में कर हेतु कुछ भी वसूलनीय नहीं होगा

उदाहरण

एक व्यक्ति अपने मित्रों से आभूषण का उपहार प्राप्त करता है। वर्ष के दौरान अपने सभी मित्रों से प्राप्त आभूषण की कुल राशि रू. 84,000 है। इस मामलें में उपहार के कर उपचार क्या होगा?

**

यदि वर्ष के दौरान बिना विचार-विमर्श किए व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति की कुल बाजार कीमत रू. 50,000 से अधिक है तो विचार-विमर्श किए बिना वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसी संपत्ति की कुल कीमत कर हेतु वसूलनीय होगी। इस मामले में वर्ष के दौरान प्राप्त आभूषण की कुल राशि रू. 50,000 ये अधिक है तथा इसलिए रू. 84,000 कर हेतु वसूलनीय होगी

करदेयता जब निर्धारित चल संपत्ति इसकी उचित बाजार कीमत से कम के लिए व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त की जाती है

यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति (पहले के भाग में अर्थ की चर्चा की गई) कर हेतु वसूलनीय होगी

1) निर्धारित चल संपत्ति व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा धारित है

2) वर्ष के दौरान करदाता द्वारा धारित ऐसी संपत्ति की कुल उचित बाजार कीमत इन संपत्तियों के लिए भुगतेय विचार-विमर्श से रू. 50,000 अधिक हो अन्य शब्दों में ऐसी सभी संपत्तियों की उचित बाजार कीमत का कुल भुगतित विचार-विमर्श से अधिक हो तथा अंतर रू. 50,000 से अधिक हो

निर्धारित चल संपत्ति (पूर्व चर्चितानुसार) की परिभाषा पर विचार-विमर्श करते हुए कुछ भी किसी मद के उपहार के संबंध में कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा, उक्त परिभाषा के अंतर्गत आने वाली संपत्ति को छोड़कर चल संपत्ति होने के नाते अर्थात् उपहार के तौर पर प्राप्त टेलीविजन सेट के संबंध में कर हेतु कुछ भी वसूला नहीं जाएगा क्योंकि टेलीविजन सेट निर्धारित चल संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता

जब व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति इसकी स्टांप ड्यूटी से कम होती है तो कर हेतु वसूलनीय नहीं होगी

निम्नलिखित मामले में इसकी उचित बाजार कीमत से कम के लिए प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति के मामले में कुछ भी कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा :

1) रिश्तेदारों द्वारा प्राप्त चल संपत्ति

इस उद्देश्य के लिए रिश्तेदार का अर्थ :

i व्यक्ति की स्थिति में

क. व्यक्ति का जीवनसाथी

ख. व्यक्ति का भाई अथवा बहन

ग. व्यक्ति के जीवनसाथी का भाई अथवा बहन

घ. व्यक्ति के माता-पिता के भाई अथवा बहन

ड. व्यक्ति का कोई नजदीकी आरोहत अथवा वंशज

च. व्यक्ति के जीवन साथी का कोई नजदीकी आरोहत अथवा वंशज

छ. (ख) से (च) में संदर्भित व्यक्ति का जीवनसाथी

ii एचयूएफ की स्थिति में, उसका कोई सदस्य

2) व्यक्ति की शादी के अवसर पर प्राप्त चल संपत्ति

3) पैतृक धन के रूप में/वसीयत के अंतर्गत प्राप्त चल संपत्ति

4) अदाकर्त्ता अथवा दानकर्त्ता की मृत्यु के अवलोकन में प्राप्त चल संपत्ति

5) स्थानीय प्राधिकरण से प्राप्त चल संपत्ति (आयकर अधिनियम की धारा 10(20) के विस्तृतीकरण में परिभाषितानुसार)

6) धारा 10(23ग) में संदर्भितानुसार किसी न्यास अथवा संस्थान, अन्य किसी चिकित्सा संस्थान अथवा अस्पताल, कोई कोष, संस्था, विश्वविद्यालय, अन्य शैक्षिक संस्थान द्वारा प्राप्त चल संपत्ति [प्रभावी निर्धारण वर्ष 2023-24 से, यह छूट उपलब्ध नही होगी यदि संपत्ति धारा 13(3) में संदर्भित एक निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा प्राप्त होती है]

7) धारा 12कक/धारा 12कख के अंतर्गत पंजीकृत न्यास अथवा संस्थान द्वारा प्राप्त चल संपत्ति [प्रभावी निर्धारण वर्ष 2023-24 से, यह छूट उपलब्ध नही होगी यदि संपत्ति धारा 13(3) में संदर्भित एक निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा प्राप्त होती है]

8) किसी फंड/न्यास/विश्वविद्यालय/अन्य शैक्षणिक संस्थान/संस्थान/अस्पताल/अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा प्राप्त राशि जिसे धारा 10(23ग)(iv)/(v)/(vi)/(viक) में संदर्भित किया गया है (लागू यदि संपत्ति 1 अप्रैल 2017 को या उसके बाद प्राप्त होती है)

9) लेनदेन के रूप में प्राप्त संपत्ति जो धारा 47 के वाक्यांश (viiकग)/(viiकघ)/(viiकङ)/(vii कच) के अंतर्गत स्थानांतरण से संबंधित न हो

10) व्यक्ति के रिश्तेदार के लाभ के लिए ही बनाए गए या स्थापित किए गए न्यास द्वारा व्यक्ति की ओर से प्राप्त संपत्ति

उदाहरण

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, श्री राजा ने निम्नलिखित पूंजीगत परिसंपत्ति खरीदी

1) रू. 1,84,000 के लिए खरीदे गए स्वर्ण आभूषण, स्वर्ण आभूषण की उचित बाजार कीमत रू. 2,84,000 है

2) रू. 5,50,000 के लिए खरीदे गए बुलियन, बुलियन की उचित बाजार कीमत रू. 6,00,000 है

3) रू. 1,52,000 के लिए खरीदी गई मोटर कार, कार की उचित बाजार कीमत रू. 2,52,000 है

**

व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा इसकी उचित बाजार कीमत से कम हेतु धारित कोई निर्धारित चल संपत्ति (अर्थ की पहले चर्चा की गई है) कर हेतु वसूलनीय होगी यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है

1) निर्धारित चल संपत्ति व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा धारित की जाती है

2) वर्ष के दौरान करदाता द्वारा धारित ऐसी संपत्ति की कुल उचित बाजार कीमत इन संपत्तियों के लिए भुगतेय विचार-विमर्श से रू. 50,000 अधिक हो। अन्य शब्दों में ऐसी सभी संपत्तियों की उचित बाजार कीमत का कुल भुगतित विचार-विमर्श से अधिक हो तथा अंतर रू. 50,000 से अधिक हो

उक्त चर्चित प्रावधान कुछ निर्दिष्ट अवसरों पर प्राप्त तथा रिश्तेदारों से प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति की स्थिति में लागू नहीं होगा

उक्त प्रावधानों पर विचार-विमर्श करते हुए श्री राजा द्वारा धारित विभिन्न मदों का कर उपचार निम्नानुसार होगा

• स्वर्ण आभूषण तथा बुलियन निर्दिष्ट चल संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत आते है। स्वर्ण आभूषण की उचित बाजार कीमत रू. 2,84,000 है तथा बुलियन की रू. 6,00,000 है। स्वर्ण आभूषण का क्रय मूल्य रू. 1,84,000 है तथा उसके बुलियन की रू. 5,50,000। यह महसूस किया जा सकता है कि धारित की गई दोनों संपत्तियां इसकी बाजार कीमत से कम है

क्रय की कीमत पर उचित बाजार कीमत का शेष रू. 1,50,000 (स्वर्ण आभूषण के लिए 1,00,000 तथा बुलियन के लिए रू. 50,000) होगी जोकि रू. 50,000 से अधिक है। इसलिए क्रय कीमत पर उचित बाजार का संपूर्ण शेष अर्थात् रू. 1,50,000 श्री राजा के हाथों कर हेतु वसूलनीय होगा। यह "अन्य स्त्रोतों से आय" शीर्षक के अंतर्गत कर हेतु वसूलनीय होगा।

• मोटर कार निर्धारित चल सपंत्ति की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आती। इसलिए मोटर कार की खरीद के संबंध में कुछ भी करयोग्यनीय नहीं होगा

उदाहरण

01-04-2025 को श्री कुमार ने रू. 84,000 के लिए श्री राजा से शेयर खरीदे। शेयर की उचित बाजार कीमत अर्थात् स्टॉक एक्सचेंज में उद्धृत मूल्य के अनुसार कीमत रू. 1,00,000 है। आगे 01-07-2025 को रू. 25,200 के लिए उन्होंने श्री राजकुमार से स्वर्ण आभूषण लिए। आभूषण की उचित बाजार कीमत रू. 50,400 है। श्री कुमार उनके द्वारा खरीदी गई उक्त मदों के संबंध में उत्पन्न कर परिणामों के संबंध में भ्रमित है। इस संबंध में उन्हें सलाह दें

**

व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा इसकी उचित बाजार कीमत से कम हेतु धारित कोई निर्धारित चल संपत्ति (अर्थ की पहले चर्चा की गई है) कर हेतु वसूलनीय होगी यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है

1) निर्धारित चल संपत्ति व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा धारित की जाती है

2) वर्ष के दौरान करदाता द्वारा धारित ऐसी संपत्ति की कुल उचित बाजार कीमत इन संपत्तियों के लिए भुगतेय विचार-विमर्श से रू. 50,000 अधिक हो। अन्य शब्दों में ऐसी सभी संपत्तियों की उचित बाजार कीमत का कुल भुगतित विचार-विमर्श से अधिक हो तथा अंतर रू. 50,000 से अधिक हो

उक्त चर्चित प्रावधान कुछ निर्दिष्ट अवसरों पर प्राप्त तथा रिश्तेदारों से प्राप्त निर्धारित चल संपत्ति की स्थिति में लागू नहीं होगा

उक्त प्रावधानों पर विचार-विमर्श करते हुए श्री कुमार द्वारा धारित विभिन्न मदों का कर उपचार निम्नानुसार होगा

• शेयर की उचित बाजार कीमत रू. 1,00,000 है तथा शेयर रू. 84,000 के लिए धारित किए गए है इसलिए क्रय कीमत पर अतिरिक्त उचित बाजार कीमत रू. 16,000 होगी

• आभूषण की उचित बाजार कीमत रू. 50,400 है तथा यह रू. 25,200 के लिए धारित किया गया है इसलिए क्रय मूल्य पर अतिरिक्त उचित बाजार कीमत रू. 25,200 होगी

क्रय राशि पर उचित बाजार कीमत का कुल अतिरिक्त रू. 41,200 है (शेयर के लिए रू. 16,000 + आभूषण के लिए रू. 25,200) जो रू. 50,000 से कम है तथा इसलिए श्री कुमार के हाथो कर हेतु कुछ भी प्रभारित नहीं होगा

मान लीजिए, यदि दिए गए मामले में, शेयर की उचित बाजार कीमत रू. 1,84,000 के स्थान पर रू. 1,00,000 हो तो शेयर तथा स्वर्ण आभूषण की उचित बाजार कीमत का कुल अतिरिक्त रू. 1,25,200 होगी (रू. 1,00,000 शेयर की अतिरिक्त उचित बाजार कीमत + रू. 25,200 स्वर्ण आभूषण की अतिरिक्त बाजार कीमत)। क्रय मूल्य पर उचित बाजार कीमत का अतिरिक्त रू. 50,000 से अधिक है तथा इसलिए रू. 1,25,200 का संपूर्ण अतिरिक्त अन्य स्त्रोतों से आय के अनुसार कर हेतु प्रभारित होगा

कोविड-19 रोगियों और उनके परिवार को कर संबंधी राहत

वित्त अधिनियम, 2022 के माध्यम से कोविड-19 के उपचार पर किए गए व्यय को पूरा करने के लिए शुभचिंतकों और उनके कर्मचारियों से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले करदाताओं को कर संबंधी राहत देने के लिए आयकर अधिनियम को संशोधित किया गया है।

किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कोविड-19 उपचार के लिए प्राप्त कुल राशि या संपत्ति

कोविड-19 से संबंधित किसी बीमारी के संबंध में एक व्यक्ति द्वारा अपने चिकित्सा उपचार या अपने परिवार के किसी सदस्य के उपचार के संबंध में वास्तव में किए गए वास्तविक व्यय के संबंध में एक व्यक्ति द्वारा प्राप्त कोई कुल राशि या किसी प्रकार की संपत्ति कर का विषय नही होगी बशर्ते कि केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित कुछ शर्तों का पूरा किया गया हो।

एक व्यक्ति, जिसकी कोविड-19 के कारण मृत्यु हो चुकी है, के पारिवारिक सदस्य द्वारा प्राप्त कुल राशि या संपत्ति

एक व्यक्ति, जिसकी कोविड-19 के कारण मृत्यु हो गई है, के सदस्य द्वारा प्राप्त कोई कुल राशि या किसी प्रकार की संपत्ति उस पारिवारिक सदस्य के हाथों कर हेतु नही वसूली जाएगी जहां ऐसी राशि या संपत्ति मृतक व्यक्ति के नियोक्ता की ओर से प्राप्त होती है।

प्रावधान केवल तब लागू होंगे जब भुगतान व्यकित की मृत्यु से 12 महीनों के अंदर प्राप्त होती है और केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने वाले कुछ अन्य षर्तों को परिपूरित किया जा सकता है।

परिवार का अर्थ

परिवार का अर्थ, एक व्यक्ति के संबंध में, व्यक्ति की जीवनसाथी और बच्चे और माता-पिता, भाई और बहेने या इनमें से कोई जो पूर्णता या मुख्यतौर पर व्यक्ति पर निर्भर हो।

व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त उपहारों के कर उपचार पर एमसीक्यू

प्रश्न 1. विचार-विमर्श के बिना व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा प्राप्त राशि, जिसकी कुल कीमत वर्ष के दौरान .....................से अधिक हो करयोग्य होगी

(क) रू. 10,000 (ख) रू. 25,000

(ग) रू. 50,000 (घ) रू. 1,00,000

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

यदि निम्नलिखित शर्तें पूर्ण की जाती है तो व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा विचार-विमर्श (अर्थात् मौद्रिक उपहार नगद, चेक, ड्राफ्ट आदि के रूप में प्राप्त किया जा सकता है) के बिना प्राप्त किसी भी राशि कर हेतु वसूलनीय होगी

• विचार-विमर्श के बिना प्राप्त राशि

• वर्ष के दौरान प्राप्त राशि की ऐसी कीमत की कुल राशि रू. 50,000 से अधिक हो

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

प्रश्न 2. व्यक्ति के जीवनसाथी के भाई व बहन से प्राप्त राशि व्यक्ति के हाथों कर हेतु वसूल नहीं होगा

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

रिश्तेदारों से प्राप्त राशि व्यक्ति अथवा एचयूएफ के हाथों कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा। संबंधितों की परिभाषा के अनुसार व्यक्ति के जीवनसाथी का भाई अथवा बहन व्यक्ति के रिश्तेदार के तौर पर समझा जाएगा। इसलिए व्यक्ति के जीवनसाथी के भाई व बहन से प्राप्त राशि व्यक्ति के हाथों कर हेतु वसूल नहीं होगा

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण सही है इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है

प्रश्न 3. अपने सदस्यों से एचयूएफ द्वारा प्राप्त राशि एचयूएफ के हाथों कर हेतु वसूलनीय होगा क्योंकि सदस्य एचयूएफ के संबंधितों के तौर पर नहीं समझे जा सकते

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

रिश्तेदारों की परिभाषा के अनुसार, एचयूएफ के सदस्य एचयूएफ के रिश्तेदार के तौर पर समझे जाऐंगे तथा संबंधितों से प्राप्त राशि कर हेतु वसूलनीय नहीं होगी। इसलिए अपने सदस्यों द्वारा एक एचयूएफ के राशि प्राप्त करने पर एचयूएफ के हाथों कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 4. वर्ष के दौरान प्राप्त उपहार की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक होती है तो वर्ष के दौरान प्राप्त.......................कर हेतु वसूलनीय होगा

(क) उपहार की कीमत रू. 50,000 से अधिक हो

(ख) उपहार की कीमत रू. 50,000 तक हो

(ग) ऐसे सभी उपहारों की कुल कीमत

(घ) उपहारों की कीमत रू. 25,000 तक

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

वर्ष के दौरान प्राप्त उपहार की कुल कीमत रू. 50,000 से अधिक होती है तो वर्ष के दौरान प्राप्त ऐसे सभी उपहारों की कुल कीमत कर हेतु वसूलनीय होगा (अर्थात् उपहारों की कुल कीमत तथा रू. 50,000 का अतिरिक्त राशि नहीं)

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

प्रश्न 5. विचार-विमर्श (अर्थात् उपहार के तौर पर) बिना व्यक्ति द्वारा प्राप्त अचल संपत्ति का स्टांप ड्यूटी शुल्क कर हेतु वसूलनीय होगा यदि यह .................... से अधिक हो

(क) रू. 5,000 (ख) रू. 25,000

(ग) रू. 50,000 (घ) रू. 51,000

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाती है तो व्यक्ति अथवा एचयूएफ द्वारा विचार-विमर्श बिना प्राप्त अचल संपत्ति कर हेतु वसूलनीय होगा

1) अचल संपत्ति, भूमि अथवा भवन अथवा दोनों के तौर पर, व्यक्ति/एचयूएफ द्वारा प्राप्त हो

2) अचल संपत्ति ऐसे व्यक्ति अथवा एचयूएफ के लिए धारा 2(14) के अर्थ के अंतर्गत निहित 'पूंजीगत परिसंपत्ति' है

3) विचार-विमर्श के बिना प्राप्त ऐसी अचल संपत्ति की स्टॉप ड्यूटी कीमत रू. 50,000 से अधिक हो

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

प्रश्न 6. व्यक्ति द्वारा उसके विवाह पर बिना विचार-विमर्श प्राप्त अचल संपत्ति व्यक्ति के हाथों कर हेतु हमेशा वसूलनीय होगा

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

व्यक्ति के विवाह के अवसर पर प्राप्त उपहार कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 7. यदि एक अचल संपत्ति एक प्रतिफल के लिए एक व्यक्ति द्वारा प्राप्त की जाती है जो स्टांप ड्यूटी से कम है और अंतर रू. 50,000 से और वास्तविक प्रतिलफ का 5 प्रतिशत से अधिक होता है तो संपत्ति के खरीद मूल्य पर स्टांप ड्यूटी की राशि को विक्रेता की आय के तौर पर समझी जाएगी।

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

यदि एक अचल संपत्ति एक प्रतिफल के लिए एक व्यक्ति द्वारा प्राप्त की जाती है जो स्टांप ड्यूटी से कम है और अंतर रू. 50,000 से और वास्तविक प्रतिलफ का 5 प्रतिशत से अधिक होता है तो संपत्ति के खरीद मूल्य पर स्टांप ड्यूटी की राशि को विक्रेता की आय के तौर पर समझी जाएगी।

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 8. व्यक्ति द्वारा अपने मित्र से उपहार के तौर पर मोटर कार (उचित बाजार कीमत रू. 84,000 है) प्राप्त करने पर वह कर हेतु वसूलनीय होगा क्योंकि उचित बाजार कीमत रू. 50,000 से अधिक है

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

मोटर कार निर्धारित चल संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता इसलिए अपने मित्र द्वारा व्यक्ति के मोटर कार प्राप्त करने की स्थिति में कुछ भी कर हेतु वसूलनीय नहीं होगा चाहे उचित बाजार कीमत रू. 50,000 से अधिक हो

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 9. यदि वर्ष के दौरान करदाता द्वारा प्राप्त निर्धारित चल सपंत्ति की कुल उचित बाजार कीमत रू. 50,000 से अधिक हो तो....................... कर हेतु वसूलनीय होगा

(क) उचित बाजार कीमत रू. 50,000 तक हो

(ख) उचित बाजार कीमत रू. 50,000 से अधिक हो

(ग) संपूर्ण उचित बाजार कीमत

(घ) उचित बाजार कीमत रू. 25,000 तक हो

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

यदि वर्ष के दौरान करदाता द्वारा प्राप्त निर्धारित चल सपंत्ति की कुल उचित बाजार कीमत रू. 50,000 से अधिक हो तो संपूर्ण उचित बाजार कीमत कर हेतु वसूलनीय होगा

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

प्रश्न 10. स्थानीय प्राधिकरण (आयकर अधिनियम की धारा 10(20) के अंतर्गत परिभाषितानुसार) से प्राप्त चल संपत्ति का उपहार सदैव कर हेतु वसूलनीय होगा

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

स्थानीय प्राधिकरण (आयकर अधिनियम की धारा 10(20) हेतु विवरण में परिभाषितानुसार) से प्राप्त चल संपत्ति का उपहार व्यक्ति अथवा एक एचयूएफ के हाथों कर हेतु कभी भी वसूलनीय नहीं होगा

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है