इस भाग में आप विभिन्न करदाता के लिए लागू सामान्य कर दरों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अस्वीकरण:

इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।

 

जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें।

 

 

“इस दस्तावेज़ में वित्त अधिनियम, 2026 द्वारा संशोधित आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधान शामिल हैं।”

 

 

 

कर की दरें

इस भाग में आप विभिन्न करदाताओं के लिए लागू सामान्य कर की दरों के बारे में ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। विशेष कर दरों की जानकारी के लिए लंबी अवधि के पूंजी लाभ की तरह निर्दिष्ट आय, लॉटरी से जीत, आदि के लिए लागू है। ‘‘कर चार्ट व तालिका’’ के अंतर्गत ‘‘कर दर’’ संदर्भित कर इस भाग में चर्चा कर की दरें आकलन वर्ष 2014-15 अर्थात् वित्त वर्ष 2014-15 के लिए लागू होता है। उल्लेख "कर तालिका"।

एक व्यक्ति के लिए पुरानी कर व्यवस्था

पुरानी कर व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए करदाता को धारा 115खकग(6) के तहत विकल्प का उपयोग करना होगा।

एक निवासी व्यक्ति पर लागू सामान्य कर की दरें व्यक्ति की उम्र पर निर्भर करेगा । हालांकि, एक अनिवासी व्यक्ति के मामले में कर दरें उनकी उम्र भले ही एक ही हो। लागू स्तर की प्रतीति के प्रयोजन के लिए, इस प्रकार एक व्यक्ति वर्गीकृत के रूप में किया जा सकता है :

• 60 साल से कम आयु के निवासी व्यक्ति।

• वर्ष के दौरान किसी भी समय 60 वर्ष या उससे ऊपर लेकिन 80 वर्ष की आयु से नीचे का निवासी व्यक्ति ।

• वर्ष के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष या अधिक आयु के निवासी व्यक्ति।

• उम्र के बावजूद गैर-निवासी व्यक्ति ।

व्यक्ति

(वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिक को छोड़कर)

शुद्ध आय श्रेणी

आयकर की दर

  निर्धारण वर्ष 2026-27 निर्धारण वर्ष 2025-26
रू. 2,50,000 तक - -
रू. 2,50,000 से रू. 5,00,000 तक 5 प्रतिशत 5 प्रतिशत
रू. 5,00,000 से रू. 10,00,000 तक 20 प्रतिशत 20 प्रतिशत
रू. 10,00,000 से अधिक 30 प्रतिशत 30 प्रतिशत

वरिष्ठ नागरिक

(जो पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 60 वर्ष या उससे अधिक हो)

शुद्ध आय श्रेणी आयकर की दर
  निर्धारण वर्ष 2026-27 निर्धारण वर्ष 2025-26
रू. 3,00,000 तक - -
रू. 3,00,000 से रू. 5,00,000 तक 5 प्रतिशत 5 प्रतिशत
रू. 5,00,000 से रू. 10,00,000 तक 20 प्रतिशत 20 प्रतिशत
रू. 10,00,000 से अधिक 30 प्रतिशत 30 प्रतिशत

अति वरिष्ठ नागरिक

(जो पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष या उससे अधिक हो)

शुद्ध आय श्रेणी आयकर की दर  
  निर्धारण वर्ष 2026-27 निर्धारण वर्ष 2025-26
रू. 5,00,000 तक - -
रू. 5,00,000 से रू. 10,00,000 तक 20 प्रतिशत 20 प्रतिशत
रू. 10,00,000 से अधिक 30 प्रतिशत 30 प्रतिशत

हिंदु अविभाजित परिवार (एओपी, बीओाआई और कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति सहित)

शुद्ध आय श्रेणी आयकर की दर
  निर्धारण वर्ष 2026-27 निर्धारण वर्ष 2025-26
रू. 2,50,000 तक - -
रू. 2,50,000 से रू. 5,00,000 तक 5 प्रतिशत 5 प्रतिशत
रू. 5,00,000 से रू. 10,00,000 तक 20 प्रतिशत 20 प्रतिशत
रू. 10,00,000 से अधिक 30 प्रतिशत 30 प्रतिशत

अधिभार : अधिभार निम्नलिखित दरों पर आयकर की राशि पर लागू होता है यदि एक निर्धारिती की कुल आय निर्दिष्ट सीमाओं से अधिक होती है :-

अधिभार की दर

निर्धारण वर्ष 2026-27

निर्धारण वर्ष 2025-26

आय की श्रेणी

आय की श्रेणी

रू. 50 लाख से रू. 1 करोड़ रू. 1 करोड़ से रू. 2 करोड़ रू. 2 करोड़ से रू. 5 करोड़ रू. 5 करोड़ से अधिक   रू. 50 लाख से रू. 1 करोड़ रू. 1 करोड़ से रू. 2 करोड़ रू. 2 करोड़ से रू. 5 करोड़ रू. 5 करोड़ से अधिक  
10 प्रतिशत 15 प्रतिशत 25 प्रतिशत 37 प्रतिशत   10 प्रतिशत 15 प्रतिशत 25 प्रतिशत 37 प्रतिशत  

टिप्पणी :

1) 25 प्रतिशत या 37 प्रतिशत, जो भी हो, का बढ़ाया गया अधिभार धारा 111क, 112, 112क और 115कघ के अंतर्गत कर पर वसूले जाने वाले आय से नही वसूला जाता। इसलिए, ऐसी आय पर देययोग्य कर पर अधिभारत की अधिकतम दर 15 प्रतिशत होगी।

2) लाभांश आय पर देययोग्य कर पर अधिभार की अधिकतम दर 15 % होगी।

3) एक कंपनी के तौर पर सभी सदस्यों के साथ एओपी के लिए अधिभार की दर 15 % तक सीमित होगी।

4) अधिभार की दर शून्य है यदि ‘निर्दिष्ट फंड’ की कुल आय जैसा धारा 10(4घ) में संदर्भित है, में धारा 115कघ(1)(क) के अंतर्गत दिए गए अनुसार प्रतिभूतियों के संदर्भ किसी प्रकार की आय शामिल है

हालांकि, निम्नलिखित तरीके में अधिभार से थोडी राहत उपलब्ध है -

क) यदि, जहां शुद्ध आय रू. 50 लाख से अधिक है लेकिन रू. 1 करोड़ से कम है, आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि आय, जो रू. 50 लाख से अधिक है, की तुलना में रू. 50 लाख की कुल आय पर आयकर के तौर पर देययोग्य कुल राशि से अधिक नहीं होगी।

ख) यदि जहां शुद्ध आय रू. 1 करोड़ से अधिक है लेकिन रू. 2 करोड़ से कम है, थोड़ी राहत इस तरीके से अधिभार से मिलेगी कि आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि आय, जो रू. 1 करोड़ से अधिक है, की राशि की तुलना में रू. 1 करोड़ की कुल आय पर आयकर के तौर पर देययाग्य कुल राशि से अधिक नहीं होगी।

ग) यदि जहां शुद्ध आय रू. 2 करोड़ से अधिक है लेकिन रू. 5 करोड़ से कम है, थोड़ी राहत इस तरीके से अधिभार से मिलेगी कि आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि आय, जो रू. 2 करोड़ से अधिक है, की राशि की तुलना में रू. 2 करोड़ की कुल आय पर आयकर के तौर पर देययाग्य कुल राशि से अधिक नहीं होगी।

घ) यदि जहां शुद्ध आय रू. 5 करोड़ से अधिक है, थोड़ी राहत इस तरीके से अधिभार से मिलेगी कि आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि आय, जो रू. 5 करोड़ से अधिक है, की राशि की तुलना में रू. 5 करोड़ की कुल आय पर आयकर के तौर पर देययाग्य कुल राशि से अधिक नहीं होगी।

स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर : स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर आयकर और अधिभार की राशि पर 4 प्रतिशत की दर से लागू होता है।

टिप्पणी : स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर शून्य है यदि‘निर्दिष्ट फंड’की कुल आय, जैसा धारा 10(4घ) में संदर्भित है, में धारा 115कघ(1)(क) के अंतर्गत दिए गए अनुसार प्रतिभूतियों के संदर्भ किसी प्रकार की आय शामिल है

एएमटी : एक गैर निगमित करदाताओं के मामले में, जिसपर वैकल्पिक न्यूनतम कर के प्रावधान (एएमटी) लागू होता है खंड 115ञग "समायोजित कुल आय" के अनुसार देय कर कम से कम 18.5% (+ एससी़ + ईसी + एसएचईसी) हो नहीं सकता है। एएमटी से संबंधित प्रावधानों के लिए शिक्षक अनुभाग में "एमएटी / एएमटी" पर शिक्षक को देखें।

टिप्पणी :

• एक आईएफएसी जो अपनी आय परिवर्तनीय विदेशी विनिमय में ही प्राप्त करता है, में स्थित एक यूनिट के मामले में एएमटी की मौजूदा 18.50 प्रतिशत की दर के स्थान पर 9 प्रतिशत की दर होगी।

• एएमटी की दर सहकारी संस्था के मामले में 18.5 प्रतिशत की मौजूदा दर की बजाय 15 प्रतिशत होगी।

टिप्पणी : एक निवासी व्यक्ति (जिनकी शुद्ध आय रू. 5,00,000 से अधिक नही है) धारा 87क के अंतर्गत छूट का लाभ ले सकता हैै। यह शिक्षा उपकर को काटने से पहले आयकर से कटौतीपूर्ण है। छूट की राशि आयकर का 100 प्रतिशत या रू. 12,500, जो भी कम हो, है।

अनिवासी व्यक्ति/एचयूएफ

शुद्ध आय श्रेणी आयकर नियम स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर
रू. 2,50,000 तक शून्य शून्य
रू. 2,50,000 - रू. 5,00,000 (कुल आय घटा रू. 2,00,000) का 5 प्रतिशत [*] आयकर का 4 प्रतिशत
रू. 5,00,000 - रू. 10,00,000 रू. 12,500 + (कुल आय घटा रू. 2,00,000) का 20 प्रतिशत [*] आयकर का 4 प्रतिशत
रू. 10,00,000 से अधिक रू. 1,12,500 + (कुल आय घटा रू. 10,00,000) का 30 प्रतिशत [*] आयकर का 4 प्रतिशत

अधिभार : अधिभार निम्नलिखित दरों पर आयकर की राशि पर लागू होता है यदि एक निर्धारिती की कुल आय निर्दिष्ट सीमाओं से अधिक होती है :-

अधिभार की दर

निर्धारण वर्ष 2026-27

निर्धारण वर्ष 2025-26

आय की श्रेणी

आय की श्रेणी

रू. 50 लाख से रू. 1 करोड़

रू. 1 करोड़ से रू. 2 करोड़

रू. 2 करोड़ से रू. 5 करोड़

रू. 5 करोड़ से अधिक

रू. 50 लाख से रू. 1 करोड़

रू. 1 करोड़ से रू. 2 करोड़

रू. 2 करोड़ से रू. 5 करोड़

रू. 5 करोड़ से अधिक

10 प्रतिशत

15 प्रतिशत

25 प्रतिशत

37 प्रतिशत

10 प्रतिशत

15 प्रतिशत

25 प्रतिशत

37 प्रतिशत

हालांकि, निम्नलिखित तरीके में अधिभार से थोडी राहत उपलब्ध है -

क) यदि, जहां शुद्ध आय रू. 50 लाख से अधिक है लेकिन रू. 1 करोड़ से कम है, आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि आय, जो रू. 50 लाख से अधिक है, की तुलना में रू. 50 लाख की कुल आय पर आयकर के तौर पर देययोग्य कुल राशि से अधिक नहीं होगी।

ख) यदि जहां शुद्ध आय रू. 1 करोड़ से अधिक है लेकिन रू. 2 करोड़ से कम है, थोड़ी राहत इस तरीके से अधिभार से मिलेगी कि आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि आय, जो रू. 1 करोड़ से अधिक है, की राशि की तुलना में रू. 1 करोड़ की कुल आय पर आयकर के तौर पर देययाग्य कुल राशि से अधिक नहीं होगी।

ग) यदि जहां शुद्ध आय रू. 1 करोड़ से अधिक है लेकिन रू. 5 करोड़ से कम है, थोड़ी राहत इस तरीके से अधिभार से मिलेगी कि आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि आय, जो रू. 2 करोड़ से अधिक है, की राशि की तुलना में रू. 2 करोड़ की कुल आय पर आयकर के तौर पर देययाग्य कुल राशि से अधिक नहीं होगी।

घ) यदि जहां शुद्ध आय रू. 5 करोड़ से अधिक है, थोड़ी राहत इस तरीके से अधिभार से मिलेगी कि आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि आय, जो रू. 5 करोड़ से अधिक है, की राशि की तुलना में रू. 5 करोड़ की कुल आय पर आयकर के तौर पर देययाग्य कुल राशि से अधिक नहीं होगी।

स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर : स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर आयकर और अधिभार की राशि पर 4 प्रतिशत की दर से लागू होता है।

एएमटी : एक गैर निगमित करदाताओं के मामले में, जिसपर वैकल्पिक न्यूनतम कर के प्रावधान (एएमटी) लागू होता है खंड 115ञग "समायोजित कुल आय" के अनुसार देय कर कम से कम 18.5% (+ एससी + इसी + एसएचईसी) हो नहीं सकता है । एएमटी से संबंधित प्रावधानों के लिए शिक्षक अनुभाग में "एमएटी/ एएमटी" पर शिक्षक को देखें।

टिप्पणी :

  • एक आईएफएसी जो अपनी आय परिवर्तनीय विदेशी विनिमय में ही प्राप्त करता है, में स्थित एक यूनिट के मामले में धारा 115च के अंतर्गत एएमटी की मौजूदा 18.50 प्रतिशत की दर के स्थान पर 9 प्रतिशत की दर होगी।
  • एक सहकारी संस्था के मामले में एएमटी की मौजूदा दर 18.5 प्रतशित के स्थान पर 15 प्रतिशत होगी

व्यक्ति, एचयूएफ, एओपी, बीओआई और एजेपी के लिए नई कर व्यवस्था

नई कर व्यवस्था व्यक्ति या एचयूएफ के लिए डिफ़ॉल्ट कर व्यवस्था है। इसके अलावा, नई कर व्यवस्था का लाभ एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (एओपी)/बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (बीओआई) और आर्टिफिशियल ज्यूरिडिकल पर्सन (एजेपी) को भी उपलब्ध है। यदि कोई डिफ़ॉल्ट नई कर व्यवस्था से बाहर निकलना चाहता है, तो उसे धारा 115खकग(6) के तहत विकल्प का उपयोग करना होगा।

नई कर व्यवस्था के अंतर्गत कर की दरें इस प्रकार से हैं:

निर्धारण वर्ष 2025-26

निर्धारण वर्ष 2026-27

शुद्ध आय श्रेणी

कर की दर

शुद्ध आय श्रेणी

कर की दर

रू. 3,00,000 तक

शून्य

रू. 4,00,000 तक

शून्य

रू. 3,00,001 से रू. 7,00,000

5 प्रतिशत

रू. 4,00,001 से रू. 8,00,000

5 प्रतिशत

रू. 7,00,001 से रू. 10,00,000

10 प्रतिशत

रू. 8,00,001 से रू. 12,00,000

10 प्रतिशत

रू. 10,00,001 से रू. 12,00,000

15 प्रतिशत

रू. 12,00,001 से रू. 16,00,000

15 प्रतिशत

रू. 12,00,001 से रू. 15,00,000

20 प्रतिशत

रू. 16,00,001 से रू. 20,00,000

20 प्रतिशत

15,00,000 से अधिक

30 प्रतिशत

रू. 20,00,001 से रू. 24,00,000

25 प्रतिशत

 

 

24,00,000 से अधिक

30 प्रतिशत

अधिभार : अधिभार निम्नलिखित दरों पर आयकर की राशि पर लागू होता है यदि एक निर्धारिती की कुल आय निर्दिष्ट सीमाओं से अधिक होती है :-

आय की श्रेणी

रू. 50 लाख से रू. 1 करोड़

रू. 1 करोड़ से रू. 2 करोड़

रू. 2 करोड़ से अधिक

10 प्रतिशत

15 प्रतिशत

25 प्रतिशत

टिप्पणी : धारा 111क, धारा 112, धारा 112क या धारा 115कघ में संदर्भित लाभांश आय या पूंजीगत प्राप्ति पर देययोग्य कर पर अधिभार की अधिकतम दर 15 % होगी।

हालांकि, निम्नलिखित तरीके में अधिभार से थोडी राहत उपलब्ध है -

(क) यदि, जहां शुद्ध आय रू. 50 लाख से अधिक है लेकिन रू. 1 करोड़ से कम है, आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि आय, जो रू. 50 लाख से अधिक है, की तुलना में रू. 50 लाख की कुल आय पर आयकर के तौर पर देययोग्य कुल राशि से अधिक नहीं होगी।

(ख) यदि जहां शुद्ध आय रू. 1 करोड़ से अधिक है लेकिन रू. 2 करोड़ से कम है, थोड़ी राहत इस तरीके से अधिभार से मिलेगी कि आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि आय, जो रू. 1 करोड़ से अधिक है, की राशि की तुलना में रू. 1 करोड़ की कुल आय पर आयकर के तौर पर देययाग्य कुल राशि से अधिक नहीं होगी।

(ग) यदि जहां शुद्ध आय रू. 2 करोड़ से अधिक है लेकिन रू. 5 करोड़ से कम है, थोड़ी राहत इस तरीके से अधिभार से मिलेगी कि आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि आय, जो रू. 2 करोड़ से अधिक है, की राशि की तुलना में रू. 2 करोड़ की कुल आय पर आयकर के तौर पर देययाग्य कुल राशि से अधिक नहीं होगी।

स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर : स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर आयकर और अधिभार की राशि पर 4 प्रतिशत की दर से लागू होता है।

एएमटी :

इस योजना को चुनने वाले निर्धारिती को वैकल्पिक न्यूनतम कर (एएमटी) की सीमा से बाहर रखा गया है। आगे, एएमटी की गणना, अग्रेषण और समायोजन से संबंधित प्रावधान इन निर्धारितियों के लागू नही होगा।

टिप्पणी :

(क) निर्धारण वर्ष 2025-26 के लिए, धारा 87क के अंतर्गत अधिकतम रू. 25,000 की छूट की अनुमति है, यदि व्यक्ति, जिसने धारा 115खकग(1क) के अंतर्गत नई कर योजना को चुना हो, की कुल आय रू. 7,00,000 तक है। इसके अलावा, यदि निवासी व्यक्ति (धारा 115खकग(1क) को चुनने वाले) की कुल आय रू. 7,00,000 से अधिक होती है और ऐसी आय पर देययोग्य कर कुल आय और रू. 7,00,000 के बीच के अंतर से अधिक है तो वह ऐसी कुल आय और राशि जो इससे रू. 7,00,000 अधिक है, पर देययोग्य कर के बीच के अंतर की सीमा तक की छूट का दावा कर सकता है।

(ख) निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए, धारा 87क के अंतर्गत अधिकतम रू. 60,000 की छूट की अनुमति है, यदि व्यक्ति, जिसने धारा 115खकग(1क) के अंतर्गत नई कर योजना को चुना हो, की कुल आय रू. 7,00,000 तक है। इसके अलावा, यदि निवासी व्यक्ति (धारा 115खकग(1क) को चुनने वाले) की कुल आय रू. 7,00,000 से अधिक होती है और ऐसी आय पर देययोग्य कर कुल आय और रू. 7,00,000 के बीच के अंतर से अधिक है तो वह ऐसी कुल आय और राशि जो इससे रू. 7,00,000 अधिक है, पर देययोग्य कर के बीच के अंतर की सीमा तक की छूट का दावा कर सकता है।

(ख) यदि किसी निर्धारिती ने नई कर व्यवस्था का विकल्प चुना है, तो एएमटी के प्रावधान लागू नहीं होंगे

टिप्पणी : धारा 87 के अंतर्गत कुल छूट धारा खकग(1क) में दी गई दरों के अनुसार देययोग्य आयकर की राशि से अधिक नही होगी [(निर्धारण वर्ष 2026-27 से प्रभावी)]

पूरी की जाने वाली शर्तें :

कम दरों पर कर का भुगतान करने का विकल्प केवल तभी उपलब्ध होगा यदि निर्धारिती की कुल आय निम्नलिखित छूट या कटौती का दावा किए बिना गिना जाता है :

क) अवकाश यात्रा भत्ता [धारा 10(5)]

ख) गृह किराया भत्ता [धारा 10(13क)]

ग) आधिकारिक और निजी भत्ता (उनको छोड़कर जिसे निर्धारित किया जा सकता है) [धारा 10(14)]

घ) एमपी/एमएलए हेतु भत्ता [धारा 10(17)]

ड़) नाबालिग की आय के लिए भत्ता [धारा 10(32)]

च) विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थापित यूनिटों के लिए कटौती [धारा 10कक]

छ) मनोरंजन भत्ता [धारा 16(ii)]

ज) पेशेवर कर [धारा 16(iiii)]

झ) गृह ऋण पर ब्याज [ धारा 24(ख)]

ञ) नए संयंत्र और मशीनरी के संबंध में अतिरिक्त मूल्यह्रास [धारा 32(1)(iiक)]

ट) अधिसूचित पिछड़े क्षेत्र में नए संयंत्र और मशीनरी में निवेश के लिए कटौती [धारा 32कघ]

ठ) चाय, कॉफी या रबड़ व्यापार के संदर्भ में कटौती [धारा 32कख]

ड) भारत में पट्रोलियम या प्राकृतिक गैस के पूर्वेक्षण या निष्काषन या उत्पादन सहित व्यापार के संदर्भ में कटौती [धारा 32कघक]

ढ) वैज्ञानिक अनुसंधान जो व्यापार से संबंधित हो सकता है या नही भी, करने के लिए अनुमोदित वैज्ञानिक अनुसंधान संघ, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्थान [धारा 35(1)(ii)]

ण) वैज्ञानिक अनुसंधान जो व्यापार से संबंधित हो सकता है या नही भी, करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान करने के लिए एक भारतीय कंपनी को किए गए भुगतान के लिए कटौती [धारा 35(1)(iiक)]

त) सामाजिक विज्ञान या सांख्यकीय अनुसंधान में अनुसंधान करने के लिए विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्थान [धारा 35(1)(iii)]

थ) वैज्ञानिक अनुसंधान पर व्यय या उसके लिए किए गए दान के लिए कटौती [धारा 35(2कक)]

द) कुछ निर्दिष्ट व्यापार यानी कोल्ड चेन सुविधा, वेयरहाउसिंग सुविधा आदि के संदर्भ में किए गए पूंजीगत व्यय के संदर्भ में कटौती [धारा 35कघ)]

ध) कृषि विस्तार परियोजना पर व्यय के लिए कटौती [धारा 35गगग)]

न) धारा 80ञञकक, 80गगघ(2) के तहत निर्दिष्ट के अलावा कुछ आय के संबंध में कटौती, और आईएफएससी में स्थित इकाई के लिए धारा 80ठक के तहत कटौती [अध्याय VI-क का भाग ग]

निर्धारिती की कुल आय को धारा 32 के अंतर्गत मूल्यह्रास, अतिरिक्त मूल्यह्रास को छोड़कर और किसी पहले के वर्ष से अग्रेषित हानि और मूल्यह्रास को समायोजित किए बिना के बाद गिना जाता है (यदि ऐसी हानि या मूल्यह्रास उक्तकथित धाराओं के अंतर्गत किसी कटौती से संबंधित है)। आगे, मुख्य गृह संपत्ति के अंतर्गत हानि को आय के अन्य शीर्षकों के समक्ष समायोजित नहीं किया जा सकता। इसके अतिरिक्त, ऐसी हानि और मूल्यह्रास को अग्रेषित नही किया जा सकता।

यदि निर्धारिती के पास अतिरिक्त मूल्यह्रास से संबंधित कोई अनवशोषित मूल्यह्रास है जिसे पूर्णता नही दिया गया है, तो इसके बाद के समायोजन निर्धारित तरीके में परिसंपत्तियों के खंडों के डब्ल्यूडीवी हेतु किया जाएगा।

किसी व्यवसाय या पेशे से होने वाली आय के अलावा अन्य आय वाला कोई भी करदाता हर साल पुरानी कर योजना का विकल्प चुन सकता है। दूसरे शब्दों में, अगर उसने पिछले वर्ष पुरानी कर योजना का विकल्प चुना है, तो उसके पास हर साल उससे बाहर निकलने का विकल्प होता है।

जहां व्यापार या पेशे से आय अर्जित करने वाला एक निर्धारिती ने पुरानी कर व्यवस्था को चुना हो तो वह वर्ष जिसमें वह प्रयोग किया गया, के अलावा पिछले वर्ष में केवल एक बार पुरानी कर व्यवस्था से बाहर निकल सकता है। एक बार इसका प्रयोग करने पर, निर्धारिती दुबारा इस विकल्प को चुनने के योग्य नही होगा बशर्ते जहां ऐसे व्यक्ति की व्यापार या पेशे से ऐसी कोई आय न हो।

जहां एक व्यक्ति की व्यापार या पेशे से आय न हो तो उसे धारा 139(1) के अंतर्गत आय की विवरणी की प्रस्तुति की देय तिथि को या उससे पहले निधा्ररित तरीके में पुरानी कर योजना हेतु विकल्प का प्रयोग करना होगा। जबकि आय (व्यापार या पेशे से आय को छोड़कर) वाले व्यक्ति को धारा 139(1) के अंतर्गत प्रस्तुत की जाने वाली आय की विवरणी के साथ विकल्प का प्रयोग करना होगा।

एक फर्म के लिए लागू सामान्य कर दरें

एक फर्म में 30% की एक समान दर पर कर लगाया जाता है. स्वास्थ और शिक्षा उपकर आयकर के 4% पर लगाया जाता है

अधिभार : अधिभार आयकर की राशि पर 12 प्रतिशत कीदर पर लगाया जाता है जहां शुद्ध आय रू. 1 करोड़ से अधिक है। यदि जहां अधिभार लगाया जाता है तो 4 प्रतिशत की दर से स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर आयकर की राशि पर साथ ही अधिभार लगाया जाएगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य उपकर शून्य है यदि एक निर्दिष्ट फंड की कुल आय जैसा धारा 10(4घ) में संदर्भित है, में प्रतिभूतियों के संदर्भ में किसी प्रकार की आय शामिल है जैसा धारा 115कघ(1)(क) में दिया गया है

हालांकि, रू. 1 करोड़ से अधिक की शुद्ध आय वाले व्यक्ति के मामले में मामूली राहत इस तरीके से मौजूद है कि आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि रू.1 करोड़ कीर कुल आय पर आयकर के तौर पर देययोग्य कुल राशि आय जो रू. 1 करोड़ से अधिक है, की राशि से रू. 1 करोड़ से अधिक नही होगी।

एएमटी : एक गैर कॉरपोरेट करदाताओं के मामले में जिसमे वैकल्पिक न्यूनतम कर के प्रावधान (एएमटी) लागू होते है, धारा 115ञख अनुसार "समायोजित कुल आय" से (+ एससी़ + इसी + एसएचइसी) देय कर 18.5% से कम नहीं हो सकता है । एएमटी से संबंधित प्रावधानों के लिए संरक्षक पर "एमएटी / एएमटी" संरक्षक अनुभाग में देखें।

एक घरेलू कंपनी के लिए लागू सामान्य दरें

निर्धारण वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए घरेलू कंपनियों के मामले में लागू होने वाली आयकर दरें

घरेलू कंपनी

निर्धारण वर्ष 2024-25

निर्धारण वर्ष 2025-26

- जहां इसका कुल कारोबार या कुल प्राप्ति पिछले वर्ष 2022-23 के दौरान रू. 400 करोड़ से अधिक नही होती

25 प्रतिशत

लागू नही

- जहां इसका कुल कारोबार या कुल प्राप्ति पिछले वर्ष 2023-24 के दौरान रू. 400 करोड़ से अधिक होती

लागू नही

25 प्रतिशत

अन्य कोई घरेलू कंपनी

30 प्रतिशत

30 प्रतिशत

अधिभार : ऊपरी दर पर कर के अलावा, यदि शुद्ध आय 1 करोड़ रुपये से अधिक है, लेकिन 10 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है तो अधिभार आयकर की राशि पर @ 7% लगाया जाता है और यदि शुद्ध आय 10 करोड़ रुपये से अधिक है तो अधिभार आयकर की राशि पर @12% लगाया जाता है। एक मामले में, जहाँ इसी का 2% और एसएचइसी का 1% आयकर की राशि पर अधिभार लगाया जाएगा।

हालांकि, मामूली राहत इस तरीके से अधिभार से उपलब्ध है कि इस मामले में एक कंपनी जिसकी शुद्ध आय 1 करोड़ रुपये से अधिक है। लेकिन आयकर के रूप में देय राशि 10 करोड़ रुपए से अधिक नहीं है, आयकर की देय राशि और अधिभार, 1 करोड़ रुपये की कुल आय पर आयकर के रूप में देय कुल राशि से अधिक नहीं होगी जो कि आय की राशि की तुलना में 1 करोड़ रुपये अधिक है।

एक घरेलू कंपनी के मामले में जिसकी शुद्ध आय 10 करोड़ रुपये से अधिक है, मामूली राहत अधिभार से उपलब्ध है इस तरीके से कि आयकर के रूप में देय राशि और अधिभार आयकर के रूप में देय कुल राशि से अधिक नहीं होगा और अधिभार कुल आय पर 10 करोड़ रुपए अधिभार कुल आय पर 10 करोड़ रुपए की आय की राशि की तुलना में 10 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर : आयकर और लागू होने वाले अधिभार की राशि को ऐसे आयकर और अधिभार के चार प्रतिशत की दर पर गिने गए स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर द्वारा और अधिक बढ़ाया जाएगा।

टिप्पणी : स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर शून्य है यदि‘निर्दिष्ट फंड’की कुल आय, जैसा धारा 10(4घ) में संदर्भित है, में धारा 115कघ(1)(क) के अंतर्गत दिए गए अनुसार प्रतिभूतियों के संदर्भ किसी प्रकार की आय शामिल है

एमएटी : एक निगमित करदाताओं के मामले में, जिसमे वैकल्पिक न्यूनतम कर के प्रावधान (एएमटी) लागू होते है, धारा 115ञख अनुसार "बही लाभ" से (+ एससी़ + इसी + एसएचइसी) देय कर 15% से कम नहीं हो सकता है । हालांकि, एमएटी एक कंपनी, एक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र की यूनिट के तौर पर और परिवर्तनीय विदेशी विनिमय में आय की प्राप्ति, के मामले में 9 प्रतिशत (साथ ही अधिभार और अधिकर जैसा लागू हो) की दर पर लगाई जाती है। एएमटी से संबंधित प्रावधानों के लिए संरक्षक पर "एमएटी / एएमटी" संरक्षक अनुभाग में देखें।

एक घरेलू कंपनी के लिए लागू होने वाली विशेष कर की दरें

निर्धारण वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए घरेलू कंपनियों के मामले में लागू होने वाली विशेष आयकर दरें

घरेलू कंपनी

निर्धारण वर्ष 2024-25

निर्धारण वर्ष 2025-26

- जहां धारा 115खक को चुना हो

25 प्रतिशत

25 प्रतिशत

- जहां धारा 115खकक को चुना हो

22 प्रतिशत

22 प्रतिशत

- जहां धारा 115खकख को चुना हो

15 प्रतिशत

15 प्रतिशत

अधिभार : धारा 115खकक या धारा 115खकख के अंतर्गत करदेयता को चुनने वाली कंपनी के मामले में अधिभार की दर कुल आय की राशि के बावजूद सीधे 10 प्रतिशत होगी।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर : आयकर और लागू होने वाले अधिभार की राशि को ऐसे आयकर और अधिभार के चार प्रतिशत की दर पर गिने गए स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर द्वारा और अधिक बढ़ाया जाएगा।

टिप्पणी : स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर शून्य है यदि‘निर्दिष्ट फंड’की कुल आय, जैसा धारा 10(4घ) में संदर्भित है, में धारा 115कघ(1)(क) के अंतर्गत दिए गए अनुसार प्रतिभूतियों के संदर्भ किसी प्रकार की आय शामिल है

एमएटी : घरेलू कंपनी जिसने धारा 115खकक व 115खकख के अंतर्गत विशेष कराधान योजना को चुना है वह एमएटी के प्रावधा से छूट है। हालांकि, उन मामले में कोई छूट नही है जहां धारा 115खक को चुना गया हो।

एक विदेशी कंपनी के लिए लागू सामान्य कर की दरें

एक विदेशी कंपनी में 35% की एक समान दर पर कर लगाया जाता है। 35% कर के अलावा, स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर आयकर का 4% लगाया जाता है।

अधिभार : ऊपरी दर पर कर के अलावा, यदि शुद्ध आय 1 करोड़ रुपये से अधिक है, लेकिन 10 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है तो अधिभार आयकर की राशि पर 2% लगाया जाता है और यदि शुद्ध आय 10 करोड़ रुपये से अधिक है तो अधिभार आयकर की राशि पर 5% लगाया जाता है। एक मामले में, जहाँ अधिभार लगाया जाता है, तो आयकर की राशि पर 4 प्रतिशत का स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर लगाया जाएगा साथ ही अधिभार भी।

हालांकि, मामूली राहत इस तरीके से अधिभार से उपलब्ध है कि इस मामले में एक विदेशी कंपनी जिसकी शुद्ध आय 1 करोड़ रुपये से अधिक है, लेकिन आयकर के रूप में देय राशि 10 करोड़ रुपए से अधिक नहीं है, आयकर की देय राशि और अधिभार, 1 करोड़ रुपये की कुल आय पर आयकर के रूप में देय कुल राशि से अधिक नहीं होगी जो कि आय की राशि की तुलना में 1 करोड़ रुपये अधिक है।

एक विदेशी कंपनी के मामले में जिसकी शुद्ध आय 10 करोड़ रुपये से अधिक है, मामूली राहत अधिभार से उपलब्ध है इस तरीके से कि आयकर के रूप में देय राशि और अधिभार आयकर के रूप में देय कुल राशि से अधिक नहीं होगा और अधिभार कुल आय पर 10 करोड़ रुपए अधिभार कुल आय पर 10 करोड़ रुपए की आय की राशि की तुलना में 10 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

एमएटी :

एक कार्पोरेट करदाता जिसके लिए न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी) लागू होता है, के मामले में, धारा 115ख के अनुसार बही लाभ के 15 प्रतिशत (साथ ही अधिभार, यदि लागू हो और उपकर) से कम नही हो सकता। हालांकि, धारा 115ख के स्पष्टीकरण 4 के अनुसार जिसे पूर्वप्रभावी प्रभावी 01/04/2001 से वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा संशोधित किया गया है, यह स्पष्ट किया जाता है कि एमएटी के प्रावधान लागू नही होंगे और एक विदेशी कंपनी के तौर पर एक निर्धारिती के लिए कभी लागू नही हुए समझा जाएगा यदि

  1. निर्धारिती एक देश या एक ऐसे विशेष क्षेत्र का निवासी है जिसके साथ भारत का समझौता धारा 90 की उप-धारा (1) में संदर्भित है या केंद्र सरकार ने धारा 90क की उप-धारा (1) के अंतर्गत कोई समझौता किया है और निर्धारिती का ऐसे समझौते के प्रावधानों के अनुसार भारत में स्थाई प्रतिष्ठान न हो या [जैसा वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा संशोधित है]
  2. निर्धारिती उस देश का निवासी है जिसके साथ भारत का वाक्यांश (i) में संदर्भित प्रकार का समझौता नही है और निर्धारिती को कंपनियों से संबंधित फिलहाल के लिए प्रभावी किसी कानून के अंतर्गत पंजीकरण की आवश्यकता नही है। एमएटी से संबंधित प्रावधानों के लिए ट्यूटोरियल सेक्शन में एमएटी/एमएमटी पर ट्यूटोरियल को संदर्भित करें।

टिप्पणी : एक आईएफएसी जो अपनी आय परिवर्तनीय विदेशी विनिमय में ही प्राप्त करता है, में स्थित एक यूनिट के मामले में धारा 115च के अंतर्गत एएमटी की मौजूदा 15 प्रतिशत की दर के स्थान पर 9 प्रतिशत की दर होगी।

एक सहकारी समितियों पर लागू सामान्य कर की दरें

निवल आय सीमा

आयकर की दरें

10, 000 रुपये तक

10%

10,000 रुपये – 20,000 रुपये

20%

20,000 रुपये से ऊपर

30%

उक्त दर पर कर के अलावा, स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर आयकर के 4 प्रतिशत की दर पर लगाया जाता है।

टिप्पणी : स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर शून्य है यदि‘निर्दिष्ट फंड’की कुल आय, जैसा धारा 10(4घ) में संदर्भित है, में धारा 115कघ(1)(क) के अंतर्गत दिए गए अनुसार प्रतिभूतियों के संदर्भ किसी प्रकार की आय शामिल है [निर्धारण वर्ष 2024-25 के लिए]

अधिभार : अधिभार आयकर की राशि पर 12 प्रतिशत की दर पर लगाया जाता है जहां शुद्ध आय रू. 1 करोड़ से अधिक है। यदि जहां अधिभार से छूट हो 4 प्रतिशत की दर पर एचईसी आयकर साथ ही अधिभार की राशि पर लगाया जाएगा।

टिप्पणी : 1 करोड़ से 10 करोड़ के बीच आय वाली सहकारी समितियों के मामले में अधिभार की दर 7% होगी।

हालांकि, मामूली राहत इस तरीके में अधिभार से उपलब्ध है कि इस मामले में एक व्यक्ति की शुद्ध आय 1 करोड़ रुपए से अधिक है अधिभार कुल आय पर आयकर के रूप में कुल देय राशि 1 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगी की तुलना में आय की राशि 1 करोड़ रुपये से अधिक है।

इसी प्रकार, यदि शुद्ध आय रू. 10 करोड़ से अधिक है तो आयकर और अधिभार के तौर पर देययोग्य राशि रू. 10 करोड़ की कुल आय पर आयकर और अधिभार के तौर पर देय कुल आय ऐसी आय की राशि से अधिक नही होगी जो 10 करोड़ से अधिक है।

एएमटी : एक गैर निगमित करदाताओं के मामले में, जिसपर वैकल्पिक न्यूनतम कर के प्रावधान (एएमटी) लागू होता है खंड 115ञग "समायोजित कुल आय" के अनुसार देय कर कम से कम 18.5% (+ एससी + इसी + एसएचइसी) हो नहीं सकता है। एएमटी से संबंधित प्रावधानों के लिए ट्यूटोरियल अनुभाग में "एमएटी / एएमटी" पर ट्यूटोरियल को देखें।

एक आईएफएसी जो अपनी आय परिवर्तनीय विदेशी विनिमय में ही प्राप्त करता है, में स्थित एक यूनिट के मामले में धारा 115च के अंतर्गत एएमटी की मौजूदा 15 प्रतिशत की दर के स्थान पर 9 प्रतिशत की दर होगी।

सहकारी समितियों पर लागू विशेष कर की दरें

घरेलू सहकारी समितियों के लिए

वित्त अधिनियम, 2020 के मदद से 22 प्रतिशत की दर साथ ही 10 प्रतिशत के अधिभार और 4 प्रतिशत के अधिकर पर कराोपित किए जाने के लिए सहकारी समितियों को एक विकल्प देने के लिए आयकर अधिनियम में एक नई धारा 115खकघ को शामिल किया गया है। घरेलू सहकारी समितियों के पास प्रभावी निर्धारण वर्ष 2021-22 से नई धारा 115खकघ के अंतर्गत कराधान को चुनने का विकल्प दिया गया है। इस धारा के अंतर्गत एक बार विकल्प का प्रयोग करने पर बाद में उसी या किसी अन्य पिछले वर्ष के लिए निरस्त नहीं किया जा सकता।

यदि एक घरेलु सहकारी संस्थान धारा 115खकघ की नई व्यवस्था को चुनती है इसकी आय अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध विशेष प्रकार की छूट, कटौती या प्रोत्साहन राशि दिए बिना आंकी जाएगी। इस धारा को चुनने वाली संस्था को वैकल्पिक न्यूनतम कर (एएमटी) की सीमा से बाहर रखा गया है। आगे, एएमटी क्रेडिट की गणना, अग्रेषण और समायोजन से संबंधित प्रावधान इन निर्धारितियों पर लागू नही होंगे।

कम दरों पर कर का भुगतान करने का विकल्प केवल तभी उपलब्ध होगा यदि सहकारी संस्थान की कुल आय को निम्नलिखित छूट या कटौती का दावा किए बिना गिना जाता है :

क) विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थापित यूनिटों के लिए कटौती [धारा 10कक]

ख) नए संयंत्र और मशीनरी के संबंध में अतिरिक्त मूल्यह्रास [धारा 32(1)(iiक)]

ग) अधिसूचित पिछड़े क्षेत्र में नए संयंत्र और मशीनरी में निवेश के लिए कटौती [धारा 32कघ]

घ) चाय, कॉफी या रबड़ व्यापार के संदर्भ में कटौती [धारा 32कख]

ड़) भारत में पट्रोलियम या प्राकृतिक गैस के पूर्वेक्षण या निष्काषन या उत्पादन सहित व्यापार के संदर्भ में कटौती [धारा 32कघक]

च) वैज्ञानिक अनुसंधान जो व्यापार से संबंधित हो सकता है या नही भी, करने के लिए अनुमोदित वैज्ञानिक अनुसंधान संघ, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्थान [धारा 35(1)(ii)]

छ) वैज्ञानिक अनुसंधान जो व्यापार से संबंधित हो सकता है या नही भी, करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान करने के लिए एक भारतीय कंपनी को किए गए भुगतान के लिए कटौती [धारा 35(1)(iiक)]

ज) सामाजिक विज्ञान या सांख्यकीय अनुसंधान में अनुसंधान करने के लिए विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्थान [धारा 35(1)(iii)]

झ) वैज्ञानिक अनुसंधान जो व्यापार से संबंधित हो सकता है या नही भी, करने के लिए राष्ट्रीय प्रयोगशाला या आईआईटी आदि को किए गए दान से कटौती [धारा 35(2कक)]

ञ) कुछ निर्दिष्ट व्यापार यानी कोल्ड चेन सुविधा, वेयरहाउसिंग सुविधा आदि के संदर्भ में किए गए पूंजीगत व्यय के संदर्भ में कटौती [धारा 35कघ)]

ट) कृषि विस्तार परियोजना पर व्यय के लिए कटौती [धारा 35गगग)]

ठ) धारा 80ञञकक के अंतर्गत निर्दिष्ट आय को छोड़कर कुछ आय के संदर्भ में कटौती [अध्याय VI-क के भाग ग)]

जहां एक सहकारी संस्था धारा 115खकघ के अंतर्गत कर की कम दर का लाभ लेने का विकल्प चुनती है तो इसे किसी अग्रेषित हानि या किसी सीमित छूट से संबंधित मूल्यह्रास या निर्धारण वर्ष जिसके लिए विकल्प का प्रयोग किया गया है और किसी बाद के निर्धारण वर्ष में कटौती के लिए समायोजित करने हेतु दावा नही किया जा सकता है।

नई विनिर्माण घरेलू सहकारी संस्थाओं के लिए

वित्त अधिनियम के माध्यम से एक उत्पाद या वस्तु के विनिर्माण या उत्पादन में लगी घरेलू सहकारी संस्थाओं के लिए धारा 115खकड़ के अंतर्गत नई कर योजना की शुरूआत की गई है। यह नई योजना निर्धारण वर्ष 2024-25 से लागू होगी। यदि एक सहकारी संस्था इस योजना को चुनती है तो आय 15 प्रतिशत की रियायती दर पर करयोग्य होगी।

हालांकि, गैर-विनिर्माण या उत्पादन संबंधी गतिविधयों से प्राप्त किसी प्रकार की आय पर 22 प्रतिशत की दर पर कर लगाया जाएगा।

कम दरों पर कर देने का विकल्प केवल तभी उपलब्ध होगा यदि सहकारी संस्था की कुल आय निम्नलिखित छूट या कटौतियों का दावा किए बिना आंकी जाती है।

(क) विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थापित यूनिटों हेतु कटौती [ धारा 10कक]

(ख) नए संयंत्र और मशीनरी के संदर्भ में अतिरिक्त मूल्यह्रास [धारा 32(1)(iiक)]

(ग) चाय, कॉफी या रबड़ व्यापार के संदर्भ में कटौती [धारा 33कख]

(घ) भारत में प्राकृतिक गैस या पैट्रोलियम के उत्पादन या निष्कर्षण या पूर्वेक्षण वाले व्यापार के संदर्भ में कटौती [धारा 33कखक]

(ड़) वैज्ञानिक अनुसंधान, जो व्यापार से संबंधित हो सकती है या न ही भी, करने के लिए अनुमोदित वैज्ञानिक अनुसंधान संघ, विश्वद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्थान को किए गए दान के लिए कटौती [धारा 35(1)(ii)]

(च) वैज्ञानिक अनुसंधान जो व्यापार से संबंधित हो सकता है या नही भी, करने के लिए एक भारतीय कंपनी को किए गए भुगतान हेतु कटौती [धारा 35(1)(iiक)]

(छ) सामाजिक विज्ञान या सांख्यकीय अनुसंधन में अनुसंधान करने के लिए एक विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्थान को किए गए दान हेतु कटौती [धारा 35(1)(iii)]

(ज) वैज्ञानिक अनुंधान जो व्यापार से संबंधित हो सकता है या नही भी, के लिए राष्ट्रीय प्रयोगशाला या आईआईटी को किए गए दान [धारा 35(2कक)]

(झ) कुछ निर्दिष्ट व्यापार यानी कोल्ड चेन सुविधा, वेयरहाउसिंग सुविधा आदि के संदर्भ में किए गए पूंजीगत व्यय के संदर्भ में कटौती [धारा 35कघ]

(ट) कृषि विस्तारण परियोजना पर व्यय हेतु कटौती [धारा 35गगग]

(ठ) धारा 80कक के अंतर्गत निर्दिष्ट को छोड़कर अध्याय VI-क के अंतर्गत कटौती [धारा 35गगग]

जहां सहकारी संस्था धारा 115खकड़ के अंतर्गत कम कर के लाभ लेने का विकल्प चुनता है तो इसे उस निर्धारण वर्ष जिसके लिए विकल्प का प्रयेाग किया गया है और किसी बाद के निर्धारण वर्ष के लिए के लिए किसी प्रतिबंधित छूट या कटौती के कारण मूल्यह्रास या किसी अग्रेषित हानि को समायोजित करने की अनुमति नही होगी।

कुल आय पर गिने गए कर को अधिभार द्वारा आगे बढ़ाया जाएगा। अधिभार कुल आय पर कर के 10 प्रतिशत की दर पर लगाया जाएगा। आगे, आयकर और अधिभार की राशि ऐसे आयकर और अधिभार के 4 प्रतिशत की दर पर आंके गए स्वास्थ्य और शिचा उपकर द्वारा आगे बढ़ाई जाएगी।

निर्धारण वर्ष 2024-25 से, धारा 115खकड़ के अंतर्गत नई कर येाजना को चुनने वाली सहकारी संस्था को एएमटी के भुगतान से छूट भी दी गई है।

योग्य सहकारी संस्था को 01.04.2024 को या उससे पहले प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के किसी प्रासंगिक पिछले वर्ष के लिए धारा 139(1) के अंतर्गत आय की पहली विवरणी की प्रस्तुति के लिए देय तिथि को या उससे पहले निर्धारित तरीके में विकल्प को प्रयोग करना होगा। एक बार इस विकल्प का प्रयोग करने पर यह बाद के निर्धारण वर्ष के लिए लागू होगा। विकल्प का प्रयोग करने का तरीका सीबीडीटी द्वारा निर्धारित किया जाएगा।

स्थानीय प्राधिकारियों हेतु प्रयोज्य सामान्य कर की दर

30 प्रतिशत कर के अलावा, स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर आयकर के 4 प्रतिशत की दर पर और साथ ही अधिभार लगाया जाता है।

अधिभार : अधिभार आयकर की उस राशि के 12 प्रतिशत पर लगाया जाता है जहां निविल आय रू. 1 करोड़ से अधिक होती है। यदि जहां अधिभार लगाया जाता है तो 4% के दर पर एचईसी आयकर के राशि पर लगाया जायेगा साथ ही अधिभार भी लगेगा।

हालांकि मामूली राहत ऐसे तरीके में अधिभार से उपलब्ध है जहां रू. 1 करोड़ से अधिक की निविल राशि वाले व्यक्ति, आयकर तथा अधिभार के तौर पर देययोग्य आय की राशि जो रू. 1 करोड़ से अधिक है, के मुकाबले रू. 1 करोड़ की कुल आय पर आयकर के तौर पर देययोग्य कुल राशि से अधिक नहीं होगी।

एएमटी : गैर-निगमित करदाता की स्थिति में जिस पर वैकल्पिक न्यूनतम कर (एएमटी) के प्रावधान लागू होते है, देययोग्य कर धारा 115ञग के अनुसार आंकी गई "समायोजित कुल आय" के 18.5 प्रतिशत (+ एससी + ईसी + एसएचईसी) से कम नहीं हो सकती। एएमटी से संबंधित प्रावधानों के लिए ट्यूटोरियल सेक्शन में "एमएटी/एएमटी" पर ट्यूटोरियल को संदर्भित करें।

हालांकि, प्रभावी तिथि 2019-20 से, एक आईएफएसी जो अपनी आय परिवर्तनीय विदेशी विनिमय में ही प्राप्त करता है, में स्थित एक यूनिट के मामले में धारा 115ञच के अंतर्गत एएमटी की मौजूदा 18.50 प्रतिशत की दर के स्थान पर 9 प्रतिशत की दर होगी।

 

कर की दर पर एमसीक्यू

प्रश्न 1. एक निवासी व्यक्ति हेतु लागू होने वाली सामान्य कर की दर .....................पर निर्भर करेगी

(क) व्यक्ति की आयु (ख) व्यक्ति का लिंग

सही उत्तर : (क)

प्रश्न 2. 60 वर्ष से कम की आयु के निवासी व्यक्ति की स्थिति में सामान्य छूट की सीमा रू...................... है

(क) रू. 2,00,000 (ख) रू. 2,50,000

(ग) रू. 3,00,000 (घ) रू. 5,00,000

सही उत्तर : (ख)

प्रश्न 3. 60 वर्ष अथवा उससे अधिक लेकिन 80 वर्ष की आयु से कम के निवासी व्यक्ति की स्थिति में मूल छूट की सीमा रू...................... है

(क) रू. 2,00,000 (ख) रू. 2,50,000

(ग) रू. 3,00,000 (घ) रू. 5,00,000

सही उत्तर : (ग)

प्रश्न 4. 80 वर्ष की आयु से अधिक के निवासी व्यक्ति की स्थिति में मूल छूट की सीमा रू...................... है

(क) रू. 2,00,000 (ख) रू. 2,50,000

(ग) रू. 3,00,000 (घ) रू. 5,00,000

सही उत्तर : (घ)

प्रश्न 5. गैर-निवासी व्यक्ति की स्थिति में उसकी आयु का ध्यान रखे बिना मूल छूट की सीमा रू...................... है

(क) रू. 2,00,000 (ख) रू. 2,50,000

(ग) रू. 3,00,000 (घ) रू. 5,00,000

सही उत्तर : (ख)

प्रश्न 6. हिंदु अभिवाजित परिवार की स्थिति में मूल छूट की सीमा रू...................... है

(क) रू. 2,00,000 (ख) रू. 2,50,000

(ग) रू. 3,00,000 (घ) रू. 5,00,000

सही उत्तर : (ख)

प्रश्न 7. व्यक्ति की स्थिति में उपकर 37 प्रतिशत की दर से आयकर की राशि पर लगाया जाता है यदि निविल आय रू................ से अधिक हो

(क) 10 लाख (ख) 1 करोड़

(ग) 5 करोड़ (घ) 10 करोड़

सही उत्तर : (ग)

प्रश्न 8. एक निवासी व्यक्ति जिसने पुरानी कर व्यवस्था चुनी हो (जिसकी निविल आय रू. 5,00,000 से अधिक न हो) धारा 87क के अंतर्गत छूट का लाभ उठा सकता है। यह शिक्षा उपकर की गणना से पूर्व आयकर से कटौतीयोग्य होता है। छूट की राशि आयकर का 100 प्रतिशत अथवा रू................... जो भी कम हो, होता है

(क) 10,000 (ख) 12,500

(ग) 2,000 (घ) 1,000

सही उत्तर : (ख)

प्रश्न 9. गैर-निगमित करदाता की स्थिति में जो वैकिल्पक न्यूनतम कर (एएमटी) के प्रावधान का विषय हो, उसके द्वारा देययोग्य कर यह धारा 115ञग के अनुसार “समायोजित कुल आय” गणना से .......... प्रतिशत (एससी़+इसी+एसएचइसी) से कम नही हो सकती

(क) 15 (ख) 18

(ग) 18.5 (घ) 20

सही उत्तर : (क)

प्रश्न 10 : एक निवासी व्यक्ति, जिसने नई कर व्यवस्था (जिसकी शुद्ध आय रू. 12,00,000 से अधिक न हो) चुनी हो वह धारा 87क के अंतर्गत छूट का लाभ ले सकता है। यह शिक्षा उपकर की गणना से पहले आयकर से कटौतीपूर्ण है। छूट की राशि आयकर का 100 प्रतिशत या रू.............................., जो कम हो, है

(क) 10,000 (ख) 12,500

(ग) 60,000 (घ) 25,000

सही उत्तर : (घ)