लघु और मध्यम उद्यम सकल घरेलू उत्पाद और अर्थव्यवस्था के विकास में बड़ें अंश का योगदान करते हैं। उनके लिए सुविधा के रूप में, आयकर अधिनियम उन्हें कुछ लाभ प्रदान करता है और अन्य बातों के साथ, प्रकल्पित आधार पर आय की गणना करने का विकल्प, बही लेखों के अनिवार्य अंकेक्षण से छूट, टीडीएस से छूट और इसी प्रकार के कुछ प्रावधानों के अनुपालन से छूट प्रदान करता है। यह दस्तावेज उन प्रावधानों को एक संक्षिप्त परिचय देता है जो छोटे व्यापारियों के लिए निर्दिष्ट लाभ प्रदान करते हैं।

केवल छोटे व्यापारियों को उपलब्ध लाभ

अस्वीकरण:

इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।

 

जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें।

2.च छोटे व्यापारियों के लिए उपलब्ध लाभों की सूची

[निर्धारण वर्ष 2026-27]

क्र. सं.

विवरण

धारा

अनुमन्य लाभ / कटौती

क.

प्रकल्पित कराधान योजना

1.

धारा 44कख के तहत प्रकल्पित आधार पर पात्र व्यवसाय से आय की संगणना,  (कुछ शर्तों के अनुसार)

44कघ

पात्र व्यवसाय की प्रकल्पित आय सकल प्राप्ति या कुल कारोबार का 8% होगी। (यदि पात्र व्यवसाय का कारोबार या कुल प्राप्ति 2 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है।)

टिप्पणी : प्राप्त आय उस कुल कारोबार या सकल प्राप्तियों के संबंध में 6 प्रतिशत की दर पर आंकी जायगी जो अकाउंट में देय चेक या ड्राफ्ट या इलैक्ट्रोनिक निकासी प्रणाली जो भी निर्धापित हो का प्रयोग करते हुए प्राप्त किया जाता है

टिप्पणी : यदि पिछले वर्ष के दौरान प्राप्त नगद राशि ऐसे वर्ष के कुल कारोबार या कुल प्राप्ति के 5 प्रतिशत से अधिक नही है तो कुल कारोबार की प्रारंभिक सीमा रू. 2 करोड़ की बजाय रू. 3 करोड़ ली जाएगी। चेक या बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से प्राप्ति, जो अंकाउंट पेयी नहीहै, इस उद्देश्य के लिए नगद में प्राप्ति समझी जाएगी।

2. धारा 44कघक के आधार पर प्रकल्पित आधार पर पेशेवर से आय की गणना (कुछ शर्तों के आधार) 44कघक

पेशे की प्रकल्पित आय कुल प्राप्ति का 50 प्रतिशत होगा (यदि निर्धारिती की कुल प्राप्ति रू. 50 लाख से अधिक न हो)

टिप्पणी : यदि पिछले वर्ष के दौरान प्राप्त नगद राशि ऐसे वर्ष की कुल सकल प्राप्ति के 5 प्रतिशत से अधिक न हो तो कुल प्राप्ति की प्रारंभिक सीमा को रू. 50,00,000 के स्थान पर रू. 75,00,000 समझा जाएगा। चेक या बैंंक ड्राफ्ट की विधि के माध्यम से प्राप्ति जो अकाउंट पेयी नही है, उसे इस उद्देश्य के लिए नगद में प्राप्ति के तौर पर समझा जाएगा।

3.

यदि करदाता 10 से अधिक माल वाहन का स्वामित्व नहीं रखता है तो माल ढुलाई वाहन का कार्य करने, किराए या पट्टेदारी के व्यवसाय से प्रकल्पित आय

44कड़

भारी माल वाहको के लिए :

1,000 रु. प्रति टन प्रति महीने या महीने के उस भाग के लिए कुल वाहन भार, जिसके दौरान भारी उत्पाद वाहन निर्धारिती द्वारा ख़रीदा जाता है जिसके दौरान माल वाहन करदाता के स्वामित्व में है,

अन्य माल वाहको के लिए:

7,500 रु. जिसके दौरान माल वाहन करदाता के स्वामित्व में है,

टिप्पणी : ‘भारी माल वाहन’ का अर्थ ऐसे माल वाहक वाहन जिनका कुल वजन 12,000 किलोग्राम से अधिक हो।

ख.

व्यापार लाभ से कटौती

1.

परिसर के लिए किराया, दरें, कर, मरम्मत और बीमा (पूंजीगत व्यय को छोड़कर)

30

पूंजीगत व्यय को छोड़कर किया गया वास्तविक व्यय

2.

मशीनरी, संयंत्र और फर्नीचर की मरम्मत और बीमा (पूंजीगत व्यय को छोड़कर)

31

पूंजीगत व्यय को छोड़कर किया गया वास्तविक व्यय

3.

मूल्यहास निम्नलिखित परिसंपत्ति के संबंध में स्वीकृत होगा :

i. मूर्त परिसंपत्ति (भवन, मशीनरी, संयंत्र अथवा फर्नीचर)

ii. अमूर्त परिसंपत्ति (तकनीकी जानकारी, पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, लाईसेंस, फैंचाइज अथवा अन्य कोई समकक्ष प्रकार का व्यापार अथवा वाणिज्यिक अधिकार व्यापार या पेशे के साख की तौर पर नहीं)

32(1)(i)

मुल्यह्रास एक परिसंपत्ति की वास्तविक लागत पर विद्युत के उत्पादन अथवा विद्युत उत्पादन तथा वितरण के व्यापार में संलग्न करदाता हेतु स्वीकृत होगी

हालांकि, यदि परिसंपत्ति पिछले वर्ष के दौरान 180 दिनों से कम के लिए प्राप्त तथा प्रयोग की जाती हैं तो कटौती उक्त आंके गए मूल्यहास के 50 प्रतिशत तक सीमित होगी

टिप्पणी :

विद्युत के उत्पादन अथवा विद्युत उत्पादन तथा वितरण के व्यापार में संलग्न करदाता के पास प्रत्येक परिसंपत्ति के ब्लॉक के सीधी कटौती आधार विधि अथवा अवलेखित राशि विधि पर मूल्यहास का दावा कर सकता हैं।

4.

मूल्यहास निम्नलिखित परिसंपत्ति के संबंध में स्वीकृत होगा :

i. मूर्त परिसंपत्ति (भवन, मशीनरी, संयंत्र अथवा फर्नीचर)

ii.अमूर्त परिसंपत्ति (तकनीकी जानकारी, पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, लाईसेंस फैंचाइज अथवा अन्य कोई समकक्ष प्रकार का व्यापार अथवा वाणिज्यिक अधिकार व्यापार या पेशे के साख की तौर पर नहीं),

32(1)(ii)

मूल्यहास प्रत्येक परिसंपत्ति के खंड की अवलेखित राशि पर निर्धारित प्रतिशत पर समस्त करदाताओं (उक्त हेतु संदर्भितानुसार छोड़कर) हेतु स्वीकृत होगा (डब्ल्यूडीवी विधि के अनुसार)

हालांकि, यदि परिसंपत्ति पिछले वर्ष के दौरान 180 दिनों से कम के लिए प्राप्त तथा प्रयोग की जाती हैं तो कटौती उक्त आंके गए मूल्यहास के 50 प्रतिशत तक सीमित होगी

5.

अतिरिक्त मूल्यहास नए संयंत्र, तथा मशीनरी (समुद्री जहाज, वायुयान, कार्यालय उपकरण, पुराने संयंत्र तथा मशीनरी आदि को छोड़कर) के संबंध में

क) किसी वस्तु अथवा उत्पाद का विनिर्माण अथवा उत्पादन अथवा

ख) विद्युत उत्पादन अथवा विद्युत उत्पादन अथवा वितरण (यदि करदाता सीधी कटौती आधार पर मूल्यहास का दावा नही करता)

32(1)(iiक)

अतिरिक्त मूल्यहास नए संयंत्र तथा मशीनरी की वास्तविक लागत के 20 प्रतिशत पर स्वीकृत किया जाना हैं।

हालांकि, यदि परिसंपत्ति पिछले वर्ष के दौरान 180 दिनों से कम के लिए प्राप्त तथा प्रयोग की जाती हैं तो अतिरिक्त मूल्यहास का 50 प्रतिशत अधिग्रहण के वर्ष में स्वीकृत होगा तथा शेष 50 प्रतिशत अगले वर्ष में स्वीकृत होगा

6.

अतिरिक्त मूल्यहास नए संयंत्र तथा मशीनरी (समुद्री जहाज, वायुयान, कार्यालय उपकरण, पुराने संयंत्र अथवा मशीनरी आदि छोड़कर) कुछ शर्तो के अनुसार स्वीकृत होगा।

ऐसा अतिरिक्त मूल्यहास समस्त करदाताओं हेतु स्वीकृत होना हैं जिसने आंध्र प्रदेश, बिहार, तेलंगाना अथवा पश्चिम बंगाल राज्य में किसी अधिसूचित पिछडे़ क्षेत्र में किसी उत्पाद अथवा वस्तु के उत्पादन अथवा विनिर्माण के लिए उपक्रम अथवा उद्यम स्थापित किया।

टिप्पणी :

1. विनिर्माण ईकाई 1 अप्रैल, 2015 को अथवा इसके पश्चात् स्थापित होनी चाहिए

2. नया संयंत्र तथा मशीनरी 1 अप्रैल, 2015 को अथवा पश्चात् लेकिन 1 अप्रैल, 2020 से पूर्व प्राप्त तथा अधिष्ठाापित किया जाना चाहिए

धारा 32(1)(iiक) के परंतुक

अतिरिक्त मूल्यहास नए संयंत्र तथा मशीनरी की वास्तविक लागत के 35 प्रतिशत पर स्वीकृत किया जाना हैं।

हालांकि, यदि परिसंपत्ति पिछले वर्ष के दौरान 180 दिनों से कम के लिए प्राप्त तथा प्रयोग की जाती है तो अतिरिक्त मूल्यहास का 50 प्रतिशत अधिग्रहण के वर्ष में स्वीकृत होगा तथा शेष 50 प्रतिशत अगले वर्ष में स्वीकृत होगा

7.

निवेशगत भत्ता किसी वस्तु अथवा उत्पाद के व्यापार अथवा विनिर्माण अथवा उत्पादन में संलग्न कंपनी हेतु स्वीकृत होगा (कुछ शर्तों के अनुसार)

32कग

निवेशगत भत्ता प्राप्त तथा अधिष्ठापित नई परिसंपत्ति की वास्तविक लागत के 15 प्रतिशत पर स्वीकृत होगा।

8.

निवेशगत भत्ता उन समस्त करदाताओं के लिए स्वीकृत होगा जिन्होंने आंध्र प्रदेश, बिहार, तेलगाना अथवा पश्चिम बंगाल के अधिसूचित पिछडे़ क्षेत्रो में विनिर्माण ईकाई स्थापित करने के लिए नए संयंत्र तथा मशीनरी को प्राप्त किया

टिप्पणी :

1. नई परिसंपत्ति 1 अप्रैल, 2015 को अथवा पश्चात् लेकिन 1 अप्रैल, 2020 से पूर्व प्राप्त तथा अधिष्ठापित की जानी चाहिए

2. विनिर्माण ईकाई 1 अप्रैल, 2015 को अथवा पश्चात् स्थापित होनी चाहिए

3. मूल्यहास धारा 32कग के अंतर्गत कटौती के अतिरिक्त धारा 32कघ के अंतर्गत स्वीकृत होगी यदि निर्धारिती निर्दिष्ट शर्तों को पूरा करते हैं।

32कघ

नए संयंत्र तथा मशीनरी (समुद्री जहाज, वायुयान, वाहन, कार्यालय उपकरण, पुराना संयंत्र अथवा मशीनरी आदि को छोड़कर) में किए गए निवेश की वास्तविक लागत के 15 प्रतिशत पर स्वीकृत होगा

9.

स्टॉक/स्टोर की क्षति या विनाश के जोखिम को कवर करने वाला बीमा प्रीमियम

36(1)(i)

किया गया वास्तविक व्यय

10.

संघीय दुग्ध सहकारी समिति को दूध की आपूर्ति में संलग्न सहकारी समिति के सदस्य के स्वामित्व वाले पशुओं के जीवन को कवर करने वाला बीमा प्रीमियम

36(1)(iक)

किया गया वास्तविक व्यय

11.

निम्न के तहत कर्मचारी के स्वास्थ्य बीमा करने के लिए, नकदी के अलावा अन्य किसी भी विधि से अदा किया गया चिकित्सा बीमा प्रीमियम (क) केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित तथा जीआईसी ऑफ इंडिया द्वारा तैयार योजना या (ख) किसी अन्य बीमा कंपनी द्वारा तैयार और आईआरडीए द्वारा अनुमोदित योजना

36(1)(iख)

किया गया वास्तविक व्यय

12.

कर्मचारियों को भुगतान किया गया बोनस या कमीशन जो लाभ या लाभांश के रूप में आदेय नहीं होता, यदि उसे बोनस या कमीशन के रूप में भुगतान नहीं किया जाता।

36(1)(ii)

किया गया वास्तविक व्यय

13.

व्यापार अथवा पेशे के उद्देश्य से उधार ली गई पूंजी के संबंध में दिया गया ब्याज

36(1)(iii)

कुल व्यय किए गए ब्याज की राशि

टिप्पणी :

यदि राशि पूंजीगत परिसंपत्ति प्राप्त करने के लिए प्राप्त की जाती हैं तो परिसंपत्ति जब पहले प्रयुक्त हुई से पूर्व की अवधि से संबंधित उसका ब्याज कटौती के तौर पर स्वीकार्य नही होगा।

14.

मान्यता प्राप्त भविष्य निधि और अनुमोदित सेवानिवृत्ति निधि में नियोक्ता का योगदान [कुछ सीमाओं और शर्तों के अधीन]

36(1)(iv)

किया गया वास्तविक व्यय

15.

धारा 80गगघ में निर्दिष्ट किए गए के अनुसार, एक पेंशन योजना में योगदान के जरिए निर्धारिती-नियोक्ता द्वारा भुगतान की गयी कोई भी राशि, कर्मचारी के लिए उस हद तक जहां तक कि वह पिछले वर्ष कर्मचारी के वेतन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं है।

36(1)(ivक)

किया गया वास्तविक व्यय कर्मचारी के वेतन के 14 प्रतिशत की सीमा के अनुसार*

* वेतन = मूल वेतन + महंगाई भत्ता (जिस हद तक यह सेवानिवृत्ति लाभ का एक हिस्सा है) + कारोबार आधारित कमीशन

16.

मान्यता प्राप्त ग्रेच्युटी निधि में योगदान [कुछ सीमाओं और शर्तों के अनुसार]

36(1)(v)

किया गया वास्तविक व्यय

17.

एक अप्रतिसंहरणीय न्यास के तहत कर्मचारियों के लाभ के लिए विशेष रूप से बनाये गए अनुमोदित ग्रेच्युटी फंड में नियोक्ता का अंशदान कटौती के लिए अनुमन्य होगा (कुछ शर्तों के अनुसार)

36(1)(vक)

किया गया वास्तविक व्यय, प्रत्येक कर्मचारी के वेतन के 8.33% से अधिक नहीं

18.

उन पशुओं के संबंध में अनुमन्यता जिनकी मृत्यु हो गई या जो स्थायी रूप से बेकार हो गए हैं, [कुछ शर्तों के अनुसार]

36(1)(vi)

ऐसे पशुओं के अधिग्रहण की वास्तविक लागत घटा उन पशुओं के शवों की बिक्री से वसूल रकम

19.

अशोध्य ऋण जिसे अप्रतिसंहरणीय के रूप में लिखा गया है (कुछ शर्तों के अनुसार)

टिप्पणी :

प्रभावी निर्धारण वर्ष 2016-17 से, सदोष ऋण कटौती के तौर पर स्वीकार्य होगा भले ही वह बही खातों द्वारा खारिज नहीं होता है। ऐसी कटौती स्वीकार्य होगी यदि ऋण की राशि अथवा उसका भाग खाते में इसकी रिकॉर्डिंग के बिना धारा 145(2) के अंतर्गत अधिसूचित आय गणना तथा प्रकटीकरण मानक के आधार पर आय की गणना में विचार में लिया जाता हैं।

36(1)(vii)

वास्तविक अशोध्य ऋण जिन्हें बही लेखों से लिपिबद्ध किया गया है

20.

भुगतान किया गया प्रतिभूति लेनदेन कर

36(1)(xv)

किया गया वास्तविक व्यय यदि संगत आय को 'व्यवसाय या पेशे के लाभ व अभिलाभ' मद के तहत आय के रूप में शामिल किया जाता है।

21.

पिछले वर्ष के दौरान अपने किए गए कारोबार के दौरान कर योग्य वस्तुओं के लेनदेन के संबंध में एक निर्धारिती द्वारा भुगतान किया गया वस्तु लेनदेन कर के बराबर राशि कटौती के रूप में अनुमन्य होगी।

36(1)(xvi)

किया गया वास्तविक व्यय यदि संगत आय को 'व्यवसाय या पेशे के लाभ व अभिलाभ' मद के तहत आय के रूप में शामिल किया जाता है।

22.

गन्ने की खरीद के लिए सहकारी संस्था द्वारा किए गए व्यय की राशि (चीनी के विनिर्माण के व्यापार में संलग्न)

36(1)(xvii)

कटौती निम्नलिखित के न्यूनतम की सीमा तक स्वीकार्य होगी :

क) चीनी का वास्तविक खरीद मूल्य अथवा

ख) सरकार द्वारा अनुमोदित अथवा निश्चित चीनी का मूल्य

23. धारा 145(2) के अंतर्गत अधिसूचित आईसीडीएस के अनुसार आंके गई बाजार हानि या अन्य संभावित हानि को चिन्हित करना 36(1)(xviii) बाजार हानि या संभावित हानि को चिन्हित करना

24.

व्यापार या पेशे के प्रयोजनों के लिए पूरी तरह से और विशेष रूप से किया गया कोई भी अन्य व्यय [जो व्यक्तिगत या पूंजीगत व्यय और धारा 30-36 में वर्णित व्यय नहीं है]

37(1)

किया गया वास्तविक व्यय

25.

भागीदारों को भुगतान किया ब्याज, वेतन, बोनस, कमीशन या पारिश्रमिक

(कुछ शर्तों और सीमाओं के अनुसार)

40(ख)

क) ब्याज, साझेदारी दस्तावेज की शर्तों के अनुसार लेकिन 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष साधारण ब्याज से अधिक नहीं

ख) सक्रिय भागीदारों को पारिश्रमिक:

■ यदि बही लाभ ऋणात्मक है: रु.3,00,000

■ यदि बही लाभ धनात्मक है:

 (i) बही लाभ के पहले 6 लाख रुपये पर, रु. 3,00,000 या बही लाभ का 90% जो भी अधिक हो

(ii) शेष बही लाभ का 60%

ग.

बही खातों का रखरखाव और उनका अंकेक्षण:

1.

निर्धारित बही खातों का अनिवार्य रखरखाव - निर्दिष्ट व्यवसाय

(कुछ शर्तों और परिस्थितियों के अधीन)

44कक

निर्दिष्ट पेशों में संलग्न व्यक्ति

2.

निर्धारित बही लेखों का अनिवार्य रखरखाव - अन्य व्यवसाय या पेशे

(कुछ शर्तों और परिस्थितियों के अधीन)

44कक

1) यदि कुल बिक्री, कारोबार या सकल प्राप्तियां तुरंत पिछले वर्ष के तीन पूर्ववर्ती वर्षों में किसी भी वर्ष उनकी सकल प्राप्तियां 10,00,000 रुपये से अधिक हैं, या

2) तुरंत पिछले वर्ष पूर्ववर्ती तीन वर्षों में किसी एक में व्यापार या पेशे से आय 1,20,000 रुपए से अधिक है।

टिप्पणी : व्यक्ति या एचयूएफ केवल तभी अपने बही खातों को सुरक्षित रखना आवश्यक है जब या तो उनका कुल कारोबार/सकल प्राप्ति रु. 25,00,000 से अधिक हो या व्यापार या पेशे से उनकी आय रु. 2,50,000 से अधिक हो।

3.

बही लेखों का अनिवार्य अंकेक्षण (कुछ शर्तों और परिस्थितियों के अधीन)

44कख

1) व्यापार के मामले में किसी भी पिछले वर्ष में यदि कुल बिक्री, कारोबार या सकल प्राप्तियां 1 करोड़ रुपये से अधिक है या

2) पेशे के मामले में किसी भी पिछले वर्ष में यदि सकल प्राप्तियां 50 लाख रुपये से अधिक हैं।

टिप्पणी : यह धारा उस व्यक्ति के लिए प्रयोज्य नहीं है जो धारा 44कघ/44कघक के अंतर्गत प्रकल्पित कराधान को चुनता है।

      ख) रू. 1 करोड़ की प्रारंभिक सीमा को रू. 10 करोड़ तक बढ़ा जाएगा यदि जहां वर्ष के दौरान नगद प्राप्ति और किया गया भुगतान व्यापार के भुगतान या कुल प्राप्ति के 5 प्रतिशत से अधिक नही होता।

घ.

छूट और कटौती

1.

एचयूएफ के व्यक्तिगत सदस्य द्वारा प्राप्त राशि [धारा 64(2) के उपबंधों के अनुसार]

10(2)

पूरी राशि कर से मुक्त है।

2.

एक साझेदारी फर्म से भागीदारों द्वारा प्राप्त लाभ का हिस्सा

10 (2क)

पूरी राशि कर से मुक्त है।

3.

एचयूएफ के एक रिश्तेदार या सदस्य से अपर्याप्त विचार के लिए या विचार-विमर्श के बिना 1 अप्रैल 2017 को या उसके बाद प्राप्त अचल संपत्ति या चल संपत्ति या कुल राशि (कुछ शर्तों और परिस्थितियों के अनुसार)

टिप्पणी :

एक रिश्तेदार या एचयूएफ के सदस्य से बिना विचार या पर्याप्त*** विचार किए बिना 1 अप्रैल, 2017 को या उसके बाद प्राप्त किसी प्रकार की कुल राशि या अचल संपत्ति या चल संपत्ति की प्राप्ति (कुछ शर्तों और परिस्थितियों के अनुसार) टिप्पणी :

1. अचल संपत्ति के मामले में, ‘अपर्याप्त विचार’ का अर्थ स्टांप ड्यूटी और वास्तविक राशि के बीच का अंतर होगा यदि यह रू. 50,000 से अधिक है या राशि के 10 प्रतिशत से बराबर राशि, जो भी अधिक हो, है।

2. कोविड-19 से संबंधित किसी बीमारी के संबंध में एक व्यक्ति द्वारा खुद उस पर या उसके परिवार के किसी सदस्य के चिकित्सा उपचार पर किए गए वास्तविक व्यय के संदर्भ में किसी व्यक्ति द्वारा, किसी इंसान द्वारा, प्राप्त किसी राशि को ऐसे व्यक्ति की आय के तौर पर नही समझा जाएगा (कुछ शर्तों के अनुसार)

3. एक व्यक्ति जिसकी कोविड-19 के कारण मृत्यु हो चुकी हो, के पारिवारिक सदस्य द्वारा प्राप्त राशि, ऐसी प्राप्त राशि परिवार के सदस्य की आय के तौर पर नही समझी जाएगी जहां ऐसी आय मृतक व्यक्ति के नियोक्त से प्राप्त होती है। जहां कोई राशि किसी व्यक्ति या व्यक्तियों की ओर से प्राप्त होती है तो छूट संबंधी राशि कुल रू. 10 लाख तक सीमित हेागी (कुछ शर्तों के अनुसार)

56(2)(x)

निर्दिष्ट रिश्तेदारों से या निर्दिष्ट परिस्थितियों में प्राप्त पूरी राशि को कर योग्य आय में शामिल नहीं किया जाएगा।

4.

सुसज्जित/गैर सुसज्जित रिहायशी आवास के लिए भुगतान किया गया किराया (कुछ शर्तों के अनुसार)

80छछ

निम्न का न्यूनतम कर से मुक्त होगा:

क) कुल आय के 10% से अधिक भुगतान किया गया किराया*

ख) कुल आय का 25% या

ग) 5,000 रु. प्रति माह

कुल आय = सकल कुल आय घटा दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ, धारा 111क तहत अल्पकालिक पूंजीगत लाभ धारा 80ग से 80प के अंतर्गत कटौतियां (80छछ को छोड़कर) और धारा 115क के अंतर्गत आय

5.

नए कर्मचारियों के रोजगार के संबंध में कटौती

80ञञकक

कटौती पहले 3 निर्धारण वर्षों के लिए अतिरिक्त श्रमिकों हेतु दी गई मजदूरी लागत के 30 प्रतिशत पर स्वीकार्य होगी

टिप्पणी

"अतिरिक्त मजदूरी लागत" अर्थात् पिछले वर्ष के दौरान नियोजित अतिरिक्त कामगारों का दिया गया अथवा देय योग्य पारिश्रमिक। बशर्ते कि मौजूदा व्यापार की स्थिति में, अतिरिक्त कर्मचारी लागत शून्य होगी यदि -

(क) उत्तरगामी वर्ष के अंतिम दिन पर नियोजित कर्मचारियों की कुल संख्या से कर्मचारी की संख्या में कोई बढ़ोत्तरी न हुई हो

(ख) बैंक खाते के माध्यम से इलैक्ट्रानिक क्लयरिंग सिस्टम के प्रयोग द्वारा अथवा खाते में देय बैंक ड्राफ्ट अथवा खाता देय चेक को छोड़कर दिया गया पारिश्रमिक (अन्य शर्तों के अनुसार)

6.

पात्र स्टार्ट अपस के संबंध में कटौती (कुछ शर्तों के अनुसार)

टिप्पणी :

  1. पात्र स्टार्ट अप अर्थात् एक कंपनी अथवा एक सीमित देयता सहभागिता, 01.04.2016 को अथवा उसके बाद लेकिन 01.04.2030 से पहले निगमित, जिसका कुल कारोबार रू. 25 से अधिक न हो तथा अंतर मंत्रालयी प्रमाणण बोर्ड द्वारा जारी प्रमाणपत्र रखता हो

  2. यह अवधि वर्ष जिसमें पात्र स्टार्ट अप निगमित हुआ, से प्रारंभ होने वाले 7 वर्षों की किसी 3 निरंतर मूल्यांकन वर्षों के लिए उपलब्ध है

80-झकग

तकनीक अथवा बौद्धिक संपत्ति अधिकार द्वारा संचालित नए उत्पादों, प्रसंस्करण अथवा सेवाओं के नवीकरण, विकास, नियोजन अथवा वाणिज्यकरण सहित व्यापार से एक पात्र स्र्टाट अप द्वारा व्युत्पन्न लाभ तथा प्राप्ति की 100 प्रतिशत कटौती

7.

गृह परियोजनाओं से प्राप्त लाभ और प्राप्ति के संदर्भ में कटौतियां

80-झखक

किफायती गृह परियोजनाओं के विकास और निर्माण के व्यापार से निर्धारिती द्वारा प्राप्त 100 प्रतिशत लाभ और प्राप्तियों की कटौती

ड़.

स्रोत पर कर कटौती और अग्रिम कर

1.

एक ठेकेदार या उप ठेकेदार की स्थिति में धारा 194ग के अंतर्गत टीडीएस की निम्न दर (शर्तों के अनुसार)

कर की कटौती आपेक्षित है यदि वित्त वर्ष के दौरान दी गई रू. 30,000 से अधिक की दी गई राशि अथवा कुल दी गई राशि रू. 75,000 से अधिक होती है (01.06.2016 से रू. 1,00,000)

194ग

यदि प्राप्तकर्ता एक व्यक्ति या एचयूएफ है तो स्रोत पर कर की 1% पर कटौती

2.

पिछले वर्ष के दौरान किसी समय दस अथवा उससे कम के मालवाहन का स्वामित्व तथा मालवाहन चलाने,किराये अथवा पट्टेदारी के व्यापार वाले ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर हेतु दिया गया अथवा देययोग्य किसी राशि से कोई टीडीएस नही है

194ग

कोई टीडीएस नही यदि ऐसा ट्रांसपोर्टर भुगतान करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति को अपना पैन प्रस्तुत करता हैं

3.

एक कंपनी द्वारा जारी डिबेंचरों पर ब्याज के भुगतान पर कोई टीडीएस नहीं जिसमें लोग काफी रुचि रखते हैं। बशर्ते कि व्यक्ति और एचयूएफ को ब्याज का भुगतान आदाता खाता चेक द्वारा किया जाता है।

193

कोई टीडीएस नहीं यदि वित्तीय वर्ष के दौरान ब्याज 10,000 रुपये से अधिक नहीं है।

3क प्रतिभूतियों पर दिए गए पर ब्याज से कोई टीडीएस नही 193 कोई टीडीएस नही यदि ब्याज की राशि एक वित्त वर्ष में एकल भुगतान या कुल भुगतान के तौर पर रू. 10,000 ये अधिक न हो
3ख एक निवासी व्यक्ति को दी गई 8 प्रतिशत बचत (करयोग्य) बांड, 2003, 7.75 बचत (करयोग्य) बांड, 2018, परिवर्तनीय दर बचत बांड, 2020 (करयोग्य) या अन्य अधिसूचित प्रतिभूति 193 यदि वित्त वर्ष के दौरान दी गई या देययोग्य राशि रू. 10,000 से अधिक न हो
3ग निवासी व्यक्तियों को नगद को छोड़कर किसी अन्य विधि द्वारा दिए गए लाभांश से कोई टीडीएस नही है 194 कोई टीडीएस नही है यदि वित्त वर्ष के दौरान दी गई या देययोग्य राशि रू. 10,000 से अधिक नही है

4.

धारा 194क, 194ग, 194ज, 194-झ और 194ञ के तहत स्रोत पर कर कटौती के लिए कोई दायित्व नहीं यदि कोई व्यक्ति या एचयूएफ एक ऐसा व्यवसाय या पेशा कर रहा है और ऐसे व्यवसाय या पेशे से कुल बिक्री, कारोबार या सकल प्राप्तियां, वित्त वर्ष जिसमें ऐसी राशि जमा की जाती है या भुगतान किया गया हो, के तुरंत पहले के वित्त वर्ष के दौरान व्यापार के मामले में रू. 1 करोड़ और पेशे के मामले में रू. 50 लाख से अधिक नही है।

स्रोत पर कर कटौती के लिए देय नहीं

4क ई-कॉमर्स के प्रतिभागियों को भुगतान पर कोई टीडीएस नहीं 194ण वित्त वर्ष के दौरान निवासी व्यक्ति और एचयूएफ को दिया गया या देययोग्य शुल्क रू. 5 लाख से अधिक न हो
4ख

पेशेवर सेवाओं के लिए कमीशन (धारा 194घ में संदर्भित बीमा कमीशन के तौर पर नहीं) या ब्रोकेज या शुल्क के रूप में एक अनुबंध के अनुरूप किसी कार्य (किसी कार्य को करने के लिए श्रमिकों की आपूर्ति सहित) को करने के लिए किसी निवासी को किसी राशि का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार एक व्यक्ति* या एचयूएफ* द्वारा कर कटौती की बाध्यता नहीं है।

*उनको छोड़कर जिनको धारा 194ग, धारा 194ज या धारा 194 के प्रावधानों के अनुसार आयकर काटना आवश्यक है।

194ड

निर्दिष्ट भुगतान से कोई कर नहीं काटा जाएगा यदि वर्ष के दौरान दी गई या जमा की गई कुल राशि रू. 50 लाख से अधिक न हो

4ग

एक वरिष्ठ नागरिक (जिसकी आयु 75 वर्ष या उससे अधिक है) द्वारा आय की विवरणी को दाखिल करने की कोई अनिवार्यता नही है यदि :

क) उसकी कुल आय में डिडक्टर (ऐसे बैंक) के पास संचालित किसी खाते से प्राप्त हुए या प्राप्त होने वाले ब्याज और पेंशन के रूप में आय ही शामिल हो और

घ) ऐसी आय पर कर प्रभावी दरों के आधार पर डिडक्टर द्वारा काटा जाता है

194त

आय की विवरणी को दाखिल करने की कोई बाध्यता नही

4घ

कोई टीडीएस नही यदि वित्त वर्ष के दौरान उत्पादों की खरीद के लिए निवासी विक्रेता को राशि दी जाती हो या दी जानी हो यदि उत्पादों की कुल राशि रू. 50 लाख से अधिक न हो

194थ

निवासी विक्रेता को किए गए भुगतान से कोई टीडीएस नही

4ड़

वित्त वर्ष के दौरान दिए गए लाभ/रियायत की कुल राशि पर कोई टीडीएस नही यदि रू. 20,000 से अधिक न हो

194द

कोई टीडीएस नही यदि एक निवासी को किसी प्रकार के लाभ या रियायत नही दी जाती

4च

निम्नलिखित परिस्थिति में इस प्रावधान के अंतर्गत कोई कर कटौती नही की जाएगी :

• यदि प्रतिफल किसी व्यक्ति (एक निर्दिष्ट व्यक्ति को छोड़कर) द्वारा देययोग्य है और इकसी कुल कीमत वित्त वर्ष के दौरान रू. 10,000 से अधिक नही है

• यदि राशि एक निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा देययोग्य है और इसकी कुल राशि वित्त वर्ष के दौरान रू. 50,000 से अधिक नही है

निर्दिष्ट व्यक्ति का अर्थ :

(क) वित्त वर्ष जिसमें वर्चुअल परिसंपत्ति को स्थानांतरित किया जाता है, के तुरंत बाद के वित्त वर्ष के दौरान एक व्यक्ति या एक एचयूएफ, जिसकी कुल बिक्री, कुल प्राप्तियां या कारोबार व्यापार करने के मामले में रू. 1 करोड़ या पेशे के मामले में रू. 50 लाख से अधिक नही है

(ख) एक व्यक्ति या एक एचयूएफ जिसकी शीर्षक व्यापार या पेशे के लाभ या प्राप्ति के अंतर्गत किसी प्रकार की आय नही है

194ध

वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के स्थानांतरण पर भुगतान से कोई टीडीएस नही

4छ फर्म के सहभागियों को किए गए भुगतान पर कोई टीडीएस नही 194ट यदि वित्त वर्ष के दौरान दी गई/देययोग्य राशि या कुल राशि रू. 20,000 से अधिक न हो

5.

धारा 194 और 194ड़ड़ के तहत कोई कटौती नहीं की जाएगी यदि निवासी व्यक्ति दाता को निर्धारित प्रपत्र में एक लिखित घोषणा प्रस्तुत करता है कि पिछले वर्ष उसकी अनुमानित कुल आय पर कर शून्य होगा।

197क(1)

निर्दिष्ट भुगतान से कोई कर कटौती नहीं की जाएगी यदि भुगतान की गयी राशि कर के दायरे में आने वाली अधिकतम राशि से अधिक नहीं है।

6.

धारा 192क, धारा 193, 194, 194क, धारा 194घ, 194घक, 194ड़ड़, 194झ और 194ट के तहत कोई कर कटौती नहीं की जाएगी यदि निवासी वरिष्ठ नागरिक दाता को निर्धारित प्रपत्र में एक लिखित घोषणा प्रस्तुत करता है कि उसकी पिछले साल की अनुमानित कुल आय पर कर शून्य होगा।

197क(1ग)

निर्दिष्ट भुगतान से कोई कर कटौती नहीं की जाएगी

7.

व्यापार या पेशे से कोई आय न रखने वाले एक निवासी वरिष्ठ नागरिक या निवासी अति वरिष्ठ नागरिक द्वारा अग्रिम कर के भुगतान से छूट। (जो पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय कम से कम 60 वर्ष की आयु का है)

207(2)

अग्रिम कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं

8.

धारा 44कघ या धारा 44कघक के तहत प्रकल्पित कराधान योजना अपनाने वाले करदाता द्वारा अग्रिम कर के भुगतान से छूट

44कघ या धारा 44कघक

अग्रिम कर की पूर्ण राशि वित्त वर्ष के 15 मार्च को अथवा उससे पहले एक किश्त में दी जा सकती है

9.

अग्रिम कर के भुगतान के लिए दायित्व

208

करदाता अग्रिम कर के लिए तभी उत्तरदायी है जब उसकी अग्रिम कर देयता 10,000 रुपये से अधिक है।

च.

मूल छूट सीमा

1.

अधिकतम आय राशि जो आय कर प्रभार्य नहीं है।

रु. 2,50,000

व्यक्ति / एचयूएफ करदाता

1क आय की अधिकतम राशि जो आयकर हेतु वसूलनीय नही है यदि ऐसे व्यक्ति की आय धारा 115खकग के अंतर्गत कर हेतु वसूलनीय रू. 4,00,000 व्यक्ति, एचयूएफ/एओपी/बीओआई/कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति

2.

आय की अधिकतम राशि जो एक निवासी वरिष्ठ नागरिक के हाथों आय कर के दायरे में नहीं है

(जो पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय कम से कम 60 वर्ष आयु का है, लेकिन पिछले साल के अंतिम दिन पर 80 वर्ष से कम आयु का है)

रु. 3,00,000

निवासी वरिष्ठ नागरिक

3.

आय की अधिकतम राशि जो एक निवासी अति वरिष्ठ नागरिक के हाथों आय कर के दायरे में नहीं है

(जो पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय कम से कम 80 वर्ष की आयु का है)

रु. 5,00,000

निवासी अति वरिष्ठ नागरिक

4.

निवासी व्यक्ति के लिए छूट जिनकी कुल आय 5,00,000 रुपये से अधिक नहीं है [धारा 87क]

अधिकतम 12,500 रु.  के अनुसार तक देय कर

निवासी व्यक्ति

4क नई कर व्यवस्था को चुनने वाले घरेलू व्यक्ति को छूट और जिनकी कुल आय रू. 12,00,000 से अधिक नही होती (धारा 87क) रू. 60,000 की अधिकतम सीमा तक देययोग्य कर

टिप्पणी : धारा 87क के अंतर्गत कुल छूट धारा 115खकग(1क) में दी गई दरों के अनुसार देययोग्य कर की राशि से अधिक नही होगी (निर्धारण वर्ष 2026-27 से प्रभावी)
निवासी व्यक्ति

5.

एचयूएफ एक अलग इकाई के रूप में कर के निर्धार्य है।

एचयूएफ को व्यक्तिगत सदस्य या कर्ता से अलग एक व्यक्ति के रूप में माना जाता है।

एचयूएफ

6. धारा 115खकग के अंतर्गत रियायती कर व्यवस्था घटाई गई दरों पर करों के भुगतान के लिए विकल्प (कुछ शर्तों के अनुसार) व्यक्ति, एचयूएफ/एओपी/बीओआई/कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति
छ.

घरेलू कंपनी के लिए रियायती कर की दर

1.

घरेलू कंपनी के लिए कर की रियायती दर होगी यदि -

  (i) ऐसी कंपनी को 1 मार्च, 2016 को अथवा उसके पश्चात् स्थापित किया गया हो तथा पंजीकृत किया गया हो तथा

 (ii) यह किसी उत्पाद अथवा वस्तु के विनिर्माण अथवा उत्पादन के व्यापार में संलग्न हो

(कुछ अन्य शर्तों के अनुसार)

115खक

आय, ऐसी कंपनी के विकल्प पर, 25 प्रतिशत की रियायती दर पर आंकी जाएगी

2.

घरेलू कंपनी के लिए कर की रियायती दर, यदि पिछले वर्ष 2023-24 में कुल कारोबार या कुल प्राप्ति रू. 400 करोड़ से अधिक न हो

वित्त अधिनियम, 2025 की पहली अनुसूची आयकर की दर कुल आय का 25% होगी

3.

घरेलू कंपनी के लिए कर की रियायती दर यदि कंपनी की आय यदि कंपनी की कुल आय निर्दिष्ट कटौती या कटौती दिए बिना गिनी जाती है

115खकक

आयकर की दर कुल आय का 22 प्रतिशत होगी

4.

घरेलू विनिर्माण कंपनी के लिए कर की रियायती दर यदि :

क) ऐसी कंपनी 01.10.2019 को या उसके बाद निगमित हुई हो

ख) इसे 01.10.2019 को या उसके बाद लेकिन 31.03.2024 से पहले एक उत्पाद या वस्तु के विनिर्माण या उत्पादन को प्रारंभ करना चाहिए

ग) विद्युत के उत्पादन या उसके द्वारा विनिर्मित या उत्पादित ऐसी वस्तु या उत्पाद के संबंध में अनुसंधान और किसी उत्पाद या वस्तु के विनिर्माण या उत्पाद में संलग्न होना चाहिए

घ) कंपनी की कुल आय निर्दिष्ट कटौती या छूट के लिए दिए बिना गिनी जाती है (कुछ अन्य शर्तों के अनुसार)

115खकख

आयकर की दर कुल आय का 15 प्रतिशत होगी

5.

घरेलू सहकारी संस्था के लिए कर की रियायती दर यदि कंपनी की कुल आय निर्दिष्ट कटौती या छूट दिए बिना गिनी जाती है

115खकघ

आयकर की दर कुल आय का 22 प्रतिशत होगी

6. एक वस्तु या उत्पाद के विनिर्माण या उत्पादन में संलग्न घरेलू सहकारी समितियों के लिए रियायती कर की दर यदि कंपनी की कुल आय निर्दिष्ट कटौती या छूट दिए बिना आंकी जाती है 115खकड़ आयकर की दर कुल आय का 15 प्रतिशत होगी

ज. आय की विवरणी के ई-दाखिलीकरण से छूट

निर्धारण वर्ष 2019-20 से प्रत्येक करदाता को आयकर विवरणी को इलैक्ट्रानिक रूप से दाखिल करना है केवल अति वरिष्ठ नागरिक (अर्थात् एक व्यक्ति जिसकी आय पिछले वर्ष 2018-19 के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष या उससे अधिक हो) को छोड़कर, जो आईटीआर-1 या आईटीआर-4 प्रस्तुत करता है।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2025 द्वारा संशोधित]