आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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रिलीज़ दिनांक

07/04/2017

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भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नर्इ दिल्ली, 7 अप्रैल, 2017

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

घरेलू काले धन को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियां

 

राजस्व विभाग के अंतर्गत कानून प्रवर्तन एजेंसियां (एलर्इए) के अनुकूल व समन्वयित कार्यों के कारण पिछले तीन सालों के दौरान काले धन के संकट से लड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

अवधि के दौरान प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष करों में अभूतपूर्व प्रवर्तन कार्रवार्इ देखी गर्इ है। जबकि 23064 खोज/सर्वेक्षण किए गए (आयकर 17525; सीमा शुल्क 2509, केंद्रीय उत्पाद शुल्क 1913; सेवा कर 1120); रू. 1.37 लाख करोड़ से अधिक कर अपवंचन की पहचान की गर्इ (आयकर 69434; सीमा शुल्क 11405; केंद्रीय उत्पाद शुल्क 13952; सेवा कर 42727)। इसी प्रकार, आपराधिक अभियोजन 2814 मामलों में दिया गया (आयकर 1966; सीमा शुल्क 526; केंद्रीय उत्पाद शुल्क 293; सेवा कर 29) और 3893 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया (सीमा शुल्क 3782; केंद्रीय उत्पाद शुल्क 47; सेवा कर 64)

प्रवर्तन निदेशालय ने 519 मामलों को पंजीकृत करके अपनी एंटी मनी लांड्रिग के खिलाफ कार्रवार्इ को तेज किया है और 396 खोज की। 79 मामलों में लोगों को हिरासत में लिया गया और रू. 14,933 करोड़ की संपत्ति को संबद्ध किया गया।

बेनामी निषेध कानून जो पिछले 28 सालों के लिए प्रभावी रहा को नवंबर, 2016 से प्रभावी समग्र संशोधन के माध्यम से संचालनात्मक किया गया था। 245 से अधिक बेनामी लेनदेन की पहले ही पहचान की जा चुकी है। रू. 55 करोड़ वाले संपत्तियों की अनंतिम संलग्नता भी 124 मामलों में पहले ही की जा चुकी है।

प्रासंगिक कानून और नियमों को सुव्यवस्थित व कड़ा किया गया, कमियों को दूर किया गया और दंडात्मक प्रावधानों को सुदृढ़ किया गया। विभिन्न माध्यमों जैसे रू. 2 लाख से अधिक के नगद लेनदेन पर जुर्माना, केवल रू. 10000 तक ही नगद व्यय की स्वीकृति सीमा, पैन व आयकर विवरणी को दाखिल करने के लिए आधार को अनिवार्य करना, रू. 50,000 से अधिक के नगद जमा के लिए पैन अनिवार्य करना, बैंक खाते के साथ पैन को अनिवार्य रूप से जोड़ना, एक समान राशि के जुर्माने के अधिरोपण द्वारा अचल संपत्ति के स्थानांतरण में रू. 20,000 या उससे अधिक के नगद पर रोक और 9 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के दौरान बचत खाते में रू. 2.5 लाख से अधिक का नगद जमा और चालू खाते में रू. 12.5 लाख से अधिक के नगद जमा पर अनिवार्य सूचना जैसे कर्इ तरीकों के माध्यम से नगद लेनदेन की जांच व नियंत्रण के लिए कर्इ प्रभावी कदम उठाए गए थे।

गलत गतिविधियों में संलग्न हजारों मूल कंपनियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही एलर्इए (आर्इटी/र्इडी/एमसीए/एसएफआर्इओ/सीबीआर्इ) द्वारा प्रवर्तन कार्रवार्इयों (खोज, सर्वेक्षण, गिरफ्तारी, अभियोजन) के माध्यम से प्रभावी की गर्इ थी। पिछले तीन वित्त वर्षों (2013-14 से 2015-16) के दौरान, आयकर जांच से 22,000 से अधिक लाभार्थियों द्वारा माध्यम के तौर पर प्रयोग हो रही 1155 से अधिक मूल कंपनियां/उद्यमों की कमी की गर्इ। ऐसे लाभार्थियों के गैर-वास्तविक लेनदेन में शामिल राशि रू. 13,300 करोड़ से अधिक थी। कार्पोरेट मामला मंत्रालय अप्रचलित/गैर- आज्ञाकारी कंपनियों के नाम को हटाने के लिए एक लाख से अधिक नोटिस जारी कर चुका है। एक अधिक अधिकार वाले समूह को काले धन के उत्पत्ति और इसके प्रयोग के माध्यम को रोकने के लिए संबंधित विभागों द्वारा समन्वयकारी और निरीक्षण कार्यवाही के लिए स्थापित किया गया है।

कर अपवंकों व मनी लॉन्डर्स को महसूस कराकर कि उनके विचित्र व्यवहार के लिए भारी कीमत चुकानी होगी व आने वाले दिनों में काले धन के विरूद्ध इस लड़ार्इ को और तेज किया जाएगा।

 

(मीनाक्षी जे. गोस्वामी)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी