आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 96

अननुज्ञेय परिवर्जन ठहराव

धारा

धारा संख्या

96

अध्याय शीर्षक

अध्याय X क - सामान्य परिवर्जनरोधी नियम

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2012

अननुज्ञेय परिवर्जन ठहराव

अननुज्ञेय परिवर्जन ठहराव

अननुज्ञेय परिवर्जन ठहराव

96. (1) किसी अननुज्ञेय परिवर्जन ठहराव से ऐसा ठहराव अभिप्रेत है, जिसका मुख्य प्रयोजन या मुख्य प्रयोजनों में एक प्रयोजन कर फायदा अभिप्राप्त करने का है और,–

(क) इससे ऐसे अधिकारों या बाध्यताओं का सृजन होता है, जो सामान्यतया असन्निकट संबद्ध व्यक्तियों के बीच सृजित नहीं होती हैं;

(ख) उसके परिणामस्वरूप इस अधिनियम के उपबंधों का, प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से, गलत उपयोग या दुरुपयोग होता है;

(ग) इसमें धारा 97 के अधीन, संपूर्णत: या भागत:, वाणिज्यिक सारतत्व नहीं है या उसके बारे में यह समझा जाता है कि उसमें वाणिज्यिक सारतत्व नहीं है; या

(घ) वह ऐसे साधनों द्वारा या ऐसी रीति में किया जाता है या कार्यान्वित किया जाता है, जो सामान्यतया सद्भावी प्रयोजनों के लिए अपनार्इ नहीं जाती है।

(2) ऐसे ठहराव के बारे में इस तथ्य के होते हुए भी कि संपूर्ण ठहराव का मुख्य प्रयोजन कर फायदा अभिप्राप्त करना नहीं है, यह उपधारणा की जाएगी कि वह कोर्इ कर फायदा अभिप्राप्त करने के मुख्य प्रयोजन के लिए किया गया है या कार्यान्वित किया गया है, यदि ठहराव या उसके किसी भाग को करने के किसी भी उपाय का मुख्य प्रयोजन कर फायदा अभिप्राप्त करने का है।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा संशोधित रूप में]

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