आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 94ख

कतिपय मामलों में ब्याज कटौती को सीमित करना।

धारा

धारा संख्या

94ख

अध्याय शीर्षक

अध्याय X - कर वंचन के संबंध में विशेष प्रावधान

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2019 (सं.2)

कतिपय मामलों में ब्याज कटौती को सीमित करना।

कतिपय मामलों में ब्याज कटौती को सीमित करना।

11[कतिपय मामलों में ब्याज कटौती को सीमित करना।

94ख. (1) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां कोर्इ भारतीय कंपनी या भारत में किसी विदेशी कंपनी का स्थायी स्थापन, जो उधार लेने वाला है, एक करोड़ रुपए से अधिक ब्याज के रुप में या वैसे ही प्रकृति का कोर्इ व्यय उपगत करता है, जो "कारबार या वृत्ति से लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन किसी गैर-निवासी, जो ऐसे उधार लेने वाले का सहयुक्त उपक्रम है, द्वारा जारी किसी उधार के संबंध में प्रभार्य आय की संगणना करने में कटौती योग्य है, वहां ब्याज के शीर्ष के अधीन आय की संगणना में उस सीमा तक जहां तक उपधारा (2) में यथा विनिर्दिष्ट हो, वह, अधिक ब्याज से उद्भूत होता है, कटौती नहीं की जाएगी:

परंतु जहां ऋण किसी ऐसे उधार देने वाले द्वारा जारी किया गया है जो सहयुक्त नहीं है किंतु कोर्इ सहयुक्त उद्यम, या तो ऐसे उधार देने वाले को कोर्इ अस्पष्ट या स्पष्ट प्रत्याभूति उपलब्ध कराता है या उधार देने वाले की निधियों की रकम के तत्स्थानी या समरूप निक्षेप करता है, वहां ऐसे ऋण को ऐसे किसी सहयुक्त उपक्रम द्वारा जारी किया गया समझा जाएगा।

(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए अधिक ब्याज से, पूर्ववर्ष में उधार लेने वाले के ब्याज, करों, अवक्षयण और अपाकरण या उस पूर्ववर्ष के लिए सहयुक्त उपक्रमों को संदत्त या संदेय ब्याज के पूर्व उपार्जनों के तीस प्रतिशत से अधिक संदत्त या संदेय कुल ब्याज की रकम अभिप्रेत है।

(3) उपधारा (1) में अंतर्विष्ट कोर्इ बात भारतीय कंपनी या विदेशी कंपनी के स्थायी स्थापन को, जो बैंककारी या बीमा के कारबार में लगा हुआ है, लागू नहीं होगी।

(4) जहां किसी निर्धारण वर्ष के लिए ऐसे ब्याज व्यय की पूर्णत: "कारबार या वृत्ति से लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन आय के विरूद्ध कटौती नहीं की गर्इ है तो उतने ब्याज व्यय को आगामी निर्धारण वर्ष या निर्धारण वर्षों के लिए अग्रनीत किया जाएगा जितने की इस प्रकार कटौती नहीं की गर्इ है, और इसका उसके द्वारा किए जाने वाले कारबार या वृत्ति से लाभ और अभिलाभ, यदि कोर्इ हों, और उस निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारणीय के विरुद्ध उपधारा (2) के अनुसार अधिकतम अनुज्ञेय ब्याज व्यय के विस्तार तक कटौती के रूप में अनुज्ञात किया जाएगा:

परंतु इस उपधारा के अधीन किसी ब्याज व्यय को उस निर्धारण वर्ष जिसके लिए पहली बार अधिक ब्याज व्यय की संगणना की गर्इ थी, से तुरंत उत्तरवर्ती आठ निर्धारण वर्षों से अधिक के लिए अग्रनीत नहीं किया जाएगा।

(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–

(i) "सहयुक्त उपक्रम" पद का वही अर्थ है जो उसका धारा 92क की उपधारा (1) और उपधारा (2) में है;

(ii) "ऋण" पद से कोर्इ उधार, वित्तीय लिखत, वित्तीय पट्टा, वित्तीय व्युत्पन्नी या कोर्इ इंतजाम अभिप्रेत है जिससे कोर्इ ब्याज, छूट या अन्य वित्तीय प्रभार उत्पé होता है, जो "कारबार या वृत्ति से लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में कटौती योग्य है;

(iii) "स्थायी स्थापन" पद के अंतर्गत कारबार का नियत स्थान है जिसके माध्यम से उद्यम का कारबार पूर्णत: या भागत: किया जाता है।]

 

 

11. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2018 से अंत:स्थापित।

 

 

 

[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

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