धारा 11क का संशोधन
धारा 11क का संशोधन
93. केंद्रीय उत्पाद-शुल्क अधिनियम की धारा 11क में,—
(i) उपधारा (5), उपधारा (6) और उपधारा (7) का लोप किया जाएगा;
उपधारा (7क), उपधारा (8) और उपधारा (11) के खंड (ख) में ''या उपधारा (5)'' शब्दों, कोष्ठकों और अंक का, जहां कहीं वे आते हैं, लोप किया जाएगा;
(iii) स्पष्टीकरण 1 में,—
(अ) खंड (ख) के उपखंड (ii) में, 'नियत तारीख को'' शब्दों का लोप किया जाएगा;
(आ) उपखंड (v) के पश्चात्, निम्नलिखित उपखंड अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात् :—
''(vi) उस दशा में जहां केवल ब्याज की वसूली की जानी है, शुल्क के संदाय की ऐसी तारीख जिससे ऐसे ब्याज संबंधित है।'';
(इ) खंड (ग) का लोप किया जाएगा;
(iv) उपधारा (15) के पश्चात्, निम्नलिखित उपधारा अंत:स्थापित की जाएगी, अर्थात् :—
''(16) इस धारा के उपबंध उस मामले को लागू नहीं होंगे जिनमें ऐसे शुल्क के दायित्व का, जिसका संदाय नहीं किया गया है या कम संदाय किया गया है, स्वत: निर्धारण किया गया है और निर्धारिती द्वारा फाइल की गर्इ कालिक विवरणियों में उसके द्वारा संदेय शुल्क के रूप में घोषित किया गया है और ऐसे मामलों में शुल्क के असंदाय या कम संदाय की वसूली ऐसी रीति में की जाएगी, जो विहित की जाए।''।
(v) स्पष्टीकरण 2— के स्थान पर निम्नलिखित स्पष्टीकरण रखा जाएगा, अर्थात् :—
''स्पष्टीकरण 2— शंकाओं को दूर करने के लिए यह घोषित किया जाता है कि जहां उस तारीख से पहले जिसको वित्त विधेयक, 2015 को राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त होती है, कोर्इ कारण बताओ सूचना जारी नहीं की गर्इ है, वहां कोर्इ उद्ग्रहण न किया जाना, कम उद्ग्रहण किया जाना, असंदाय, कम संदाय या भूल से प्रतिदाय किया जाना, वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा यथा संशोधित धारा 11क के उपबंधों द्वारा शासित होगा।'';

