आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 92गड़

कतिपय मामलों में द्वितीय समायोजन।

धारा

धारा संख्या

92गड़

अध्याय शीर्षक

अध्याय X - कर वंचन के संबंध में विशेष प्रावधान

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2018

कतिपय मामलों में द्वितीय समायोजन।

कतिपय मामलों में द्वितीय समायोजन।

10[कतिपय मामलों में द्वितीय समायोजन।

92गड़. (1) जहां अंतरण कीमत के लिए कोर्इ प्राथमिक समायोजन,–

(i) निर्धारिती द्वारा अपनी आय की विवरणी में स्वप्रेरणा से किया गया है;

(ii) निर्धारण अधिकारी द्वारा किया गया है और निर्धारिती द्वारा स्वीकार किया गया है;

(iii) निर्धारिती द्वारा धारा 92गग के अधीन किए गए अग्रिम कीमत करार द्वारा अवधारित है;

(iv) धारा 92गख के अधीन विरचित सुरक्षित बंदरगाह नियमों के अनुसार किया गया है; या

(v) दोहरे कराधान को परिवर्जित करने के लिए धारा 90 या धारा 90क के अधीन किए गए करार के अधीन पारस्परिक सहमति की प्रक्रिया के माध्यम से किसी निर्धारिती के संकल्प के परिणामस्वरूप उद्भूत हुआ है,

वहां निर्धारिती द्वितीय समायोजन करेगा :

परंतु इस धारा में अंतर्विष्ट कोर्इ बात लागू नहीं होगी यदि,–

(i) किसी पूर्ववर्ष में प्राथमिक समायोजन की रकम एक करोड़ रुपए से अधिक नहीं है; और

(ii) प्राथमिक समायोजन 1 अप्रैल, 2016 को या उससे पहले प्रारंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष की बाबत किया गया है।

(2) जहां अंतरण कीमत के लिए प्राथमिक समायोजन के परिणामस्वरूप निर्धारिती की, यथास्थिति, कुल आय में कोर्इ वृद्धि या हानि में कमी हुर्इ है, वहां अतिरिक्त धन को, जो उसके सहयुक्त उद्यम के पास उपलब्ध है, यदि भारत में ऐसे समय के भीतर, जो विहित किया जाए, संप्रत्याविर्त्ात नहीं हुआ है, ऐसे सहयुक्त उद्यम को निर्धारिती द्वारा किया गया अग्रिम समझा जाएगा और ऐसे अग्रिम पर ब्याज को ऐसी रीति में संगणित किया जाएगा जो विहित की जाए।

(3) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–

(i) "सहयुक्त उद्यम" का वही अर्थ होगा जो धारा 92क की उपधारा (1) और उपधारा (2) में उसका है;

(ii) "आसन्निकट कीमत" का वही अर्थ होगा जो धारा 92च के खंड (ii) में उसका है;

(iii) "अतिरिक्त धन" से प्राथमिक समायोजन में अवधारित आसन्निकट सिद्धांत और उस कीमत के, जिस पर अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार वास्तविक रूप से किया गया है, बीच का अंतर अभिप्रेत है;

(iv) किसी अंतरण कीमत के लिए "प्राथमिक समायोजन" से आसन्निकट कीमत के अनुसार अंतरण कीमत का अवधारण अभिप्रेत है जिसके परिणामस्वरूप निर्धारिती की, यथास्थिति, कुल आय में किसी वृद्धि या हानि में कमी हुर्इ है;

(v) "द्वितीय समायोजन" से निर्धारिती और उसके सहयुक्त उद्यम की लेखा बहियों में यह पराविर्त्ात करने के लिए कि निर्धारिती और उसके सहयुक्त उद्यम के बीच लाभों का वास्तविक आबंटन प्राथमिक समायोजन के परिणामस्वरूप अवधारित अंतरण कीमत के संगत है, जिसके द्वारा निर्धारिती के नकद खाते और वास्तविक लाभ में असंतुलन को दूर किया जाता है, समायोजन अभिप्रेत है।]

 

10. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2018 से अंत:स्थापित।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा संशोधित रूप में]

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