अग्रिम मूल्यांकन करार
अग्रिम मूल्यांकन करार
92गग. 92ग[(1) बोर्ड, केंद्रीय सरकार के अनुमोदन से निम्नलिखित को अवधरित करते हुए, किसी व्यक्ति के साथ अग्रिम मूल्यांकन करार कर सकेगा,—
(क) उस व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले किसी अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार के संबंध में सन्निकट कीमत या वह रीति विनिर्दिष्ट करते हुए, जिसके द्वारा सन्निकट कीमत अवधरित की जानी है;
(ख) धारा 9 की उपधारा (1) के खंड (i) में निर्दिष्ट आय या वह रीति विनिर्दिष्ट, जिसमें ऐसी आय करते हुए अवधारित किया जाना है, जो युक्तियुक्त रूप से उस व्यक्ति, जो अनिवासी है, द्वारा या उसकी ओर से भारत में किए जाने वाले प्रचालनों के कारण उदभूत हुर्इ है।
(2) उपधारा (1) के खंड (क) में निर्दिष्ट सन्निकट कीमत या खंड (ख) में निर्दिष्ट आय को अवधारित करने की रीति में, धारा 92ग की उपधारा (1) में निर्दिष्ट पद्धतियां इस अधिनियम के अधीन बनाए गए विनियमों द्वारा उपबंधित ऐसी पद्धतियां, ऐसे समायोजनों या अंतरणों सहित, जिन्हें किया जाना आवश्यक या समीचीन हो, सम्मिलित हो सकेंगी।
(3) धारा 92ग या धारा 92गक या इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा उपबंधित ऐसी पद्धतियों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, किसी अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार की ऐसी सन्निकट कीमत या उपधारा (1) के खंड (ख) में निर्दिष्ट किसी ऐसी आय को, जिसके संबंध में अग्रिम मूल्यांकन करार किया गया है, इस प्रकार किए गए अग्रिम मूल्यांकन करार के अनुसार अवधरित किया जाएगा।]
(4) उपधारा (1) में निर्दिष्ट करार पांच क्रमवर्ती पूर्ववर्षों से अनधिक की ऐसी अवधि के लिए विधिमान्य होगा जो करार में विनिर्दिष्ट की जाए।
(5) इस प्रकार किया गया अग्रिम मूल्यांकन करार–
(क) उस व्यक्ति पर, जिसके मामले में और ऐसे संव्यवहार की बाबत, जिसके संबंध में करार किया गया है; और
(ख) उक्त व्यक्ति और उक्त संव्यवहार के संबंध में प्रधान आयुक्त या आयुक्त और उसके अधीनस्थ आय-कर प्राधिकारियों पर,
आबद्धकर होगा।
(6) उपधारा (1) में निर्दिष्ट करार उस दशा में आबद्धकर नहीं होगा यदि इस प्रकार किए गए करार से संबंधित विधि या तथ्यों में कोर्इ परिवर्तन हो जाता है।
(7) बोर्ड, केंद्रीय सरकार के अनुमोदन से, आदेश द्वारा, किसी करार को उस दशा में आरंभ से शून्य घोषित कर सकेगा, यदि उसे यह पता चलता है कि करार उस व्यक्ति द्वारा कपट से या तथ्यों का दुव्र्यपदेशन करके अभिप्राप्त किया गया है।
(8) करार को आरंभ से शून्य घोषित करने पर,–
(क) अधिनियम के सभी उपबंध उस व्यक्ति को इस प्रकार लागू होंगे मानो करार कभी किया ही नहीं गया था; और
(ख) अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के अधीन किसी परिसीमा काल की संगणना करने के प्रयोजन के लिए, उस करार की तारीख से आरंभ होने वाली और उपधारा (7) के अधीन आदेश की तारीख को समाप्त होने वाली अवधि को अपवर्जित किया जाएगा:
परंतु जहां पूर्वोक्त अवधि के अपवर्जन के ठीक पश्चात्, इस अधिनियम के किसी उपबंध में निर्दिष्ट परिसीमा काल साठ दिन से कम का है तो ऐसी शेष अवधि को बढ़ाकर साठ दिन तक किया जाएगा और पूर्वोक्त परिसीमा काल तदनुसार बढ़ाया गया समझा जाएगा।
(9) बोर्ड, इस धारा के प्रयोजनों के लिए, एक स्कीम, उसमें सामान्यत: अग्रिम मूल्यांकन करार की बाबत रीति, प्ररूप, प्रक्रिया और कोर्इ अन्य विषय विनिर्दिष्ट करते हुए, विहित कर सकेगा।
92घ(9क) उपधारा (1) में निर्दिष्ट करार, ऐसी शर्तों, प्रक्रिया और रीति, जो विहित की जाए, के अधीन रहते हुए, उपधारा (4) में निर्दिष्ट पूर्ववर्ती वर्षों के प्रथम वर्ष के पहले के चार पूर्ववर्षों से अनधिक किसी अवधि के दौरान निम्नलिखित के अवधरण के लिए उपबंध कर सकेगा,—
(क) सन्निकट कीमत या ऐसी रीति को विनिर्दिष्ट कर सकेगा, जिसमें ऐसे व्यक्ति द्वारा किए गए अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार के संबंध में सन्निकट कीमत को अवधारित किया जाएगा;
(ख) धारा 9 की उपधारा (1) के खंड (i) में निर्दिष्ट आय या ऐसी रीति को विनिर्दिष्ट कर सकेगा, जिसमें ऐसी आय का अवधारण किया जाना है, जो युक्तियुक्त रूप से उस व्यक्ति, जो अनिवासी है, द्वारा या उसकी ओर से भारत में किए जाने वाले प्रचालनों के कारण उदभूत हुर्इ है,
और ऐसे अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार की सन्निकट कीमत या ऐसे व्यक्ति की आय का अवधारण उक्त करार के अनुसार किया जाएगा]।
(10) जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट कोर्इ करार करने के लिए किसी व्यक्ति द्वारा कोर्इ आवेदन किया जाता है, वहां अधिनियम के प्रयोजनों के लिए कार्यवाहियां उस व्यक्ति की दशा में लंबित समझी जाएंगी।
92ग. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.4.2020 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व उपधारा (1), (2) और (3) निम्न प्रकार थीं।
''(1) बोर्ड, केंद्रीय सरकार के अनुमोदन से, ऐसे व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार के संबंध में, असन्निकट कीमत को अवधारित करते हुए या उस रीति को, जिसमें असन्निकट कीमत का अवधारण किया जाना होगा, विनिर्दिष्ट करते हुए अग्रिम मूल्यांकन करार उस व्यक्ति के साथ कर सकेगा।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट असन्निकट कीमत के अवधारण की रीति के अंतर्गत धारा 92ग की उपधारा (1) में निर्दिष्ट पद्धतियां या ऐसे समायोजनों या परिवर्तनों सहित, जो इस प्रकार करने आवश्यक या समीचीन हों, कोर्इ अन्य पद्धति हो सकेगी।
(3) धारा 92ग या धारा 92गक में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसे किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार की, जिसकी बाबत अग्रिम मूल्यांकन करार किया गया है, असन्निकट कीमत इस प्रकार किए गए अग्रिम मूल्यांकन करार के अनुसार अवधारित की जाएगी।''
92घ. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.4.2020 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व उपधारा (9क) निम्न प्रकार थी।
''(9क) उपधारा (1) में निर्दिष्ट करार में, ऐसी शर्तों, प्रक्रिया और रीति के अधीन रहते हुए, जो विहित की जाएं, असन्निकट कीमत का अवधारण करने का उपबंध किया जा सकेगा या उस रीति को विनिर्दिष्ट किया जा सकेगा जिसमें असन्निकट कीमत को किसी व्यक्ति द्वारा उपधारा (4) में निर्दिष्ट पूर्ववर्षों के प्रथम पूर्ववर्ष से पहले के चार पूर्ववर्षों से अनधिक की किसी अवधि के दौरान किए गए अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार के संबंध में अवधारित किया जा सकेगा और उस अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार की असन्निकट कीमत उक्त करार के अनुसार अवधारित की जाएगी।''
[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

