असन्निकट कीमत की संगणना
असन्निकट कीमत की संगणना
92ग. (1) किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार के संबंध में असन्निकट कीमत का अवधारण निम्नलिखित पद्धतियों में से किसी एक के द्वारा किया जाएगा, जो संव्यवहार की प्रकृति या संव्यवहार के वर्ग या सहयुक्त व्यक्तियों के वर्ग या ऐसे व्यक्तियों द्वारा किए जाने वाले कृत्यों को अथवा ऐसी अन्य सुसंगत बातों को, जो बोर्ड इस निमित्त विनिर्दिष्ट करे, ध्यान में रखते हुए सर्वाधिक समुचित पद्धति है, अर्थात्:–
(क) तुलनीय अनियंत्रित कीमत पद्धति;
(ख) पुनर्विक्रय कीमत पद्धति;
(ग) लागत जमा पद्धति;
(घ) लाभ विभाजन पद्धति;
(ड़) संव्यवहारात्मक शुद्ध अंतर पद्धति;
(च) ऐसी अन्य पद्धति, जो बोर्ड द्वारा विहित की जाए।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट सर्वाधिक उपयुक्त पद्धति, ऐसी रीति से, जो विहित की जाए, असन्निकट कीमत अवधारित करने के लिए लागू की जाएगी :
परंतु जहां एक से अधिक कीमत का सर्वाधिक उपयुक्त रीति से अवधारण किया जाता है वहां आसन्ननिकट कीमत को ऐसी कीमतों का अंकगणितीय साधन माना जाएगा:
परंतु यह और कि यदि इस प्रकार अवधारित आसन्ननिकट कीमत और उस कीमत के बीच अंतर, जिस पर अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार वस्तुत: किया गया है, बाद वाली कीमत के तीन प्रतिशत से अनधिक ऐसे प्रतिशत से जो अधिसूचित किया जाए, अधिक नही है वहां वह कीमत, जिस पर अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार वस्तुत: किया गया है, आसन्ननिकट कीमत समझी जाएगी।।
परन्तु यह भी कि जहां एक से अधिक कीमत का सर्वाधिक उपयुक्त रीति से अवधारण किया जाता है, वहां 1 अपै्रल, 2014 को या उसके पश्चात् किए गए अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या विनिर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार के संबंध में असन्निकट कीमत ऐसी रीति से, जो विहित की जाए, संगणित की जाएगी और तद्नुसार पहला और दूसरा परंतुक लागू नहीं होगा।
स्पष्टीकरण–शंकाओं को दूर करने के लिए यह स्पष्ट किया जाता है कि दूसरे परंतुक के उपबंध 1 अक्तूबर, 2009 को निर्धारण अधिकारी के समक्ष लंबित सभी निर्धारण या पुनर्निर्धारण संबंधी कार्यवाहियों को भी लागू होंगे।
(2क) जहां उपधारा (2) का पहला परंतुक, जैसा वह वित्त (संख्यांक 2) अधिनियम, 2009 द्वारा उसका संशोधन किए जाने से पूर्व विद्यमान था, किसी निर्धारण वर्ष के लिए अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार के संबंध में लागू होता है और उक्त परन्तुक में निर्दिष्ट अंकगणितीय औसत और उस कीमत के बीच का, जिस पर ऐसा संव्यवहार वस्तुत: किया गया है, अंतर अंकगणितीय औसत के पांच प्रतिशत से अधिक होता है तो निर्धारिती उक्त परंतुक में यथानिर्दिष्ट विकल्प का प्रयोग करने का हकदार नहीं होगा।
(2ख) उपधारा (2क) में अंतर्विष्ट कोर्इ बात, निर्धारण अधिकारी को धारा 147 के अधीन निर्धारण या पुनर्निर्धारण करने अथवा निर्धारण में वृद्धि करने या पहले से किए गए प्रतिदाय को कम करने या अन्यथा धारा 154 के अधीन ऐसे किसी निर्धारण वर्ष के लिए, जिसके संबंध में कार्यवाहियां 1 अक्तूबर, 2009 के पहले पूरी हो चुकी हैं, निर्धारिती के दायित्व को बढ़ाने संबंधी आदेश पारित करने के लिए सशक्त नहीं बनाएगी।
(3) जहां आय के निर्धारण की किसी कार्यवाही के अनुक्रम के दौरान निर्धारण अधिकारी की, उसके कब्जे में की तथ्य सामग्री या जानकारी या दस्तावेजों के आधार पर यह राय है कि–
(क) अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार में प्रभारित या अदा की गर्इ कीमत उपधारा (1) और उपधारा (2) के अनुसार अवधारित नहीं की गर्इ है; या
(ख) किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार से संबंधित कोर्इ जानकारी और दस्तावेज, निर्धारिती द्वारा धारा 92घ की उपधारा (1) के उपबंधों के अनुसार और इस निमित्त बनाए गए नियमों के अनुसार रखी और बनाए रखी नहीं गर्इ है; या
(ग) असन्निकट कीमत की संगणना करने में प्रयुक्त जानकारी या आंकड़े विश्वसनीय या सही नहीं हैं; या
(घ) निर्धारिती विनिर्दिष्ट समय के भीतर ऐसी कोर्इ जानकारी या दस्तावेज देने में असफल रहा है, जिसे धारा 92घ की उपधारा (3) के अधीन जारी की गर्इ किसी सूचना द्वारा देने की उससे अपेक्षा की गर्इ थी,
वहां निर्धारण अधिकारी, उक्त अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार के संबंध में असन्निकट कीमत के अवधारण की कार्यवाही, उपधारा (1) और उपधारा (2) के अनुसार अपने पास उपलब्ध ऐसी सामग्री या जानकारी या दस्तावेज के आधार पर करेगा :
परन्तु निर्धारण अधिकारी द्वारा निर्धारिती को ऐसी तारीख को और समय पर कारण बताने की अपेक्षा करने वाली सूचना तामील करके यह अवसर प्रदान किया जाएगा कि असन्निकट कीमत का अवधारण निर्धारण अधिकारी के कब्जे में की तथ्य सामग्री या जानकारी या दस्तावेज के आधार पर क्यों न तय किया जाए।
(4) जहां असन्निकट कीमत का अवधारण निर्धारण अधिकारी द्वारा उपधारा (3) के अधीन किया जाता है वहां निर्धारण अधिकारी इस प्रकार अवधारित असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए निर्धारिती की कुल आय की संगणना कर सकेगा :
परन्तु धारा 10क या धारा 10कक या धारा 10ख या अध्याय 6क के अधीन कोर्इ कटौती ऐसी आय की रकम की बाबत उस सीमा तक अनुज्ञात नहीं की जाएगी जिस तक निर्धारिती की कुल आय इस उपधारा के अधीन आय की संगणना के पश्चात् बढ़ जाती है :
परन्तु यह और कि जहां किसी सहयुक्त उद्यम की कुल आय इस उपधारा के अधीन किसी दूसरे सहयुक्त उद्यम को संदत्त किसी असन्निकट कीमत के अवधारण पर संगणित की जाती है जिससे अध्याय 17ख के उपबंधों के अधीन कर की कटौती कर ली गर्इ है या जो कटौतीयोग्य थी वहां दूसरे सहयुक्त उद्यम की आय प्रथम वर्णित उद्यम की दशा में असन्निकट कीमत के ऐसे अवधारण के कारण पुन: संगणित नहीं की जाएगी।
[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

