विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार का अर्थ
75घ[विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार का अर्थ
92खक. इस धारा और धारा 92, धारा 92ग, धारा 92घ और धारा 92ड़ के प्रयोजनों के लिए, किसी निर्धारिती की दशा में, "विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार" से, निम्नलिखित ऐसे संव्यवहारों में से कोर्इ संव्यवहार, जो अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार न हो, अभिप्रेत हैं, अर्थात् :-
(i) 75घक[***]
(ii) धारा 80क में निर्दिष्ट कोर्इ संव्यवहार;
(iii) धारा 80झक की उपधारा (8) में निर्दिष्ट माल या सेवाओं का कोर्इ अंतरण;
(iv) धारा 80झक की उपधारा (10) में यथानिर्दिष्ट निर्धारिती और अन्य व्यक्ति के बीच किया गया कोर्इ कारबार;
(v) अध्याय 6क के अधीन किसी अन्य धारा या धारा 10कक में निर्दिष्ट कोर्इ संव्यवहार, जिसे धारा 80झक की उपधारा (8) या उपधारा (10) के उपबंध लागू होते हैं; या
(vi) कोर्इ अन्य संव्यवहार, जो विहित किया जाए,
और जहां निर्धारिती द्वारा पूर्ववर्ष में किए गए ऐसे संव्यवहारों की कुल राशि 75घख[बीस] करोड़ रुपए से अधिक हो जाती है।]
75घ. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.4.2013 से अंत:स्थापित।
75घक. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2017 से लोप किया गया। लोप किये जाने से पूर्व खंड (i) इस प्रकार था:
"ऐसा कोर्इ व्यय, जिसकी बाबत धारा 40क की उपधारा (2) के खंड (ख) में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा संदाय किया गया है या किया जाना है;"
75घख. वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा 1.4.2016 से ''पाँच'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा संशोधित रूप में]

