आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 92

असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार से आय की संगणना

धारा

धारा संख्या

92

अध्याय शीर्षक

अध्याय X - कर वंचन के संबंध में विशेष प्रावधान

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2008

असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार से आय की संगणना

असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार से आय की संगणना

अध्याय 10

कर के परिवर्जन के संबंध में विशेष उपबंध

73[74[असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार से आय की संगणना

92. (1) किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार से होने वाली किसी आय की संगणना असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए की जाएगी।

स्पष्टीकरण–शंकाओं को दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार से होने वाले किसी व्यय या ब्याज के लिए मोक का अवधारण भी असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।

(2) जहां किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार में, दो या अधिक सहयुक्त उद्यम ऐसे किसी एक या अधिक उद्यमों को उपलब्ध कराए गए या उपलब्ध कराए जाने वाले किसी फायदे, सेवा या सुविधा के संबंध में उपगत किए गए या उपगत किए जाने वाले किसी खर्च या व्यय के, यथास्थिति, आबंटन या प्रभाजन के लिए या उसमें किसी अभिदाय के लिए कोर्इ पारस्परिक करार या ठहराव करते हैं वहां ऐसे किसी उद्यम को, यथास्थिति, आबंटित या प्रभाजित या उसके द्वारा अभिदाय किए गए खर्च या व्यय की अवधारण, यथास्थिति, ऐसे फायदे, सेवा या सुविधा की असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।

(3) इस धारा के उपबंध ऐसे किसी मामले में लागू नहीं होंगे जिसमें उपधारा (1) के अधीन आय की संगणना या उस उपधारा के अधीन किसी व्यय या ब्याज के लिए मोक का अवधारण या उपधारा (2) के अधीन, यथास्थिति, आबंटित या प्रभाजित या अभिदाय किए गए किसी खर्च या व्यय का अवधारण करने का प्रभाव उस पूर्ववर्ष की बाबत, जिसमें अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार का करार किया गया था, लेखा बहियों में की गर्इ प्रविष्टियों के आधार पर संगणित, यथास्थिति, कर से प्रभार्य आय को कम करना या हानि को बढ़ाना है।]

 

73. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से धारा 92 के स्थान पर धारा 92 से धारा 92च प्रतिस्थापित। परिपत्र सं. 12/2001, तारीख 23.8.2001, अनुदेश सं. 3, तारीख 20.5.2003 और अनुदेश सं. 8/2003 तारीख 11.8.2003 भी देखिए ब्यौरे के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

74. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2002 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व, वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से यथाप्रतिस्थापित धारा 92 इस प्रकार थी :

"92. असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार से हुर्इ आय की संगणना–(1) किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार से होने वाली किसी आय की संगणना असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए की जाएगी।

(2) उपधारा (1) के अधीन आय की संगणना करने में, किसी व्यय या ब्याज का मोक भी असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए तय किया जाएगा।

(3) जहां किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार में, दो या अधिक सहयुक्त उद्यम, ऐसे उद्यमों में से किसी एक या अधिक को दिए गए या दिए जाने वाले किसी फायदे, सेवा या सुविधा के संबंध में उपगत या उपगत की जाने वाली किसी लागत या व्यय के आबंटन या प्रभाजन के लिए या उसमें कोर्इ अभिदाय करने के लिए कोर्इ परस्पर करार या इंतजाम करते हैं वहां ऐसे किसी उद्यम द्वारा या उसमें, यथास्थिति, आबंटित या प्रभाजित या अभिदाय की गर्इ लागत या व्यय, यथास्थिति, ऐसे फायदे, सेवा या सुविधा के लिए, असन्निकट कीमत को ध्यान में रखते हुए तय किया जाएगा।"

 

 

[वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा संशोधित रूप में]

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