वे देश जिनके साथ कोर्इ करार नहीं है
वे देश जिनके साथ कोर्इ करार नहीं है
6991. (1) यदि कोर्इ व्यक्ति जो किसी पूर्ववर्ष में भारत में निवासी है यह साबित करता है कि उसकी आय की बाबत, जो उस पूर्ववर्ष के दौरान भारत के बाहर प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ (और जो भारत में प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ नहीं मानी जाती) उसने ऐसे किसी देश में, जिसके साथ दोहरे कराधान से राहत या बचने के लिए धारा 90 के अधीन कोर्इ करार नहीं है उस देश में प्रवृत्त विधि के अधीन आय-कर कटौती के रूप में या अन्यथा अदा किया है तो वह अपने द्वारा संदेय भारतीय आय-कर में से इतनी राशि की कटौती के लिए हकदार होगा जितनी ऐसी दोहरा कर लगी आय70 पर कर की भारतीय दर या उक्त देश की कर की दर में से, इनमें से जो भी कम हो, उससे या यदि दोनों दरें बराबर हों तो, कर की भारतीय दर से परिकलित करके आए।
(2) यदि कोर्इ ऐसा व्यक्ति जो किसी पूर्ववर्ष में भारत में निवासी है, यह साबित कर दे कि उसकी आय की बाबत जो पूर्ववर्ष के दौरान उसे पाकिस्तान में प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ, उसने कृषि आय के कराधान से सम्बद्ध उस देश में उस समय लागू किसी विधि के अधीन उस सरकार को संदेय कर, कटौती के रूप में या अन्यथा उस देश में अदा किया है तो वह अपने द्वारा देय भारतीय आय-कर में से–
(क) ऐसी आय पर जिस पर इस अधिनियम के अधीन भी कर देना है, उक्त किसी विधि के अधीन पाकिस्तान में अदा की गर्इ कर राशि की, या
(ख) उस आय पर भारतीय दर से परिकलित कर राशि की,
इनमें से जो भी कम हो, कटौती के लिए हकदार होगा।
(3) यदि किसी अनिवासी व्यक्ति पर किसी पूर्ववर्ष में भारत में निवासी के रूप में निर्धारित किसी रजिस्टर्ड फर्म की आय में उसके अंश पर कर का निर्धारण किया जाता है, और ऐसे अंश में ऐसी आय भी सम्मिलित है जो उस पूर्ववर्ष के दौरान भारत के बाहर किसी देश में प्रोद्भूत या उद्भूत होती है (और जो भारत में प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ नहीं मानी जाती) जिसके साथ दोहरे कराधान से राहत या बचने के लिए धारा 90 के अधीन कोर्इ करार नहीं है और वह साबित कर दे कि उसने इस प्रकार सम्मिलित आय पर उस देश में लागू विधि के अधीन कटौती के रूप में या अन्यथा आय-कर अदा किया है, तो वह अपने द्वारा संदेय भारतीय आय-कर में से इतनी राशि की कटौती के लिए हकदार होगा जितनी इस प्रकार सम्मिलित ऐसी दोहरा कर लगी आय पर कर की भारतीय दर या उक्त देश के कर की दर में से, इनमें से जो भी कम हो, उससे अथवा यदि दोनों दरें बराबर हों तो कर की भारतीय दर से परिकलित करके आए।
स्पष्टीकरण– इस धारा में–
(i) "भारतीय आय-कर" पद से इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार प्रभारित आय-कर 71[* * *] अभिप्रेत है;
(ii) "कर की भारतीय दर" पद से वह दर अभिप्रेत है जो इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन देय किसी राहत कर की कटौती के पश्चात् किन्तु इस 72[अध्याय] के अधीन देय किसी राहत रकम की कटौती के पूर्व भारतीय आय-कर की राशि को कुल आय से विभाजित करके अवधारित हो,
(iii) "उक्त देश के कर की दर" पद से ऐसी दर अभिप्रेत है जो सभी देय राहत राशि की कटौती के पश्चात् किन्तु दोहरे कराधान की बाबत उक्त देश में देय किसी राहत रकम की कटौती के पूर्व उक्त देश में लागू वैसी विधियों के अनुसार उक्त देश में वस्तुत: अदा आय-कर और अधिकर को उक्त देश में निर्धारित आय की संपूर्ण रकम से विभाजित करके आए,
(iv) किसी देश के संबंध में, "आय-कर" पद के अन्तर्गत, उस देश के किसी भाग की सरकार या उस देश के किसी स्थानीय प्राधिकरण द्वारा लाभों पर प्रभारित कोर्इ अधिलाभकर या कारबार लाभ कर है।
69. परिपत्र सं. 11/68/63-टी.पी.एल., तारीख 13.12.1963 और अनुदेश सं. 992, तारीख 29.7.1976 भी देखिए।
सुसंगत केस लॉज़ देखिये।
70. 'ऐसी दोहरा कर लगी आय' पद के अर्थ के लिए सम्बंधित केस लाज़ देखिये।
71. वित्त अधिनियम, 1965 द्वारा 1.4.1965 से "और अधिकर" शब्दों का लोप किया गया।
72. वित्त अधिनियम, 1964 द्वारा 1.4.1964 से "धारा " के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2013 द्वारा संशोधित रूप में]

