आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 89

उस दशा में राहत जिसमें वेतन आदि का भुगतान बकाया या अग्रिम के रूप में किया जाता है

धारा

धारा संख्या

89

अध्याय शीर्षक

अध्याय VIII - छूट और राहत

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2012

उस दशा में राहत जिसमें वेतन आदि का भुगतान बकाया या अग्रिम के रूप में किया जाता है

उस दशा में राहत जिसमें वेतन आदि का भुगतान बकाया या अग्रिम के रूप में किया जाता है

ख.–आय-कर राहत]

58[उस दशा में राहत जिसमें वेतन आदि का भुगतान बकाया या अग्रिम के रूप में किया जाता है

89. जहां कोर्इ निर्धारित वेतन के रूप में ऐसी कोर्इ राशि प्राप्त करता है, जिसका संदाय बकाया या अग्रिम के रूप में किया जाता है, या किसी एक वित्तीय वर्ष में बारह मास से अधिक के लिए वेतन या ऐसा संदाय प्राप्त करता है, जो धारा 17 के खंड (3) के उपबंधों के अधीन वेतन के बदले में लाभ है या धारा 57 के खंड (iiक) के स्पष्टीकरण में परिभाषित कुटुंब पेंशन के रूप में कोर्इ राशि प्राप्त करता है, जिसका संदाय बकाया के रूप में किया जाता है, जिसके कारण उसकी कुल आय उस दर से उच्चतर दर पर निर्धारित की जाती है, जिससे वह अन्यथा निर्धारित की जाती, वहां निर्धारण अधिकारी, उसे इस निमित्त किए गए आवेदन पर ऐसी राहत दे सकेगा, जो विहित की जाए59:]

59क[परंतु ऐसी कोर्इ राहत निर्धारिती द्वारा, अपनी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या अपनी सेवा की समाप्ति पर, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की किसी स्कीम या स्कीमों या धारा 10 के खंड (10) के उपखंड (i) में निर्दिष्ट किसी पब्लिक सेक्टर कंपनी की दशा में स्वैच्छिक पृथक्करण की स्कीम के अनुसार प्राप्त की गर्इ या प्राप्य किसी रकम की बाबत प्रदान नहीं की जाएगी, यदि ऐसी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या अपनी सेवा की समाप्ति या स्वैच्छिक पृथक्करण पर प्राप्त या प्राप्य किसी रकम की बाबत ऐसी किसी छूट का निर्धारिती द्वारा ऐसे या किसी अन्य निर्धारण वर्ष की बाबत धारा 10 के खंड (10ग) के अधीन दावा किया गया है।]

 

58. वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.1996 से भूतलक्षी प्रभाव से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व, धारा 89 का कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1970 द्वारा 1.4.1971 से, प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से और वित्त अधिनियम, 1988 द्वारा 1.4.1989 से संशोधन किया गया था।

59. राहत की संगणना के नियमों के लिए नियम 21क देखिए। धारा 89(1) के अधीन राहत का दावा करने संबंधी विहित विशिष्टयों के लिए नियम 21कक तथा फार्म सं. 10ड़ देखिए।

देखिए परिपत्र सं. 331, तारीख 22.3.1982 और परिपत्र सं. 431, तारीख 12.9.1985। ब्यौरे के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

सुसंगत केस लॉज़ के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

59क. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा 1.4.2010 से अंत:स्थापित।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा संशोधित रूप में]

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