कतिपय व्यष्टियों की दशा में आय-कर का रिबेट
कतिपय व्यष्टियों की दशा में आय-कर का रिबेट
87क. ऐसा कोर्इ निर्धारिती, जो भारत में निवासी कोर्इ व्यष्टि है, जिसकी कुल आय [6[पांच लाख] रूपए से अधिक नहीं है (जैसी इस अध्याय के अधीन कटौतियां अनुज्ञात करने से पूर्व संगणित की गर्इ हैं), अपनी उस कुल आय पर, जिसके लिए वह किसी निर्धारण वर्ष के लिए प्रभार्य है, आय-कर की रकम से ऐसे आय-कर के शत-प्रतिशत के बराबर रकम की या [7[बारह हजार सौ] रुपए की रकम की, इनमें से जो भी कम हो, कटौती का हकदार होगा।
6. वित्त अधिनियम, 2019 द्वारा 1.4.2020 से "तीन लाख पचास हजार" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पूर्व वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2018 से ''पांच लाख'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
7. वित्त अधिनियम, 2019 द्वारा 1.4.2020 से "दो हजार पांच सौ" शब्दों के स्थान पर "बारह हजार पांच सौ" प्रतिस्थापित। इससे पूर्व वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2018 से ''पांच हजार'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

