कतिपय व्यष्टियों की दशा में आय-कर का रिबेट
4क[कतिपय व्यष्टियों की दशा में आय-कर का रिबेट
87क. ऐसा कोर्इ निर्धारिती, जो भारत में निवासी कोर्इ व्यष्टि है, जिसकी कुल आय पांच लाख रुपए से अधिक नहीं है (जैसी इस अध्याय के अधीन कटौतियां अनुज्ञात करने से पूर्व संगणित की गर्इ हैं), अपनी उस कुल आय पर, जिसके लिए वह किसी निर्धारण वर्ष के लिए प्रभार्य है, आय-कर की रकम से ऐसे आय-कर के शत-प्रतिशत के बराबर रकम की या दो हजार रुपए की रकम की, इनमें से जो भी कम हो, कटौती का हकदार होगा।]
4क. वित्त अधिनियम, 2013 द्वारा 1.4.2014 से अंत:स्थापित इससे पूर्व धारा 87क का वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1967 द्वारा 1.4.1968 से लोप किया गया था।
[वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा संशोधित रूप में]

