आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 80नन

1987/01/04 से प्रभावी वित्त अधिनियम, 1986, के द्वारा छोड़े गए

धारा

धारा संख्या

80नन

अध्याय शीर्षक

अध्याय VI-क - कुल आय की गणना में की जाने वाली कटौतियाँ

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

1987

1987/01/04 से प्रभावी वित्त अधिनियम, 1986, के द्वारा छोड़े गए

1987/01/04 से प्रभावी वित्त अधिनियम, 1986, के द्वारा छोड़े गए

लॉटरी से जीत के संबंध में कटौती.

92 80TT. [वित्त अधिनियम, 1986 से प्रभावी द्वारा छोड़े गए 1987/01/04. मूल अनुभाग वित्त अधिनियम, 1972 से प्रभावी द्वारा डाला गया था 1972/01/04.]

 

. 92 खंड 80TT, 1981/01/04 से प्रभावी वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1980 द्वारा यथा संशोधित खड़ा था, के रूप में के तहत:
"एक निर्धारिती की सकल कुल आय, एक कंपनी होने के नाते नहीं, कोई लॉटरी (जीत के रूप में निर्दिष्ट इस खंड में ऐसी आय की जा रही है इसके बाद) से जीत की तरफ से किसी भी आय भी शामिल है जहां की कुल आय की गणना में, वहाँ की अनुमति दी जाएगी निर्धारिती, के बराबर रकम की जीत से कटौती -

(क) जीता पांच हजार रुपए, ऐसी जीत का पूरा से अधिक नहीं है जहां एक मामले में;

(ख) किसी भी अन्य मामले में, जीता पांच हजार रुपए से अधिक की राशि का पचास प्रतिशत के बराबर राशि की वृद्धि हुई के रूप में पांच हजार रुपए. "

 

 

[प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) द्वारा संशोधित अधिनियम, 1987]

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