आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 80ड(नया)

कुछ कॉर्पोरेट लाभांश के संबंध में कटौती

धारा

धारा संख्या

80ड(नया)

अध्याय शीर्षक

अध्याय VIक - कुल आय की गणना में की जाने वाली कटौतियाँ

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2002

कुछ कॉर्पोरेट लाभांश के संबंध में कटौती

कुछ कॉर्पोरेट लाभांश के संबंध में कटौती

कतिपय अंतर्निगमित लाभांशों की बाबत कटौती

80ड. 86[वित्त अधिनियम, 1997 द्वारा 1.4.1998 से लोप किया गया]।

वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.4.2003 से धारा 80ठ के पश्चात् निम्नलिखित धारा 80ड अंत:स्थापित की जाएगी :

कतिपय अंतर्निगमित लाभांशों के संबंध में कटौती

8680ड. (1) जहां किसी देशी कंपनी की किसी पूर्ववर्ष की सकल कुल आय में किसी अन्य देशी कंपनी से लाभांशों के रूप में प्राप्त कोर्इ आय सम्मिलित है वहां इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए ऐसी देशी कंपनी की कुल आय की संगणना करने में उस अन्य देशी कंपनी के लाभांशों के रूप में प्राप्त आय की रकम के बराबर उतनी रकम की कटौती अनुज्ञात की जाएगी, जो नियत तारीख को या उससे पूर्व प्रथमवर्णित देशी कंपनी द्वारा वितरित लाभांश की रकम से अधिक नहीं है।

(2) जहां देशी कंपनी द्वारा वितरित लाभांश की रकम के संबंध में कोर्इ कटौती किसी पूर्ववर्ष में उपधारा (1) के अधीन अनुज्ञात की गर्इ है, वहां किसी अन्य पूर्ववर्ष में ऐसी रकम के संबंध में कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।

स्पष्टीकरण–इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "नियत तारीख" पद से धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन आय की विवरणी देने की तारीख अभिप्रेत है।

 

86. वित्त अधिनियम, 1990 द्वारा 1.4.1991 से यथा प्रतिस्थापित और वित्त अधिनियम, 1993 द्वारा 1.4.1994 से संशोधित धारा 80ड लोप किए जाने से पूर्व निम्नलिखित रूप में थी :

'80ड. कतिपय अंतर्निगमीय लाभांशों के संबंध में कटौती–(1) जहां किसी देशी कंपनी की, सकल कुल आय में किसी पूर्ववर्ष में किसी अन्य देशी कंपनी से लाभांश के रूप में आय स्म्मिलित है, वहां ऐसी देशी कंपनी की कुल आय की संगणना करने में इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए,–

(i) किसी अनुसूचित बैंक या लोक वित्तीय संस्था या राज्य वित्तीय निगम या राज्य औद्योगिक विनिधान निगम या कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 25 के अंतर्गत रजिस्ट्रीकृत किसी कंपनी की दशा में, किसी अन्य देशी कंपनी से लाभांश के रूप में आय के साठ प्रतिशत के बराबर रकम की;

(ii) किसी अन्य देशी कंपनी की दशा में, किसी अन्य देशी कंपनी से लाभांश के रूप में आय की उतनी रकम के बराबर रकम की, जो नियत तारीख को या उससे पूर्व प्रथम उल्लिखित देशी कंपनी द्वारा वितरित लाभांश की रकम से अधिक नहीं है कटौती अनुज्ञात की जाएगी :

परन्तु जहां कोर्इ देशी कंपनी, भारतीय यूनिट ट्रस्ट अधिनियम, 1963 (1963 का 52) के अंतर्गत स्थापित भारतीय यूनिट ट्रस्ट के लाभांश के रूप में कोर्इ आय प्राप्त करती है, वहां ऐसी देशी कंपनी, पूर्वोक्त उपबंधों के अधीन रहते हुए, निम्नलिखित सीमा तक कटौती की पात्र होगी,–

() 1 अप्रैल, 1994 को प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष की बाबत ऐसी आय का चार बटा पांच भाग;

() 1 अप्रैल, 1995 को प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष की बाबत ऐसी आय का दो बटा पांच भाग,

और ऐसी आय पर कोर्इ कटौती 1 अप्रैल, 1996 को प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष और किसी पश्चात्वर्ती पूर्ववर्ष की बाबत अनुज्ञात नहीं की जाएगी।

(2) जहां देशी कंपनी द्वारा वितरित लाभांश की रकम की बाबत कोर्इ कटौती किसी पूर्ववर्ष में उपधारा (1) के खंड (ii) के अधीन अनुज्ञात की गर्इ है, वहां किसी अन्य पूर्ववर्ष में ऐसी रकम की बाबत कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।

(3) जहां वितरित लाभांश 31 मार्च, 1990 को समाप्त होने वाले पूर्ववर्ष में समाविष्ट किसी अवधि की बाबत है, वहां ऐसे लाभांश की बाबत कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।

स्पष्टीकरण.–इस धारा के प्रयोजनों के लिए,

(i) "अनुसूचित बैंक" पद से भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, 1955 (1955 का 23), भारतीय स्टेट बैंक (समनुषंगी बैंक) अधिनियम, 1959 (1959 का 38) में यथापरिभाषित कोर्इ समनुषंगी बैंक, बैककारी कंपनी (उपक्रमों का अर्जन और अंतरण) अधिनियम, 1970 (1970 का 5) की धारा 3 के अधीन या बैंककारी कंपनी (उपक्रम का अर्जन और अंतरण) अधिनियम, 1980 (1980 का 40) की धारा 3 के अधीन गठित कोर्इ तत्समान नया बैंक या कोर्इ ऐसा अन्य बैंक अभिप्रेत है जो भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) की दूसरी अनुसूची में सम्मिलित है, और जो देशी कंपनी है;

(ii) "लोक वित्तीय संस्था" पद का वही अर्थ है जो कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 4क में है;

(iii) "राज्य वित्तीय निगम" और "राज्य औद्योगिक विनिधान निगम" का वही अर्थ है जो धारा 43ख में है;

(iv) "नियत तारीख" पद से धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन आय की विवरणी देने की तारीख अभिप्रेत है।'

मूल धारा 80ड वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1967 द्वारा 1.4.1968 से धारा 85क (वित्त अधिनियम, 1965 द्वारा 1.4.1965 से अंत:स्थापित) के स्थान पर पुर:स्थापित की गर्इ थी। धारा 80ड का इससे पूर्व वित्त अधिनियम, 1968 द्वारा 1.4.1968 से, वित्त अधिनियम, 1970 द्वारा 1.4.1971 से, वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1971 द्वारा 1.4.1972 से, वित्त अधिनियम, 1975 द्वारा 1.4.1976 से, वित्त अधिनियम, 1976 द्वारा 1.4.1977 से वित्त अधिनियम, 1981 द्वारा 1.4.1982 से, वित्त अधिनियम, 1982 द्वारा 1.4.1983 से, वित्त अधिनियम, 1984 द्वारा 1.4.1985 से और वित्त अधिनियम, 1986 द्वारा 1.4.1987 से अनेक बार संशोधन किया गया है।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा संशोधित रूप में]

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