आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 80जजख

"भारत से बाहर परियोजनाओं से लाभ और लाभ के संबंध में कटौती

धारा

धारा संख्या

80जजख

अध्याय शीर्षक

अध्याय VI - कुल आय की गणना में की जाने वाली कटौतियाँ

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2005

"भारत से बाहर परियोजनाओं से लाभ और लाभ के संबंध में कटौती

"भारत से बाहर परियोजनाओं से लाभ और लाभ के संबंध में कटौती

99[भारत से बाहर की परियोजनाओं से लाभ और अभिलाभ के संबंध में कटौती

180जजख. (1) जहां किसी निर्धारिती की, जो भारतीय कंपनी है या (कंपनी से भिन्न) ऐसा व्यक्ति है जो भारत में निवासी है, सकल कुल आय में ऐसे लाभ और अभिलाभ सम्मिलित हैं जो किसी विदेशी राज्य की सरकार या किसी विदेशी राज्य के किसी कानूनी या अन्य लोक प्राधिकरण या अभिकरण या किसी विदेशी समुत्थान के साथ–

() निर्धारिती द्वारा की गर्इ किसी संविदा के अनुसरण में उसके द्वारा ली गर्इ किसी विदेशी परियोजना के निष्पादन के कारबार2 से प्राप्त हुर्इ है; या

() किसी अन्य व्यक्ति द्वारा की गर्इ किसी संविदा के अनुसरण में ऐसे अन्य व्यक्ति द्वारा ली गर्इ किसी विदेशी परियोजना2 के भाग रूप, उसके द्वारा लिए गए किसी संकर्म के निष्पादन के कारबार से प्राप्त हुर्इ है,

वहां इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उसके अधीन रहते हुए निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में 3[ऐसे लाभों और अभिलाभों से–

(i) 1 अप्रैल, 2001 को आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के लिए उसके चालीस प्रतिशत;

(ii) 1 अप्रैल, 2002 को आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के लिए उसके तीस प्रतिशत;

(iii) 1 अप्रैल, 2003 को आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के लिए उसके बीस प्रतिशत;

(iv) 1 अप्रैल, 2004 को आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के लिए उसके दस प्रतिशत,

के बराबर रकम की कटौती अनुज्ञात की जाएगी और 1 अप्रैल, 2005 को प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष या किसी पश्चात्वर्ती निर्धारण वर्ष के संबंध में कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी] :

परन्तु यह तब जबकि, यथास्थिति, ऐसी परियोजना या ऐसे कार्य के निष्पादन के लिए प्रतिफल संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में संदेय हो।

(2) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–

() ''संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा'' से अभिप्रेत है ऐसी विदेशी मुद्रा जो तत्समय भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (1973 का 46) और उसके अंतर्गत बनाए गए किन्हीं नियमों के प्रयोजनों के लिए संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा मानी जाती है;

() "विदेशी परियोजना" से ऐसी परियोजना अभिप्रेत है जो–

(i) भारत के बाहर किसी भवन, सड़क, बांध, पुल या अन्य संरचना के सन्निर्माण;

(ii) भारत के बाहर किसी मशीनरी या संयंत्र के समंजन या अधिष्ठापन;

(iii) किसी अन्य कार्य (चाहे वह किसी भी प्रकृति का हो) जो विहित4 किया जाए निष्पादन,

के लिए है।

(3) इस धारा के अधीन कटौती तभी अनुज्ञात की जाएगी जब निम्नलिखित शर्तें पूरी हो जाती हैं; अर्थात् :–

(i) निर्धारिती, यथास्थिति, विदेशी परियोजना या उसके द्वारा ली गर्इ विदेशी परियोजना के भागरूप, कार्य के निष्पादन के कारबार से प्राप्त लाभों और अभिलाभों की बाबत पृथक लेखा रखता है और जहां निर्धारिती किसी भारतीय कंपनी या किसी सहकारी सोसाइटी से भिन्न कोर्इ व्यक्ति है वहां ऐसे लेखाओं की संपरीक्षा उस रूप, जैसी धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे स्पष्टीकरण में परिभाषित है, लेखापाल द्वारा की गर्इ है और निर्धारिती ने अपनी आय की विवरणी के साथ ऐसे लेखापाल द्वारा सम्यक् रूप से हस्ताक्षरित और सत्यापित ऐसी संपरीक्षा रिपोर्ट विहित फार्म5 में प्रस्तुत कर दी है;

6[(iक) निर्धारिती अपनी आय की विवरणी के साथ धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे स्पष्टीकरण में यथा परिभाषित लेखापाल से विहित फार्म7 में एक प्रमाणपत्र, जो ऐसे लेखापाल द्वारा सम्यक्त: हस्ताक्षरित और सत्यापित है, यह प्रमाणित करते हुए कि इस धारा के उपबंधों के अनुसार कटौती का सही रूप में दावा किया गया है, प्रस्तुत करता है;]

(ii) 8[ऐसे लाभों और अभिलाभों के ऐसे प्रतिशत, जो उपधारा (1) में सुसंगत निर्धारण वर्ष के संबंध में निर्दिष्ट है] के बराबर रकम उस पूर्ववर्ष के लाभ और हानि खाते में नामे डाली जाती है जिसके संबंध में इस धारा के अंतर्गत कटौती की अनुज्ञात की जाती है और कारबार के प्रयोजनों के लिए ठीक बाद के पांच वर्ष की कालावधि के दौरान निर्धारिती द्वारा लाभांश या लाभ के रूप में वितरण किए जाने से भिन्न प्रयोजनों के लिए उपयोग किए जाने वाले रिजर्व खाते में (जिसे ''विदेशी परियोजना रिजर्व खाता'' कहा जाएगा) जमा की जाती है;

(iii) 8क[ऐसे लाभों और अभिलाभों के ऐसे प्रतिशत, जो उपधारा (1) में सुसंगत निर्धारण वर्ष के संबंध में निर्दिष्ट है] के बराबर रकम खंड (ii) में उल्लिखित पूर्ववर्ष के अंत से छह मास की अवधि के भीतर या 9[ऐसी अतिरिक्त अवधि के भीतर जो सक्षम प्राधिकारी इस संबंध में अनुज्ञात करे], निर्धारिती द्वारा विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (1973 का 46) और उसके अधीन बनाए गए नियमों के अनुसार संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा के रूप में भारत में लार्इ जाती है :

परन्तु जहां निर्धारिती द्वारा खंड (ii) के अनुसरण में विदेशी परियोजना रिजर्व खाते में जमा की गर्इ रकम या निर्धारिती द्वारा खंड (iii) के अनुसरण में भारत में लार्इ गर्इ रकम या उक्त रकमों में से प्रत्येक 10[ऐसे लाभों और अभिलाभों के ऐसे प्रतिशत, जो उपधारा (1) में सुसंगत निर्धारण वर्ष के संबंध में निर्दिष्ट है] से कम है, वहां कटौती उस उपधारा के अंतर्गत खंड (ii) के अनुसरण में इस प्रकार जमा की गर्इ रकम तक या खंड (iii) के अनुसरण में इस प्रकार भारत में लार्इ गर्इ रकम तक, इनमें से जो भी कम हो, सीमित होगी।

11[स्पष्टीकरण.–खंड (iii) के प्रयोजनों के लिए ''सक्षम प्राधिकारी'' पद से भारतीय रिजर्व बैंक या ऐसा अन्य अधिकारी अभिप्रेत है जो विदेशी मुद्रा में संदायों और व्यवहारों को विनियमित करने के लिए तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन प्राधिकृत है।]

(4) यदि उस पूर्ववर्ष के अंत से, जिसमें उपधारा (1) के अंतर्गत कटौती अनुज्ञात की जाती है, पांच वर्ष की समाप्ति से पहले किसी समय निर्धारिती विदेशी परियोजना रिजर्व खाते में जमा रकम को लाभांश या लाभ के रूप में वितरण के लिए या किसी ऐसे प्रयोजन के लिए, जो निर्धारिती के कारबार का प्रयोजन नहीं है, उपयोग में लाता है तो उपधारा (1) के अंतर्गत मूलत: अनुज्ञात कटौती के बारे में यह समझा जाएगा कि वह गलती से अनुज्ञात की गर्इ है और 12[निर्धारण] अधिकारी इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी सुसंगत पूर्ववर्ष के लिए निर्धारिती की कुल आय की पुन: गणना कर सकेगा और आवश्यक संशोधन कर सकेगा तथा धारा 154 के उपबंध जहां तक हो सके, उसको लागू होंगे और उस धारा की उपधारा (7) में विनिर्दिष्ट चार वर्ष की अवधि उस पूर्ववर्ष के अंत में गिनी जाएगी जिसमें धन का इस प्रकार उपयोग किया गया था।

(5) इस अध्याय में ''ग.–कतिपय आयों के संबंध में कटौतियां'' शीर्ष के अधीन किसी अन्य उपबंध में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, उपधारा (1) के खंड () में निर्दिष्ट किसी विदेशी परियोजना के या उस उपधारा के खंड () में निर्दिष्ट किसी कार्य के निष्पादन के लिए निर्धारिती को संदेय प्रतिफल या प्रतिफल में सम्मिलित आय का कोर्इ भाग ऐसे किसी अन्य उपबंध के अधीन किसी निर्धारण वर्ष13 के लिए कटौती के लिए अर्ह नहीं होगा।]

 

99. वित्त अधिनियम, 1982 द्वारा 1.4.1983 से अंत:स्थापित।

1. परिपत्र सं. 563, तारीख 23.5.1990, परिपत्र सं. 575, तारीख 31.8.1990 और परिपत्र सं. 711, तारीख 24.7.1995 भी देखें। ब्यौरे के लिए, देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

सुसंगत केस लॉज़ के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स।

2. ''किसी विदेशी परियोजना के निष्पादन के कारबार'' पद के अर्थ के लिए, देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज़ मैनुअल, खंड 3.

3. वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.2001 से ''ऐसे लाभ और अभिलाभ के पचास प्रतिशत के बराबर रकम की कटौती अनुज्ञात की जाएगी'' के स्थान पर प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व, कोट किया गया भाग, आय-कर (संशोधन) अधिनियम, 1986 द्वारा 1.4.1987 से संशोधित किया गया था।

4. नियम 17घ देखिए।

5. संपरीक्षा रिपोर्ट के फार्म के लिए नियम 18खखक(1) और फार्म सं. 10गगक देखिए।

6. वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.6.1999 से अंत:स्थापित।

7. नियम 18खखक(1ख) और फार्म सं. 10गगकज देखिए।

8. वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.2001 से ''उपधारा (1) में निर्दिष्ट लाभों और अभिलाभों के पचास प्रतिशत'' शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पहले कोट किया गया भाग आय-कर (संशोधन) अधिनियम, 1986 द्वारा 1.4.1987 से संशोधित किया गया था।

8क. वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.2001 से ''उपधारा (1) में निर्दिष्ट लाभों और अभिलाभों के पचास प्रतिशत'' शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पहले कोट किया गया भाग आय-कर (संशोधन) अधिनियम, 1986 द्वारा 1.4.1987 से संशोधित किया गया था।

9. वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.6.1999 से ''जहां मुख्य आयुक्त'' शब्दों से प्रारम्भ होने वाले और ''इस निमित्त अनुज्ञात करे'' शब्दों के साथ समाप्त होने वाले भाग के स्थान पर प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से यथा संशोधित उक्त भाग निम्नलिखित रूप में था:

''जहां मुख्य आयुक्त या आयुक्त का (ऐसे कारणों से जो लेखबद्ध किए जाएंगे) यह समाधान हो जाता है कि निर्धारिती ऐसे कारणों से, जो उसके नियंत्रण से बाहर है, छह मास की उक्त अवधि में ऐसा करने में असमर्थ है, वहां ऐसी अतिरिक्त अवधि के भीतर जो मुख्य आयुक्त या आयुक्त इस निमित्त अनुज्ञात करे''।

10. वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.2001 से ''उपधारा (1) में निर्दिष्ट लाभों और अभिलाभों के पचास प्रतिशत'' के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पूर्व कोट किया गया भाग आय-कर (संशोधन) अधिनियम, 1986 द्वारा 1.4.1987 से संशोधित किया गया था।

11. वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.6.1999 से अंत:स्थापित।

12. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से ''आय-कर'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।

13. ''किसी निर्धारण वर्ष'' पद के अर्थ के लिए देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज़ मैनुअल, खंड 3.

 

 

[वित्त अधिनियम, 2005 तथा विशेष आर्थिक जोन अधिनियम, 2005 द्वारा संशोधित रूप में]

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