आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 80ड़ड़

आवासीय गृह संपत्ति के लिए, लिए गए उधार पर ब्याज की बाबत कटौती

धारा

धारा संख्या

80ड़ड़

अध्याय शीर्षक

अध्याय VIक - कुल आय की गणना में की जाने वाली कटौतियाँ

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2021

आवासीय गृह संपत्ति के लिए, लिए गए उधार पर ब्याज की बाबत कटौती

आवासीय गृह संपत्ति के लिए, लिए गए उधार पर ब्याज की बाबत कटौती

आवासीय गृह संपत्ति के लिए, लिए गए उधार पर ब्याज की बाबत कटौती

80ड़ड़. (1) किसी ऐसे निर्धारिती की, जो कोर्इ व्यष्टि है, कुल आय की संगणना करने में, इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए, उसके द्वारा किसी आवासीय संपत्ति के अर्जन के प्रयोजन के लिए किसी वित्तीय संस्था से लिए गए उधार पर संदेय ब्याज की कटौती की जाएगी ।

(2) उपधारा (1) के अधीन कटौती पचास हजार रुपए से अधिक की नहीं होगी और यह व्यष्टि की 1 अप्रैल, 2017 को आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष और पश्चात्वर्ती वर्षों के लिए कुल आय की संगणना करने में अनुज्ञात की जाएगी।

(3) उपधारा (1) के अधीन कटौती निम्नलिखित शर्तों के अधीन होगी, अर्थात् :

(i) उधार वित्तीय संस्था द्वारा 1 अप्रैल, 2016 को आरंभ और 31 मार्च, 2017 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान मंजूर किया गया है;

(ii) आवासीय गृह संपत्ति के अर्जन के लिए मंजूर की गर्इ उधार की रकम पैंतीस लाख रुपए से अधिक नहीं है;

(iii) आवासीय गृह संपत्ति का मूल्य पचास लाख रुपए से अधिक नहीं है;

(iv) निर्धारिती के स्वामित्व में उधार मंजूर किए जाने की तारीख को कोर्इ अपनी आवासीय गृह संपत्ति नहीं है ।

(4) जहां इस धारा के अधीन कोर्इ कटौती उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी ब्याज को अनुज्ञात की जाती है, वहां ऐसे ब्याज की बाबत कटौती इस अधिनियम के किन्हीं अन्य उपबंधों के अधीन उसी या किसी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए अनुज्ञात नहीं की जाएगी ।

(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–

() "वित्तीय संस्था" से ऐसी कोर्इ बैंककारी कंपनी अभिप्रेत है जिसको बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है या उस अधिनियम की धारा 51 में निर्दिष्ट कोर्इ बैंक या बैंककारी संस्था अथवा कोर्इ आवासीय वित्त कंपनी भी है;

() "आवासीय वित्त कंपनी" से भारत में आवासीय प्रयोजनों के लिए मकानों के सान्निर्माण या क्रय के लिए दीर्घकालिक वित्त उपलब्ध कराने का कारबार करने के मुख्य उद्देश्य से भारत में बनार्इ गर्इ या रजिस्ट्रीकृत कोर्इ पाब्लिक कंपनी अभिप्रेत है ।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

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