चिकित्सीय उपचार आदि की बाबत कटौती
चिकित्सीय उपचार आदि की बाबत कटौती
80घघख. जहां किसी निर्धारिती ने, जो भारत में निवासी है, ऐसे रोग या व्याधि के, जो बोर्ड द्वारा इस निमित्त बनाए गए नियमों में विनिर्दिष्ट की जाए, चिकित्सीय उपचार के लिए पूर्ववर्ष के दौरान किसी रकम का–
(क) अपने लिए या किसी आश्रित के लिए, यदि निर्धारिती कोर्इ व्यष्टि है; या
(ख) किसी हिंदु अविभक्त कुटुंब के किसी सदस्य के लिए, यदि निर्धारिती कोर्इ हिंदू अविभक्त कुटुंब है,
वास्तव में भुगतान किया है वहां निर्धारिती को उस पूर्ववर्ष की बाबत, जिसमें ऐसी रकम का भुगतान किया गया था, वास्तव में भुगतान की गर्इ रकम की या चालीस हजार रुपए की राशि की, इनमें से जो भी कम हो, कटौती अनुज्ञात की जाएगी:
परंतुकोर्इ कटौती तब तक अनुज्ञात नहीं की जाएगी जब तक निर्धारिती, किसी तंत्रिका विज्ञानी, किसी अर्बुद्ध विज्ञानी, किसी मूत्र रोग विज्ञानी, किसी रुधिर विज्ञानी, किसी प्रतिरक्षा विज्ञानी या ऐसे अन्य विशेषज्ञ से, जो विहित किया जाए, ऐसे चिकित्सा उपचार की चिकित्सा पर्ची अभिप्राप्त नहीं करता:
परन्तु यह और कि इस धारा के अधीन कटौती में से उतनी राशि, यदि कोर्इ हो जो खंड (क) या खंड (ख) में निर्दिष्ट व्यक्ति के चिकित्सीय उपचार के लिए किसी बीमाकर्ता से किसी बीमा के अधीन प्राप्त की जाती है या जिसकी किसी नियोक्ता द्वारा प्रतिपूर्ति की जाती है, कम कर दी जाएगी:
परन्तु यह भी कि जहां रकम का वास्तव में निर्धारिती या उसके आश्रित या निर्धारिती के किसी हिंदू अविभक्त कुटुंब के किसी सदस्य की बाबत, जो एक वरिष्ठ नागरिक है, भुगतान किया गया है, वहां इस धारा के उपबंध इस प्रकार प्रभावी होंगे मानो ''चालीस हजार रुपए'' शब्दों के स्थान पर 91[एक लाख रुपए] शब्द रखे गए हों।
92[***]
स्पष्टीकरण.– इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–
(i) ''आश्रित'' से अभिप्रेत है,–
(क) किसी व्यष्टि की दशा में, व्यष्टि की पत्नी या का पति, बच्चे, माता-पिता, भार्इ और बहनें या उनमें से कोर्इ;
(ख) हिंदू अविभक्त कुटुंब की दशा में, हिन्दू अविभक्त कुटुंब का कोर्इ सदस्य,
जो अपनी सहायता और भरण-पोषण के लिए ऐसे व्यष्टि या हिंदू अविभक्त कुटुंब पर पूर्णत: या मुख्यत: आश्रित है;
(ii) [***]
(iii) ''बीमाकर्ता'' का वही अर्थ है जो उसका बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 2 के खंड (9) में है ;
(iv) ''वरिष्ठ नागरिक'' से भारत में निवासी ऐसा व्यष्टि अभिप्रेत है जो सुसंगत पूर्ववर्ष के दौरान किसी समय साठ वर्ष या अधिक आयु का है।
(v) 93[***]
91. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से ''साठ हजार रुपए'' शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
92. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से लोप किया गया/लोप से पूर्व परंतुक निम्न प्रकार था।
"परंतु यह भी कि जहां कोर्इ रकम निर्धारिती या उसके आश्रित या निर्धारिती के हिन्दू अविभक्त कुटुंब के किसी सदस्य की बाबत संदत्त की गर्इ है और जो अति वरिष्ठ नागरिक है, वहां इस धारा के उपबंध ऐसे प्रभावी होंगे मानो ''चालीस हजार रुपए'' शब्दों के स्थान पर ''अस्सी हजार रुपए'' शब्द रख दिए गए हों।"
93. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से लोप किया गय/लोप से पूर्व खंड (v) निम्न प्रकार था।
'(v) ''अति वरिष्ठ नागरिक'' से भारत में निवासी ऐसा व्यष्टि निवासी अभिप्रेत है, जो सुसंगत पूर्ववर्ष के दौरान किसी समय अस्सी वर्ष या अधिक आयु का है।'
[वित्त अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

