कुछ पेंशन निधियों में अभिदाय की बाबत कटौती
55[कुछ पेंशन निधियों में अभिदाय की बाबत कटौती
80गगग. (1) जहां किसी निर्धारिती ने, जो कि एक व्यष्टि है, धारा 10 के खंड (23 ककख) में निर्दिष्ट निधि से पेंशन प्राप्त करने के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम 55क[या किसी अन्य बीमाकर्ता] की वार्षिकी योजना को प्रभावी बनाने या प्रवर्तन में रखने के लिए कर के लिए प्रभार्य अपनी आय में से पूर्ववर्ष में कोर्इ रकम संदत्त या निक्षिप्त की है, वहां उसे इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए, उसकी कुल आय की संगणना करने में संदत्त या निक्षिप्त संपूर्ण रकम की (निर्धारिती के खाते में प्रोद्भूत या जमा ब्याज या बोनस, यदि कोर्इ हो, छोड़कर) छूट अनुज्ञात की जाएगी, यदि यह रकम पूर्ववर्ष में दस हजार रुपए से अधिक नहीं है।
(2) जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी निधि में निर्धारिती के नाम में जमा कोर्इ ऐसी रकम, जिसकी बाबत उपधारा (1) के अधीन कटौती अनुज्ञात की गर्इ है, निर्धारिती के खाते में प्रोद्भूत या जमा ब्याज अथवा बोनस के साथ निर्धारिती या उसके नामनिर्देशिती द्वारा,–
(क) किसी पूर्ववर्ष में वार्षिकी योजना संपूर्णत: या भागत: अभ्यार्पित करने के कारण; या
(ख) वार्षिकी योजना से प्राप्त पेंशन के रूप में,
प्राप्त की जाती है, वहां खंड (क) या खंड (ख) में निर्दिष्ट संपूर्ण रकम के बराबर रकम, यथास्थिति, निर्धारिती या उसके नामनिर्देशिती की उस पूर्ववर्ष में आय समझी जाएगी जिसमें, यथास्थिति, रकम निकाली गर्इ है या पेंशन प्राप्त की गर्इ है और तदनुसार उस पूर्ववर्ष में कर के लिए प्रभार्य होगी।
(3) जहां इस धारा के प्रयोजनों के लिए निर्धारिती द्वारा संदत्त या निक्षिप्त किसी रकम को हिसाब में लिया गया है, वहां धारा 88 के अधीन ऐसी रकम के प्रति निर्देश से कोर्इ रिबेट अनुज्ञात नहीं की जाएगी।]
55. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1996 द्वारा 1.4.1997 से अंत:स्थापित।
55क. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा संशोधित रूप में]

