आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 80झग

कतिपय विशेष प्रवर्ग के राज्यों में कतिपय उपक्रमों या उद्यमों की बाबत विशेष उपबंध

धारा

धारा संख्या

80झग

अध्याय शीर्षक

अध्याय VIक - कुल आय की गणना में की जाने वाली कटौतियाँ

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2014

कतिपय विशेष प्रवर्ग के राज्यों में कतिपय उपक्रमों या उद्यमों की बाबत विशेष उपबंध

कतिपय विशेष प्रवर्ग के राज्यों में कतिपय उपक्रमों या उद्यमों की बाबत विशेष उपबंध

61[कतिपय विशेष प्रवर्ग के राज्यों में कतिपय उपक्रमों या उद्यमों की बाबत विशेष उपबंध62-63

80झग. (1) जहां किसी निर्धारिती की सकल कुल आय में, उपधारा (2) में निर्दिष्ट किसी कारबार से किसी उपक्रम या उद्यम को व्युत्पन्न कोर्इ लाभ और अभिलाभ सम्मिलित है, वहां निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में, ऐसे लाभ और अभिलाभ में से इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए उपधारा (3) में विनिर्दिष्ट कटौती अनुज्ञात की जाएगी।

(2) यह धारा ऐसे किसी उपक्रम या उद्यम को लागू होती है,–

() जिसने किसी ऐसी वस्तु या चीज का, जो तेरहवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोर्इ वस्तु या चीज नहीं है, विनिर्माण या उत्पादन आरम्भ किया है या जो आरम्भ करता है या जो किसी ऐसी वस्तु या चीज का, जो तेरहवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोर्इ वस्तु या चीज नहीं है, विनिर्माण या उत्पादन करता है और–

(i) 23 दिसम्बर, 2002 को आरम्भ होने वाली और 1 अप्रैल, 64[2007] को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान, सिक्किम राज्य में इस संबंध में केन्द्रीय सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और अधिसूचित की गर्इ स्कीम के अनुसार बोर्ड द्वारा यथा अधिसूचित किसी निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र या एकीकृत अवसंरचना विकास केन्द्र या औद्योगिक वर्धन केन्द्र या औद्योगिक संपदा या औद्योगिक पार्क या साफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क या औद्योगिक क्षेत्र या थीम पार्क में; या

(ii) 7 जनवरी, 2003 को आरंभ होने वाली और 1 अप्रैल, 2012 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान, हिमाचल प्रदेश राज्य या उत्तरांचल राज्य में, इस संबंध में केन्द्रीय सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और अधिसूचित की गर्इ स्कीम के अनुसार बोर्ड द्वारा यथा अधिसूचित किसी निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र या एकीकृत अवसंरचना विकास केन्द्र या औद्योगिक वर्धन केंद्र या औद्योगिक संपदा या औद्योगिक पार्क या साफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क या औद्योगिक क्षेत्र या थीम पार्क में; या

(iii) 24 दिसंबर, 1997 को आरम्भ होने वाली और 1 अप्रैल, 2007 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान, किसी पूर्वोत्तर राज्य में, इस संबंध में केन्द्रीय सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और अधिसूचित की गर्इ स्कीम के अनुसार बोर्ड द्वारा यथा अधिसूचित किसी निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र या एकीकृत अवसंरचना विकास केंद्र या औद्योगिक वर्धन केंद्र या औद्योगिक संपदा या औद्योगिक पार्क या साफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क या औद्योगिक क्षेत्र या थीम पार्क में,

सारवान् विस्तार करता है;

() जिसने चौदहवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट किसी वस्तु या चीज का विनिर्माण या उत्पादन आरंभ किया है या जो आरंभ करता है या उस अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोर्इ संक्रिया प्रारंभ करता है या जो चौदहवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट किसी वस्तु या चीज का विनिर्माण या उत्पादन करता है या उस अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोर्इ संक्रिया प्रारंभ करता है और,–

(i) 23 दिसंबर, 2002 को आरंभ होने वाली और 1 अप्रैल, 64क[2007] को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान, सिक्किम राज्य में; या

(ii) 7 जनवरी, 2003 को आरंभ होने वाली और 1 अप्रैल, 2012 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान, हिमाचल प्रदेश राज्य या उत्तरांचल राज्य में; या

(iii) 24 दिसंबर, 1997 को आरंभ होने वाली और 1 अप्रैल, 2007 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी पूर्वोत्तर राज्य में,

सारवान् विस्तार करता है।

(3) उपधारा (1) में निर्दिष्ट कटौती,–

(i) उपधारा (2) के खंड () के उपखंड (i) और (iii) या खंड () के उपखंड (i) और (iii) में निर्दिष्ट किसी उपक्रम या उद्यम की दशा में, आरंभिक निर्धारण वर्ष से प्रारंभ होने वाले दस निर्धारण वर्षों के लिए ऐसे लाभों और अभिलाभों का शतप्रतिशत होगी;

(ii) उपधारा (2) के खंड () के उपखंड (ii) या खंड () के उपखंड (ii) में निर्दिष्ट किसी उपक्रम या उद्यम की दशा में, आरंभिक निर्धारण वर्ष से प्रारंभ होने वाले पांच निर्धारण वर्षों के लिए ऐसे लाभों और अभिलाभों का शतप्रतिशत की जाएगी और तत्पश्चात्, लाभों और अभिलाभों का पच्चीस प्रतिशत (या तीस प्रतिशत, जहां निर्धारिती कोर्इ कंपनी है) होगी।

(4) यह धारा ऐसे किसी उपक्रम या उद्यम को लागू होती है, जो निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करता है, अर्थात् :–

(i) वह पहले से विद्यमान किसी कारबार को विभाजित करके या उसका पुनर्निर्माण करके नहीं बना है:

परन्तु यह शर्त ऐसे किसी उपक्रम की बाबत लागू नहीं होगी जो निर्धारिती द्वारा ऐसे किसी उपक्रम के कारबार के, जो धारा 33ख में निर्दिष्ट है, उस धारा में विनिर्दिष्ट परिस्थितियों और अवधि के भीतर पुन:स्थापन, पुनर्निर्माण या पुन:प्रवर्तन के परिणामस्वरूप बना है;

(ii) वह किसी प्रयोजन के लिए पूर्व में प्रयुक्त किसी मशीनरी या संयंत्र का नए कारबार को अंतरण करके नहीं बना है।

स्पष्टीकरण.– धारा 80झक की उपधारा (3) के स्पष्टीकरण 1 और स्पष्टीकरण 2 के उपबंध इस उपधारा के खंड (ii) के प्रयोजनों के लिए उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे उस उपधारा के खंड (ii) के प्रयोजनों के लिए लागू होते हैं।

(5) इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध में किसी बात के होते हुए भी, निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में, उपक्रम या उद्यम के लाभों और अभिलाभों के संबंध में अध्याय 6क में अंतर्विष्ट किसी अन्य धारा के अधीन या धारा 10क या धारा 10ख के अधीन कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।

(6) इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध में किसी बात के होते हुए भी, किसी उपक्रम या उद्यम को इस धारा के अधीन कोर्इ कटौती उस दशा में अनुज्ञात नहीं की जाएगी जहां कि कटौती की कुल अवधि, जिसके अंतर्गत इस धारा के अधीन की कटौती की अवधि या, यथास्थिति, धारा 80झख की उपधारा (4) के दूसरे परंतुक के अधीन या धारा 10ग के अधीन की कटौती की अवधि भी है, दस निर्धारण वर्षों से अधिक हो जाती है।

(7) धारा 80झक की उपधारा (5) और उपधारा (7) से उपधारा (12) में अंतर्विष्ट उपबंध, जहां तक हो सके, इस धारा के अधीन पात्र उपक्रम या उद्यम को लागू होंगे65

(8) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–

(i) "औद्योगिक क्षेत्र" से ऐसे क्षेत्र अभिप्रेत हैं, जिन्हें बोर्ड, केन्द्रीय सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और अधिसूचित स्कीम के अनुसार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे;

(ii) "औद्योगिक संपदा" से ऐसी संपदाएं अभिप्रेत हैं, जिन्हंध बोर्ड, केन्द्रीय सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और अधिसूचित स्कीम के अनुसार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे;

(iii) "औद्योगिक वर्धन केंद्र" से ऐसे केंद्र अभिप्रेत हैं, जिन्हें बोर्ड, केन्द्रीय सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और अधिसूचित स्कीम के अनुसार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे;

(iv) "औद्योगिक पार्क" से ऐसे पार्क अभिप्रेत हैं, जिन्हें बोर्ड, केन्द्रीय सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और अधिसूचित स्कीम के अनुसार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे;

(v) "आरंभिक निर्धारण वर्ष" से उस पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष अभिप्रेत है, जिसमें उपक्रम या उद्यम वस्तुओं या चीजों का विनिर्माण या उत्पादन आरंभ करता है या संक्रिया प्रारंभ करता है, या सारवान् विस्तार पूरा करता है;

(vi) "एकीकृत अवसंरचना विकास केंद्र" से ऐसे केंद्र अभिप्रेत हैं, जिन्हें बोर्ड, केन्द्रीय सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और अधिसूचित स्कीम के अनुसार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे;

(vii) "पूर्वोत्तर राज्यों" से अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा राज्य अभिप्रेत हैं;

(viii) "साफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क" से भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा अधिसूचित साफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क स्कीम के अनुसार गठित कोर्इ पार्क अभिप्रेत है;

(ix) "सारवान् विस्तार" से संयंत्र और मशीनरी में, विनिधान करने में उस पूर्ववर्ष के, जिसमें सारवान् विस्तार किया जाता है प्रथम दिन को संयंत्र और मशीनरी के बही मूल्य के कम से कम पचास प्रतिशत तक की (किसी वर्ष में अवक्षयण को लेने से पूर्व) वृद्धि अभिप्रेत है;

(x) "थीम पार्क" से ऐसे पार्क अभिप्रेत हैं, जिन्हें बोर्ड, केन्द्रीय सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और अधिसूचित स्कीम के अनुसार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे।]

 

61. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से अंत:स्थापित।

62-63. धारा 80झग(2) के अधीन अधिसूचित केन्द्रों/पार्क/क्षेत्रों आदि के लिए–

  ■  सिक्किम [अधिसूचना सं. का. आं. 169 (र्इ.), तारीख 6.2.2004 जो अधिसूचना सं. 55/2004 [का. सं. 142/35/2003 टी.पी.एल., तारीख 19.2.2004 के अंतर्गत आती है]

  ■  असम, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश [अधिसूचना सं. 116/2004 [का सं. 142/49/2003 टी.पी.एल.], तारीख 26.3.2004]

  ■  उत्तरांचल [अधिसूचना सं. 177/2004 [का. सं. 142/47/2003 टी.पी.एल.], तारीख 20.6.2004]

  ■  हिमाचल प्रदेश [अधिसूचना सं. का. आ. 1269 (र्इ.), तारीख 4.11.2003]

64. वित्त अधिनियम, 2007 द्वारा 1.4.2008 से "2012" अंकों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

64क. वित्त अधिनियम, 2007 द्वारा 1.4.2008 से "2012" अंकों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

65. नियम 18खखख तथा प्ररूप सं. 10गगख देखिए।

 

 

[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा संशोधित रूप में]

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