लाभांश आय
लाभांश आय
8. 49[किसी निर्धारिती की कुल आय में सम्मिलित करने के प्रयोजन के लिए–
(क) किसी ऐसे लाभांश के बारे में] जो धारा 2 के खंड (22) के उपखंड (क) या उपखंड (ख) या उपखंड (ग) या उपखंड (घ) या उपखंड (ड़) के अर्थ में किसी कंपनी द्वारा घोषित किया गया हो या उसके द्वारा वितरित या उसका भुगतान किया गया हो, यह समझा जाएगा कि वह उस पूर्ववर्ष की आय है जिसमें वह, यथास्थिति, इस प्रकार घोषित, वितरित या उसका भुगतान किया गया हो;
50[(ख) किसी अंतरिम लाभांश के बारे में यह समझा जाएगा कि वह उस पूर्ववर्ष की आय है जिसमें ऐसे लाभांश की रकम कंपनी द्वारा उस सदस्य को, जो उसका हकदार है, बिना शर्त उपलब्ध की गर्इ हो।]
49. वित्त अधिनियम, 1965 द्वारा 1.4.1965 से "किसी निर्धारिती की कुल आय में सम्मिलित करने के प्रयोजन के लिए किसी ऐसे लाभांश के बारे में" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
50. वित्त अधिनियम, 1965 द्वारा 1.4.1965 से अंत:स्थापित।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा संशोधित रूप में]

