धारा 271 का संशोधन
धारा 271 का संशोधन
74. आय-कर अधिनियम की धारा 271 की उपधारा (1) के स्पष्टीकरण 5क के स्थान पर निम्नलिखित स्पष्टीकरण रखा जाएगा और 1 जून, 2007 से रखा गया समझा जाएगा, अर्थात् :-
"स्पष्टीकरण 5क - जहां 1 जून, 2007 को या उसके पश्चात् धारा 132 के अधीन आरंभ की गई किसी तलाशी के दौरान निर्धारिती-
(i) किसी धन, बुलियन, आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तु या चीज का (जिसे इस स्पष्टीकरण में इसके पश्चात् आस्तियां कहा गया है) स्वामी होना पाया जाता है और निर्धारिती यह दावा करता है कि ऐसी आस्तियां उसके द्वारा ऐसे किसी पूर्ववर्ष के लिए अपनी आय का उपयोग (पूर्णतः या भागतः) करके अर्जित की गई हैं ; या
(ii) किन्हीं लेखा बहियों या अन्य दस्तावेजों या संव्यवहारों में किसी प्रविष्टि के आधार पर किसी आय का स्वामी होना पाया जाता है और वह यह दावा करता है कि लेखा बहियों या अन्य दस्तावेजों या संव्यवहारों में ऐसी प्रविष्टि ऐसे किसी पूर्ववर्ष के लिए उसकी आय को (पूर्णतः या भागतः) दर्शाती है,
जो तलाशी की तारीख से पूर्व समाप्त हो गया है और,-
(क) जहां ऐसे पूर्ववर्ष के लिए आय की विवरणी उक्त तारीख के पूर्व प्रस्तुत कर दी गई है किन्तु उसमें उस आय को घोषित नहीं किया गया है ; या
(ख) ऐसे पूर्ववर्ष के लिए आय की विवरणी फाइल करने के लिए नियत तारीख समाप्त हो गई है किन्तु निर्धारिती ने विवरणी फाइल नहीं की है,
वहां इस बात के होते हुए भी कि ऐसी आय को तलाशी की तारीख को या उसके पश्चात् प्रस्तुत की गई आय की किसी विवरणी में उसके द्वारा घोषित कर दिया गया है, उसके बारे में इस धारा की उपधारा (1) के खंड (ग) के अधीन किसी शास्ति के अधिरोपण के प्रयोजनों के लिए यह समझा जाएगा कि उसने अपनी आय की विशिष्टियों को छिपाया है या ऐसी आय की गलत विशिष्टियां दी हैं ।"।
वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009

