शंकाओं का निवारण
संदेह दूर करना।
72. संदेहों को दूर करने के लिए, इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि-
(क ) धारा 69 की उपधारा (1) केस्पष्टीकरणमें अन्यथा स्पष्ट रूप से उपबंधित के सिवाय, इस अध्याय में अंतर्विष्ट किसी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह इस अध्याय के अधीन घोषणा करने वाले व्यक्ति से भिन्न किसी व्यक्ति को कोई लाभ, रियायत या उन्मुक्ति प्रदान करती है;
(ख ) जहाँ धारा 59 के तहत कोई घोषणा बनाया गया है, लेकिन धारा 60 और धारा 61 के तहत निर्दिष्ट समय के भीतर कोई कर और जुर्माना नहीं दिया गया है, ऐसी संपत्ति का मूल्य पिछले वर्ष में इस अधिनियम के तहत कर के लिए प्रभार्य होगा जिसमें ऐसा घोषणा बनाया गया है;
(ग ) जहाँ इस अधिनियम के प्रारंभ से पहले कोई संपत्ति अर्जित या बनाई गई है, और इस अध्याय के तहत ऐसी संपत्ति के संबंध में कोई घोषणा नहीं बनाया गया है, ऐसी संपत्ति को उस वर्ष में अर्जित या बनाया गया माना जाएगा जिसमें निर्धारण अधिकारी द्वारा धारा 10 के तहत नोटिस जारी किया जाता है और इस अधिनियम के प्रावधान तदनुसार लागू होंगे।

