आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 63

धारा 245ग का संशोधन

धारा

धारा संख्या

63

अध्याय शीर्षक

अध्याय III - प्रत्यक्ष कर

अधिनियम

वित्त अधिनियम

वर्ष

2007

धारा 245ग का संशोधन

धारा 245ग का संशोधन

धारा 245ग का संशोधन

63. आय-कर अधिनियम की धारा 245ग में, 1 जून, 2007 से,-

(i) उपधारा (1) के परंतुक के स्थान पर निम्नलिखित परन्तुक रखा जाएगा, अर्थात् :-

"परंतु ऐसा कोई आवेदन तब तक नहीं किया जाएगा जब तक,-

(i) आवेदन में प्रकट की गई आय पर संदेय आय-कर की अतिरिक्त रकम तीन लाख रुपए से अधिक नहीं है ; और

(ii) ऐसे कर और उस पर ब्याज का, जिसका कि इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन संदाय कर दिया गया होता यदि आवेदन में प्रकट की गई आय को आवेदन किए जाने की तारीख को निर्धारण अधिकारी के समक्ष आय की विवरणी में घोषित कर दिया जाता, आवेदन करने की तारीख को या उसके पूर्व संदाय कर दिया गया है और ऐसे संदाय का सबूत आवेदन के साथ संलग्न किया गया है ।";

(ii) उपधारा (1क) में "और धारा 245घ की उपधारा (2क) से उपधारा (2घ) तक" शब्दों, अंकों, अक्षरों और कोष्ठकों का लोप किया जाएगा ;

(iii) उपधारा (1ख) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात् :-

"(1ख) जहां आवेदन में प्रकट की गई आय केवल एक पूर्ववर्ष से संबंधित है, वहां,-

(i) यदि आवेदक ने उस वर्ष की कुल आय की बाबत कोई विवरणी नहीं दी है तो कर की संगणना आवेदन में प्रकट की गई रकम पर इस प्रकार की जाएगी मानो ऐसी आय कुल आय हो ;

(ii) यदि आवेदक ने उस वर्ष की कुल आय की बाबत कोई विवरणी दे दी है तो विवरणी में दी गई कुल आय और आवेदन में प्रकट की गई आय के योग पर कर की संगणना इस प्रकार की जाएगी मानो ऐसा योग कुल आय हो ।";

(iv) उपधारा (1ग) के खंड () का लोप किया जाएगा ;

(v) उपधारा (3) के पश्चात् निम्नलिखित उपधारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-

"(4) निर्धारिती, उस तारीख को, जिसको वह समझौता आयोग को उपधारा (1) के अधीन आवेदन करता है, निर्धारण अधिकारी को, समझौता आयोग को ऐसा आवेदन किए जाने की विहित रीति में सूचना भी देगा ।"।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2007]

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