धारा 17 का संशोधन
धन-कर
धारा 17 का संशोधन
60. धन-कर अधिनियम की धारा 17 में, -
(क) उपधारा (1) के दूसरे परंतुक के पश्चात, निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
"परंतु यह भी कि निर्धारण अधिकारी, उस शुद्ध धन से, जो किसी अपील, निर्देश या पुनरीक्षण की विषय-वस्तु है, भिन्न ऐसे शुद्ध धन का, जो कर से प्रभार्य है और निर्धारण से छूट गया है, निर्धारण या पुनः निर्धारण कर सकेगा ।";
(ख) उपधारा (1ख) के खंड (ख) के पश्चात् निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित किया जाएगा, और 1 अक्तूबर, 1998 से अंतःस्थापित किया गया समझा जाएगा, अर्थात् :-
"स्पष्टीकरण - शंकाओं को दूर करने के लिए, यह घोषित किया जाता है कि, यथास्थिति, संयुक्त आयुक्त, आयुक्त या मुख्य आयुक्त के लिए सूचना जारी किए जाने से संबंधित किसी मामले की उपयुक्तता के बारे में निर्धारण अधिकारी द्वारा अभिलिखित कारणों के संबंध में समाधान हो जाने पर स्वयं ऐसी सूचना जारी करना आवश्यक नहीं होता है ।"।
[वित्त अधिनियम, 2008]

