धारा 194ठग का संशोधन
धारा 194ठग का संशोधन
59. आय-कर अधिनियम की धारा 194ठग में, 1 अक्तूबर, 2014 से,–
(अ) उपधारा (1) में, "किसी विनिर्दिष्ट कंपनी" शब्दों के पश्चात्, "या किसी कारबार न्यास" शब्द अंत:स्थापित किए जाएंगे ;
(आ) उपधारा (2) से,–
(क) आरंभिक भाग में, "विनिर्दिष्ट कंपनी" शब्दों के पश्चात्, "या किसी कारबार न्यास" शब्द अंत:स्थापित किए जाएंगे ;
(ख) खंड (i) के स्थान पर, निम्नलिखित खंड रखा जाएगा, अर्थात् :–
"(i) विनिर्दिष्ट कंपनी द्वारा,–
(क) 1 जुलार्इ, 2012 को या उसके पश्चात्, किंतु 1 जुलार्इ, 2017 के पूर्व किसी समय ऋण करार के अधीन ; या
(ख) 1 जुलार्इ, 2012 को या उसके पश्चात्, किंतु 1 अक्तूबर, 2014 के पूर्व किसी समय दीर्घकालिक अवसंरचना बंधपत्रों के निर्गमन के रूप में ; या
(ग) 1 अक्तूबर, 2014 को या उसके पश्चात्, किंतु 1 जुलार्इ, 2017 के पूर्व किसी समय किसी दीर्घकालिक बंधपत्र, जिसके अंतर्गत दीर्घकालिक अवसंरचना बंधपत्र भी है, के निर्गमन के रूप में, भारत के बाहर किसी स्रोत से, विदेशी करेंसी में, उधार ली गर्इ ऐसी धनराशियों की बाबत, जो केंद्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त अनुमोदित की जाएं ; और"।
[वित्त (संख्यांक 2) अधिनियम, 2014]

