आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 59

धारा 139 का संशोधन

धारा

धारा संख्या

59

अध्याय शीर्षक

अध्याय III - प्रत्यक्ष कर

अधिनियम

वित्त अधिनियम

वर्ष

2002

धारा 139 का संशोधन

धारा 139 का संशोधन

धारा 132 का संशोधन

56. आय-कर अधिनियम की धारा 132 में, 1 जून, 2002 से,–

() उपधारा (1) में, खंड (iiक) के पश्चात्, निम्न खंड अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात् :–

"(iiख) किसी ऐसे व्यक्ति से, जिसके कब्जे में या नियंत्रण में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (न) में यथापरिभाषित कोर्इ लेखा बहियां या अन्य दस्तावेज हों, जो इलेक्ट्रानिक लेखों के रूप में रखे जाते हैं, उन लेखा बहियों या अन्य दस्तावेजों का प्राधिकृत अधिकारी को निरीक्षण करने की आवश्यक सुविधा देने की अपेक्षा करे;";

() उपधारा (5) से उपधारा (7) का लोप किया जाएगा;

() उपधारा (8) में, "अभिग्रहण की तारीख से एक सौ अस्सी दिन" शब्दों के स्थान पर, "धारा 158खग के खंड (ग) के अधीन निर्धारण आदेश की तारीख से तीस दिन" शब्द, अंक, अक्षर और कोष्ठक प्रतिस्थापित किए जाएंगे;

() उपधारा (8क) के स्थान पर, निम्न उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :–

"(8क) उपधारा (3) के अधीन किया गया कोर्इ आदेश, ऐसे आदेश की तारीख से साठ दिन से अधिक अवधि के लिए प्रवृत्त नहीं होगा।";

() उपधारा (9क) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :–

"(9क) जहां प्राधिकृत अधिकारी को उपधारा (1) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) में निर्दिष्ट व्यक्ति पर कोर्इ अधिकारिता नहीं है, वहां प्राधिकृत अधिकारी उस उपधारा के अधीन अभिगृहीत लेखा बहियां या अन्य दस्तावेज या कोर्इ धन, सोना-चांदी, आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तु या चीज (जिन्हें इसके पश्चात् इस धारा में और धारा 132क और धारा 132ख में आस्तियां कहा गया है) उस व्यक्ति पर अधिकारिता रखने वाले निर्धारण अधिकारी को ऐसी तारीख से, जिसको तलाशी का अंतिम प्राधिकार निष्पादित किया गया था, साठ दिन की कालावधि के भीतर सौंप देगा और तदुपरि उपधारा (8) या उपधारा (9) के अधीन प्राधिकृत अधिकारी द्वारा प्रयोग की जाने वाली शक्तियां ऐसे निर्धारण अधिकारी द्वारा प्रयोक्तव्य होंगी।";

() उपधारा (10) में "अन्य दस्तावेजों को लौटाने के लिए प्रार्थना करते हुए बोर्ड को आवेदन कर सकेगा।'' शब्दों के पश्चात् "और बोर्ड, आवेदक को सुनवार्इ का अवसर देने के पश्चात् ऐसे आदेश पारित कर सकेगा, जो वह उचित समझे।'' शब्द अंत:स्थापित किए जाएंगे;

() उपधारा (11), उपधारा (11क) और उपधारा (12) का लोप किया जाएगा;

() उपधारा (14) के नीचे दिए गए स्पष्टीकरण 1 के स्थान पर, निम्न स्पष्टीकरण प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :–

'स्पष्टीकरण 1उपधारा (9क) के प्रयोजनों के लिए, "तलाशी के किसी प्राधिकार का निष्पादन" पद का वही अर्थ होगा जो उसका धारा 158खड़ के स्पष्टीकरण 2 में है।'।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2002]

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