धारा 139 का संशोधन
धारा 139 का संशोधन
59. आय-कर अधिनियम की धारा 139 की, उपधारा (1) के स्थान पर निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात् :--
'(1) प्रत्येक व्यक्ति,--
(क) जो कंपनी है; या
(ख) जो कंपनी से भिन्न कोर्इ व्यक्ति है, यदि उसकी कुल आय या किसी अन्य व्यक्ति की कुल आय, जिसकी बाबत वह पूर्ववर्ष के दौरान इस अधिनियम की अधीन निर्धारणीय है, उस अधिकतम रकम से अधिक हो गर्इ थी जो आय-कर से प्रभार्य नहीं है,
पूर्ववर्ष के दौरान अपनी आय या ऐसे अन्य व्यक्ति की आय की विहित प्ररूप में और विहित रीति से सत्यापित तथा ऐसी अन्य विशिष्टियों को जो विहित की जाएं, उपवर्णित करते हुए एक विवरणी नियत तारीख को या उसके पूर्व देगा :
परन्तु खंड (ख) में निर्दिष्ट कोर्इ व्यक्ति, जिससे इस उपधारा के अधीन विवरणी देना अपेक्षित नहीं है और ऐसे क्षेत्रा में निवास कर रहा है, जो बोर्ड द्वारा राजपत्रा में अधिसूचना द्वारा इस निमित्त विनिर्दिष्ट किया जाए और जो पूर्ववर्ष के दौरान किसी समय निम्नलिखित शर्तों में से किसी एक को पूरा करता है, अर्थात् :--
(i) वह विनिर्दिष्ट भूमि क्षेत्राफल से अधिक की किसी ऐसी स्थावर संपत्ति का चाहे स्वामित्व, अभिकृति के रूप में या अन्यथा अधिभोगी है, जो बोर्ड द्वारा इस निमित्त विनिर्दिष्ट किया जाए; या
(ii) वह ऐसे दुपहिए मोटरयान से, चाहे उसमें अलग होने योग्य ऐसी कोर्इ पाश्र्व कार हो, जिसमें ऐसे दुपहिए मोटरयान से जुड़े अतिरिक्त पहिए हों या नहीं, भिन्न मोटरयान का स्वामी या पट्टेदार है; या
(iii) वह टेलीफोन का अभिदाता है; या
(iv) उसने किसी विदेश यात्रा पर अपने स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति के लिए व्यय उपगत किया है; या
(v) वह किसी बैंक या संस्था द्वारा जारी किए गए क्रेडिट कार्ड का धारक है, जो "एड-आन कार्ड" नहीं है; या
(vi) वह किसी ऐसे क्लब का सदस्य है, जहां प्रवेश फीस पच्चीस हजार रुपए या अधिक प्रभारित की जाती है,
पूर्ववर्ष के दौरान अपनी आय की विहित प्ररूप में और विहित रीति से सत्यापित तथा ऐसी अन्य विशिष्टियों को, जो विहित की जाएं, उपवर्णित करते हुए एक विवरणी नियत तारीख को या उसके पूर्व देगा :
परन्तु यह और कि केन्द्रीय सरकार, राजपत्रा में अधिसूचना द्वारा, व्यक्तियों के ऐसे वर्ग या वर्गों को विनिर्दिष्ट कर सकेगी, जिनको पहले परंतुक के उपबंध लागू नहीं होंगे:
परन्तु यह भी कि प्रत्येक कंपनी प्रत्येक पूर्ववर्ष में अपनी आय या हानि की बाबत विवरणी नियत तारीख को या उसके पूर्व देगी।
स्पष्टीकरण 1–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए "मोटर यान" पद का वही अर्थ होगा, जो मोटर यान अधिनियम, 1988 (1988 का 59) की धारा 2 के खंड (28) में उसका है।
स्पष्टीकरण 2–इस उपधारा में, "नियत तारीख" से अभिप्रेत है--
(क) जहां निर्धारिती--
(i) कोर्इ कंपनी है; या
(ii) (कंपनी से भिन्न) कोर्इ ऐसा व्यक्ति है जिसके लेखाओं की इस अधिनियम या तत्समय पवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन संपरीक्षा करायी जानी अपेक्षित है; या
(iii) ऐसी किसी फर्म में कार्यरत भागीदार है जिसके लेखाओं की इस अधिनियम या तत्समय प्रवृत किसी अन्य विधि के अधीन संपरीक्षा करार्इ जानी अपेक्षित है;
वहां निर्धारण वर्ष के अक्तूबर मास का 31वां दिन;
(ख) इस उपधारा के पहले परंतुक में निर्दिष्ट कंपनी से भिन्न किसी व्यक्ति की दशा में, निर्धारण वर्ष के अक्तूबर मास का 31वां दिन;
(ग) किसी अन्य निर्धारिती की दशा में, निर्धारण वर्ष के जुलार्इ मास का 31वां दिन।
स्पष्टीकरण 3–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "किसी विदेश यात्रा" पद के अंतर्गत पड़ोसी देशों या ऐसे तीर्थ स्थानों की यात्रा नहीं है, जिन्हें बोर्ड, राजपत्रा में अधिसूचना द्वारा, इस निमित्त विनिर्दिष्ट करे।'।
[वित्त अधिनियम, 2001]

