आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 55क

मूल्यांकन अधिकारी को निर्देश

धारा

धारा संख्या

55क

अध्याय शीर्षक

अध्याय IV - कुल आय की गणना

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2009

मूल्यांकन अधिकारी को निर्देश

मूल्यांकन अधिकारी को निर्देश

44[मूल्यांकन अधिकारी को निर्देश

4555क. इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए पूंजी आस्ति का उचित बाजार मूल्य, अभिनिश्चित करने की दृष्टि से46, 47[निर्धारण] अधिकारी मूल्यांकन अधिकारी को किसी पूंजी आस्ति के मूल्यांकन के लिए–

() उस दशा में भेज सकता है, जहां आस्ति का मूल्य जिसका निर्धारिती ने दावा किया है, रजिस्ट्रीकृत मूल्यांकन द्वारा किए गए प्राक्कलन के अनुसार है, यदि 47[निर्धारण] अधिकारी की यह राय है कि इस प्रकार दावा किया गया मूल्य उसके उचित बाजार मूल्य से कम है;

() किसी अन्य दशा में भेज सकता है, यदि 48[निर्धारण] अधिकारी की यह राय है–

(i) आस्ति का उचित बाजार मूल्य आस्ति के उस मूल्य से, जिसका निर्धारिती ने दावा किया है आस्ति के उस मूल्य जिसका इस प्रकार दावा किया गया है, के इतने प्रतिशत49 से या इतनी रकम49 से अधिक है जो इस निमित्त विहित की जाए; या

(ii) आस्ति की प्रकृति और अन्य सुसंगत परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऐसा करना आवश्यक है,

50और जहां ऐसा निर्देश किया जाता है, वहां धनकर अधिनियम, 1957 (1957 का 27) की धारा 16क की उपधारा (2), (3), (4), (5) और (6), धारा 23 की उपधारा (1) के खंड (जक) और () और उपधारा (3क) और (4), धारा 24 की उपधारा (5), धारा 34कक, धारा 35 और धारा 37 के उपबंध आवश्यक उपान्तरणों सहित ऐसे निर्देश के संबंध में लागू होंगे जैसे वे उस अधिनियम की धारा 16क की उपधारा (1) के अधीन 51[निर्धारण] अधिकारी द्वारा किए गए निर्देश के संबंध में लागू होते हैं।]

स्पष्टीकरण.–इस धारा में "मूल्यांकन अधिकारी" का वही अर्थ है जो धनकर अधिनियम, 1957 (1957 का 27) की धारा 2 के खंड () में है।

 

44. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1972 द्वारा 1.4.1973 से अन्त:स्थापित।

45. सुसंगत केस लॉज़ के लिए देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

46. 'इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए पूंजी आस्ति का उचित बाजार मूल्य अभिनिश्चित करने की दृष्टि से' पद के अर्थ के लिए, देखिये टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज मैनुअल, खंड 3।

47. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

48. यथोक्त द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

49. धारा 55क()(i) में निर्दिष्ट आस्ति के मूल्य का प्रतिशत : 15 प्रतिशत/धारा 55क()(i) में निर्दिष्ट रकम : 25000 रुपए [नियम 111कक]।

50. नियम 111कख देखिये। रजिस्ट्रीकृत मूल्यांकक द्वारा मूल्यांकन की रिपोर्ट का विहित फार्म (धन कर नियमों के अनुसार) निम्न प्रकार है:–

  (i) स्थावर संपत्ति (कृषि भूमि, बागान, वन, खान और खदान से भिन्न)   फार्म 0-1
  (ii) कृषि भूमि (काफी, चाय, रबड़ और इलायची बागान से भिन्न)   फार्म 0-2
  (iii) काफी, चाय, रबड़ या इलायची बागान   फार्म 0-3
  (iv) वन   फार्म 0-4
  (v) खान और खदान   फार्म 0-5
  (vi) स्टाक, शेयर, डिबेंचर, प्रतिभूतियां, भागीदारी फर्म में शेयर और कारबार आस्तियां जिनके अंतर्गत गुडविल भी है किन्तु उनको छोड़कर, जो इस सारणी में किसी अन्य मद में निर्दिष्ट की गर्इ हैं   फार्म 0-6
  (vii) मशीनरी और संयंत्र   फार्म 0-7
  (viii) आभूषण   फार्म 0-8
  (ix) कलाकृति   फार्म 0-9
  (x) जीवन हित, प्रतिवर्तन और प्रत्याशा में हित   फार्म 0-10

51. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "धन-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

 

 

[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा संशोधित रूप में]

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