आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 54

धारा 194ग का संशोधन

धारा

धारा संख्या

54

अध्याय शीर्षक

अध्याय III - प्रत्यक्ष कर

अधिनियम

वित्त अधिनियम

वर्ष

2007

धारा 194ग का संशोधन

धारा 194ग का संशोधन

धारा 194ग का संशोधन

54. आय-कर अधिनियम की धारा 194ग की उपधारा (1) के स्थान पर निम्नलिखित उपधारा 1 जून, 2007 से रखी जाएगी, अर्थात् :-

"(1) किसी निवासी को (जिसे इस धारा में इसके आगे ठेकेदार कहा गया है) , ठेकेदार और -

() केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार ; या

() किसी स्थानीय प्राधिकारी ; या

() किसी केन्द्रीय, राज्य या प्रान्तीय अधिनियम द्वारा या उसके अधीन स्थापित किसी निगम; या

() किसी कंपनी ; या

() किसी सहकारी सोसाइटी ; या

() किसी विधि द्वारा या उसके अधीन भारत में गठित किसी प्राधिकरण जो आवास-सुविधा की आवश्यकता से निपटने और उसे पूरा करने के प्रयोजन के लिए या नगरों, कस्बों और ग्रामों की योजना, विकास या सुधार के प्रयोजन के लिए या दोनों के लिए, लगा हुआ है ; या

() सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 (1860 का 21) के अधीन या उस अधिनियम के समान ऐसी किसी विधि, जो भारत के किसी भाग में प्रवृत्त है, के अधीन रजिस्ट्रीकृत किसी सोसाइटी; या

() किसी न्यास ; या

() किसी केन्द्रीय, राज्य या प्रान्तीय अधिनियम द्वारा या उसके अधीन स्थापित या निगमित किसी विश्वविद्यालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 (1956 का 3) की धारा 3 के अधीन विश्वविद्यालय घोषित की गई किसी संस्था ; या

() किसी फर्म ; या

() किसी व्यष्टि या हिंदू अविभक्त कुटुंब, जिसके द्वारा किए गए कारबार या वृत्ति से कुल विक्रय, सकल प्राप्तियां या आवर्त उस वित्तीय वर्ष से, जिसमें ऐसी राशि ठेकेदार के खाते में जमा की जाती है या संदत्त की जाती है, ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के दौरान धारा 44कख के खंड () या खंड () के अधीन विनिर्दिष्ट धनीय सीमाओं से अधिक है,

के बीच संविदा के अनुसरण में, कोई काम (जिसके अधीन कोई काम करने के लिए श्रम की आपूर्ति भी है) करने के लिए किसी राशि का संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति, ऐसी राशि को ठेकेदार के खाते में जमा करने के समय या नकद या चेक या ड्राफ्ट जारी करने या किसी अन्य रीति से संदाय करने के समय, इनमें से जो भी पहले हो, ऐसी राशि के -

(i) विज्ञापन के मामले में, एक प्रतिशत ;

(ii) किसी अन्य मामले में दो प्रतिशत,

के बराबर रकम की उस राशि में समाविष्ट आय पर आय-कर के रूप में कटौती करेगा :

परन्तु, जहां ऐसी राशि ऐसे व्यष्टि या हिंदू अविभक्त कुटुंब के किसी सदस्य के वैयाक्तिक प्रयोजनों के लिए अनन्य रूप से जमा या संदत्त की जाती है, वहां कोई व्यष्टि या हिंदू अविभक्त कुटुंब ठेकेदार के खाते में जमा या संदत्त राशि पर आय-कर की कटौती करने का दायी नहीं होगा ।"।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2007]

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