डिस्काउंट पर शेयर जारी करने पर प्रतिबंध
छूट पर शेयरों के निर्गमन पर प्रतिबंध .
53. (1) धारा 54 में दिए गए प्रावधान के सिवाय, कोई कंपनी छूट पर शेयर निर्गम नहीं करेगी।
(2) किसी कंपनी द्वारा [ छूट ] पर निर्गमन किया गया कोई भी शेयर अमान्य होगा।
[ (2क) उप-धारा (1) और (2) में निहित किसी भी बात के होते हुए भी, कोई कंपनी अपने ऋणदाताओं को छूट पर शेयर जारी कर सकती है, जब उसका ऋण भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) या बैंकिंग (विनियमन) अधिनियम, 1949 (1949 का 10) के तहत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्दिष्ट किसी भी दिशानिर्देश या निर्देश या विनियमन के अनुसार किसी भी वैधानिक समाधान योजना या ऋण पुनर्गठन योजना के अनुसरण में शेयरों में परिवर्तित हो जाता है। ]
[ (3) जहां कोई कंपनी इस धारा के प्रावधानों का अनुपालन करने में असफल रहती है, वहां ऐसी कंपनी और प्रत्येक अधिकारी, जो चूककर्ता है, शास्ति का दायी होगा, जो रियात पर शेयरों के निर्गमन के माध्यम से जुटाई गई राशि के बराबर राशि या पांच लाख रुपए, जो भी कम हो, तक हो सकेगी और कंपनी ऐसे शेयरों के निर्गमन की तारीख से बारह प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित प्राप्त समस्त धनराशि उन व्यक्तियों को वापस करने के लिए भी दायी होगी, जिन्हें ऐसे शेयर निर्गमन किए गए हैं। ]

