आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 50

अवक्षयणीय आस्तियों की दशा में पूंजी अभिलाभों की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध

धारा

धारा संख्या

50

अध्याय शीर्षक

अध्याय IV - कुल आय की गणना

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2021

अवक्षयणीय आस्तियों की दशा में पूंजी अभिलाभों की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध

अवक्षयणीय आस्तियों की दशा में पूंजी अभिलाभों की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध

अवक्षयणीय आस्तियों की दशा में पूंजी अभिलाभों की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध

50. धारा 2 के खंड (42क) में किसी बात के होते हुए भी, जहां पूंजी आस्ति ऐसी आस्ति है जो किसी ऐसे समूह का भागरूप है जिसकी बाबत इस अधिनियम के अधीन या भारतीय आय-कर अधिनियम, 1922 (1922 का 11) के अधीन अवक्षयण अनुज्ञात किया गया है वहां 48 और 49 के उपबंध निम्नलिखित उपान्तरणों के अध्यधीन होंगे :–

(1) जहां आस्ति के अंतरण के परिणामस्वरूप प्राप्त या प्रोद्भूत प्रतिफल का पूर्ण मूल्य और पूर्ववर्ष के दौरान आस्ति समूह के अन्तर्गत आने वाली किसी अन्य पूंजी आस्ति के अंतरण के परिणामस्वरूप प्राप्त या प्रोद्भूत प्रतिफल का पूर्ण मूल्य मिलकर निम्नलिखित रकमों के योग से अधिक है, अर्थात् :–

(i) ऐसे अंतरण या अंतरणों के संबंध में पूर्णत: और अनन्यत: उपगत व्यय;

(ii) पूर्ववर्ष के आरम्भ में उस आस्ति समूह का अवलिखित मूल्य; और

(iii) उस पूर्ववर्ष के दौरान अर्जित आस्ति समूह के अन्तर्गत आने वाली किसी आस्ति की वास्तविक लागत,

वहां ऐसे आधिक्य को अल्पकालिक पूंजी आस्ति के अंतरण से उद्भूत पूंजी अभिलाभ समझा जाएगा;

(2) जहां कोई आस्ति समूह, इस कारण कि समूह की सभी आस्तियां उस पूर्ववर्ष के दौरान अन्तरित कर दी गई हैं, उस रूप में विद्यमान नहीं रहता है, वहां आस्ति समूह के अर्जन की लागत उस पूर्ववर्ष के आरम्भ में आस्ति समूह का अवलिखित मूल्य होगी जिसमें पूर्ववर्ष के दौरान निर्धारिती द्वारा अर्जित आस्ति समूह के अंतर्गत आने वाली किसी आस्ति की वास्तविक लागत बढ़ा दी गई और ऐसे अंतरण या अंतरणों के परिणामस्वरूप प्राप्त या प्रोद्भूत आय को अल्पकालिक पूंजी आस्ति के अंतरण से उद्भूत पूंजी अभिलाभ समझा जाएगा:

1[परन्तु उस दशा मे, जहां किसी कारबार या वृत्ति की गुडविल 1 अप्रैल, 2020 से आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के लिए आस्ति समूह का भाग बनती है और अधिनियम के अधीन निर्धारिती द्वारा उस पर अवक्षयण अभिप्राप्त किया गया है, वहां उस आस्ति समूह और अल्पकालिक पूंजी अभिलाभ, यदि कोई हो, का अवलिखित मूल्य ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, अवधारित किया जाएगा।]

 

1. वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा 1.4.2021 से अतंस्थापित।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

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