धारा 10 का संशोधन
धारा 10 का संशोधन
5. आय-कर अधिनियम की धारा 10 में, -
(अ) खंड (10घ) में, 1 अप्रैल, 2013 से, -
(i) उपखंड (ग) में, -
(I) "1 अप्रैल, 2003 को या उसके पश्चात्" अंकों और शब्दों के पश्चात्, "किंतु 31 मार्च, 2012 को या उसके पूर्व" शब्द और अंक अंतःस्थापित किए जाएंगे ;
(II) "किसी राशि से भिन्न है;" शब्दों के स्थान पर, "किसी राशि से भिन्न है ; या" शब्द रखे जाएंगे ;
(ii) उपखंड (ग) के पश्चात् और पहले परंतुक के पूर्व, निम्नलिखित उपखंड अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः -
"(घ) 1 अप्रैल, 2012 को या उसके पश्चात् जारी की गई किसी ऐसी बीमा पालिसी के अधीन प्राप्त कोई राशि, जिसकी बाबत पालिसी की अवधि के दौरान किन्हीं वर्षों के लिए संदेय प्रीमियम वास्तविक बीमा पूंजी राशि के दस प्रतिशत से अधिक है ; ";
(iii) पहले परंतुक में, "इस उपखंड" शब्दों के स्थान पर, "उपखंड (ग) और (घ) " शब्द, कोष्ठक और अक्षर रखे जाएंगे ;
(iv) दूसरे परंतुक में, "इस उपखंड" शब्दों के स्थान पर, "उपखंड (ग) " शब्द, कोष्ठक और अक्षर रखे जाएंगे;
(v) स्पष्टीकरण को उसके स्पष्टीकरण 1 के रूप में संख्यांकित किया जाएगा और इस प्रकार संख्यांकित स्पष्टीकरण 1 के पश्चात्, निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् : -
'स्पष्टीकरण 2-उपखंड (घ) के प्रयोजनों के लिए, "वास्तविक बीमा पूंजी राशि" पद का वही अर्थ है, जो धारा 80ग की उपधारा (3क) के स्पष्टीकरण में उसका है ; ';
(आ) खंड (23खखछ) के पश्चात् निम्नलिखित खंड 1 अप्रैल, 2013 से अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
"(23खखज) प्रसार भारती (भारतीय प्रसारण निगम) अधिनियम, 1990 (1990 का 25) की धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन स्थापित प्रसार भारती (भारतीय प्रसारण निगम) की कोई आय ;" ;
(इ) खंड (23ग) में, सोलहवें परंतुक के पश्चात्, निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा और 1 अप्रैल, 2009 से अंतःस्थापित किया गया समझा जाएगा, अर्थात् : -
"परंतु यह भी कि उपखंड (iv) या उपखंड (v) में निर्दिष्ट न्यास या संस्था की आय को पूर्ववर्ष की उसकी कुल आय में सम्मिलित किया जाएगा, यदि धारा 2 के खंड (15) के पहले परंतुक के उपबंध ऐसे न्यास या संस्था को उक्त पूर्ववर्ष में लागू हो जाते हैं, चाहे ऐसे न्यास या संस्था के संबंध में किया गया अनुमोदन वापस ले लिया गया हो या नहीं अथवा जारी की गई अधिसूचना विखंडित कर दी गई हो या नहीं ;";
(ई) खंड (23चख) में, स्पष्टीकरण 1 के खंड (ग) के स्थान पर निम्नलिखित खंड 1 अप्रैल, 2013 से रखा जाएगा, अर्थात् :-
'(ग) "जोखिम पूंजी उपक्रम" से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) के अधीन बनाए गए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (जोखिम पूंजी निधि) विनियम, 1996 में निर्दिष्ट कोई जोखिम पूंजी उपक्रम अभिप्रेत है ;';
(उ) खंड (47) के पश्चात्, निम्नलिखित खंड 1 अप्रैल, 2012 से अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् : -
"(48) भारत में किसी व्यक्ति को कच्चे तेल के विक्रय के मद्दे किसी विदेशी कंपनी द्वारा भारतीय करेंसी में भारत में प्राप्त कोई आय :
परंतु-
(i) विदेशी कंपनी द्वारा भारत में ऐसी आय, केंद्रीय सरकार द्वारा किए गए या केंद्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित किसी करार या ठहराव के अनुसरण में प्राप्त हुई है ;
(ii) राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए, विदेशी कंपनी को और करार या ठहराव को केंद्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त अधिसूचित किया गया है ; और
(iii) विदेशी कंपनी भारत में ऐसी आय को प्राप्त करने से भिन्न किसी क्रियाकलाप में नहीं लगी हुई है ।"।
[वित्त अधिनियम, 2012]

