आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 5

कुल आय का घेरा

धारा

धारा संख्या

5

अध्याय शीर्षक

अध्याय II - कार्यभार के आधार

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2005

कुल आय का घेरा

कुल आय का घेरा

कुल आय की परिधि

185. 19(1) इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन रहते हुए20 ऐसे व्यक्ति की जो निवासी है, किसी पूर्ववर्ष की कुल आय के अंतर्गत किसी भी स्रोत से प्राप्त वह सब आय सम्मिलित है जो,–

() ऐसे व्यक्ति द्वारा या उसकी ओर से ऐसे वर्ष में भारत में प्राप्त की जाए21 या प्राप्त की गर्इ समझी जाए21; या

() ऐसे वर्ष के दौरान उसे भारत में प्रोद्भूत या उद्भूत हो21 या प्रोद्भूत अथवा उद्भूत हुर्इ समझी जाए21; या

() ऐसे वर्ष के दौरान उसे भारत के बाहर प्रोद्भूत और उद्भूत हो21 :

परन्तु ऐसे व्यक्ति की दशा में जो धारा 6 की उपधारा (6)* के अर्थ में भारत में साधारणतया निवासी नहीं है, ऐसी आय जो उसे भारत के बाहर प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ हो, इस प्रकार तब तक सम्मिलित नहीं की जाएगी जब तक कि वह भारत में नियंत्रित किसी कारबार से या भारत में चलार्इ गर्इ किसी वृत्ति से प्रोद्भूत न हो।

(2) इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन रहते हुए21 ऐसे व्यक्ति की, जो अनिवासी है, किसी पूर्ववर्ष की कुल आय21 के अंतर्गत किसी भी स्रोत से प्राप्त वह सब आय है जो,–

() ऐसे व्यक्ति द्वारा उसकी ओर से ऐसे वर्ष में भारत में प्राप्त की जाए21 या प्राप्त की गर्इ समझी जाए21; या

() ऐसे वर्ष के दौरान उसे भारत में प्रोद्भूत या उद्भूत हो21 या प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ समझी जाए21

स्पष्टीकरण 1.–ऐसी आय के बारे में जो भारत के बाहर प्रोद्भूत या उद्भूत हो, केवल इसी तथ्य के कारण कि वह भारत में तैयार किए गए तुलन-पत्र में लेख में ली जाती है, यह न समझा जाएगा कि वह इस धारा के अर्थ में भारत में प्राप्त हुर्इ है।

स्पष्टीकरण 2.–शंकाओं को दूर करने के लिए यह घोषित किया जाता है कि ऐसी आय, जो किसी व्यक्ति की कुल आय में इस आधार पर सम्मिलित की गर्इ है कि वह उसे प्रोद्भूत21क या उद्भूत हुर्इ है21क या प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ समझी जाती है21क, इस आधार पर कि वह उसके द्वारा भारत में प्राप्त की गर्इ है या प्राप्त की गर्इ समझी जाती है, इस प्रकार पुन: सम्मिलित नहीं की जाएगी।

 

18. तारीख 17.9.1983 का परिपत्र सं. 369 भी देखें। ब्यौरे के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

19. सुसंगत केस लाज़ के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

20. ''के अधीन रहते हुए'', पद के अर्थ के लिए देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज़ मैनुअल, खंड 3.

21. ''अधीन रहते हुए'', ''कुल आय'', ''प्राप्त की जाए'', ''प्राप्त की गर्इ समझी जाए'', ''प्रोद्भूत या उद्भूत हो'', ''प्रोद्भूत अथवा उद्भूत हुर्इ समझी जाए'', ''प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ हो'' और ''प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ समझी जाती है'' पदों और अभिव्यक्तियों के अर्थ के लिए देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज़ मैनुअल, खंड 3.

*'खंड' (6) होना चाहिये।

21क. ''अधीन रहते हुए'', ''कुल आय'', ''प्राप्त की जाए'', ''प्राप्त की गर्इ समझी जाए'', ''प्रोद्भूत या उद्भूत हो'', ''प्रोद्भूत अथवा उद्भूत हुर्इ समझी जाए'', ''प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ हो'' और ''प्रोद्भूत या उद्भूत हुर्इ समझी जाती है'' पदों और अभिव्यक्तियों के अर्थ के लिए देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज़ मैनुअल, खंड 3.

 

 

[वित्त अधिनियम, 2005 तथा विशेष आर्थिक जोन अधिनियम, 2005 द्वारा संशोधित रूप में]

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